
विवादों के बीच कंगना रनौत का सौरव दास पर तीखा पलटवार
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के उस बयान पर करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती। कंगना ने 28 वर्षीय सौरव दास को 'निठल्ला' बताते हुए कहा कि उनकी उम्र तक पहुंचने से पहले ही वे दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं।
खबर का निचोड़
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के उस बयान पर करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती। कंगना ने 28 वर्षीय सौरव दास को 'निठल्ला' बताते हुए कहा कि उनकी उम्र तक पहुंचने से पहले ही वे दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं।
राष्ट्रीय पुरस्कारों के दम पर कंगना का करारा जवाब
फिल्म अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में किसान आंदोलन से जुड़ी महिला प्रदर्शनकारियों पर दिए गए अपने बयानों के बाद वे लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई हैं। इस बीच, सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के 28 वर्षीय प्रवक्ता और शोधकर्ता सौरव दास ने उन पर तंज कसते हुए कहा था कि खुद उनकी पार्टी के लोग भी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते।
इस बयान पर पलटवार करते हुए कंगना ने सौरव दास की योग्यता और अनुभव पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सीधे तौर पर दास को निशाना बनाते हुए कहा कि जिस उम्र में सौरव दास इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उस उम्र में वे भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी थीं और उनके नाम दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दर्ज हो चुके थे।
'निठल्ला' कहकर सौरव दास पर किया हमला
कंगना रनौत ने सौरव दास को 'पूरी तरह बेकार और निठल्ला' करार देते हुए अपनी सफलताओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि किसी पर टिप्पणी करने से पहले अपनी खुद की उपलब्धियों और क्षमता का मूल्यांकन करना जरूरी होता है। कंगना के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
सौरव दास ने अपने बयान में दावा किया था कि कंगना के गैर-जिम्मेदाराना बयानों के कारण उनकी अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है और पार्टी में उनकी बातों को कोई ज्यादा वजन नहीं दिया जाता। इसी बात पर कंगना का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अपनी कलात्मक सफलताओं को आधार बनाकर पलटवार किया।
'जनरेशन गटर' वाले बयान से गरमाई राजनीति
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने धरना दे रही महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'जनरेशन गटर' कहा था। इस बयान की राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक आलोचना हुई। विपक्ष ने कंगना के बयान को महिलाओं और प्रदर्शनकारियों का अपमान बताया था।
इसी घटनाक्रम के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना के बयानों और उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। फिलहाल, दोनों ओर से जारी यह वाकयुद्ध सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सुर्खियों में बना हुआ है, जहां एक तरफ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ कंगना अपने काम और उपलब्धियों के जरिए विरोधियों को जवाब दे रही हैं।

राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ थीं सोनिया गांधी
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक वीडियो में खुलासा किया है कि वह अपने दिवंगत पति राजीव गांधी के भारत का प्रधानमंत्री बनने के पूरी तरह खिलाफ थीं। अपनी आने वाली संस्मरण पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक दूसरे लोग उनकी कहानी सुनाते रहे हैं और अब उनकी अपनी बारी है।
अपनी आने वाली पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' पर की बात
सोनिया गांधी ने अपनी आगामी संस्मरण पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में उनके जीवन के कई अनछुए पहलू और महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आएंगी। अपने संस्मरण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इतने दशकों तक दूसरे लोग उनकी 'कहानी' दुनिया को सुनाते रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे खुद अपनी बात रखें क्योंकि अब उनकी अपनी बारी है।
राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के विरोध का किया जिक्र
वीडियो में सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया है कि वे अपने दिवंगत पति राजीव गांधी के प्रधानमंत्री पद संभालने के पूरी तरह खिलाफ थीं। परिवार पर आने वाले राजनीतिक दबाव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते वे इस पद से दूर रहना चाहती थीं। उनके इस संस्मरण के आने से राजनीतिक इतिहास के कई पन्नों पर नए सिरे से रोशनी पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

उर्फी जावेद का सनसनीखेज आरोप: घर में लगा रही हैं पाबंदियां
अभिनेत्री उर्फी जावेद ने मुंबई की अपनी हाउसिंग सोसाइटी पर उन्हें परेशान करने और घर में कंटेंट शूट करने पर रोक लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि 4 से 5 लोग उनकी पॉपुलैरिटी से जलते हैं, और उनके मेहमानों के बैग की भी तलाशी ली जा रही है।
हाउसिंग सोसाइटी पर लगाया शूटिंग रोकने का आरोप
अभिनेत्री उर्फी जावेद ने मुंबई की एक हाउसिंग सोसाइटी पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सोसाइटी के अधिकारियों ने उनके घर के अंदर किसी भी तरह का कंटेंट शूट करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा, उनके घर आने वाले मेहमानों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और उनके बैग की तलाशी तक ली जा रही है।
पॉपुलैरिटी से जलने का किया दावा
उर्फी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि सोसाइटी के कुछ 4 से 5 आदमी उनकी बढ़ती लोकप्रियता और पॉपुलैरिटी से जलते हैं, इसी वजह से उन्हें इस तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी कहा है कि वे अपने घर के अंदर क्या करती हैं, यह पूरी तरह से उनका अपना निजी मसला है और इसमें किसी अन्य को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।

केरलम कांग्रेस चीफ सनी जोसेफ ने बिना शर्त मांगी माफी
केरलम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सीजेआई सूर्यकांत पर किए गए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है। सुप्रीम कोर्ट के वकील मीनेश दुबे के कानूनी नोटिस के जवाब में जोसेफ ने यह भी कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है और उससे सार्वजनिक माफी मंगवाई गई है।
कानूनी नोटिस के बाद सामने आया जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील मीनेश दुबे की ओर से एक कानूनी नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस के जवाब में केरलम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने अपनी सफाई पेश करते हुए बिना शर्त माफी मांगी है। उनके इस कदम को विवाद को शांत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जिम्मेदार व्यक्ति पर भी की गई कार्रवाई
कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया है कि इस विवादित पोस्ट के लिए जो व्यक्ति सीधे तौर पर जिम्मेदार था, उसे उसके पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उस संबंधित व्यक्ति से सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई गई है, ताकि यह संदेश स्पष्ट हो सके कि अदालत और न्यायपालिका के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

अभिषेक शर्मा का अनोखा रिकॉर्ड: टी20I में जड़े सबसे ज्यादा अर्धशतक
भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने टी20I क्रिकेट में 20 या उससे कम गेंदों में 9 अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया है, जो दुनिया भर के किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 15 गेंदों पर अर्धशतक और 35 गेंदों पर शतक पूरा किया।
टी20I क्रिकेट में बनाए सबसे ज्यादा तेज अर्धशतक
अभिषेक शर्मा ने टी20I फॉर्मेट में एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसे तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन होगा। उन्होंने अपने करियर में अब तक 20 या उससे कम गेंदों में कुल 9 अर्धशतक जड़ने का कारनामा किया है। क्रिकेट इतिहास में यह किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा तेज अर्धशतक हैं। खास बात यह है कि दुनिया के किसी अन्य क्रिकेटर ने अपने टी20 करियर में ऐसे 5 अर्धशतक भी नहीं लगाए हैं, जो अभिषेक की काबिलियत को पूरी तरह स्पष्ट करता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली तूफानी पारी
इस रिकॉर्ड में और इजाफा करते हुए मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20I मुकाबले में अभिषेक ने एक बार फिर अपनी धाक दिखाई। उन्होंने मैदान पर उतरते ही चौकों और छक्कों की बरसात कर दी और मात्र 15 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी इस शानदार पारी को आगे बढ़ाते हुए मात्र 35 गेंदों में ही इसे शानदार शतक में तब्दील कर दिया। उनकी इस आक्रामक पारी के बदौलत भारतीय टीम ने श्रृंखला में अपनी मजबूत स्थिति और दबदबा कायम रखा है।

अभिजीत दीपके को एनडीए में शामिल होने का मिला खुला न्योता
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजीपी फाउंडर अभिजीत दीपके को आरपीआई (ए) और एनडीए में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। आठवले का कहना है कि बाबासाहेब की राजनीतिक पार्टी को मजबूत करने के लिए युवाओं की जरूरत है, हालांकि दीपके ने फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
रामदास आठवले ने दिया आरपीआई में शामिल होने का आमंत्रण
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलकर अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी RPI(A) में शामिल होने का न्योता दिया। आठवले ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दीपके से बातचीत के दौरान यह बात रखी थी कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की राजनीतिक पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए देश के ऊर्जावान युवाओं की बेहद आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि दीपके जैसे युवा नेता उनके साथ जुड़ते हैं, तो इससे पार्टी को एक नई ताकत और दिशा मिलेगी।
अभिजीत दीपके ने फिलहाल ठुकराया प्रस्ताव
हालांकि केंद्रीय मंत्री की ओर से यह खुला और बड़ा आमंत्रण दिया गया है, लेकिन शुरुआती खबरों के मुताबिक अभिजीत दीपके ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पेशकश के बाद आने वाले दिनों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए तमाम दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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