
UPSSSC Lower PCS भर्ती 2026: 2516 पदों पर बंपर नोटिफिकेशन जारी!
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लोअर पीसीएस (Combined Lower Subordinate Services) के 2516 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 29 मई 2026 से 18 जून 2026 तक चलेंगे। आयु सीमा 18-21 से 40 वर्ष (1 जुलाई 2026 के अनुसार) तय की गई है।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए साल 2026 की सबसे बड़ी और धमाकेदार खुशखबरी आ चुकी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने कंबाइंड लोअर सबऑर्डिनेट सर्विसेज (Lower PCS) के पदों पर बंपर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अगर आपका सपना भी यूपी सरकार के प्रतिष्ठित विभागों में एक शानदार प्रशासनिक पद हासिल करने का है, तो आपके लिए अपनी किस्मत और मेहनत को आजमाने का सही समय आ गया है।
इस बार आयोग ने कुल 2516 पदों पर नियुक्तियों के लिए आवेदन मांगे हैं। यह एक ऐसा मौका है जिसका इंतजार प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी सालों से करते हैं। आइए इस भर्ती से जुड़ी एक-एक महत्वपूर्ण जानकारी को बेहद आसान और रोचक शब्दों में समझते हैं, ताकि आवेदन करते समय आपसे कोई चूक न हो।
महत्वपूर्ण तारीखें: कैलेंडर में नोट कर लें ये दिन
UPSSSC लोअर पीसीएस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। आयोग ने इसके लिए विंडो ओपन कर दी है। आपको आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय पर अपना फॉर्म भरना होगा:
आवेदन शुरू होने की तिथि: 29 मई 2026
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 18 जून 2026
फीस भुगतान और फॉर्म संशोधन की तिथि: (आयोग के नियमानुसार जून के आखिरी सप्ताह तक)
> नोट: अंतिम दिनों में अक्सर वेबसाइट पर हैवी ट्रैफिक के कारण सर्वर डाउन होने की समस्या हो जाती है, इसलिए सलाह यही दी जाती है कि शुरुआती हफ्तों में ही अपना आवेदन सफलतापूर्वक पूरा कर लें।
>
पदों का विवरण और वैकेंसी ब्रेकअप
इस बार लोअर पीसीएस के तहत 2516 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं। इन पदों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में रिक्तियां भरी जाएंगी। आमतौर पर लोअर पीसीएस के तहत निम्नलिखित लोकप्रिय पद शामिल होते हैं:
1. मार्केटिंग इंस्पेक्टर (विपणन निरीक्षक)
2. सप्लाई इंस्पेक्टर (पूर्ति निरीक्षक)
3. असिस्टेंट गार्डन इंस्पेक्टर
4. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर
5. एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (अधिशासी अधिकारी)
6. राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector)
विभागवार और पदवार विस्तृत सीटों की संख्या के लिए अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद नोटिफिकेशन को देख सकते हैं।
आयु सीमा (Age Limit): किसे मिलेगी छूट?
UPSSSC ने इस भर्ती के लिए एक व्यावहारिक आयु सीमा तय की है, जिससे नए ग्रेजुएट्स के साथ-साथ लंबे समय से तैयारी कर रहे अनुभवी छात्रों को भी मौका मिल सके।
न्यूनतम आयु: 18 से 21 वर्ष (यह अलग-अलग पदों के अनुसार निर्धारित है)
अधिकतम आयु: 40 वर्ष
आयु गणना की निर्णायक तिथि: 01 जुलाई 2026
आयु सीमा में छूट: उत्तर प्रदेश के मूल निवासी जो ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पीडब्ल्यूडी (PWD) श्रेणियों से आते हैं, उन्हें राज्य सरकार के आरक्षण नियमों के मुताबिक अधिकतम आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। अन्य राज्यों के उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के अंतर्गत ही आवेदन कर सकेंगे।
शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria)
लोअर पीसीएस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है।
कुछ विशेष तकनीकी या विशिष्ट पदों के लिए ग्रेजुएशन में विशेष विषय (जैसे कॉमर्स, इकोनॉमिक्स या एग्रीकल्चर) की मांग की जा सकती है।
PET स्कोर कार्ड अनिवार्य: चूंकि यह परीक्षा UPSSSC द्वारा आयोजित की जा रही है, इसलिए उम्मीदवारों के पास प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) का वैध स्कोर कार्ड होना आवश्यक है। पीईटी के शॉर्टलिस्टिंग स्कोर के आधार पर ही मुख्य लोअर पीसीएस परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया (Selection Process) और परीक्षा का स्वरूप
UPSSSC Lower PCS 2026 में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को कड़े कंपटीशन से गुजरना होगा। इसकी चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों पर आधारित होती है:
1. प्रारंभिक शॉर्टलिस्टिंग (Based on PET Score): सबसे पहले पीईटी परीक्षा के अंकों के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए कट-ऑफ जारी की जाएगी।
2. मुख्य परीक्षा (Written Mains Exam): शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार मुख्य लिखित परीक्षा में बैठेंगे। इसमें आमतौर पर दो पेपर या एक संयुक्त पेपर होता है, जिसमें सामान्य अध्ययन (GS), सामान्य बुद्धि परीक्षण (Reasoning), सामान्य विज्ञान/अंकगणित और सामान्य हिंदी से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।
3. दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): लिखित परीक्षा की मेरिट लिस्ट में आने वाले अभ्यर्थियों को उनके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स की जांच के लिए बुलाया जाएगा।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
फॉर्म भरने के लिए आपको उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा। आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है:
| स्टेप नंबर | प्रक्रिया का विवरण |
|---|---|
| स्टेप 1 | UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट (upsssc.gov.in) पर जाएं। |
| स्टेप 2 | होमपेज पर "Live Advertisements" सेगमेंट में लोअर पीसीएस भर्ती लिंक पर क्लिक करें। |
| स्टेप 3 | अपने PET रजिस्ट्रेशन नंबर और क्रेडेंशियल्स के जरिए लॉगिन (OTP या पर्सनल डिटेल के माध्यम से) करें। |
| स्टेप 4 | अपनी शैक्षणिक योग्यता और अन्य आवश्यक व्यक्तिगत विवरण को दर्ज करें। |
| स्टेप 5 | निर्धारित फॉर्मेट में अपनी नई फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें (यदि पीईटी डेटा से ऑटो-फैच नहीं होता है)। |
| स्टेप 6 | अपनी कैटेगरी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग/कार्ड/यूपीआई) से आवेदन शुल्क का भुगतान करें। |
| स्टेप 7 | फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए उसका एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें। |
तैयारी की रणनीति: कैसे हासिल करें सफलता?
2516 पदों की संख्या देखने में भले ही बड़ी लगे, लेकिन उत्तर प्रदेश में इस परीक्षा के लिए कंपटीशन का स्तर हमेशा सातवें आसमान पर रहता है। अगर आप इस रेस में आगे निकलना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी स्ट्रेटजी बदलनी होगी:
सिलेबस को समझें: सबसे पहले आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम को अपने स्टडी टेबल पर चिपका लें। हिंदी, रीजनिंग और यूपी जीके (UP GK) इस परीक्षा के स्कोरिंग विषय माने जाते हैं।
पिछले सालों के पेपर्स (PYQs): लोअर पीसीएस के पुराने पेपर्स और UPSSSC द्वारा हाल ही में आयोजित कराई गई अन्य परीक्षाओं के प्रश्नों का गहन विश्लेषण करें। इससे आपको प्रश्नों के बदलते पैटर्न का अंदाजा हो जाएगा।
करंट अफेयर्स पर पकड़: कम से कम पिछले 8 से 10 महीनों का राष्ट्रीय और विशेषकर उत्तर प्रदेश का करंट अफेयर्स उंगलियों पर होना चाहिए।
मॉक टेस्ट: हफ्ते में कम से कम दो मॉक टेस्ट जरूर दें और अपनी गलतियों में सुधार करें। टाइम मैनेजमेंट ही आपको परीक्षा हॉल में जीत दिलाएगा।

सत्य निकेतन हादसा: फरार पीजी मालिक की तलाश में जुटी पुलिस
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत ढहने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। घटना के बाद से मुख्य आरोपी और पीजी मालिक आनंद बंसल फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जगह-जगह छापे मारने शुरू कर दिए हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत ढहने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। घटना के बाद से मुख्य आरोपी और पीजी मालिक आनंद बंसल फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जगह-जगह छापे मारने शुरू कर दिए हैं।
अचानक ढही इमारत और मातम का माहौल
दिल्ली के व्यस्त और छात्रों के बीच लोकप्रिय इलाके सत्य निकेतन में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ अचानक एक पीजी की इमारत भरभराकर ढह गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे दबने से तीन बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस भयानक दुर्घटना ने स्थानीय प्रशासन और भवन निर्माण सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फरार हुआ पीजी मालिक आनंद बंसल
हादसे की भनक लगते ही पीजी का मालिक आनंद बंसल मौके से फरार हो गया। प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस खतरनाक इमारत को सुरक्षा के लिहाज से एक साल पहले ही खाली कराया गया था। इसके बावजूद वहाँ किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं और लापरवाही किसकी थी, यह पुलिस जांच का मुख्य विषय बन गया है। मालिक की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरी लापरवाही की परते खुल सकेंगी।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। आरोपी की तलाश में लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं।
बचाव अभियान और घायलों का इलाज
घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल मलबे को हटाने में जुटे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और फंसा न हो। हादसे में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

सत्य निकेतन इमारत हादसा: पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के गिरने से हुए भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के गिरने से हुए भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है। देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस तरह संबल मिलना इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़ा संताप कम करने वाला कदम है।
प्रशासनिक अमला और राहत कार्य
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला और राहत दल तुरंत हरकत में आ गए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। पीएम मोदी ने खुद इस बात की जानकारी दी कि अधिकारी और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने और हादसे से प्रभावित हर संभव व्यक्ति तक मदद पहुँचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षा और लापरवाही के सवाल
राजधानी दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस प्रकार की पुरानी या कमजोर इमारतों का जर्जर हालत में होना एक बहुत बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सत्य निकेतन की इस घटना ने एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच में जुट गया है कि आखिर इस इमारत के गिरने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या यहाँ किसी प्रकार की प्रशासनिक अनदेखी या नियमों की अवहेलना हुई थी।

दिल्ली बिल्डिंग हादसा: 2 की मौत, सीएम रेखा गुप्ता ने लिया जायजा
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए एक दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस गंभीर दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और शीर्ष नेतृत्व ने तत्काल मौके का रुख किया।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए एक दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस गंभीर दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और शीर्ष नेतृत्व ने तत्काल मौके का रुख किया।
घटना का दर्दनाक मंजर और प्रशासनिक हलचल
राजधानी दिल्ली के व्यस्त क्षेत्र सत्य निकेतन में इमारत ढहने की इस आकस्मिक दुर्घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अचानक हुए इस हादसे की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस भयानक मलबे के नीचे दबने से छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद बांसुरी स्वराज का दौरा
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। नेताओं ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर पूरी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के कारणों की पूरी रिपोर्ट मांगी। इस दौरान उनके साथ सुरक्षा बलों और राहत कर्मियों का बड़ा अमला भी मौजूद रहा, जो लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ था।
युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य
मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत और बचाव कार्यों की कमान खुद संभाली और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मलबे में फंसे एक-एक शख्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाए। इसके साथ ही, अस्पतालों में भर्ती घायलों को बिना किसी देरी के बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी पीड़ित को इलाज के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि यह इमारत किस वजह से ढही और इसमें किन नियमों की अनदेखी की गई थी।

सत्य निकेतन हादसा: राहुल गांधी का कड़ा संदेश, हर छात्र की जान कीमती
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों का जीवन पहले से ही संघर्षों से घिरा होता है और अब ऐसे जानलेवा हालात चिंताजनक हैं। प्रशासन और बचाव दलों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों का जीवन पहले से ही संघर्षों से घिरा होता है और अब ऐसे जानलेवा हालात चिंताजनक हैं। प्रशासन और बचाव दलों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे पर राहुल गांधी की दो टूक
दिल्ली के सत्य निकेतन में घटी दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर दुर्घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की कमियों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजधानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़े दावे किए जाते हैं।
छात्रों का जीवन संघर्षों से भरा और अब हालात जानलेवा
राहुल गांधी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग पहले से ही अपने भविष्य को लेकर अनगिनत संघर्षों का सामना कर रहा है। ऐसे में पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों से आने वाले इन युवाओं को यदि इस तरह के जानलेवा हालातों का सामना करना पड़े, तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण संस्थानों और कोचिंग hubs के आसपास रहने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
बचाव दलों के लिए तत्काल निर्देश और हर संभव प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही राहुल गांधी ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया है कि बचाव दल बिना एक भी पल गंवाए मलबे में फंसे प्रत्येक छात्र तक पहुंचे। उनका साफ कहना था कि इस आपदा की घड़ी में हर एक छात्र की जान बेहद कीमती है और उसकी रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास तुरंत किए जाने चाहिए।
मुश्किल घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है पार्टी
इस दुखद हादसे के बाद राजनीतिक दलों द्वारा प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाने का सिलसिला जारी है। राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से और अपनी पार्टी की ओर से यह विश्वास दिलाया है कि इस विकट और मुश्किल घड़ी में वे सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: 80 पदों पर भर्ती का शानदार मौका
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) के 80 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
खबर का निचोड़
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) के 80 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 को शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। जो उम्मीदवार देश के प्रतिष्ठित प्रशासनिक पदों पर अपनी जगह बनाना चाहते हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन पत्र जमा करना होगा। अंतिम समय में सर्वर पर लोड बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए समय से पहले आवेदन करना समझदारी होगी।
रिक्तियों का विवरण और योग्यता
इस बार कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा से जुड़े तमाम नियम यूपीएससी के आधिकारिक विज्ञापन में विस्तार से दिए गए हैं। सामान्यतः इस पद के लिए उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही तय आयु सीमा के दायरे में आने वाले आवेदक ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।
चयन प्रक्रिया और वेतनमान
चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सख्त होती है, जिसमें आमतौर पर लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) शामिल होते हैं। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को ही अगले चरण के लिए बुलाया जाता है। इस पद पर चयनित होने वाले युवाओं को आकर्षक वेतनमान और सरकारी सेवाओं मिलने वाले तमाम बेहतरीन लाभ व भत्ते दिए जाते हैं। यही वजह है कि हर साल लाखों उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
कैसे करें आवेदन
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां ओटीआर (One Time Registration) प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती के लिंक पर क्लिक करना होगा। मांगी गई सभी जरूरी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने और निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद आवेदन पत्र को सबमिट कर दें। भविष्य के संदर्भ के लिए फाइनल सबमिट किए गए फॉर्म का एक प्रिंटआउट अपने पास जरूर सुरक्षित रख लें।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App