Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नाखुश CJP, बड़े आंदोलन की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नाखुश CJP, बड़े आंदोलन की चेतावनी

Delight News
📅 29 Jul2026

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपराधिक इतिहास वाले प्रदर्शनकारियों को रिहा न करने का फैसला सुनाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। 'सिटीज़ंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे नामंजूर कर दिया है। संगठन ने अदालत के रुख के खिलाफ फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नाखुश CJP, बड़े आंदोलन की चेतावनी
खबर का निचोड़ (Summary):
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपराधिक इतिहास वाले प्रदर्शनकारियों को रिहा न करने का फैसला सुनाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। 'सिटीज़ंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे नामंजूर कर दिया है। संगठन ने अदालत के रुख के खिलाफ फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
शीर्ष अदालत का सख्त फैसला और बढ़ता विरोध
देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर दिया गया एक फैसला अब बड़े विवाद का रूप लेता दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रदर्शनकारियों का पुराना आपराधिक इतिहास है या जिन पर पहले से एफआईआर (FIR) दर्ज हैं, उन्हें कोई राहत नहीं दी जाएगी और न ही रिहा किया जाएगा। अदालत के इस रुख के सामने आते ही मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करना शुरू कर दिया है।
CJP ने खोला मोर्चा: "फैसला मंजूर नहीं"
अदालत के इस फैसले पर 'सिटीज़ंस फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट यह कह रहा है कि पहले से दर्ज एफआईआर वाले लोगों को रिहा नहीं किया जाएगा, तो यह निर्णय उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। CJP का मानना है कि प्रदर्शन के अधिकार और विचाराधीन मामलों को एक साथ जोड़कर देखना प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने जैसा है।
फिर बड़े आंदोलन की आहट
सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद CJP ने शांत बैठने की बजाय अपने तेवर और सख्त कर लिए हैं। संगठन ने साफ कर दिया है कि वह इस निर्णय के खिलाफ चुप नहीं रहेगा। प्रवक्ता ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस फैसले के विरोध में जल्द ही एक बार फिर से बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। संगठन का यह रुख इशारा करता है कि आने वाले दिनों में यह कानूनी और सामाजिक लड़ाई सड़कों पर भी देखने को मिल सकती है।
न्यायिक आदेश और जन-अधिकारों के बीच टकराव
प्रदर्शनकारियों की रिहाई से जुड़ा यह मामला अब कानून-व्यवस्था और मौलिक अधिकारों के बीच की एक जटिल बहस बन चुका है। एक तरफ जहां शीर्ष अदालत आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को लेकर सख्त रुख अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक संगठन इसे असहमति की आवाज दबाने के रूप में देख रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम ने न केवल न्यायिक फैसले पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक नए जमीनी संघर्ष की बुनियाद भी रख दी है।
श्वेता तिवारी के घर का 'नौकर' बन गया था: राजा चौधरी

श्वेता तिवारी के घर का 'नौकर' बन गया था: राजा चौधरी

Delight News
📅 29 Jul2026

टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने अपने टूटे रिश्ते पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राजा का कहना है कि श्वेता की सफलता के बीच वे घर में महज़ एक 'हाउस वाइफ', बिना वेतन वाले नौकर और ड्राइवर बनकर रह गए थे। उन्होंने श्वेता पर रिश्ता न बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।

श्वेता तिवारी के घर का 'नौकर' बन गया था: राजा चौधरी
सार (Summary)
टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने अपने टूटे रिश्ते पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राजा का कहना है कि श्वेता की सफलता के बीच वे घर में महज़ एक 'हाउस वाइफ', बिना वेतन वाले नौकर और ड्राइवर बनकर रह गए थे। उन्होंने श्वेता पर रिश्ता न बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्य खबर
टेलीविजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी का रिश्ता एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सालों पहले हुए इस हाई-प्रोफाइल तलाक के बावजूद, इस रिश्ते के कड़वे सच आज भी बाहर आ रहे हैं। हाल ही में राजा चौधरी ने अपनी नाकाम शादी और श्वेता तिवारी के साथ अपने बिगड़े समीकरणों पर खुलकर बात की है। उनके इस नए खुलासे ने ग्लैमर इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे छिपे काले सच को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।
'मैं बिना वेतन वाला नौकर बन गया था'
राजा चौधरी ने अपनी शादी के दिनों का जिक्र करते हुए अपना दर्द बयां किया है। उनका कहना है कि जब श्वेता तिवारी अपने करियर की ऊंचाइयों पर थीं और घर की मुख्य कमाऊ सदस्य बन गई थीं, तब राजा की भूमिका घर में पूरी तरह से हाशिए पर चली गई थी। राजा ने बेबाकी से कहा कि वह घर के भीतर महज़ एक 'हाउस वाइफ' बनकर रह गए थे। उन्होंने खुद को श्वेता का एक ऐसा घरेलू सहायक और ड्राइवर बताया, जिसे अपने काम के लिए कोई वेतन नहीं मिलता था।
कामयाबी के बीच खोता वजूद
मनोरंजन की दुनिया में यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि सफलता कई बार व्यक्तिगत रिश्तों पर भारी पड़ जाती है। राजा के बयानों से उनके वजूद के खोने की छटपटाहट साफ झलकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर की पूरी जिम्मेदारी संभालने और पत्नी को हर कदम पर सपोर्ट करने के बावजूद, उनकी कोई अहमियत नहीं बची थी। एक पति से 'अनपेड डोमेस्टिक हेल्पर' तक का यह सफर उनके लिए बेहद अपमानजनक और मानसिक रूप से तोड़ने वाला था।
लगातार झगड़े और बढ़ता तनाव
अपने इस दर्द को सामने रखते हुए राजा ने उन दिनों का भी जिक्र किया, जब उनके बीच दूरियां एक गहरी खाई में तब्दील हो गई थीं। उन्होंने बताया कि उन दोनों के बीच हर दिन तीखी बहस और भयंकर झगड़े होते थे। घर का माहौल इस कदर बिगड़ चुका था कि एक छत के नीचे रहना मुश्किल हो गया था। राजा के अनुसार, इस रिश्ते में आपसी समझ पूरी तरह खत्म हो चुकी थी और हर दिन एक नई कलह जन्म लेती थी।
श्वेता पर रिश्ते न बचाने का सीधा आरोप
अपने बयानों में राजा चौधरी ने अपनी पूर्व पत्नी पर सबसे गंभीर और तीखा आरोप यह लगाया है कि श्वेता ने कभी इस टूटते रिश्ते को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। अमूमन जब किसी रिश्ते में दरार आती है, तो उसे भरने के लिए दोनों तरफ से प्रयास किए जाते हैं। लेकिन राजा का साफ तौर पर मानना है कि श्वेता की तरफ से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इस शादी को बचाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और अंततः यह रिश्ता हमेशा के लिए बिखर गया।
विवादों के बीच कंगना रनौत का सौरव दास पर तीखा पलटवार

विवादों के बीच कंगना रनौत का सौरव दास पर तीखा पलटवार

Delight News
📅 29 Jul2026

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के उस बयान पर करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती। कंगना ने 28 वर्षीय सौरव दास को 'निठल्ला' बताते हुए कहा कि उनकी उम्र तक पहुंचने से पहले ही वे दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं।

विवादों के बीच कंगना रनौत का सौरव दास पर तीखा पलटवार
खबर का निचोड़
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास के उस बयान पर करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कंगना को उनकी अपनी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती। कंगना ने 28 वर्षीय सौरव दास को 'निठल्ला' बताते हुए कहा कि उनकी उम्र तक पहुंचने से पहले ही वे दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं।
राष्ट्रीय पुरस्कारों के दम पर कंगना का करारा जवाब
फिल्म अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में किसान आंदोलन से जुड़ी महिला प्रदर्शनकारियों पर दिए गए अपने बयानों के बाद वे लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई हैं। इस बीच, सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के 28 वर्षीय प्रवक्ता और शोधकर्ता सौरव दास ने उन पर तंज कसते हुए कहा था कि खुद उनकी पार्टी के लोग भी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते।
इस बयान पर पलटवार करते हुए कंगना ने सौरव दास की योग्यता और अनुभव पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सीधे तौर पर दास को निशाना बनाते हुए कहा कि जिस उम्र में सौरव दास इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उस उम्र में वे भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी थीं और उनके नाम दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दर्ज हो चुके थे।
'निठल्ला' कहकर सौरव दास पर किया हमला
कंगना रनौत ने सौरव दास को 'पूरी तरह बेकार और निठल्ला' करार देते हुए अपनी सफलताओं का जिक्र किया। उनका कहना था कि किसी पर टिप्पणी करने से पहले अपनी खुद की उपलब्धियों और क्षमता का मूल्यांकन करना जरूरी होता है। कंगना के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
सौरव दास ने अपने बयान में दावा किया था कि कंगना के गैर-जिम्मेदाराना बयानों के कारण उनकी अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है और पार्टी में उनकी बातों को कोई ज्यादा वजन नहीं दिया जाता। इसी बात पर कंगना का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अपनी कलात्मक सफलताओं को आधार बनाकर पलटवार किया।
'जनरेशन गटर' वाले बयान से गरमाई राजनीति
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने धरना दे रही महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें 'जनरेशन गटर' कहा था। इस बयान की राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक आलोचना हुई। विपक्ष ने कंगना के बयान को महिलाओं और प्रदर्शनकारियों का अपमान बताया था।
इसी घटनाक्रम के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना के बयानों और उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। फिलहाल, दोनों ओर से जारी यह वाकयुद्ध सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में सुर्खियों में बना हुआ है, जहां एक तरफ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ कंगना अपने काम और उपलब्धियों के जरिए विरोधियों को जवाब दे रही हैं।
कंगना की बयानबाजी पर CJP का तंज: अपनी पार्टी में भी नहीं गंभीर!

कंगना की बयानबाजी पर CJP का तंज: अपनी पार्टी में भी नहीं गंभीर!

Delight News
📅 29 Jul2026

बीजेपी सांसद कंगना रनौत के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर विवाद गहरा गया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब कंगना को उनकी अपनी ही पार्टी के लोग गंभीरता से नहीं लेते, तो जनता क्यों ले? सांसद बनने और काम को लेकर कंगना का पुराना बयान भी अब सुर्खियों में है।

कंगना की बयानबाजी पर CJP का तंज: अपनी पार्टी में भी नहीं गंभीर!
सार:
बीजेपी सांसद कंगना रनौत के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर विवाद गहरा गया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब कंगना को उनकी अपनी ही पार्टी के लोग गंभीरता से नहीं लेते, तो जनता क्यों ले? सांसद बनने और काम को लेकर कंगना का पुराना बयान भी अब सुर्खियों में है।
'गटर जनरेशन' वाले बयान पर गरमाई राजनीति
बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। हाल ही में उनके द्वारा दिए गए 'गटर जनरेशन' वाले बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से उन पर चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल में गर्माहट बढ़ा दी है।
CJP का करारा हमला: "कंगना को कौन गंभीरता से लेता है?"
कंगना की इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने करारा तंज कसा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि कंगना रनौत की बातों को अब कोई तवज्जो देने की जरूरत नहीं है। सौरव दास ने चुटकी लेते हुए कहा, "कंगना को उनकी अपनी पार्टी (बीजेपी) के लोग ही गंभीरता से नहीं लेते, फिर हम या देश की जनता उनकी बातों को गंभीरता से क्यों ले?" उनके इस बयान से स्पष्ट है कि विपक्षी खेमा कंगना की बयानबाजी को केवल ध्यान आकर्षित करने का जरिया मान रहा है।
संसद के काम को लेकर दिया था चौंकाने वाला बयान
CJP प्रवक्ता ने कंगना के उस पुराने बयान का भी जिक्र किया जो उन्होंने सांसद बनने के बाद दिया था। सौरव दास के अनुसार, कंगना ने एक वीडियो में खुद यह स्वीकार किया था कि उन्हें लगता था कि सांसद बनने के बाद बहुत कम काम करना पड़ता है। इस बयान को आधार बनाते हुए CJP ने उनकी कार्यप्रणाली और राजनीतिक गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। राजनीति में आने के बाद एक जनप्रतिनिधि से जिस जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है, कंगना के बयानों को उससे बिल्कुल विपरीत बताया जा रहा है।
विवादों से कंगना का पुराना नाता
कंगना रनौत का यह कोई पहला बयान नहीं है जिस पर बवाल मचा हो। फिल्मों में सक्रिय रहने के दौरान से ही वे अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जानी जाती रही हैं। लेकिन अब, मंडी से सांसद चुने जाने के बाद, उनके हर बयान को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। सांसद बनने के बाद भी उनके रुख में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे लगातार अपनी बयानबाजी से विरोधियों के निशाने पर बनी हुई हैं। CJP के ताजा हमले ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी भाषा और सोच कितनी तर्कसंगत है।
कॉकरोच गटर से निकले और मंत्री का इस्तीफा करा दिया': कंगना पर CJP का तीखा हमला

कॉकरोच गटर से निकले और मंत्री का इस्तीफा करा दिया': कंगना पर CJP का तीखा हमला

Delight News
📅 29 Jul2026

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के बयान पर बवाल खड़ा हो गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कंगना के 'गटर छाप' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इन्हीं लोगों ने गटर से निकलकर सड़क पर प्रदर्शन किया और एक मंत्री का इस्तीफा तक दिलवाया था।

'कॉकरोच गटर से निकले और मंत्री का इस्तीफा करा दिया': कंगना पर CJP का तीखा हमला
खबर का सार (Summary)
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के बयान पर बवाल खड़ा हो गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कंगना के 'गटर छाप' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि इन्हीं लोगों ने गटर से निकलकर सड़क पर प्रदर्शन किया और एक मंत्री का इस्तीफा तक दिलवाया था।
जब कंगना के बयान पर भड़का राजनीतिक विवाद
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के बयानों को लेकर अक्सर विवाद खड़ा होता रहता है, लेकिन इस बार मामला और अधिक गर्मा गया है। कंगना के 'गटर छाप' वाले बयान पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बेहद कड़ा और धारदार जवाब दिया है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सत्ता पक्ष को उनके अतीत के आंदोलनों की याद दिलाई है।
'इन्हीं कॉकरोचों ने सड़क पर उतरकर मंत्री का इस्तीफा कराया'
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कंगना रनौत की टिप्पणी का जवाब देते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें 'गटर छाप' या 'कॉकरोच' कहकर खारिज करने की कोशिश की जा रही है, वे जनता की आवाज हैं। रांका ने कहा, "यह याद रखिएगा, इन्हीं कॉकरोचों ने गटर से निकलकर सड़क पर आकर आपके एक मंत्री का इस्तीफा दिलवा दिया।"
रांका का यह बयान उस जन-आंदोलन और राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है, जिसके चलते सत्ता में बैठे बड़े चेहरों को भी अपना पद छोड़ना पड़ा था।
सीजेपी का प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
आशुतोष रांका के इस तीखे हमले के पीछे एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम जुड़ा हुआ है। गौरतलब है कि सीजेपी (CJP) द्वारा किए गए बड़े स्तर के विरोध-प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
पार्टी का कहना है कि जब आम लोग और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरते हैं, तो बड़ी से बड़ी सत्ता को भी जनता की मांगों के आगे झुकना पड़ता है। इसलिए किसी भी वर्ग या आंदोलनकारियों के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना राजनीति के स्तर को गिराता है।
कंगना की बयानबाजी पर फिर उठे सवाल
कंगना रनौत के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भाषा की मर्यादा को लेकर बहस छिड़ गई है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को बोलते समय संयम और गरिमा बनाए रखनी चाहिए। सीजेपी के इस पलटवार के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंगना रनौत या उनकी पार्टी इस तीखे हमले पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
कैमरा ऐंगल नहीं, दिल का नज़रिया बदलिए': प्रियंका का पीएम पर तंज

कैमरा ऐंगल नहीं, दिल का नज़रिया बदलिए': प्रियंका का पीएम पर तंज

Delight News
📅 29 Jul2026

ऐंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेल्फी वीडियोज़ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और Gen-Z का भरोसा जीतने के लिए सिर्फ कैमरा ऐंगल बदलने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए सरकार को अपने दिल का नज़रिया बदलना होगा।

'कैमरा ऐंगल नहीं, दिल का नज़रिया बदलिए': प्रियंका का पीएम पर तंज
खबर का निचोड़
ऐंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेल्फी वीडियोज़ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और Gen-Z का भरोसा जीतने के लिए सिर्फ कैमरा ऐंगल बदलने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए सरकार को अपने दिल का नज़रिया बदलना होगा।
युवाओं के भरोसे और राजनीति के अलग-अलग 'ऐंगल'
संसद के पटल पर ऐंटी-पेपर लीक बिल को लेकर जारी बहस के दौरान माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया उपस्थिति पर तीखा प्रहार किया। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए सेल्फी वीडियोज़ का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
राजनीतिक बयानबाज़ी के इस दौर में प्रियंका गांधी ने जिस शब्दावली का चयन किया, उसने न सिर्फ सदन का ध्यान खींचा बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
Gen-Z को साधने की कोशिशों पर तीखा हमला
प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का युवा, खासकर Gen-Z (नई पीढ़ी), आज अपने भविष्य, परीक्षाओं की शुचिता और रोजगार को लेकर गहरे तनाव में है। ऐसे समय में सिर्फ आधुनिक कंटेंट क्रिएशन या अलग-अलग ऐंगल से शूट किए गए वीडियोज़ के ज़रिए युवाओं को आश्वस्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर आप Gen-Z का भरोसा वापस जीतना चाहते हैं तो अलग-अलग कैमरा ऐंगल से वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। कैमरा का ऐंगल नहीं, अपने दिल का नज़रिया बदलिए।"
पेपर लीक मुद्दा और युवाओं की नाराज़गी
ऐंटी-पेपर लीक बिल पर हो रही यह चर्चा देश में लगातार सामने आ रहे भर्ती परीक्षाओं के घोटालों और पर्चा लीक की घटनाओं के पृष्ठभूमि में बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल कड़े कानून बनाने और सोशल मीडिया पर अपनी छवि चमकाने में जुटी है, जबकि ज़मीनी स्तर पर परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस इच्छाशक्ति की कमी है।
प्रियंका गांधी के इस बयान को युवाओं के बीच सरकार की छवि को लेकर चल रहे विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि युवाओं की समस्याओं का समाधान प्रचार के तरीकों में बदलाव से नहीं, बल्कि नीति और नीयत में बदलाव से ही संभव है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं। पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना and अफवाहों से दूर सिर्फ सत्यापित तथ्य परोसना ही हमारा मुख्य संकल्प है।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन, निर्बाध वीडियो स्ट्रीमिंग और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

🚀 COMING SOON...

हमारा आधिकारिक एंड्रॉइड एप्लिकेशन Google Play Store पर बहुत जल्द लाइव होने जा रहा है। अपडेट मिलते ही डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध करा दी जाएगी।

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms