
सरकारी नौकरी का बड़ा मौका: DSSSB में 1979 पदों पर बम्पर भर्ती
दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) ने विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस अभियान के तहत कुल 1979 खाली पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 16 जून 2026 से लेकर 15 जुलाई 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) ने विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस अभियान के तहत कुल 1979 खाली पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 16 जून 2026 से लेकर 15 जुलाई 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
युवाओं के लिए दिल्ली में करियर बनाने का सुनहरा अवसर
दिल्ली में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार खबर है। दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) ने विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत एक बड़ा भर्ती नोटिफिकेशन जारी किया है। इस बार बोर्ड ने एक या दो नहीं, बल्कि कुल 1979 पदों पर नियुक्तियों के लिए आवेदन मांगे हैं। जो उम्मीदवार देश की राजधानी में एक प्रतिष्ठित सरकारी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनके लिए यह अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतरीन मौका है।
आवेदन की तारीखें और समय सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी गई है। उम्मीदवार 16 जून 2026 से ही अपने फॉर्म भर पा रहे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई है। आखिरी समय में वेबसाइट पर होने वाली संभावित तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी कर लें।
आयु सीमा और पात्रता के नियम
DSSSB ने अलग-अलग पदों की प्रकृति और जिम्मेदारी के हिसाब से शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा तय की है। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 से 20 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं, अलग-अलग पदों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा 27 से 37 वर्ष के बीच रखी गई है। उम्मीदवार की आयु की गणना 15 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के आवेदकों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी, जिसका विस्तृत विवरण आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखा जा सकता है।
चयन प्रक्रिया और तैयारी की रणनीति
इन 1979 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षा और पद की आवश्यकता के अनुसार स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को अभी से अपनी तैयारी की रूपरेखा तैयार कर लेनी चाहिए। समय पर सिलेबस को समझना, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना और लगातार मॉक टेस्ट देना इस परीक्षा को पास करने की कुंजी साबित हो सकता है। आवेदन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गाइडलाइन को ध्यान से पढ़ने के बाद ही फॉर्म सबमिट करें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की त्रुटि से बचा जा सके।

बाबा रामदेव और बृजभूषण सिंह के बीच सुलह, पतंजलि घी पर विराम
योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पतंजलि घी की शुद्धता को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। नई दिल्ली में एक मुलाकात के दौरान दोनों दिग्गजों ने हाथ मिलाकर गिले-शिकवे भुला दिए। रामदेव ने घी की शुद्धता का दावा करते हुए खुला चैलेंज दिया है।
> खबर का निचोड़:
> योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पतंजलि घी की शुद्धता को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। नई दिल्ली में एक मुलाकात के दौरान दोनों दिग्गजों ने हाथ मिलाकर गिले-शिकवे भुला दिए। रामदेव ने घी की शुद्धता का दावा करते हुए खुला चैलेंज दिया है।
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विवाद की पृष्ठभूमि और मुलाक़ात
राजनीति और आयुर्वेद जगत के दो चर्चित चेहरों के बीच कुछ समय से अनबन की खबरें तूल पकड़ रही थीं। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा पतंजलि घी की शुद्धता पर सवाल उठाए जाने के बाद से यह मामला सुर्खियों में था। लेकिन नई दिल्ली में हुई एक अप्रत्याशित मुलाकात ने तमाम अटकलों पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया। दोनों नेताओं ने आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात की और गिले-शिकवे दूर किए।
शुद्धता का खुला चैलेंज और खंडन
मुलाकात के बाद योग गुरु बाबा रामदेव ने मीडिया और जनता के सामने बेहद आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में खंडन करते हुए कहा कि पतंजलि का घी किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय लैब टेस्ट में कभी फेल नहीं हुआ है। रामदेव ने आलोचकों को खुला चैलेंज देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि उनकी संस्था द्वारा बनाई जाने वाली दवाइयां और उत्पाद पूरी तरह प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता वाले हैं। उनके इस कड़े रुख से विरोधियों के दावों की हवा निकल गई है।
गलतफहमियों का अंत और नया संदेश
इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि आपसी बातचीत से बड़े से बड़े मुद्दों को सुलझाया जा सकता है। दोनों दिग्गजों के हाथ मिलाने से उनके समर्थकों के बीच फैली गलतफहमियां दूर हो गई हैं। इस मेल-मिलाप के बाद बाजार में पतंजलि के उत्पादों को लेकर चल रही चर्चाओं और नकारात्मक प्रचार पर भी लगाम लग गई है। यह घटनाक्रम सार्वजनिक जीवन में संवाद के महत्व को रेखांकित करता है।

एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: 7500 पदों के लिए आवेदन शुरू
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 7500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 7500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
भर्ती की मुख्य बातें और तिथियां
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) द्वारा आयोजित इस एमपी पुलिस कांस्टेबल जीडी रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि 22 सितंबर 2026 है और इसके लिए अंतिम तिथि 06 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी विवरण
जो उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे पात्रता, पदों की संख्या, चयन प्रक्रिया, वेतनमान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से जुड़ा आधिकारिक नोटिफिकेशन अच्छी तरह पढ़ लें। यह उन युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है जो मध्य प्रदेश पुलिस बल में शामिल होकर देश और राज्य की सेवा करना चाहते हैं। तय समय सीमा के भीतर अपना फॉर्म भरकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।

गोविंदा से शादी पर सुनीता आहुजा का बड़ा बयान
अफेयर के तमाम आरोपों और चर्चाओं के बीच अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहुजा ने खुलकर बात की है. उन्होंने साफ किया है कि उन्हें गोविंदा से शादी करने का कोई पछतावा नहीं है और वह आज भी उनसे उतना ही प्यार करती हैं.
अफेयर के तमाम आरोपों और चर्चाओं के बीच अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहुजा ने खुलकर बात की है. उन्होंने साफ किया है कि उन्हें गोविंदा से शादी करने का कोई पछतावा नहीं है और वह आज भी उनसे उतना ही प्यार करती हैं.
शादी के पछतावे पर क्या बोलीं सुनीता आहूजा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहुजा की पर्सनल लाइफ अक्सर सुर्खियों में रहती है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनीता ने अपनी मैरिड लाइफ से जुड़े कई तीखे सवालों के बेबाक जवाब दिए हैं. उन्होंने उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि उन्हें गोविंदा से शादी करके कोई पछतावा है. सुनीता ने स्पष्ट रूप से इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि उनके मन में इस रिश्ते को लेकर किसी भी तरह का कोई मलाल नहीं है.
प्यार में सब कुछ भूल गईं सुनीता
गोविंदा पर अतीत में एक एक्ट्रेस के साथ अफेयर होने के आरोप लग चुके हैं. इन गंभीर आरोपों के बावजूद सुनीता का रुख हमेशा से अपने पति के प्रति वफादार और मजबूत रहा है. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने प्यार को बयां करते हुए कहा कि वह गोविंदा से बेहद प्यार करती थीं. उनका यह भी मानना है कि प्यार सचमुच अंधा होता है, जिसके आगे इंसान को बाकी की दुनिया की परवाह नहीं रहती है.
शुरुआती मुलाकातों की यादें और इंसानियत
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए सुनीता ने गोविंदा के साथ बिताए गए पलों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार गोविंदा से मिली थीं, तब वह एक बेहद अच्छे और ईमानदार इंसान हुआ करते थे. उनकी यही सादगी और अच्छाई थी जिसने सुनीता का दिल जीत लिया था. आज भी वह उन पुरानी यादों को संजोकर रखती हैं और अपने रिश्ते को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही हैं.

डीएम मेधा रूपम के वेतन कटौती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट ने एक्टिविस्ट-छात्रा आकृति की एनएसए हिरासत से जुड़े मामले में गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटने के निर्देश के खिलाफ दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में केवल डीएम को अकेले जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
सुप्रीम कोर्ट ने एक्टिविस्ट-छात्रा आकृति की एनएसए हिरासत से जुड़े मामले में गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटने के निर्देश के खिलाफ दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में केवल डीएम को अकेले जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
मामले की पृष्ठभूमि और याचिका
गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम की सैलरी से 5 लाख रुपये काटने के निर्देश दिए गए थे. यह मामला एक्टिविस्ट-छात्रा आकृति की एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) हिरासत से जुड़ा हुआ है. इस निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर अदालत ने अब अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
कोर्ट की तीखी टिप्पणी और दलीलें
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणियां कीं. अदालत ने कहा कि हिरासत का आदेश देने की पूरी प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी हुई थी. इस पर यह बात सामने आई कि जब यह प्रक्रिया ऊपर से नीचे की तरफ चली है, तो इसके लिए अकेले जिलाधिकारी (DM) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. कोर्ट ने यह भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि इन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता.

पाकिस्तानी पीएम का पुराना बयान वायरल: न्यूयार्क में घूमने वाला कबूलनामा
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में आतंकवादियों को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का पिछले साल का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर अचानक से फिर से वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो क्लिप ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें उनके अजीबोगरीब बयान पर दुनिया भर के यूज़र्स अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में आतंकवादियों को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का पिछले साल का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर अचानक से फिर से वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो क्लिप ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें उनके अजीबोगरीब बयान पर दुनिया भर के यूज़र्स अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
शहबाज़ शरीफ का वायरल बयान
सोशल मीडिया पर छाए इस वीडियो में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ मंच से आतंकवादियों के संदर्भ में बात करते हुए नजर आ रहे हैं। उनके इस पुराने भाषण का वीडियो जैसे ही ऑनलाइन सामने आया, इंटरनेट पर इसकी चर्चा तेज हो गई। इस वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद से ही कूटनीतिक हलकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसकी अलग-अलग तरीके से समीक्षा कर रहे हैं।
वीडियो में क्या कहा गया था
वायरल हो रहे इस वीडियो फुटेज में शहबाज़ शरीफ यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि, “अगर हम इन आतंकवादियों को नहीं मारते तो वे न्यूयॉर्क और लंदन की सड़कों पर घूम रहे होते।” उनके इस विवादास्पद बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से सनसनी फैला दी है। लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि देश के शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएं
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, यूज़र्स ने इस पर खुलकर अपनी नाराजगी और हैरानी व्यक्त करनी शुरू कर दी। इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक सोशल मीडिया यूज़र ने सीधा सवाल उठाया और पूछा कि, "यह कैसा कबूलनामा है?" इस तरह के तीखे सवालों और टिप्पणियों ने इस पूरे मामले को और अधिक गर्मा दिया है, जिससे पाकिस्तानी नेतृत्व की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
Delight News
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