Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट: एनजीटी का नया आदेश और यूपीएससी परिप्रेक्ष्य

वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट: एनजीटी का नया आदेश और यूपीएससी परिप्रेक्ष्य

Delight News
📅 21 Sep2026

वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट वर्तमान में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और गर्म अपशिष्ट जल के निर्वहन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की जाँच के दायरे में है। यह परियोजना तमिलनाडु के ऊर्जा परिदृश्य और तटीय नियमन क्षेत्र के अनुपालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट: एनजीटी का नया आदेश और यूपीएससी परिप्रेक्ष्य
वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट वर्तमान में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन और गर्म अपशिष्ट जल के निर्वहन को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण की जाँच के दायरे में है। यह परियोजना तमिलनाडु के ऊर्जा परिदृश्य और तटीय नियमन क्षेत्र के अनुपालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
परिचय एवं अवस्थिति
वल्लूर थर्मल पावर प्रोजेक्ट तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक प्रमुख कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 1500 मेगावाट है, जिसमें 500 मेगावाट की तीन इकाइयाँ शामिल हैं। इस परियोजना का विकास एनटीपीसी तमिलनाडु एनर्जी कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया है। यह कंपनी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम और तमिलनाडु पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस संयंत्र से उत्पादित कुल बिजली का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा तमिलनाडु को आवंटित किया जाता है, जबकि शेष बिजली आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और पुडुचेरी को आपूर्ति की जाती है।
परिचालन विशेषताएँ एवं पर्यावरण पहल
यह संयंत्र अपनी अनूठी तकनीकी और अवसंरचनात्मक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। संयंत्र में प्रतिवर्ष लगभग 9 मिलियन मीट्रिक टन कोयले की खपत होती है, जिसे महानदी, सेंट्रल और ईस्टर्न कोलफील्ड्स से रेल-सह-समुद्र मार्ग द्वारा एन्नोर बंदरगाह तक लाया जाता है। बंदरगाह से संयंत्र तक कोयला परिवहन के लिए एक लंबी पाइप कन्वेयर प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जो एन्नोर क्रीक के ऊपर धूल-मुक्त संचालन सुनिश्चित करती है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र की संपूर्ण जल आवश्यकता को पूरा करने के लिए समुद्र के पास एक विलवणीकरण इकाई स्थापित की गई है।
वर्तमान विवाद और विनियामक चुनौतियाँ
इस परियोजना से संबंधित हालिया घटनाक्रम में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की दक्षिणी पीठ ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संयंत्र द्वारा कोसस्थलाईयार नदी और उसकी सहायक जलधाराओं में सीधे गर्म अपशिष्ट जल का विसर्जन किया जा रहा है। यह आरोप पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और तटीय नियमन क्षेत्र की स्वीकृतियों के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। ऐसे मामले थर्मल पावर प्लांटों के संचालन में पर्यावरणीय मानकों के कड़ाई से अनुपालन और विनियामक निगरानी की अनिवार्यता को रेखांकित करते हैं।
टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए रो पड़ी थीं सोनिया गांधी

टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए रो पड़ी थीं सोनिया गांधी

Delight News
📅 07 Nov2026

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि दिसंबर 1992 में टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए वह रो पड़ी थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस की कुछ नाकामियों ने बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में भूमिका निभाई है।

कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी का एक साक्षात्कार सामने आया है, जिसमें उन्होंने देश के राजनीतिक इतिहास के एक अहम दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने दिसंबर 1992 की घटनाओं को याद करते हुए अपने निजी अनुभवों को साझा किया है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर छलके आंसू
सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया कि दिसंबर 1992 में जब वह टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देख रही थीं, तो उस दृश्य को देखकर वह रो पड़ी थीं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादों और बहसों को एक बार फिर से ताजा कर दिया है।
कांग्रेस की नाकामियों और बीजेपी का उभार
इसके साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी की कुछ अपनी नाकामियां रहीं हैं। उन्होंने माना कि पार्टी की इन्हीं चूकों ने देश में बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि कई मामलों में उनकी पार्टी जरूरत से ज्यादा निश्चिंत रही थी।
इमर्जेंसी पर सोनिया गांधी का बयान, संजय अकेले कसूरवार नहीं

इमर्जेंसी पर सोनिया गांधी का बयान, संजय अकेले कसूरवार नहीं

Delight News
📅 07 Nov2026

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के लिए दिवंगत संजय गांधी को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि संजय के आसपास राजीव गांधी जैसे लोग भी थे जिनका नजरिया अलग था और इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों का भी उन पर काफी दबाव था।

देश के राजनीतिक इतिहास के सबसे संवेदनशील अध्यायों में से एक 'इमरजेंसी' को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों और फैसलों को लेकर खुलकर बात की है। सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया है कि इस दौर की घटनाओं के लिए केवल संजय गांधी को ही कसूरवार ठहराना सही नहीं है।
संजय गांधी अकेले जिम्मेदार नहीं
सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा है कि इमरजेंसी के वक्त केवल दिवंगत संजय गांधी ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे। उनके मुताबिक, उस दौरान इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों की ओर से उन पर काफी दबाव बनाया गया था, जिसके कारण कई फैसले लिए गए।
राजीव गांधी का अलग था नजरिया
इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि संजय गांधी के आसपास कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जिनका नज़रिया उनसे बिल्कुल अलग था। सोनिया गांधी ने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि राजीव गांधी की राय और सोच इस मामले में अलग थी, जो इस ऐतिहासिक दौर के भीतर के समीकरणों को दर्शाती है।
सिलीगुड़ी में सैनिकों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

सिलीगुड़ी में सैनिकों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Delight News
📅 07 Nov2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दिवाली मिलन समारोह के दौरान वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाई। उन्होंने सैनिकों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका मनोबल ही सबसे बड़ा हथियार है।

देशभर में दिवाली के जश्न का माहौल है, और इसी कड़ी में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी का दौरा किया है। सिलीगुड़ी में आयोजित एक विशेष दिवाली मिलन समारोह के दौरान उन्होंने वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया।
जवानों को खिलाई मिठाई
इस खास मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री ने वायुसेना के जवानों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाकर दीवाली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सैनिकों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला, जो त्योहार के मौके पर उनके अपनों से दूर रहने की कमी को थोड़ा कम करता है।
सैनिकों का मनोबल सबसे बड़ा हथियार
संबोधन और बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने सैनिकों के त्याग, साहस और देश के प्रति समर्पण की खुलकर सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे सैनिकों का उच्च मनोबल ही देश का सबसे बड़ा और मजबूत हथियार है। इसके साथ ही उन्होंने सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने की बात पर जोर देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।
पीएम मोदी इस बार भी जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली

पीएम मोदी इस बार भी जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली

Delight News
📅 07 Nov2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की है कि वह इस बार भी जवानों के बीच ही त्योहार मनाएंगे। उन्होंने इसे अपनी नियमित परंपरा बताया है, जिसे वह साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगातार निभा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार भी उनका दीवाली का त्योहार देश के वीर जवानों के साथ ही बीतेगा।
जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को अपनी एक नियमित परंपरा करार दिया है। उन्होंने साझा किया कि साल 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से ही वह हर साल दीपावली का पर्व सैनिकों के बीच जाकर मनाते आ रहे हैं।
सरहद पर जाकर बढ़ाते हैं हौसला
अपनी इस विशेष परंपरा के तहत प्रधानमंत्री हर साल किसी न किसी बॉर्डर या सैन्य ठिकाने पर पहुंचते हैं। वहां तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाना और उनके साथ खुशियां बांटना उनकी प्राथमिकता रही है।
iOS की सीक्रेट ब्लॉक लिस्ट में मोदी-राहुल के नाम

iOS की सीक्रेट ब्लॉक लिस्ट में मोदी-राहुल के नाम

Delight News
📅 07 Nov2026

एक रिसर्चर ने एप्पल की 1 लाख शब्दों वाली गोपनीय बहुभाषी सूची का खुलासा किया है, जिन्हें iOS कीबोर्ड ऑटो-करेक्ट या स्वाइप टाइपिंग में नहीं सुझाता। इस सूची में हिंदी के 3,913 शब्द शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के नाम भी स्वाइप टाइपिंग से बाहर रखे गए हैं।

तकनीकी दुनिया से एक बेहद दिलचस्प और हैरान कर देने वाला खुलासा सामने आया है। टेक दिग्गज कंपनी एप्पल के iOS कीबोर्ड में एक गोपनीय ब्लॉक लिस्ट पाई गई है, जिसमें 1 लाख से अधिक शब्द और वाक्यांश शामिल हैं। एक शोधकर्ता द्वारा किए गए इस खुलासे ने एप्पल की कीबोर्ड पॉलिसी पर नई चर्चा शुरू कर दी है।
सीक्रेट लिस्ट में हिंदी के शब्द शामिल
शोधकर्ता के अनुसार, इस बहुभाषी सूची में शामिल शब्दों को iOS कीबोर्ड ऑटो-करेक्ट सुझावों या स्वाइप टाइपिंग में रिकमेंड नहीं करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सीक्रेट लिस्ट में हिंदी भाषा के भी 3,913 शब्द और वाक्य मौजूद हैं।
स्वाइप टाइपिंग से बाहर दिग्गज नेता
इस ब्लॉक लिस्ट में हिंदी के कई चर्चित शब्दों के साथ-साथ देश के बड़े राजनीतिक चेहरों के नाम भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम भी iOS की स्वाइप टाइपिंग में नहीं आते हैं। एप्पल द्वारा बनाए गए इन सख्त एल्गोरिदम का उद्देश्य कीबोर्ड स्वाइपिंग के दौरान कुछ खास और संवेदनशील शब्दों के अपने-आप टाइप होने से रोकना है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App