Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
UPSC 2026: प्रारंभिक परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की जारी

UPSC 2026: प्रारंभिक परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की जारी

Delight News
📅 28 May2026

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के संपन्न होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर प्रोविजनल आंसर की (Answer Key) जारी कर दी है। अभ्यर्थी अपने प्रश्न पत्र कोड के अनुसार आधिकारिक पोर्टल upsc.gov.in पर जाकर उत्तर कुंजी देख सकते हैं और अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं। किसी भी विसंगति पर आपत्ति दर्ज करने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।

UPSC प्रीलिम्स 2026: प्रोविजनल आंसर की जारी, ऐसे करें चेक!
संक्षिप्त सारांश (निचोड़)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की प्रोविजनल आंसर की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जारी कर दी है। अभ्यर्थी अपने प्रश्न पत्र कोड के अनुसार उत्तर कुंजी डाउनलोड कर अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं। किसी भी विसंगति के मामले में आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
UPSC प्रीलिम्स 2026: उत्तर कुंजी जारी, मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू
प्रस्तावना: परीक्षा के बाद का अहम पड़ाव
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, जिसे देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है, संपन्न होने के बाद अब अगला बड़ा चरण 'आंसर की' का है। लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और उम्मीदों का परिणाम इस उत्तर कुंजी के साथ शुरू हो जाता है। आयोग ने आधिकारिक पोर्टल पर प्रोविजनल आंसर की जारी कर अभ्यर्थियों को उनके प्रदर्शन का आकलन करने का अवसर प्रदान कर दिया है।
कैसे करें उत्तर कुंजी डाउनलोड और मूल्यांकन?
उम्मीदवारों के लिए अपनी उत्तर पुस्तिका का मिलान करना बेहद सरल बनाया गया है:
सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर 'Examination' टैब के अंतर्गत 'Answer Keys' सेक्शन को चुनें।
वहां 'Civil Services (Preliminary) Examination, 2026' की लिंक पर क्लिक करें।
अपनी परीक्षा के प्रश्न पत्र कोड (जैसे सेट A, B, C, D) के अनुसार PDF डाउनलोड करें।
आयोग द्वारा दी गई आधिकारिक कुंजी से अपने उत्तरों का मिलान करें और अपने अंकों की गणना करें।
विसंगतियों पर आपत्ति: आयोग की प्रक्रिया
अक्सर देखा जाता है कि आधिकारिक उत्तर कुंजी और कोचिंग संस्थानों की कुंजियों में अंतर होता है। यदि किसी अभ्यर्थी को आयोग द्वारा जारी किसी उत्तर पर आपत्ति है, तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने इसके लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर और आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए ही अपनी आपत्तियां दर्ज करें। आपत्ति दर्ज करते समय पुख्ता साक्ष्य (जैसे मानक पुस्तकें या आधिकारिक स्रोत) संलग्न करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि आयोग आपकी चुनौती पर गंभीरता से विचार कर सके।
अगली रणनीति के लिए महत्वपूर्ण
प्रारंभिक परीक्षा का मूल्यांकन केवल यह जानने के लिए नहीं है कि आप सफल हो रहे हैं या नहीं, बल्कि यह आपकी तैयारी की कमियों को समझने का भी एक जरिया है। यदि आपका स्कोर कट-ऑफ के अनुमान के आसपास है, तो बिना समय गंवाए मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी में जुट जाना बुद्धिमानी होगी। वहीं, यदि स्कोर अपेक्षा से कम है, तो अपनी गलतियों का विश्लेषण करें और अपनी कमजोरियों पर काम करना शुरू करें। यह आंसर की आपकी आगामी रणनीति का आधार है।
निष्कर्ष: धैर्य और सटीकता का महत्व
आंसर की जारी होने के बाद का समय काफी तनावपूर्ण हो सकता है, लेकिन इस समय धैर्य बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है। आधिकारिक आंसर की पर भरोसा करें और अनावश्यक अफवाहों से बचें। UPSC की यह प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष है और आयोग का उद्देश्य प्रत्येक अभ्यर्थी के साथ न्याय करना है। अपना मूल्यांकन करें, अपनी शंकाओं का समाधान करें और यदि आवश्यक हो, तो अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।
यह परीक्षा एक लंबी दौड़ है और इसका हर पड़ाव आपको आपके लक्ष्य के करीब ले जाता है। अब जब आप अपने प्रदर्शन का आकलन कर चुके हैं, तो अगले चरणों के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें। आपका सटीक मूल्यांकन ही आपको भविष्य की बेहतर तैयारी के लिए सही दिशा दिखाएगा। यूपीएससी की यह परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि आपके संकल्प की परीक्षा है, और इस उत्तर कुंजी के साथ ही आपका यह पड़ाव पूरा होता है।
छात्रों के आक्रोश पर चिराग पासवान का बड़ा बयान: 'संवाद ही एकमात्र रास्ता'

छात्रों के आक्रोश पर चिराग पासवान का बड़ा बयान: 'संवाद ही एकमात्र रास्ता'

Delight News
📅 21 Jul2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुए हिंसक टकराव के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे युवाओं की आवाज दबाने के खिलाफ हैं और किसी भी समस्या का समाधान केवल आपसी बातचीत से ही संभव है।

छात्रों के आक्रोश पर चिराग पासवान का बड़ा बयान: 'संवाद ही एकमात्र रास्ता'
सार: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुए हिंसक टकराव के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे युवाओं की आवाज दबाने के खिलाफ हैं और किसी भी समस्या का समाधान केवल आपसी बातचीत से ही संभव है।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने
संसद घेराव के इरादे से निकले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। देखते ही देखते सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प शुरू हो गई। इस अफरातफरी और धक्का-मुक्की में कई छात्र-प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही राजधानी के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और छात्र आंदोलनों को लेकर बहस छिड़ गई है।
चिराग पासवान का सीधा संदेश: 'दबाई नहीं जा सकती युवाओं की आवाज़'
घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बेहद सधा हुआ लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे छात्रों की बात को दबाने या उनकी आवाज को नजरअंदाज करने के बिल्कुल पक्ष में नहीं हैं। चिराग पासवान का मानना है कि जब छात्र इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होते हैं, तो उसके पीछे उनकी वाजिब चिंताएं और गहरा आक्रोश होता है। बिना उनकी समस्या को समझे या सुने कठोर कदम उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है।
संवाद से ही निकलेगा समाधान
राजनीतिक गतिरोध और जन-आक्रोश के बीच चिराग पासवान ने लोकतंत्र में बातचीत के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे को सुलझाने के लिए 'संवाद' सबसे सशक्त और बेहतरीन माध्यम है। जब तक जिम्मेदार प्रतिनिधि और छात्र आमने-सामने बैठकर बातचीत नहीं करेंगे, तब तक असंतोष की स्थिति बनी रहेगी। शांतिपूर्ण चर्चा ही किसी भी बड़े आंदोलन का सार्थक समाधान निकाल सकती है।
गर्म राजनीति के बीच शांति की अपील
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री का यह बयान छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैये को दर्शाता है। इस समय सबसे बड़ी जरूरत यह है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखते हुए छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
CJP प्रदर्शन: घायलों का हाल जानने RML अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा

CJP प्रदर्शन: घायलों का हाल जानने RML अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा

Delight News
📅 21 Jul2026

CJP के संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे में घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हाल-चाल जाना और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। इससे ठीक एक दिन पहले नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों के साथ उनकी प्रमुख मांगों को लेकर अहम बैठक भी की थी

CJP प्रदर्शन: घायलों का हाल जानने RML अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा
खबर का निचोड़
CJP के संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे में घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हाल-चाल जाना और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। इससे ठीक एक दिन पहले नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों के साथ उनकी प्रमुख मांगों को लेकर अहम बैठक भी की थी।
संसद मार्च में बढ़ा तनाव, 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल
राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब CJP के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक अनियंत्रित हो गई, जिसके बाद हुए हंगामे और धक्का-मुक्की में 100 से भी अधिक प्रदर्शनकारी चोटिल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए पास के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, जाना घायलों का हाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को खुद RML अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वार्डों में जाकर भर्ती प्रदर्शनकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने घायलों से घटनाक्रम के संबंध में सीधी बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। नड्डा ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की सीनियर टीम को सख्त निर्देश दिए कि सभी घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मांगों पर संवाद और सड़क पर संग्राम
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले CJP के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय वार्ता की थी। इस बैठक में प्रदर्शनकारियों की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों और चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी। हालांकि, बातचीत के अगले ही दिन संसद मार्च के दौरान हुई इस हिंसक झड़प और बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों के घायल होने से अब राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।
NEET पेपर लीक: एक्शन में सरकार, पीएम मोदी बोले— दोषियों को मिलेगी सख्त सजा

NEET पेपर लीक: एक्शन में सरकार, पीएम मोदी बोले— दोषियों को मिलेगी सख्त सजा

Delight News
📅 21 Jul2026

NEET-UG पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार पूरी तरह देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।

NEET पेपर लीक: एक्शन में सरकार, पीएम मोदी बोले— दोषियों को मिलेगी सख्त सजा
खबर का निचोड़
NEET-UG पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार पूरी तरह देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
देश के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: पीएम मोदी
मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। एनडीए (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में परीक्षार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
दोषियों पर गिरेगी गाज, बनेगी नजीर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार का मकसद केवल जांच पूरी करना नहीं, बल्कि ऐसी मिसाल कायम करना है जिससे भविष्य में कोई भी शिक्षा व्यवस्था को चोट पहुंचाने की हिम्मत न कर सके।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और युवाओं का भरोसा बचाए रखना केवल एक प्रशासनिक काम नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विपक्ष के विरोध के बीच आया बयान
प्रधानमंत्री का यह अहम बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की सड़कों से लेकर संसद तक इस मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है। हाल ही में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा निकाले गए संसद मार्च और विपक्ष के जोरदार प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार पर त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव था।
राजनीतिक गलियारों में हो रही बयानबाजी के बीच प्रधानमंत्री मोदी के इस सीधे और स्पष्ट संदेश ने यह साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार इस मामले की गंभीरता को पूरी तरह समझ रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
पारदर्शी व्यवस्था की ओर कदम
इस घटना के बाद अब पूरे देश की नजरें सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कानूनी और प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं। एनडीए बैठक में हुई इस चर्चा से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कामकाज, सुरक्षा प्रोटोकॉल और परीक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर सुधार देखने को मिल सकते हैं, ताकि देश के योग्य और मेहनती युवाओं का विश्वास डिगने न पाए।
NEET धांधली पर सड़कों पर उतरे छात्र, दिल्ली में पुलिस से झड़प के बाद मचा बवाल

NEET धांधली पर सड़कों पर उतरे छात्र, दिल्ली में पुलिस से झड़प के बाद मचा बवाल

Delight News
📅 21 Jul2026

संसद मार्च के दौरान NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आक्रोश फुटपाथों पर छलक पड़ा। पुलिस के साथ हुई भीषण झड़प में कई प्रदर्शनकारी बेहोश हो गए, जबकि कई छात्र रोते-बिलखते नज़र आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ देश की भावी पीढ़ी के इस संघर्ष और दर्द को बयां कर रहे हैं।

NEET धांधली पर सड़कों पर उतरे छात्र, दिल्ली में पुलिस से झड़प के बाद मचा बवाल
संसद मार्च के दौरान NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आक्रोश फुटपाथों पर छलक पड़ा। पुलिस के साथ हुई भीषण झड़प में कई प्रदर्शनकारी बेहोश हो गए, जबकि कई छात्र रोते-बिलखते नज़र आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज़ देश की भावी पीढ़ी के इस संघर्ष और दर्द को बयां कर रहे हैं।
जब देश का भविष्य सड़कों पर रो पड़ा
सोमवार को राजधानी दिल्ली की सड़कें एक अभूतपूर्व और दिल दहला देने वाले मंज़र की गवाह बनीं। CJP (सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस) के नेतृत्व में हज़ारों छात्र NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और शिक्षा व्यवस्था में पनपते भ्रष्टाचार के विरोध में संसद भवन की ओर बढ़े। जो हाथ कल तक किताबों के पन्ने पलट रहे थे, आज वे इंसाफ की मांग तख्तियों पर लिखे सड़कों पर खड़े थे। लेकिन यह मार्च जैसे ही आगे बढ़ा, माहौल तनावपूर्ण होता चला गया।
बैरिकेड्स पर टूटी उम्मीदें और बिखरी चप्पलें
संसद की तरफ बढ़ते छात्रों के हुजूम को रोकने के लिए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। बैरिकेड्स पर जैसे ही प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल का आमना-सामना हुआ, स्थिति बेकाबू हो गई। तीखी झड़पों और धक्का-मुक्की के बीच सड़कों का दृश्य किसी युद्धक्षेत्र जैसा प्रतीत होने लगा।
भागदौड़ के बीच ज़मीन पर बिखरी सैकड़ों चप्पलें उस अफरा-तफरी की गवाही दे रही थीं, जो वहां कुछ ही पलों में पैदा हो गई। कई युवा छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर रोते हुए दिखे, तो वहीं कुछ प्रदर्शनकारी धक्का-मुक्की और भीषण गर्मी के कारण बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई बेबस चेहरों की चीख
घटनास्थल के वीडियो जंगल की आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल गए। इन वीडियोज़ में पुलिस कर्मियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हाथापाई, चीख-पुकार और बेबसी साफ देखी जा सकती है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे ये दृश्य सिर्फ एक प्रदर्शन की तस्वीरें नहीं हैं, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के गुस्से का प्रतीक हैं जो महीनों-साल कड़ी मेहनत के बाद भी धांधली और पेपर लीक के दंश को झेलने पर मजबूर हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ उठती एक सख्त आवाज़
छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पारदर्शी नहीं होती और NEET घोटाले के दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष थमने वाला नहीं है। दिल्ली के इस संसद मार्च ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग अब महज़ एक बहस नहीं, बल्कि सड़कों पर उतर चुका एक बड़ा जनाक्रोश बन चुकी है।
दिल्ली में गर्माया माहौल: अभिजीत दीपके की नई शर्त, बातचीत के लिए जंतर-मंतर आए सरकार

दिल्ली में गर्माया माहौल: अभिजीत दीपके की नई शर्त, बातचीत के लिए जंतर-मंतर आए सरकार

Delight News
📅 21 Jul2026

नीट और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सीजेपी मुखिया अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने नई शर्त रखी है। दिल्ली में प्रदर्शन के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार या पुलिस बातचीत चाहती है, तो अधिकारियों को खुद जंतर-मंतर आना होगा।

दिल्ली में गर्माया माहौल: अभिजीत दीपके की नई शर्त, बातचीत के लिए जंतर-मंतर आए सरकार
खबर का निचोड़
नीट और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सीजेपी मुखिया अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने नई शर्त रखी है। दिल्ली में प्रदर्शन के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार या पुलिस बातचीत चाहती है, तो अधिकारियों को खुद जंतर-मंतर आना होगा।
विरोध का केंद्र बना जंतर-मंतर
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और युवाओं के आक्रोश को भड़का दिया है। राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है। सेंट्रल फॉर जस्टिस एंड प्रोग्रेस (सीजेपी) के कार्यकर्ता और छात्र संगठन पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी विरोध के बीच माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।
'वार्ता चाहिए तो मंच पर आएं अफसर'
अभिजीत दीपके ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अब बंद कमरों या प्रशासनिक दफ्तरों में कोई बातचीत नहीं करेंगे। यदि सरकार, प्रशासन या पुलिस का कोई भी प्रतिनिधि आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करना चाहता है, तो उन्हें खुद जंतर-मंतर पर उपस्थित होना पड़ेगा। दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिशों में जुटा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा सीजेपी
सीजेपी का स्पष्ट मानना है कि बार-बार होते पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीधी जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की है। छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और जब तक शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई थमने वाली नहीं है। दीपके ने चेतावनी दी है कि बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन उसकी जगह और शर्तें अब छात्र तय करेंगे।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
जंतर-मंतर पर जुट रही भीड़ और दीपके के इस आक्रामक रुख ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार दीपके की इस शर्त को मानकर जंतर-मंतर पर अपना प्रतिनिधि भेजेगी या फिर यह गतिरोध और लंबा खिंचेगा।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

🚀 COMING SOON...

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms