
वन्यजीव तस्करी पर नकेल: दक्षिण एशियाई देशों ने अपनाया काठमांडू घोषणापत्र
दक्षिण एशिया में अवैध वन्यजीव व्यापार और संगठित अपराध के खिलाफ आठ देशों ने एकजुटता दिखाई है। साउथ एशिया वाइल्डलाइफ एनफोर्समेंट नेटवर्क (SAWEN) के सदस्य देशों ने 'काठमांडू घोषणापत्र' अपनाकर सीमा पार तस्करी रोकने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत कानून प्रवर्तन के लिए क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है।
खबर का निचोड़:
दक्षिण एशिया में अवैध वन्यजीव व्यापार और संगठित अपराध के खिलाफ आठ देशों ने एकजुटता दिखाई है। साउथ एशिया वाइल्डलाइफ एनफोर्समेंट नेटवर्क (SAWEN) के सदस्य देशों ने 'काठमांडू घोषणापत्र' अपनाकर सीमा पार तस्करी रोकने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत कानून प्रवर्तन के लिए क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है।
काठमांडू घोषणापत्र और बढ़ता क्षेत्रीय सहयोग
दक्षिण एशिया के प्राकृतिक खजाने और संकटग्रस्त वन्यजीवों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण एशिया वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क (सावंत/SAWEN) के सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'काठमांडू घोषणापत्र' को अपना लिया है। इस समझौते का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में तेजी से फैल रहे अवैध वन्यजीव व्यापार और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों पर कड़ा प्रहार करना है।
सीमा पार फैले तस्करों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अब सभी सदस्य देश अपनी सुरक्षा और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल को नया रूप देंगे। इसके तहत न केवल खुफिया जानकारियों को तुरंत साझा किया जाएगा, बल्कि तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियानों और कानूनी कार्रवाइयों को भी तेज किया जाएगा।
क्या है सावंत (SAWEN)?
सावंत दक्षिण एशियाई देशों का एक अंतर-सरकारी कानून प्रवर्तन सहायता निकाय है। इसकी नींव आधिकारिक तौर पर वर्ष 2011 में भूटान के पारो में आयोजित 'अवैध वन्यजीव व्यापार पर दक्षिण एशिया विशेषज्ञ समूह' की दूसरी बैठक के दौरान रखी गई थी।
इस नेटवर्क में कुल आठ दक्षिण एशियाई देश शामिल हैं—भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका। इस संगठन का केंद्रीय सचिवालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थापित है, जहां से नेटवर्क की सभी रणनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
संगठन के मुख्य उद्देश्य और कार्यप्रणाली
सावंत का मुख्य ध्येय आपसी सहयोग, समन्वय, क्षमता निर्माण और बेहतर संचार के जरिए वन्यजीव अपराधों का सफाया करना है। यह संगठन सदस्य देशों के संरक्षण कानूनों और नीतियों में एकरूपता लाने पर जोर देता है, ताकि किसी भी देश की कानूनी ढिलाई का फायदा तस्कर न उठा सकें।
इसके अलावा, नेटवर्क पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अवैध शिकार, वन्यजीवों और वनस्पतियों की तस्करी तथा जैव विविधता को होने वाले खतरों का गहन दस्तावेजीकरण करता है। यह सदस्य देशों को उनकी 'राष्ट्रीय कार्य योजना' तैयार करने और उसे जमीन पर उतारने में मदद करता है। शोध, अधिकारियों के तकनीकी प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
कैसी है प्रशासनिक संरचना?
सावंत की कार्यप्रणाली बेहद पारदर्शी और व्यवस्थित है। संगठन की सर्वोच्च संस्था 'जनरल असेंबली' (General Assembly) है, जिसमें सदस्य देशों के संबंधित मंत्रालयों के मंत्री या वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं।
दैनिक फैसलों और नीतियों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी 'कार्यकारी समिति' (Executive Committee) के पास होती है, जिसमें सभी आठ देशों के मुख्य फोकल अधिकारी शामिल रहते हैं। वहीं, पूरे सचिवालय का संचालन महासचिव के नेतृत्व में होता है, जो नेटवर्क की रोजाना की गतिविधियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाते हैं।

राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ थीं सोनिया गांधी
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक वीडियो में खुलासा किया है कि वह अपने दिवंगत पति राजीव गांधी के भारत का प्रधानमंत्री बनने के पूरी तरह खिलाफ थीं। अपनी आने वाली संस्मरण पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक दूसरे लोग उनकी कहानी सुनाते रहे हैं और अब उनकी अपनी बारी है।
अपनी आने वाली पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' पर की बात
सोनिया गांधी ने अपनी आगामी संस्मरण पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में उनके जीवन के कई अनछुए पहलू और महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आएंगी। अपने संस्मरण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इतने दशकों तक दूसरे लोग उनकी 'कहानी' दुनिया को सुनाते रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि वे खुद अपनी बात रखें क्योंकि अब उनकी अपनी बारी है।
राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के विरोध का किया जिक्र
वीडियो में सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया है कि वे अपने दिवंगत पति राजीव गांधी के प्रधानमंत्री पद संभालने के पूरी तरह खिलाफ थीं। परिवार पर आने वाले राजनीतिक दबाव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते वे इस पद से दूर रहना चाहती थीं। उनके इस संस्मरण के आने से राजनीतिक इतिहास के कई पन्नों पर नए सिरे से रोशनी पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

उर्फी जावेद का सनसनीखेज आरोप: घर में लगा रही हैं पाबंदियां
अभिनेत्री उर्फी जावेद ने मुंबई की अपनी हाउसिंग सोसाइटी पर उन्हें परेशान करने और घर में कंटेंट शूट करने पर रोक लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि 4 से 5 लोग उनकी पॉपुलैरिटी से जलते हैं, और उनके मेहमानों के बैग की भी तलाशी ली जा रही है।
हाउसिंग सोसाइटी पर लगाया शूटिंग रोकने का आरोप
अभिनेत्री उर्फी जावेद ने मुंबई की एक हाउसिंग सोसाइटी पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सोसाइटी के अधिकारियों ने उनके घर के अंदर किसी भी तरह का कंटेंट शूट करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके अलावा, उनके घर आने वाले मेहमानों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और उनके बैग की तलाशी तक ली जा रही है।
पॉपुलैरिटी से जलने का किया दावा
उर्फी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि सोसाइटी के कुछ 4 से 5 आदमी उनकी बढ़ती लोकप्रियता और पॉपुलैरिटी से जलते हैं, इसी वजह से उन्हें इस तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी कहा है कि वे अपने घर के अंदर क्या करती हैं, यह पूरी तरह से उनका अपना निजी मसला है और इसमें किसी अन्य को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।

केरलम कांग्रेस चीफ सनी जोसेफ ने बिना शर्त मांगी माफी
केरलम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सीजेआई सूर्यकांत पर किए गए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है। सुप्रीम कोर्ट के वकील मीनेश दुबे के कानूनी नोटिस के जवाब में जोसेफ ने यह भी कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है और उससे सार्वजनिक माफी मंगवाई गई है।
कानूनी नोटिस के बाद सामने आया जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील मीनेश दुबे की ओर से एक कानूनी नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस के जवाब में केरलम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने अपनी सफाई पेश करते हुए बिना शर्त माफी मांगी है। उनके इस कदम को विवाद को शांत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जिम्मेदार व्यक्ति पर भी की गई कार्रवाई
कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया है कि इस विवादित पोस्ट के लिए जो व्यक्ति सीधे तौर पर जिम्मेदार था, उसे उसके पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही, उस संबंधित व्यक्ति से सार्वजनिक रूप से माफी भी मंगवाई गई है, ताकि यह संदेश स्पष्ट हो सके कि अदालत और न्यायपालिका के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

अभिषेक शर्मा का अनोखा रिकॉर्ड: टी20I में जड़े सबसे ज्यादा अर्धशतक
भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने टी20I क्रिकेट में 20 या उससे कम गेंदों में 9 अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया है, जो दुनिया भर के किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 15 गेंदों पर अर्धशतक और 35 गेंदों पर शतक पूरा किया।
टी20I क्रिकेट में बनाए सबसे ज्यादा तेज अर्धशतक
अभिषेक शर्मा ने टी20I फॉर्मेट में एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसे तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन होगा। उन्होंने अपने करियर में अब तक 20 या उससे कम गेंदों में कुल 9 अर्धशतक जड़ने का कारनामा किया है। क्रिकेट इतिहास में यह किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा तेज अर्धशतक हैं। खास बात यह है कि दुनिया के किसी अन्य क्रिकेटर ने अपने टी20 करियर में ऐसे 5 अर्धशतक भी नहीं लगाए हैं, जो अभिषेक की काबिलियत को पूरी तरह स्पष्ट करता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली तूफानी पारी
इस रिकॉर्ड में और इजाफा करते हुए मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20I मुकाबले में अभिषेक ने एक बार फिर अपनी धाक दिखाई। उन्होंने मैदान पर उतरते ही चौकों और छक्कों की बरसात कर दी और मात्र 15 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी इस शानदार पारी को आगे बढ़ाते हुए मात्र 35 गेंदों में ही इसे शानदार शतक में तब्दील कर दिया। उनकी इस आक्रामक पारी के बदौलत भारतीय टीम ने श्रृंखला में अपनी मजबूत स्थिति और दबदबा कायम रखा है।

अभिजीत दीपके को एनडीए में शामिल होने का मिला खुला न्योता
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजीपी फाउंडर अभिजीत दीपके को आरपीआई (ए) और एनडीए में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। आठवले का कहना है कि बाबासाहेब की राजनीतिक पार्टी को मजबूत करने के लिए युवाओं की जरूरत है, हालांकि दीपके ने फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
रामदास आठवले ने दिया आरपीआई में शामिल होने का आमंत्रण
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलकर अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी RPI(A) में शामिल होने का न्योता दिया। आठवले ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दीपके से बातचीत के दौरान यह बात रखी थी कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की राजनीतिक पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए देश के ऊर्जावान युवाओं की बेहद आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि दीपके जैसे युवा नेता उनके साथ जुड़ते हैं, तो इससे पार्टी को एक नई ताकत और दिशा मिलेगी।
अभिजीत दीपके ने फिलहाल ठुकराया प्रस्ताव
हालांकि केंद्रीय मंत्री की ओर से यह खुला और बड़ा आमंत्रण दिया गया है, लेकिन शुरुआती खबरों के मुताबिक अभिजीत दीपके ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पेशकश के बाद आने वाले दिनों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए तमाम दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
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