Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
संसद में प्रियंका गांधी की जुबान फिसली: 750 करोड़ छात्रों के पेपर लीक का दावा, बीजेपी का तीखा हमला

संसद में प्रियंका गांधी की जुबान फिसली: 750 करोड़ छात्रों के पेपर लीक का दावा, बीजेपी का तीखा हमला

Delight News
📅 31 Jul2026

संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की जुबान फिसल गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में 152 पेपर लीक मामलों से 750 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इस बयान के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है।

संसद में प्रियंका गांधी की जुबान फिसली: 750 करोड़ छात्रों के पेपर लीक का दावा, बीजेपी का तीखा हमला
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की जुबान फिसल गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में 152 पेपर लीक मामलों से 750 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इस बयान के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है।
लोकसभा में भाषण के दौरान हुई चूक
संसद भवन के भीतर जब देश के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के भविष्य से जुड़े 'पेपर लीक विरोधी विधेयक' पर गर्मा-गर्म बहस चल रही थी, तभी कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के एक बयान ने सभी का ध्यान खींच लिया। अपनी बात को जोर-शोर से रखते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे 750 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी जोड़ा कि इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के बावजूद अब तक एक भी शिक्षा माफिया को सजा नहीं मिल सकी है। हालांकि, आंकड़े बोलते समय हुई इस मानवीय भूल के बाद सदन से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
बीजेपी का पलटवार: 'जमीन से कटे हैं कांग्रेस नेता'
प्रियंका गांधी के इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने इसे हाथों-हाथ लिया और विपक्षी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। बीजेपी नेता अशोक सिंघल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से धरातल से कट चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश की कुल आबादी ही 140 करोड़ के आसपास है, वहां 750 करोड़ छात्रों के प्रभावित होने की बात कहना यह दर्शाता है कि नेताओं को जमीनी आंकड़ों और तथ्यों की कितनी समझ है।
बीजेपी का कहना है कि विपक्ष गंभीर मुद्दों पर भी बिना तैयारी के आता है और केवल सनसनी फैलाने के लिए बिना सोचे-समझे बयानबाजी करता है।
आंकड़े, विवाद और राजनीति
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब देश में नीट (NEET) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी बड़ी परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा चरम पर है। विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार सख्त कानून लाकर व्यवस्था सुधारने का दावा कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाषण के दौरान इस तरह की जुबान फिसलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब मामला देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हो और बात संसद के पटल पर हो रही हो, तो हर एक शब्द और आंकड़ा मायने रखता है। प्रियंका गांधी की इस एक चूक ने फिलहाल बीजेपी को एक बड़ा राजनीतिक हथियार थमा दिया है।
2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

Delight News
📅 15 Sep2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारें इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।

2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह
खबर का निचोड़
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारें इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।
UCC पर गृह मंत्री का बड़ा ऐलान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए देश की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन वाले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। शाह के इस बयान के बाद देश भर में एक बार फिर यूसीसी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक सुधार पर जोर
गृह मंत्री ने अपनी बात रखते हुए तीन तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक जैसी प्रथा को समाप्त करके एनडीए सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को समाज में समान अधिकार और सुरक्षा देने का ऐतिहासिक काम किया है। शाह ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण और कानूनों में समानता लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। देश के नागरिक ढाँचे में सुधार के लिए यूसीसी को एक अनिवार्य कदम माना जा रहा है।
कई राज्यों में शुरुआत और आगे का रोडमैप
अमित शाह ने याद दिलाया कि एनडीए सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती भी है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में यूसीसी को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है और कई अन्य राज्यों में इसकी प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से उन सभी 21 राज्यों में इस कानून को प्रभावी बनाना है जहाँ एनडीए की सरकारें काम कर रही हैं। 2029 से पहले का यह लक्ष्य यह साफ दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर और तैयार है।
राष्ट्रीय स्तर पर दूरगामी प्रभाव
21 राज्यों में समान नागरिक संहिता का लागू होना भारत के कानूनी और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है। विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान कानून होगा। शाह के इस बयान को आने वाले समय में देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और कानूनी सुधारों में से एक के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह

Delight News
📅 15 Sep2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारें इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।

2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC: अमित शाह
खबर का निचोड़
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकारें इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।
UCC पर गृह मंत्री का बड़ा ऐलान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए देश की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन वाले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। शाह के इस बयान के बाद देश भर में एक बार फिर यूसीसी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक सुधार पर जोर
गृह मंत्री ने अपनी बात रखते हुए तीन तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक जैसी प्रथा को समाप्त करके एनडीए सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को समाज में समान अधिकार और सुरक्षा देने का ऐतिहासिक काम किया है। शाह ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण और कानूनों में समानता लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। देश के नागरिक ढाँचे में सुधार के लिए यूसीसी को एक अनिवार्य कदम माना जा रहा है।
कई राज्यों में शुरुआत और आगे का रोडमैप
अमित शाह ने याद दिलाया कि एनडीए सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती भी है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में यूसीसी को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है और कई अन्य राज्यों में इसकी प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से उन सभी 21 राज्यों में इस कानून को प्रभावी बनाना है जहाँ एनडीए की सरकारें काम कर रही हैं। 2029 से पहले का यह लक्ष्य यह साफ दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर और तैयार है।
राष्ट्रीय स्तर पर दूरगामी प्रभाव
21 राज्यों में समान नागरिक संहिता का लागू होना भारत के कानूनी और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है। विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान कानून होगा। शाह के इस बयान को आने वाले समय में देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और कानूनी सुधारों में से एक के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दिशा सालियान केस: 6 साल बाद सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

दिशा सालियान केस: 6 साल बाद सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

Delight News
📅 15 Sep2026

बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मौत मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती सहित कई बड़ी हस्तियों पर हत्या और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप हैं। इस सनसनीखेज खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है।

दिशा सालियान केस: 6 साल बाद सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
खबर का निचोड़
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दिशा सालियान मौत मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती सहित कई बड़ी हस्तियों पर हत्या और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप हैं। इस सनसनीखेज खुलासे से महाराष्ट्र की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है।
दिशा सालियान मामला: छह साल बाद न्याय की आस
बॉलीवुड और राजनीतिक गलियारों को झकझोर देने वाले दिशा सालियान मौत मामले में आखिरकार छह साल के लंबे इंतजार के बाद नया मोड़ आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस बहुचर्चित मामले में आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर से इस हाई-प्रोफाइल रहस्य को देश के मुख्य पटल पर ला दिया है।
आदित्य ठाकरे और रिया चक्रवर्ती समेत कई नाम शामिल
दर्ज की गई इस नई एफआईआर में कई प्रभावशाली और वीआईपी नाम सामने आए हैं। इनमें शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली, और रिया चक्रवर्ती के अलावा तत्कालीन पुलिस अधिकारी और कुछ चिकित्सक भी शामिल हैं। इन सभी पर हत्या, गैंगरेप, आपराधिक साजिश रचने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने जैसे बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए गए हैं।
सूरज पंचोली की सफाई और राजनीतिक घमासान
इस बड़े घटनाक्रम के बाद अभिनेता सूरज पंचोली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि वे अपने जीवन में कभी भी दिशा सालियान से नहीं मिले हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के तार अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत से भी जुड़ रहे हैं, जिसके चलते महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है और सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है।
UPSC भर्ती 2026: स्पेशलिस्ट और लॉ ऑफिसर पदों के लिए मौका

UPSC भर्ती 2026: स्पेशलिस्ट और लॉ ऑफिसर पदों के लिए मौका

Delight News
📅 15 Sep2026

संघ लोक सेवा आयोग ने साल 2026 के लिए स्पेशलिस्ट, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर और लॉ ऑफिसर के विभिन्न पदों पर भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 2 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह देश के प्रतिष्ठित विभागों में उच्च पद पाने का सुनहरा अवसर है।

UPSC भर्ती 2026: स्पेशलिस्ट और लॉ ऑफिसर पदों के लिए मौका
संघ लोक सेवा आयोग ने साल 2026 के लिए स्पेशलिस्ट, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर और लॉ ऑफिसर के विभिन्न पदों पर भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 2 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह देश के प्रतिष्ठित विभागों में उच्च पद पाने का सुनहरा अवसर है।
सरकारी नौकरी का शानदार मौका
सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने एक बार फिर बड़ा अवसर पेश किया है। आयोग ने विज्ञापन संख्या 11/2026 के तहत स्पेशलिस्ट, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर और लॉ ऑफिसर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार देश की सेवा में उच्च प्रशासनिक और कानूनी पदों पर अपनी जगह बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह नोटिफिकेशन किसी बड़े अवसर से कम नहीं है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो 12 सितंबर 2026 को खोल दी गई थी। योग्य उम्मीदवार 2 अक्टूबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना फॉर्म सफलतापूर्वक जमा कर सकते हैं। तय की गई अंतिम तिथि के बाद किसी भी माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें।
योग्यता और चयन का आधार
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अनुभव होना अनिवार्य है। अलग-अलग विभागों के अनुसार आयु सीमा, शैक्षणिक पात्रता और चयन प्रक्रिया के नियम तय किए गए हैं। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा या साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में उपलब्ध कराई गई है।
आवेदन करने का तरीका
इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र भरने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आयु सीमा, वेतनमान, और सिलेबस से जुड़ी सभी जानकारियों को आधिकारिक विज्ञापन में अच्छी तरह जांच लें ताकि फॉर्म भरते समय किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
सीलियक रोग और ग्लूटेन-मुक्त आहार: यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आयाम

सीलियक रोग और ग्लूटेन-मुक्त आहार: यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आयाम

Delight News
📅 15 Sep2026

सीलियक रोग एक आनुवंशिक ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें ग्लूटेन के सेवन से छोटी आंत को गंभीर क्षति पहुंचती है। इसका एकमात्र उपचार जीवनभर सख्त ग्लूटेन-मुक्त आहार का पालन करना है। यह स्थिति कुपोषण, आंतों की क्षति और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।

सीलियक रोग और ग्लूटेन-मुक्त आहार: यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आयाम
सारांश
सीलियक रोग एक आनुवंशिक ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें ग्लूटेन के सेवन से छोटी आंत को गंभीर क्षति पहुंचती है। इसका एकमात्र उपचार जीवनभर सख्त ग्लूटेन-मुक्त आहार का पालन करना है। यह स्थिति कुपोषण, आंतों की क्षति और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है।
परिचय एवं पृष्ठभूमि
सीलियक रोग (Celiac Disease) एक गंभीर ऑटोइम्यून स्थिति है जो मुख्य रूप से छोटी आंत को प्रभावित करती है। इस रोग से ग्रसित व्यक्तियों में ग्लूटेन—जो कि गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है—का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली आंतों के अस्तर पर हमला कर देती है। इससे आंतों के विली (Villi) नष्ट हो जाते हैं, जो पोषक तत्वों को अवशोषित करने का कार्य करते हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव एवं जटिलताएं
इस विकार के अनुपचारित रहने पर शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों, विटामिन और खनिजों की भारी कमी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप ऑस्टियोपोरोसिस, एनीमिया, बांझपन, तंत्रिका संबंधी विकार और विकास में रुकावट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक आंतों की सूजन बने रहने से लिम्फोमा और छोटी आंत के कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
उपचार एवं प्रबंधन की अनिवार्यता
सीलियक रोग का वर्तमान में कोई चिकित्सीय इलाज या औषधि उपलब्ध नहीं है। इसका एकमात्र प्रभावी प्रबंधन जीवनभर सख्त रूप से ग्लूटेन-मुक्त आहार का पालन करना है। इस आहार शैली को अपनाने से छोटी आंत की क्षतिग्रस्त कोशिकाएं पुनर्जीवित हो जाती हैं, आंत का स्वास्थ्य सुधरता है और भविष्य में होने वाली गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं की रोकथाम संभव हो पाती है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App