
रोहित के वनडे संन्यास की अफवाहें तेज, BCCI ने बताया फर्जी
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की अफवाहों को बीसीसीआई (BCCI) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरा वनडे उनका आखिरी मैच होगा। हालांकि, बोर्ड ने इसे महज एक अफवाह बताया है। वहीं, 2027 विश्व कप में रोहित और विराट कोहली की भागीदारी पर सस्पेंस बरकरार है, जिसे बोर्ड ने एक रणनीतिक गोपनीयता का हिस्सा माना है।
खबर का निचोड़ (Summary)
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संन्यास की अफवाहों को बीसीसीआई (BCCI) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरा वनडे उनका आखिरी मैच होगा। हालांकि, बोर्ड ने इसे महज एक अफवाह बताया है। वहीं, 2027 विश्व कप में रोहित और विराट कोहली की भागीदारी पर सस्पेंस बरकरार है, जिसे बोर्ड ने एक रणनीतिक गोपनीयता का हिस्सा माना है।
क्या सच में विदा हो रहे हैं 'हिटमैन'?
भारतीय क्रिकेट गलियारों में इन दिनों एक खबर ने हर प्रशंसक की धड़कनें बढ़ा रखी हैं। सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरियों तक बस एक ही चर्चा है—क्या हमारे 'हिटमैन' यानी रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हैं? अफवाहों का बाजार इस कदर गर्म हुआ कि दावा किया जाने लगा कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला तीसरा वनडे मैच रोहित के करियर का आखिरी वनडे मुकाबला होगा। इस खबर ने फैंस को निराश कर दिया था, लेकिन अब इस पूरे मामले पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
बीसीसीआई का करारा जवाब: सब अफवाह है!
जैसे ही यह खबर जंगल की आग की तरह फैली, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को खुद सामने आना पड़ा। बीसीसीआई के सूत्रों ने इन तमाम खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से 'फर्जी' और मनगढ़ंत करार दिया है। बोर्ड की तरफ से साफ किया गया है कि कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर फिलहाल कोई योजना या चर्चा नहीं चल रही है। इस बयान के बाद निश्चित रूप से रोहित के करोड़ों फैंस ने राहत की सांस ली है।
मिशन 2027: रोहित-विराट पर सस्पेंस बरकरार
भले ही संन्यास की खबरें झूठी निकली हों, लेकिन एक सवाल अभी भी जस का तस बना हुआ है—क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली साल 2027 में होने वाले अगले वनडे विश्व कप का हिस्सा होंगे? जब इस बारे में बीसीसीआई सचिव से सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई साफ जवाब देने के बजाय सस्पेंस को और बढ़ा दिया। सचिव ने आगामी विश्व कप के रोडमैप को पूरी तरह से 'गोपनीय' बताते हुए कहा कि यह हमारी रणनीतिक चर्चाओं का हिस्सा है, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। बोर्ड के इस रवैये से साफ है कि परदे के पीछे भविष्य की बड़ी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
ईशान किशन की एंट्री और नए समीकरण
इस पूरी उठापटक के बीच भारतीय टीम मैनेजमेंट भविष्य की तैयारियों में भी जुटा हुआ है। टीम में सलामी बल्लेबाज के तौर पर ईशान किशन को शामिल करने की चर्चाएं जोरों पर हैं। बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज को शीर्ष क्रम में मौका देकर टीम मैनेजमेंट रोहित के कार्यभार को संभालने और एक मजबूत बैकअप तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है। आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन फिलहाल के लिए इतना तय है कि रोहित शर्मा शान से नीली जर्सी में टीम की कमान संभालते रहेंगे।

ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह कर दूंगा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बयान दिया है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें ईरान के बचे हुए हिस्से को भी तबाह करना पड़ सकता है। ट्रंप के अनुसार ईरान को दोबारा विकसित होने में 25 साल लग सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के नए हमलों में मदद करने वाला कोई भी देश उसका 'वैध निशाना' होगा।
डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक आक्रामक बयान देते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो उन्हें ईरान के बाकी बचे हिस्सों को भी पूरी तरह तबाह करना पड़ सकता है। ट्रंप का दावा है कि यदि ऐसा होता है, तो ईरान को अपनी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा या विकसित करने में कम से कम 25 साल का लंबा समय लग सकता है। इस तीखे बयान से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दूरियां और अधिक बढ़ गई हैं।
ईरान का पलटवार और आक्रामक रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका द्वारा किए जाने वाले किसी भी नए हमले में किसी अन्य देश ने मदद की, तो वह देश भी ईरान की नजर में उसका 'वैध निशाना' बन जाएगा। इस चेतावनी ने क्षेत्रीय संघर्ष के दायरे को और अधिक व्यापक होने की आशंका को जन्म दे दिया है।

भारत ने किया 'प्रलय' क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने गुरुवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर विकसित किया है, जबकि इसका निर्माण भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने किया है।
ओडिशा तट से सफल परीक्षण
गुरुवार को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण संपन्न हुआ। इस परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपने सभी निर्धारित मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे भारतीय सेना की मारक क्षमता और अधिक पुख्ता हो गई है।
स्वदेशी तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण
इस अत्याधुनिक मिसाइल को अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जा रहा है। 'प्रलय' मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की अन्य प्रमुख प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
निर्माण और उत्पादन में भागीदारी
इस मिसाइल के विकास और उत्पादन प्रक्रिया में रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई है। DRDO के विकास और उत्पादन भागीदार के रूप में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने इस मिसाइल का निर्माण किया है। इस सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना की रक्षा और आक्रमण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

धीरेंद्र शास्त्री पर आपराधिक शिकायत, भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित बयान
बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा सिविल कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह द्वारा दर्ज इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण बहुत टेढ़े हैं और वह 3 जगह से टेढ़े खड़े होते हैं।
आगरा कोर्ट में दर्ज हुई शिकायत
बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा सिविल कोर्ट में एक आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। यह कानूनी कदम अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह की ओर से उठाया गया है। उन्होंने शास्त्री के हालिया बयान को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और मानहानिकारक बताया है।
बयान पर क्यों खड़ा हुआ विवाद
शिकायत के अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री पर आरोप है कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की है। शास्त्री ने अपने एक वक्तव्य के दौरान कथित तौर पर कहा था कि "भगवान श्रीकृष्ण बहुत टेढ़े हैं और वह 3 जगह से टेढ़े खड़े होते हैं"। इस टिप्पणी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय वकीलों में रोष व्याप्त हो गया।
कानूनी प्रक्रिया और आगे का मामला
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का तर्क है कि इस प्रकार के वक्तव्य से करोड़ों सनातन धर्मियों की आस्था और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सम्मान को ठेस पहुंची है। आगरा सिविल कोर्ट में शिकायत दर्ज होने के बाद अब नजरें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में शास्त्री को समन जारी किया जाता है या उनसे जवाब तलब किया जाता है।

धनतेरस पर बिना बिल वाला सोना: सर्वे में बड़ा खुलासा
लोकलसर्किल (LocalCircles) के एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 6% से बढ़ाकर 15% की गई इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी के कारण बिना बिल का सोना पक्के बिल की तुलना में काफी सस्ता पड़ रहा है। इसके चलते धनतेरस पर सोना खरीदने का प्लान बना रहे हर 10 में से लगभग 3 लोग (29%) बिना बिल के सोना खरीदने की सोच रहे हैं।
टैक्स बढ़ोतरी से बिना बिल का सोना सस्ता
सर्वे के आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने और उस पर लगने वाले जीएसटी के कारण औपचारिक यानी पक्के बिल वाले सोने की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इसके विपरीत, अनौपचारिक या बिना बिल वाला सोना पक्के बिल वाले सोने की तुलना में उपभोक्ताओं को काफी सस्ता महसूस हो रहा है। कीमतों के इस अंतर ने ग्राहकों को अनौपचारिक बाजार की ओर आकर्षित किया है।
सर्वे में चौंकाने वाला आंकड़ा आया सामने
लोकलसर्किल के इस सर्वे के अनुसार, इस धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हर 10 में से लगभग 3 लोग (29%) बिना बिल के सोना खरीदने पर विचार कर रहे हैं। पक्के बिल पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स से बचने की चाहत में लोग इस अनौपचारिक रास्ते की तरफ झुक रहे हैं।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर
बिना बिल के सोने की बिक्री का यह बढ़ता रुझान न केवल सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सोने के बाजार की पारदर्शिता को भी प्रभावित करता है। पक्के बिल के बिना सोना खरीदने से ग्राहकों को भविष्य में शुद्धता की गारंटी और बिक्री के समय कानूनी सुरक्षा नहीं मिल पाती, फिर भी उच्च करों के चलते ग्राहक इस विकल्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

भारत की एयर डिफेंस मजबूत, ₹30,000 करोड़ की डील
भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगभग ₹30,000 करोड़ की स्वदेशी QRSAM मिसाइल प्रणाली की डील अंतिम मंजूरी के बिल्कुल करीब है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से इसकी मंजूरी मिलना बाकी है। इस प्रणाली के तहत BEL सिस्टम का एकीकरण करेगी और BDL मिसाइलों की आपूर्ति करेगी।
कैबिनेट मंजूरी का इंतजार
इस मेगा डिफेंस डील को अमली जामा पहनाने के लिए अब केवल कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की औपचारिक मंजूरी मिलने का इंतजार बाकी है। इस रक्षा सौदे के पूरा होने से भारत की स्वदेशी मिसाइल विनिर्माण क्षमता को और अधिक बल मिलेगा तथा देश की रक्षा तैयारी अभूतपूर्व रूप से सुदृढ़ होगी।
प्रमुख रक्षा कंपनियों की अहम भूमिका
इस स्वदेशी मिसाइल प्रणाली परियोजना में देश की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इस पूरे सिस्टम का एकीकरण (इंटीग्रेशन) करने का काम करेगी। वहीं दूसरी ओर, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) इन उन्नत मिसाइलों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
मारक क्षमता और सुरक्षा दायरा
यह अत्याधुनिक स्वदेशी QRSAM प्रणाली बेहद घातक और तीव्र प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। यह प्रणाली दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और आधुनिक ड्रोनों को सटीकता के साथ निशाना बनाकर नष्ट करने की क्षमता रखती है। इसके बेड़े में शामिल होने से भारतीय सेना का एयर डिफेंस नेटवर्क पहले से कहीं अधिक ताकतवर और सुरक्षित हो जाएगा।
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