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₹20 की चीनी पर वाजपेयी का वायरल बयान, जानें पूरा सच

₹20 की चीनी पर वाजपेयी का वायरल बयान, जानें पूरा सच

Delight News
📅 24 Aug2026

देश के कई राज्यों में चीनी के दाम 65 से 69 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक दशक पुराना वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। महंगाई और सरकारी कुप्रबंधन पर उठते सवालों के बीच वाजपेयी का यह बयान आज के हालात पर भी बिल्कुल सटीक बैठता दिख रहा है।

₹20 की चीनी पर वाजपेयी का वायरल बयान, जानें पूरा सच
देश के कई राज्यों में चीनी के दाम 65 से 69 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक दशक पुराना वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। महंगाई और सरकारी कुप्रबंधन पर उठते सवालों के बीच वाजपेयी का यह बयान आज के हालात पर भी बिल्कुल सटीक बैठता दिख रहा है।
जब ₹20 चीनी पर भड़के थे अटल बिहारी वाजपेयी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की आर्थिक नीतियों और दूरदर्शिता की कमी पर सीधे वार करते नजर आ रहे हैं। उस दौर में जब चीनी की कीमतें 20 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची थीं, तब वाजपेयी ने इसे देश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया था। उन्होंने संसद से लेकर जनसभाओं तक में चीनी के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को घेरा था।
वाजपेयी ने अपने भाषण में तीखा सवाल पूछते हुए कहा था, "अगर चीनी की कीमत ₹20/किलो तक पहुंच गई तो आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या सरकार को पहले से अंदाज़ा नहीं था कि गन्ने का उत्पादन कम होगा और उसके चलते चीनी की कमी पैदा होगी।" उनका यह बयान साबित करता है कि वे कृषि उत्पादन और बाजार में सप्लाई चेन के कुप्रबंधन को लेकर कितने गंभीर थे।
नीतिगत विफलता और गन्ने का संकट
अटल बिहारी वाजपेयी का मानना था कि गन्ने की पैदावार में कमी कोई ऐसी अचानक आने वाली आपदा नहीं है जिसे आंका न जा सके। फसल के रकबे और मौसम के मिजाज से पहले ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में चीनी का उत्पादन कितना रहने वाला है। अगर सरकार समय रहते आयात और निर्यात की नीतियों में संतुलन नहीं बनाती, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ता है।
उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि कृषि प्रधान देश में अग्रिम योजना (Advance Planning) की कमी ही महंगाई का सबसे बड़ा कारण बनती है। गन्ने के किसानों को सही मूल्य न मिलना और उपभोक्ताओं को महंगी चीनी मिलना, दोनों ही बातें सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती हैं।
आज के हालात और वाजपेयी का प्रासंगिक बयान
वर्तमान में जब चीनी की कीमतें 65 से 69 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर को छू रही हैं, तब वाजपेयी का यह पुराना वीडियो एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। लोग इस वीडियो को शेयर करके मौजूदा दौर की महंगाई और प्रशासनिक सुस्ती की तुलना वाजपेयी के तर्कों से कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि जब-जब देश में चीनी का संकट गहराता है, तब-तब गन्ने की कम पैदावार और सप्लाई चेन की विफलता ही मुख्य वजह बनकर उभरती है। यही कारण है कि दशकों बाद भी वाजपेयी का यह सवाल आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रामाणिक लगता है।
ऋषभ पंत का धमाकेदार छक्का, तोड़ा गिलक्रिस्ट का महा-रिकॉर्ड

ऋषभ पंत का धमाकेदार छक्का, तोड़ा गिलक्रिस्ट का महा-रिकॉर्ड

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📅 24 Aug2026

भारत-श्रीलंका टेस्ट के दूसरे दिन ऋषभ पंत ने मैदान पर यादगार वापसी की। लाहिरू कुमारी की गेंद पर गगनचुंबी छक्का जड़कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 100 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पंत के नाम अब 101 छक्के दर्ज हैं। वहीं, मैदान पर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

ऋषभ पंत का धमाकेदार छक्का, तोड़ा गिलक्रिस्ट का महा-रिकॉर्ड
खबर का निचोड़
भारत-श्रीलंका टेस्ट के दूसरे दिन ऋषभ पंत ने मैदान पर यादगार वापसी की। लाहिरू कुमारी की गेंद पर गगनचुंबी छक्का जड़कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 100 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पंत के नाम अब 101 छक्के दर्ज हैं। वहीं, मैदान पर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
पंत की ऐतिहासिक वापसी और गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त
चोट से उभरकर मैदान पर वापसी कर रहे ऋषभ पंत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे टेस्ट क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक क्यों माने जाते हैं। भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन पंत ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पर एक शानदार छक्का जड़ा।
इस एक छक्के के साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया। पंत ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट के 100 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पंत के नाम अब टेस्ट क्रिकेट में 101 छक्के दर्ज हो चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि ने मैदान पर मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जायसवाल और फर्नांडो के बीच गरमाया माहौल
मैच के पहले दिन मैदान का माहौल काफी गरम रहा था। भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। फर्नांडो की गेंदों और छींटाकशी का जायसवाल ने डटकर सामना किया और बल्ले से करारा जवाब दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस तीखी बहस ने मुकाबले के रोमांच को और बढ़ा दिया।
अजय जडेजा की नसीहत और जायसवाल का करारा जवाब
मैदान पर हुए इस विवाद पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा की प्रतिक्रिया भी सामने आई। जडेजा ने जायसवाल को संयम रखने की नसीहत देते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर छींटाकशी बर्दाश्त नहीं कर सकता, तो उसे दूसरों को भी कुछ नहीं कहना चाहिए। उनका मानना था कि युवा बल्लेबाजों को खेल पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।
हालांकि, यशस्वी जायसवाल ने अपने रुख पर कायम रहते हुए स्पष्ट संदेश दिया। जायसवाल ने कहा कि वे खेल भावना का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर विपक्षी टीम का कोई भी खिलाड़ी अपनी हद पार करने की कोशिश करेगा, तो भारतीय टीम पीछे नहीं हटेगी और मैदान पर उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
आरक्षण और 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' पर बवाल: दिल्ली से यूपी तक सड़कों पर संग्राम

आरक्षण और 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' पर बवाल: दिल्ली से यूपी तक सड़कों पर संग्राम

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📅 24 Aug2026

दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक आरक्षण नीति, यूजीसी के नए इक्विटी नियमों और रोस्टर सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए हैं। पुलिस ने दिल्ली में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि मायावती और यूपी के पंचायती राज मंत्री के बयानों ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है।

आरक्षण और 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' पर बवाल: दिल्ली से यूपी तक सड़कों पर संग्राम
खबर का निचोड़
दिल्ली के कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक आरक्षण नीति, यूजीसी के नए इक्विटी नियमों और रोस्टर सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए हैं। पुलिस ने दिल्ली में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि मायावती और यूपी के पंचायती राज मंत्री के बयानों ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है।
सड़कों पर उतरा गुस्सा, पुलिस का कड़ा एक्शन
राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल कनॉट प्लेस और ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों प्रदर्शनकारी आरक्षण नीति और 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' के विरोध में सड़कों पर उतर आए। रोस्टर सिस्टम में बदलाव और यूजीसी के नए नियमों को लेकर युवाओं का गुस्सा साफ नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात कर दिया।
यूपी में भी सुलग रही विरोध की आग
दिल्ली की यह चिंगारी उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुकी है। लखनऊ में 'सवर्ण मोर्चा' के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी के नए दिशानिर्देशों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्तमान रोस्टर सिस्टम और नई नीतियां योग्यता को नजरअंदाज कर रही हैं। लखनऊ की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन ने शासन और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं, जिससे राज्य में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मायावती का कांग्रेस पर हमला, आर्थिक आधार पर आरक्षण पर उठाए सवाल
इस पूरे विवाद के बीच बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पूरी तरह से अनुचित और संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि वह जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। मायावती का यह रुख साफ करता है कि बहुजन राजनीति इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं है।
सरकार का रुख: 'आरक्षण कभी खत्म नहीं होगा'
वहीं, दूसरी ओर विरोध के सुरों को शांत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण नीति को समाप्त करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। सरकार समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि, मंत्री के इस आश्वासन के बावजूद सवर्ण मोर्चे और प्रदर्शनकारी छात्रों का असंतोष थमता नजर नहीं आ रहा है।
आईफोन की EMI बनी जी का जंजाल, यमुना में कूदा शख्स

आईफोन की EMI बनी जी का जंजाल, यमुना में कूदा शख्स

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📅 24 Aug2026

आईफोन की ईएमआई न भर पाने के तनाव में दिल्ली के एक 30 वर्षीय डांस टीचर ने कालिंदी कुंज स्थित यमुना नदी में छलांग लगा दी। आय कम होने और आर्थिक तंगी से परेशान इस शख्स को पुलिस और बचाव दल ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दो बच्चों के पिता का यह कदम दिखावे की होड़ में फंसते युवाओं की कड़वी सच्चाई बयां करता है।

आईफोन की EMI बनी जी का जंजाल, यमुना में कूदा शख्स
आईफोन की ईएमआई न भर पाने के तनाव में दिल्ली के एक 30 वर्षीय डांस टीचर ने कालिंदी कुंज स्थित यमुना नदी में छलांग लगा दी। आय कम होने और आर्थिक तंगी से परेशान इस शख्स को पुलिस और बचाव दल ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दो बच्चों के पिता का यह कदम दिखावे की होड़ में फंसते युवाओं की कड़वी सच्चाई बयां करता है।
दिखावे का शौक और मजबूरी का खौफ
देश की राजधानी दिल्ली में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने महज मोबाइल की ईएमआई न चुका पाने के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। संजय कॉलोनी निवासी 30-वर्षीय शख्स पेशे से एक डांस टीचर है और अपने परिवार का पेट पालता है। कमाई घटने और सिर पर चढ़ते कर्ज के बोझ ने उसे इस कदर तोड़ा कि उसने यमुना नदी में छलांग लगाने जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
कालिंदी कुंज में मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही कालिंदी कुंज इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने युवक को नदी में कूदते देखा और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा। गोताखोरों की मदद से युवक को नदी के तेज बहाव से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया
जांच में सामने आया कि पीड़ित दो बच्चों का पिता है और उसकी आर्थिक स्थिति बीते कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। डांस क्लासेज से होने वाली आमदनी लगातार घट रही थी, जबकि महंगे आईफोन की किस्तें हर महीने सिर पर खड़ी थीं। महाराष्ट्र में सामने आए ऐसे ही एक मामले की तर्ज पर, इस घटना ने भी यह साबित कर दिया है कि कैसे ईजी-फाइनेंस और स्टेटस सिंबल का दबाव लोगों को मानसिक तंगी के जाल में धकेल रहा है।
पुलिस की जांच और काउंसलिंग
युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पुलिस प्रशासन ने उसे मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वह दोबारा ऐसा कदम न उठाए। इस पूरी घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दिखावे की संस्कृति किस तरह इंसान की सोचने-समझने की क्षमता पर हावी हो रही है।
अमरावती NICU हादसा: वेंटिलेटर ब्लास्ट से 3 नवजात शिशुओं की मौत

अमरावती NICU हादसा: वेंटिलेटर ब्लास्ट से 3 नवजात शिशुओं की मौत

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📅 24 Aug2026

महाराष्ट्र के अमरावती स्थित ज़िला महिला अस्पताल के NICU वॉर्ड में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त वॉर्ड में 39 नवजात शिशु भर्ती थे, जिनमें से 3 बच्चों की दुखद मौत हो गई। 6 गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार आग वेंटिलेटर में हुए ब्लास्ट के कारण लगी।

अमरावती NICU हादसा: वेंटिलेटर ब्लास्ट से 3 नवजात शिशुओं की मौत
महाराष्ट्र के अमरावती स्थित ज़िला महिला अस्पताल के NICU वॉर्ड में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त वॉर्ड में 39 नवजात शिशु भर्ती थे, जिनमें से 3 बच्चों की दुखद मौत हो गई। 6 गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार आग वेंटिलेटर में हुए ब्लास्ट के कारण लगी।
तड़के 3:30 बजे मची चीख-पुकार
सोमवार की अलसुबह करीब 3:30 बजे जब पूरा शहर सो रहा था, तब अमरावती के ज़िला महिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में अचानक तेज धमाका हुआ। वेंटिलेटर में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद उठे धुएं और लपटों ने कुछ ही पलों में पूरे वॉर्ड को अपनी चपेट में ले लिया। वॉर्ड में मौजूद तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के बीच भगदड़ मच गई।
39 नवजात थे भर्ती, 3 की थमी सांसें
हादसे के वक्त NICU वॉर्ड में कुल 39 नवजात शिशु जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। आग की लपटों और ज़हरीले धुएं के बीच डॉक्टरों और अग्निशमन दल ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। अधिकांश बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दम घुटने और झुलसने की वजह से 3 नवजात शिशुओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
6 शिशुओं की हालत गंभीर, जांच के आदेश
हादसे में गंभीर रूप से प्रभावित हुए 6 नवजात शिशुओं को तुरंत शहर के अन्य सुपर स्पेशलिटी और निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शेष बच्चों को सुरक्षित रूप से सामान्य वॉर्ड में ट्रांसफर कर दिया गया है। घटना की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
उपकरण सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
अस्पताल प्रशासन के शुरुआती बयानों के मुताबिक वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी और ब्लास्ट आग की मुख्य वजह बना। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे ने सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और मेडिकल उपकरणों के रखरखाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी है।
फ्लाईओवर के पिलर पर अनोखा आशियाना: बिना सीढ़ी कैसे पहुंचा परिवार?

फ्लाईओवर के पिलर पर अनोखा आशियाना: बिना सीढ़ी कैसे पहुंचा परिवार?

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📅 24 Aug2026

सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक परिवार फ्लाईओवर के ऊंचे पिलर के खाली हिस्से में अपनी पूरी गृहस्थी बसाए नजर आ रहा है। टीवी और कपड़ों से सजे इस अनोखे घर तक पहुंचने का कोई रास्ता या सीढ़ी दिखाई नहीं दे रही है, जिससे लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर यह परिवार वहां पहुंचता कैसे है।

फ्लाईओवर के पिलर पर अनोखा आशियाना: बिना सीढ़ी कैसे पहुंचा परिवार?
खबर का निचोड़
सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक परिवार फ्लाईओवर के ऊंचे पिलर के खाली हिस्से में अपनी पूरी गृहस्थी बसाए नजर आ रहा है। टीवी और कपड़ों से सजे इस अनोखे घर तक पहुंचने का कोई रास्ता या सीढ़ी दिखाई नहीं दे रही है, जिससे लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर यह परिवार वहां पहुंचता कैसे है।
हवा में बसा आशियाना और लोगों का अचरज
आज के दौर में सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाले वीडियो सामने आते रहते हैं, लेकिन इस बार जो नजारा सामने आया है उसने सबको पीछे छोड़ दिया है। एक व्यस्त फ्लाईओवर के कंक्रीट के पिलर के बीच बने खाली स्थान पर एक पूरे परिवार ने अपना डेरा जमा लिया है। इस वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है और लोग इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि आखिर कोई शख्स इतनी ऊंचाई पर बिना किसी साधन के अपनी गृहस्थी कैसे बसा सकता है।
क्या है इस अनोखे घर के भीतर का हाल
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इस जुगाड़ वाले घर में इंसानी जरूरत का लगभग हर सामान मौजूद है। घर के अंदर टीवी, कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान करीने से रखे गए हैं। देखने से ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि यह कोई अस्थायी ठिकाना है, बल्कि इसे एक व्यवस्थित घर का रूप दिया गया है। सड़क पर गुजरने वाले वाहन और नीचे का ट्रैफिक इस घर के बिल्कुल नीचे से गुजर रहा है, और यह परिवार मस्त अपनी दुनिया में मग्न नजर आ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल: आखिर ऊपर जाते कैसे हैं
इस पूरी वायरल घटना का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि इस पिलरनुमा घर तक पहुंचने के लिए जमीन से कोई सीढ़ी, लिफ्ट या रास्ता नजर नहीं आ रहा है। न तो कोई बांस की सीढ़ी टंगी है और न ही आने-जाने का कोई दूसरा जरिया दिखाई देता है। यही वजह है कि इस वीडियो को देखने वाला हर शख्स यह सोचने पर मजबूर है कि भाईसाहब आखिर रोज अपने इस आशियाने तक पहुंचते कैसे हैं और नीचे कैसे उतरते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी मजेदार बहस
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, यूजर की तरफ से मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कोई इसे टैलेंट का अद्भुत नमूना बता रहा है, तो कोई इसे शहर की बढ़ती आवास समस्या से जोड़कर देख रहा है। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से फ्लाईओवर के ऐसे हिस्सों में रहना कितना खतरनाक हो सकता है, इस पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, यह वीडियो लोगों के बीच भारी चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई इसके पीछे की सच्चाई जानना चाहता है।

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