
तेज प्रताप के घर बड़ी चोरी: ₹20 लाख कैश और 4 आईफोन गायब
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के पटना स्थित सरकारी आवास में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अलमारी में रखे करीब ₹20 लाख कैश के साथ 4 आईफोन 17 प्रो मैक्स, मैकबुक, आईपैड और सोने के जेवरात गायब हैं। इस हाई-प्रोफाइल चोरी का आरोप तेज प्रताप के निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर लगा है।
खबर का निचोड़ (Summary)
बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के पटना स्थित सरकारी आवास में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अलमारी में रखे करीब ₹20 लाख कैश के साथ 4 आईफोन 17 प्रो मैक्स, मैकबुक, आईपैड और सोने के जेवरात गायब हैं। इस हाई-प्रोफाइल चोरी का आरोप तेज प्रताप के निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर लगा है।
हाई-प्रोफाइल बंगले में बड़ी सेंधमारी
बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के पटना स्थित सरकारी आवास से सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए लाखों की चोरी को अंजाम दिया गया है। राजधानी के पॉश इलाके में स्थित इस हाई-प्रोफाइल बंगले में हुई इस घटना ने प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में खलबली मचा दी है। चोरों ने किसी बाहरी दीवार को नहीं फांदा, बल्कि सीधे उस अलमारी तक पहुंच बनाई जहां कीमती सामान और नकदी रखी हुई थी।
₹20 लाख कैश, आईफोन और सोने पर हाथ साफ
चोरी गए सामानों की लिस्ट काफी लंबी और चौंकाने वाली है। मिली जानकारी के मुताबिक, तेज प्रताप यादव के आवास से करीब ₹20,000,000 (20 लाख रुपये) की भारी-भरकम नकदी गायब है। इसके अलावा चोरों ने आधुनिक गैजेट्स और कीमती गहनों पर भी हाथ साफ किया है। गायब होने वाले सामानों में 4 आईफोन 17 प्रो मैक्स, 1 मैकबुक और 1 आईपैड जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। गहनों की बात करें तो अलमारी में रखी 2 तोला सोने की चेन और 1 सोने की अंगूठी भी गायब है।
डेटा चोरी होने का भी खतरा
इस पूरी वारदात में जो सबसे ज्यादा चिंताजनक बात है, वो है 2 हार्ड डिस्क का गायब होना। डिजिटल दौर में हार्ड डिस्क के भीतर बेहद संवेदनशील और निजी जानकारियां हो सकती हैं। एक पूर्व मंत्री और रसूखदार राजनीतिक परिवार के सदस्य के घर से हार्ड डिस्क का चोरी होना महकमे के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस डेटा का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है, यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस बिंदु को बेहद गंभीरता से देख रही हैं।
अपनों पर ही लगा दगाबाजी का आरोप
इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब शक की सुई किसी बाहरी अपराधी पर नहीं, बल्कि घर के ही एक बेहद करीबी शख्स पर जाकर टिकी। तेज प्रताप यादव के निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर इस पूरी चोरी को अंजाम देने का सीधा आरोप लगा है। मोतीलाल राय काफी समय से तेज प्रताप के साथ जुड़े हुए थे और उन्हें घर की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की जानकारी थी। पुलिस अब इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है और आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा बेहद करीबी बनकर ही घर में दाखिल होता है।

लखनऊ अग्निकांड का असर: कानपुर में फिजिक्सवाला समेत 22 कोचिंग सेंटर्स सील
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 मासूम जिंदगियां खत्म होने के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाए जाने पर 'फिजिक्सवाला' समेत 22 प्रमुख कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया गया है।
खबर का निचोड़ (Summary)
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 मासूम जिंदगियां खत्म होने के बाद प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाए जाने पर 'फिजिक्सवाला' समेत 22 प्रमुख कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया गया है।
लखनऊ की त्रासदी से जागा प्रशासन
लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक कोचिंग सेंटर में लगी आग ने जब 15 लोगों की जान ले ली, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इस भयावह घटना से सबक लेते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने तुरंत हरकत में आते हुए पूरे शहर में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई का मकसद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसे किसी भी हादसे को रोकना है।
कानपुर में बड़ा एक्शन, 'फिजिक्सवाला' समेत 22 संस्थान सील
केडीए की टीमों ने जब कानपुर के विभिन्न इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटर्स का औचक निरीक्षण किया, तो सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। इस अभियान के तहत कड़ा रुख अपनाते हुए प्राधिकरण ने बेहद लोकप्रिय संस्थान 'फिजिक्सवाला' (PhysicsWallah) सहित कुल 22 कोचिंग सेंटर्स पर ताला जड़ दिया। इन संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है, जिससे पूरे कोचिंग हब में खलबली मच गई है।
सुरक्षा मानकों और नियमों की धज्जियां उड़ीं
जांच के दौरान जो हकीकत सामने आई, वह बेहद डरावनी है। सील किए गए अधिकांश कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के बुनियादी इंतजाम तक नहीं थे। आपातकालीन निकास (Emergency Exits) की कमी, वेंटिलेशन न होना और क्षमता से अधिक छात्रों को बिठाना जैसी गंभीर खामियां पाई गईं। इसके अलावा, कई संस्थान बिना स्वीकृत भवन मानचित्र (Building Map) के अवैध रूप से संचालित हो रहे थे, जो छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खिलवाड़ है।
केडीए की दोटूक: नियमों से समझौता नहीं
कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद कड़े तेवर दिखाए हैं। केडीए प्रशासन का साफ कहना है कि छात्रों की जान के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी भी संस्थान को नहीं दी जा सकती। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि शहर में नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य संस्थानों पर भी इसी तरह की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जब तक मानक पूरे नहीं होंगे, तब तक इन संस्थानों को दोबारा खुलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रेलवे में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका: सेक्शन कंट्रोलर पदों पर बंपर भर्ती
भारतीय रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने सेक्शन कंट्रोलर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 से इस भर्ती के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
भारतीय रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने सेक्शन कंट्रोलर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 से इस भर्ती के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
युवाओं के लिए रेलवे में सुनहरा अवसर
भारतीय रेलवे देश के युवाओं के लिए हमेशा से ही रोजगार का एक बड़ा और भरोसेमंद जरिया रहा है। इसी कड़ी में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने इस साल की एक और बड़ी भर्ती का एलान कर दिया है। रेलवे ने सेक्शन कंट्रोलर (CEN 03/2026) के पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती उन सभी युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका है जो प्रशासनिक और परिचालन स्तर पर रेलवे का हिस्सा बनना चाहते हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए रेलवे अपने नेटवर्क को और अधिक कुशल और सुरक्षित बनाने के लिए नए टैलेंट को शामिल करेगा। इस पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को रेलवे के सुचारू संचालन में बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का मौका मिलता है।
आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें
अगर आप भी इस भर्ती का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको समय-सारणी का विशेष ध्यान रखना होगा। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए करीब एक महीने का समय दिया जाएगा।
ऑनलाइन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 14 अगस्त 2026 तय की गई है। आखिरी समय में वेबसाइट पर आने वाले भारी ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए उम्मीदवारों को यही सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण और आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया को पूरा कर लें।
पात्रता और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी
सेक्शन कंट्रोलर के इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को रेलवे बोर्ड द्वारा तय की गई सभी अनिवार्य योग्यताओं को पूरा करना होगा। भर्ती से जुड़ी विस्तृत शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा में मिलने वाली छूट, और वेतनमान (Pay Scale) की पूरी जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से देख सकते हैं।
इस भर्ती की चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता पर आधारित होगी। उम्मीदवारों को विभिन्न चरणों की परीक्षाओं से गुजरना होगा, जिसमें मुख्य रूप से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) शामिल होती है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा को पास करेंगे, उन्हें आगे के चरणों जैसे दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल टेस्ट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। रेलवे में नौकरी की सुरक्षा और बेहतरीन भत्तों के कारण इस परीक्षा में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होने की उम्मीद है।

अमोनिया गैस रिसाव: औद्योगिक उपयोग, पर्यावरणीय प्रभाव और सुरक्षा चुनौतियां
हाल ही में तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक निजी सीफूड प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस (NH_3) के रिसाव के कारण कई श्रमिक बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों, अमोनिया के रासायनिक गुणों और इसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को चर्चा में ला दिया है।
हाल ही में तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक निजी सीफूड प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस (NH_3) के रिसाव के कारण कई श्रमिक बीमार हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों, अमोनिया के रासायनिक गुणों और इसके मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को चर्चा में ला दिया है।
अमोनिया का रासायनिक परिचय और उत्पादन
अमोनिया (NH_3) एक तीखी, दम घोंटने वाली गंध वाली रंगहीन गैस है। यह नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बना एक सरल अकार्बनिक यौगिक है। प्राकृतिक रूप से यह कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के दौरान सूक्ष्म मात्रा में उत्पन्न होती है। औद्योगिक स्तर पर, इसे 'हैबर-बॉश प्रक्रिया' (Haber-Bosch Process) द्वारा निर्मित किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और दबाव पर आयरन उत्प्रेरक (Iron Catalyst) की उपस्थिति में वायुमंडलीय नाइट्रोजन की प्रतिक्रिया हाइड्रोजन से कराई जाती है।
प्रमुख औद्योगिक और कृषि अनुप्रयोग
वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अमोनिया का सबसे बड़ा उपयोग उर्वरक उद्योग में होता है। उत्पादित होने वाली लगभग 80% से अधिक अमोनिया का उपयोग यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम फॉस्फेट जैसे नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों को बनाने में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, अपनी उच्च शीतलन दक्षता (Cooling Efficiency) के कारण, इसका उपयोग खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योगों, कोल्ड स्टोरेज और सीफूड एक्सपोर्ट इकाइयों में रेफ्रिजरेंट (प्रशीतक) के रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
मानव स्वास्थ्य पर अमोनिया का प्रभाव
अमोनिया गैस पानी में अत्यधिक घुलनशील होती है। मानव शरीर के संपर्क में आने पर, यह त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र में मौजूद नमी के साथ प्रतिक्रिया करके अत्यधिक संक्षारक अमोनियम हाइड्रॉक्साइड बनाती है। इसके प्रभाव से आंखों में तेज जलन, अंधापन, गले में सूजन और सांस लेने में गंभीर रुकावट आ सकती है। उच्च सांद्रता में इसके संपर्क में आने से फेफड़ों में पानी भर सकता है (पल्मोनरी एडिमा) और दम घुटने से मृत्यु भी हो सकती है।
सुरक्षा मानक और विनियामक ढांचा
भारत में अमोनिया जैसी खतरनाक गैसों के भंडारण, निर्माण और आयात को 'खतरनाक रसायन निर्माण, भंडारण और आयात नियम, 1989' के तहत विनियमित किया जाता है। कारखानों में रासायनिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'कारखाना अधिनियम, 1948' के तहत सख्त गाइडलाइंस तय की गई हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, रिसाव डिटेक्शन सिस्टम और श्रमिकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) की उपलब्धता अनिवार्य है।
> परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Facts for Exam):
> रासायनिक सूत्र: NH_3 (हवा से हल्की गैस)।
> उत्पादन विधि: हैबर-बॉश प्रक्रिया (Haber-Bosch Process)।
> प्रकृति: अत्यधिक क्षारीय और पानी में अत्यधिक घुलनशील।
> संबंधित नोडल मंत्रालय: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय।
>

अधिक बच्चे पैदा करने वालों को मिले इनाम': बदरुद्दीन अजमल का बड़ा बयान
असम में विधायक (MLA) पद की शपथ लेते ही AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक नया विवाद छेड़ दिया है। घटती प्रजनन दर पर चिंता जताते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं और इनाम देना चाहिए। अजमल ने सरकार को इस निजी मामले से दूर रहने की नसीहत भी दी है।
असम में विधायक (MLA) पद की शपथ लेते ही AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने एक नया विवाद छेड़ दिया है। घटती प्रजनन दर पर चिंता जताते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार को अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को विशेष सुविधाएं और इनाम देना चाहिए। अजमल ने सरकार को इस निजी मामले से दूर रहने की नसीहत भी दी है।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सियासी धमाका
असम विधानसभा में नए सदस्य के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राज्य से लेकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। हमेशा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अजमल ने इस बार जनसंख्या और प्रजनन दर के संवेदनशील मुद्दे को छुआ है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि देश में गिरती प्रजनन दर एक गंभीर विषय है और सरकार को इस पर नियंत्रण लगाने के बजाय आबादी बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
'सरकार इस मामले में न पड़े'
अजमल ने अपने बयान में जनसंख्या नियंत्रण नीतियों पर सीधे तौर पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं, उन्हें हतोत्साहित करने के बजाय सरकार की तरफ से इनाम और सुविधाएं मिलनी चाहिए। AIUDF प्रमुख ने तर्क दिया कि बच्चे पैदा करना और परिवार का आकार तय करना किसी भी नागरिक का बेहद निजी फैसला है। उन्होंने कड़े लहजे में सरकार से कहा कि वह लोगों के इस व्यक्तिगत मामले में दखल देना बंद करे।
घटती प्रजनन दर पर जताई चिंता
अजमल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में कुल प्रजनन दर (TFR) में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने दलील दी कि आबादी का असंतुलन भविष्य के लिए ठीक नहीं है। हालांकि, जहां एक तरफ सरकारें और नीति निर्माता सीमित परिवार और जनसंख्या नियंत्रण के फायदों पर जोर देते हैं, वहीं अजमल का यह नजरिया इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय की जरूरतों को देखते हुए आबादी को बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
असम की राजनीति में गर्माया माहौल
बदरुद्दीन अजमल के इस रुख के बाद असम की सियासत में बयानबाजियों का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है। असम में पहले से ही जनसंख्या नीति और दो बच्चों के नियम को लेकर काफी बहस होती रही है। ऐसे में एक प्रमुख राजनीतिक दल के नेता द्वारा 'अधिक बच्चे, अधिक इनाम' की वकालत करना नए राजनीतिक समीकरणों और तीखी बहसों को जन्म दे रहा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस बयान को लेकर आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ सकता है।

मैदान पर उतरने से पहले विराट कोहली सुनते हैं यह खास गाना, खुद किया खुलासा
किंग कोहली यानी विराट कोहली जब मैदान पर बल्ला थामकर उतरते हैं, तो दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने से पहले विराट खुद को कैसे रीचार्ज करते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान ने हाल ही में अपने पसंदीदा गाने का खुलासा किया है, जिसे वह हर मैच से पहले सुनना पसंद करते हैं। यह गाना कोई और नहीं बल्कि मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला का 'विनिंग स्पीच' है। कोहली का मानना है कि इस गाने में उन्हें अपने जीवन के सफर की झलक दिखाई देती है।
किंग कोहली यानी विराट कोहली जब मैदान पर बल्ला थामकर उतरते हैं, तो दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने से पहले विराट खुद को कैसे रीचार्ज करते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान ने हाल ही में अपने पसंदीदा गाने का खुलासा किया है, जिसे वह हर मैच से पहले सुनना पसंद करते हैं। यह गाना कोई और नहीं बल्कि मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला का 'विनिंग स्पीच' है। कोहली का मानना है कि इस गाने में उन्हें अपने जीवन के सफर की झलक दिखाई देती है।
करण औजला के मुरीद हुए किंग कोहली
क्रिकेट की दुनिया में अपनी आक्रामकता और अनुशासन के लिए मशहूर विराट कोहली संगीत के भी बड़े शौकीन हैं। संगीत से उनका यह लगाव एक बार फिर खुलकर सामने आया है, जब उन्होंने पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार करण औजला की जमकर तारीफ की। विराट ने करण औजला के लेखन और उनके गानों की गहराई को सराहते हुए उन्हें एक बेहतरीन कलाकार बताया है।
विराट कोहली ने करण औजला से बात करते हुए कहा, "आप दिल से गाने लिखते हैं।" विराट का यह बयान साफ करता है कि वह केवल मनोरंजन के लिए गाने नहीं सुनते, बल्कि गानों के शब्दों और उनके पीछे की भावना को भी गहराई से महसूस करते हैं। करण औजला के लिखे गाने सीधे सुनने वालों के दिलों को छूते हैं और यही वजह है कि क्रिकेट का यह दिग्गज उनका मुरीद हो गया है।
'विनिंग स्पीच' से है गहरा नाता
गानों की अपनी लंबी प्लेलिस्ट में से विराट ने उस एक खास ट्रैक का नाम भी साझा किया जो उनके दिल के सबसे करीब है। कोहली ने बताया कि जिन गानों से वह सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं, उनमें करण औजला का 'विनिंग स्पीच' (Winning Speech) सबसे ऊपर है। यह गाना उनके लिए सिर्फ एक ट्रैक नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का जरिया बन चुका है।
विराट ने इस गाने से अपने जुड़ाव का कारण बताते हुए कहा, "मुझे इस गाने में अपने जीवन के सफर की भी झलक दिखाई देती है।" एक आम लड़के से लेकर विश्व क्रिकेट के शिखर तक पहुंचने का विराट का सफर उतार-चढ़ाव और कड़े संघर्षों से भरा रहा है। ऐसे में 'विनिंग स्पीच' के बोल उनके जीवन की कहानी, उनकी असफलताओं और फिर उनसे उबरकर मिली जीतों को बयां करते हैं।
मैच से पहले का विनर माइंडसेट
एक खिलाड़ी के लिए मैच से ठीक पहले का समय मानसिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। खुद को शांत रखना और साथ ही एक विनर माइंडसेट (जीतने की मानसिकता) तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। विराट कोहली ने खुलासा किया कि वह अक्सर मैच खेलने के लिए मैदान पर जाने से पहले इसी 'विनिंग स्पीच' गाने को सुनते हैं।
यह गाना मैदान पर उतरने से पहले उनके भीतर एक नई ऊर्जा और जोश भर देता है। खेल के प्रति उनका समर्पण और हर परिस्थिति में जीतने का जज्बा, इस गाने को सुनने के बाद और मजबूत हो जाता है। यही कारण है कि यह गाना अब उनके प्री-मैच रूटीन का एक अहम हिस्सा बन चुका है, जो उन्हें हर मुकाबले के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है।
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