
टीम इंडिया को घुटनों पर लाने वाला आयरिश बॉलर ढूंढ रहा है नौकरी! वायरल हुई 'Open To Work' प्रोफाइल
आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंद्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनने वाले मूंद्रा ने दूसरे मैच में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गजों को सस्ते में पवेलियन भेजा। लेकिन इस समय उनकी गेंदबाजी से ज्यादा, उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा 'Open To Work' का स्टेटस सुर्खियों में है।
खबर का निचोड़:
आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंद्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनने वाले मूंद्रा ने दूसरे मैच में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गजों को सस्ते में पवेलियन भेजा। लेकिन इस समय उनकी गेंदबाजी से ज्यादा, उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा 'Open To Work' का स्टेटस सुर्खियों में है।
भारतीय बैटिंग लाइन-अप की धज्जियां उड़ाने वाला नया सनसनी
क्रिकेट के मैदान पर कब कौन सा खिलाड़ी फर्श से अर्श पर पहुंच जाए, यह कहना मुश्किल है। भारत और आयरलैंड के बीच खेली गई टी20 सीरीज में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। आयरलैंड के युवा और तेज गेंदबाज जय मूंद्रा ने अपनी धारदार गेंदबाजी से भारतीय टीम के मजबूत बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। पूरी सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाज उनकी रफ्तार और स्विंग के सामने बेबस नजर आए। जय मूंद्रा ने सीरीज के महज 2 मैचों में 5 विकेट चटकाकर न सिर्फ सबको हैरान किया, बल्कि 'प्लेयर ऑफ द सीरीज़' के खिताब पर भी कब्जा जमाया।
एक ही ओवर में ढहा दिया भारत का टॉप ऑर्डर
सीरीज के दूसरे मुकाबले में जय मूंद्रा का कहर सातवें आसमान पर था। भारतीय टीम जिस मजबूत और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है, उसे मूंद्रा ने अकेले दम पर बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन, विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा और अनुभवी श्रेयस अय्यर को पिच पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। इन तीनों ही इन-फॉर्म बल्लेबाजों को बेहद सस्ते में आउट कर मूंद्रा ने मैच का रुख पूरी तरह आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया। उनकी इस घातक गेंदबाजी की बदौलत क्रिकेट जगत में उनके नाम की चर्चा तेज हो गई है।
मैदान पर बरपाया कहर, लिंक्डइन पर लगा है 'Open To Work'
एक तरफ जहां जय मूंद्रा मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों के विकेट उखाड़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उनके नाम का एक अलग ही ट्रेंड शुरू हो गया। मैच खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर मूंद्रा की प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट 'लिंक्डइन' (LinkedIn) की प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगा। इस प्रोफाइल पर सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात थी उनकी तस्वीर पर लगा 'Open To Work' का ग्रीन बैज। इसका सीधा मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत जैसी दिग्गज टीम के होश उड़ाने वाला यह गेंदबाज इस वक्त नौकरी की तलाश में है।
सोशल मीडिया पर फैंस ले रहे हैं मजे
जय मूंद्रा की इस वायरल प्रोफाइल ने सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। क्रिकेट फैंस लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ फैंस का कहना है कि भारत के खिलाफ इस तरह के प्रदर्शन के बाद अब उन्हें नौकरी ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि दुनिया भर की टी20 लीग्स और आईपीएल (IPL) की फ्रेंचाइजी खुद उनके पीछे भागेंगी। एक यूजर ने लिखा कि संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर का विकेट लेने वाले गेंदबाज को तो बिना किसी इंटरव्यू के ही सीधे टीम में रख लेना चाहिए। फिलहाल, मूंद्रा का यह 'Open To Work' स्टेटस खेल जगत के साथ-साथ कॉर्पोरेट जगत में भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (JE) के 3,993 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 14 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह तकनीकी क्षेत्र के युवाओं के लिए भारतीय रेलवे में करियर बनाने का एक बेहतरीन अवसर है।
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (JE) के 3,993 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 14 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह तकनीकी क्षेत्र के युवाओं के लिए भारतीय रेलवे में करियर बनाने का एक बेहतरीन अवसर है।
रेलवे में जूनियर इंजीनियर बनने का शानदार अवसर
भारतीय रेलवे ने तकनीकी क्षेत्र के योग्य उम्मीदवारों के लिए बंपर भर्तियों का ऐलान किया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ओर से जूनियर इंजीनियर (JE) के पदों के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया गया है। जो युवा लंबे समय से रेलवे में एक प्रतिष्ठित तकनीकी पद की तैयारी कर रहे थे, उनके लिए यह बेहतरीन मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 3,993 रिक्त पदों को भरा जाएगा, जो देश के अलग-अलग रेलवे जोन और प्रोडक्शन यूनिट्स में तैनात किए जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कल यानी 14 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रही है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 13 सितंबर 2026 तक अपना आवेदन आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सफलतापर्वक जमा कर सकते हैं। अंतिम समय में वेबसाइट पर आने वाले अत्यधिक ट्रैफिक और तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
योग्यता और चयन प्रक्रिया की मुख्य बातें
जूनियर इंजीनियर के इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य है। आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और विभिन्न विभागों के अनुसार पदों का पूरा विवरण आधिकारिक विज्ञापन में उपलब्ध है। उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल एग्जामिनेशन के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को अपनी तैयारी अभी से तेज कर देनी चाहिए।

गटर से कॉकरोच ही निकलेंगे, बुरा क्यों मानना: कंगना रनौत
अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बेबाक बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर लोग खुद को कॉकरोच मानते हैं, तो उनका गटर में रहना स्वाभाविक है। इस बयान के बाद बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
खबर का निचोड़
अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बेबाक बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर लोग खुद को कॉकरोच मानते हैं, तो उनका गटर में रहना स्वाभाविक है। इस बयान के बाद बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
कंगना का तीखा हमला और नया विवाद
बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने फिर से ऐसा बयान दिया है, जिसने बॉलीवुड गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। कंगना ने तीखा तंज कसते हुए साफ कहा कि अगर कोई खुद की तुलना कॉकरोच से करता है, तो उसे यह बात समझनी होगी कि कॉकरोच का ठिकाना गटर ही होता है।
कंगना ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तर्क दिया कि जो लोग खुद को कॉकरोच होने का दावा करते हैं, वे आखिर और कहां रहेंगे? जाहिर है कि वे गटर में ही दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि जब इंसान खुद ही अपनी तुलना ऐसे जीव से कर रहा है, तो फिर इस बात पर बुरा मानने या नाराज होने की कोई वजह नजर नहीं आती।
'मैं खुद को कॉकरोच नहीं मानती'
इंटरव्यू में जब उनसे इस तरह की टिप्पणियों पर सवाल पूछा गया, तो कंगना ने बिना किसी झिझक के अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद को कभी भी किसी कॉकरोच की तरह नहीं देखतीं। उनका मानना है कि इंसान को अपना स्वाभिमान और पहचान खुद तय करनी होती है। जो लोग अपनी तुलना ऐसे कीट-पतंगों से करते हैं, उन्हें मिलने वाले जवाबों के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
कंगना का यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स इस पर दो धड़ों में बंट गए हैं। एक तरफ जहां कंगना के फैंस उनके इस निडर और बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके आलोचक इस बयान को बेहद विवादास्पद और अमर्यादित बता रहे हैं।
पहले भी बयानों से गरमा चुकी है राजनीति
यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत ने अपनी बातों से राजनीतिक या सामाजिक गलियारों में नई बहस छेड़ी हो। इससे पहले भी वह फिल्म इंडस्ट्री, नेपोटिज्म और साथी कलाकारों पर खुलकर निशाना साधती रही हैं। कंगना अक्सर मानती हैं कि वह अपनी बात सीधे शब्दों में कहती हैं और उन्हें किसी की परवाह नहीं होती।
इस ताज़ा बयान के बाद एक बार फिर सिनेमा जगत और राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस पर अन्य हस्तियों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

कप्तानी की मांग पड़ी भारी, GT में हार्दिक की वापसी बंद
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या की गुजरात टाइटंस में वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद हो गए हैं। वापसी के लिए हार्दिक द्वारा रखी गई कप्तानी की शर्त को फ्रैंचाइज़ी ने सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले ने आईपीएल के अगले सीजन के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
खबर का निचोड़
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या की गुजरात टाइटंस में वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद हो गए हैं। वापसी के लिए हार्दिक द्वारा रखी गई कप्तानी की शर्त को फ्रैंचाइज़ी ने सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले ने आईपीएल के अगले सीजन के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
कप्तानी की शर्त पर अड़े हार्दिक
हार्दिक पंड्या की गुजरात टाइटंस (जीटी) में दोबारा एंट्री को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक ने अपनी पुरानी फ्रैंचाइज़ी जीटी में लौटने की इच्छा तो जताई थी, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी शर्त भी रख दी थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वे टीम में केवल तभी वापस आएंगे जब उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
हालांकि, गुजरात टाइटंस के मैनेजमेंट को हार्दिक की यह शर्त बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने इसे तुरंत ठुकरा दिया।
फ्रैंचाइज़ी ने दिखाया सख्त रुख
गुजरात टाइटंस के इस फैसले से साफ है कि फ्रैंचाइज़ी अपने मौजूदा नेतृत्व और टीम के ताने-बाने के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। टीम प्रबंधन ने यह संदेश दे दिया है कि किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत मांगें टीम के दीर्घकालिक हितों से बढ़कर नहीं हो सकतीं।
हार्दिक की मांग खारिज होने के साथ ही उनकी गुजरात टाइटंस में वापसी की बची-कुची उम्मीदें भी समाप्त हो गई हैं।
मुंबई इंडियंस के लिए बदला माहौल
मुंबई इंडियंस (एमआई) में पिछले सीजन के दौरान हार्दिक पंड्या का अनुभव मिला-जुला ही रहा था। रोहित शर्मा की जगह कप्तानी संभालने के बाद उन्हें फैंस के भारी विरोध और दबाव का सामना करना पड़ा था। जीटी में वापसी के दरवाजे बंद होने के बाद अब हार्दिक के लिए मुंबई इंडियंस में ही अपनी जगह मजबूत करना एकमात्र विकल्प नजर आ रहा है।
क्रिकेट गलियारों में नई हलचल
इस नए घटनाक्रम ने आगामी आईपीएल रिटेंशन और नीलामी से पहले क्रिकेट के गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुंबई इंडियंस का थिंक-टैंक हार्दिक पंड्या की भूमिका और कप्तानी को लेकर क्या अंतिम फैसला लेता है।

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर की फजीहत, पार्क में 'जंतर-मंतर सीजन 2' की बैठक के दौरान लोगों ने खदेड़ा
दिल्ली की एक रिहायशी सोसाइटी के पार्क में 'जंतर-मंतर सीजन 2' की रणनीति बना रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें पार्क से बाहर खदेड़ते हुए साफ कहा कि यहां कोई राजनीतिक नौटंकी नहीं चलेगी।
खबर का निचोड़
दिल्ली की एक रिहायशी सोसाइटी के पार्क में 'जंतर-मंतर सीजन 2' की रणनीति बना रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें पार्क से बाहर खदेड़ते हुए साफ कहा कि यहां कोई राजनीतिक नौटंकी नहीं चलेगी।
दिल्ली की सोसाइटी में राजनीतिक बैठक बनी फजीहत का कारण
राजधानी दिल्ली के राजनीतिक हलकों में अपनी अलग कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को हाल ही में एक अप्रत्याशित परिस्थिति का सामना करना पड़ा। बुधवार को दीपके अपने समर्थकों के साथ दिल्ली की एक रिहायशी सोसाइटी के पार्क में पहुंचे थे। उनका उद्देश्य आगामी राजनीतिक अभियान 'जंतर-मंतर सीजन 2' की रूपरेखा तैयार करना और रणनीति बनाना था। लेकिन पार्क में मौजूद आम नागरिकों को उनकी यह गतिविधि रास नहीं आई।
आम नागरिकों का फूटा गुस्सा, कहा- यह पार्क है, कोई धरना स्थल नहीं
पार्क में शांतिपूर्ण माहौल की उम्मीद लेकर आए स्थानीय लोग दीपके और उनकी टीम की मौजूदगी से बेहद नाराज हो गए। देखते ही देखते मौके पर भारी बहस शुरू हो गई। रिहायशी इलाके के निवासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक पार्क बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की जगह हैं, किसी राजनीतिक ड्रामेबाजी या रणनीतिक बैठकों का केंद्र नहीं। लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने अभिजीत दीपके और उनकी टीम को तुरंत पार्क खाली करने की चेतावनी दे दी।
'जंतर-मंतर सीजन 2' की योजना पर फिरा पानी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने सख्त रवैया अपनाते हुए अभिजीत दीपके से कहा, "यह जंतर-मंतर नहीं है, यहां आपकी नौटंकी बिल्कुल नहीं चलेगी।" लोगों के उग्र विरोध और तीखे तेवरों को देखते हुए दीपके और उनके समर्थकों को बिना किसी बहस के उल्टे पांव वहां से जाना पड़ा। जिस 'जंतर-मंतर सीजन 2' की शुरुआत वे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में करने की सोच रहे थे, उसका पहला कदम ही विवादों में घिर गया।
रिहायशी इलाकों में राजनीतिक गतिविधियों पर बढ़ता जन-आक्रोश
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आम जनता अब अपने रिहायशी क्षेत्रों में किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप या नौटंकी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। कॉकरोच जनता पार्टी के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर जनसमर्थन जुटाने की उनकी कोशिश को खुद जनता ने ही सिरे से खारिज कर दिया। फिलहाल इस पूरे वाकये का वीडियो और चर्चाएं सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं।

कंगना का नसीरुद्दीन शाह पर वार: 'पाकिस्तान प्रेम' पर उठाए सवाल
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ी' कहने के अपने बयान को सही ठहराया है। कंगना का कहना है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना गलत है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर हमेशा 'पाकिस्तान प्रेम' में डूबे रहने का गंभीर आरोप भी लगाया।
खबर का निचोड़
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ी' कहने के अपने बयान को सही ठहराया है। कंगना का कहना है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना गलत है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर हमेशा 'पाकिस्तान प्रेम' में डूबे रहने का गंभीर आरोप भी लगाया।
बयान पर बवाल: कंगना ने क्यों कहा 'लोमड़ी'?
बॉलीवुड की बेबाक अभिनेत्री कंगना रनौत अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर सफाई दी और उसे पूरी तरह जायज ठहराया। कंगना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के लिए 'लोमड़ी' शब्द का इस्तेमाल क्यों किया था। कंगना के मुताबिक, किसी भी देश के प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करना स्वीकार्य नहीं है और नसीरुद्दीन शाह का रवैया बेहद आपत्तिजनक था।
'पाकिस्तान प्रेम' पर साधा निशाना
कंगना रनौत ने केवल नसीरुद्दीन शाह पर हमला नहीं बोला, बल्कि उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग के एक वर्ग की मानसिकता पर भी कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि बॉलीवुड की फिल्मों में और कलाकारों की बातों में 'पाकिस्तान प्रेम' कब खत्म होगा? कंगना ने कहा कि जब भी देखो, कुछ लोग पाकिस्तान के प्रति अपनी सहानुभूति और प्यार जताने में ही लगे रहते हैं। उनका यह बयान फिल्म जगत में देश भक्ति और पड़ोसी देश के साथ संबंधों को लेकर छिड़ी बहस को एक बार फिर गरमा गया है।
बयानों की पुरानी जंग
यह पहला मौका नहीं है जब कंगना रनौत और नसीरुद्दीन शाह के बीच इस तरह की जुबानी जंग देखने को मिली है। इससे पहले भी दोनों कलाकार कई सामाजिक, राजनीतिक और बॉलीवुड से जुड़े मुद्दों पर आमने-सामने आ चुके हैं। नसीरुद्दीन शाह जहां अक्सर देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल और अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठाते रहे हैं, वहीं कंगना रनौत केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के समर्थन में खुलकर बोलती नजर आती हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कंगना का यह ताजा बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जहां एक तरफ कंगना के प्रशंसक राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उनके स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नसीरुद्दीन शाह के समर्थक कंगना के शब्दों के चयन पर सवाल उठा रहे हैं। कंगना का यह बयान आने वाले दिनों में फिल्म इंडस्ट्री के भीतर और बाहर राजनीतिक गलियारों में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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