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पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला

पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला

Delight News
📅 08 Sep2026

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासनात्मक जांच के तहत स्टार बल्लेबाज मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त कर उनका डेटा खंगाला है। इंग्लैंड दौरे के दौरान खिलाड़ियों की संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल के लिए यह कदम उठाया गया। डेटा ट्रांसफर करने के बाद फोन वापस लौटा दिए गए।

पीसीबी का बड़ा कदम: रिज़वान और इमाम के फोन जब्त, डेटा खंगाला
खबर का निचोड़ (Summary)
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अनुशासनात्मक जांच के तहत स्टार बल्लेबाज मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त कर उनका डेटा खंगाला है। इंग्लैंड दौरे के दौरान खिलाड़ियों की संदिग्ध गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल के लिए यह कदम उठाया गया। डेटा ट्रांसफर करने के बाद फोन वापस लौटा दिए गए।
मैच फिक्सिंग और अनुशासनहीनता के साये में पाक क्रिकेट
पाकिस्तान क्रिकेट और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है। एक बार फिर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम अनुशासनात्मक कार्रवाई और आंतरिक जांच की आंच झेल रही है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टीम के दो प्रमुख खिलाड़ियों, मोहम्मद रिज़वान और इमाम-उल-हक के मोबाइल फोन ज़ब्त करके पूरी खेल दुनिया में हलचल मचा दी है। यह सख्त कदम इंग्लैंड दौरे के दौरान सामने आई कुछ संदिग्ध गतिविधियों के बाद उठाया गया है, जिसने पीसीबी के आला अधिकारियों के कान खड़े कर दिए थे।
फोन का डेटा किया गया ट्रांसफर, संपर्कों पर गहरी नज़र
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड ने जांच के सिलसिले में दोनों खिलाड़ियों के फोन अपने कब्जे में लिए और उनमें मौजूद डेटा व कॉन्टैक्ट लिस्ट की बारीकी से जांच की। सूत्रों का कहना है कि खिलाड़ियों को मोबाइल लौटाने से पहले उनके फोन का पूरा डेटा किसी अन्य सुरक्षित जगह ट्रांसफर किया गया, ताकि उसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी रखी जा सके। पीसीबी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दौरे के दौरान किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या अनधिकृत व्यक्तियों के साथ संपर्क की गुंजाइश न रहे।
इंग्लैंड दौरे के दौरान गहराया शक
इंग्लैंड का दौरा पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए मैदान पर जितना चुनौतीपूर्ण रहा, मैदान के बाहर भी बोर्ड के लिए उतनी ही सिरदर्दी लेकर आया। पीसीबी को दौरे के बीच ही ऐसी रिपोर्ट मिली थीं कि कुछ खिलाड़ी अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं और बोर्ड के नियमों के विपरीत जाकर गतिविधियों में शामिल हैं। इसी शक के आधार पर इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिज़वान के खिलाफ त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए उनके डिजिटल डिवाइस की जांच का फैसला किया गया।
खिलाड़ियों में असंतोष और बोर्ड का सख्त रुख
इस पूरी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। मोबाइल फोन से पर्सनल डेटा निकाले जाने और जांच के इस तरीके से खिलाड़ियों में अनकहा असंतोष देखने को मिल रहा है। हालांकि, पीसीबी इस मामले में कोई ढील देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। बोर्ड का साफ संदेश है कि खेल की साख और टीम के अनुशासन से समझौता करने वाले किसी भी खिलाड़ी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका नाम कितना भी बड़ा क्यों न हो। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या

शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या

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📅 08 Sep2026

देश की राजधानी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूज़िक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घर के बाहर शराब पीने और हंगामा करने का विरोध करने पर दबंगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में नाबालिगों समेत कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।

शोर के विरोध पर दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िक टीचर की हत्या
खबर का निचोड़
देश की राजधानी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूज़िक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घर के बाहर शराब पीने और हंगामा करने का विरोध करने पर दबंगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में नाबालिगों समेत कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।
दिल्ली में इंसानियत शर्मसार, शोर का विरोध करने पर शिक्षक की हत्या
राजधानी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके में स्थित किलोकरी गांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मणिपुर के रहने वाले 54 वर्षीय पूर्व संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की महज इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने अपने घर के बाहर हो रहे हुड़दंग का विरोध किया था। यह घटना शहर में कानून-व्यवस्था और घटती सहनशीलता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
शराब का विरोध बना मौत की वजह
प्राप्त ब्यौरे के अनुसार, विक्रम सिंह अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी बाहर डिलीवरी बॉय और एक स्थानीय ढाबे के कर्मचारी तेज आवाज में शोर मचा रहे थे और शराब पी रहे थे। देर रात होते-होते जब शोर असहनीय हो गया, तो विक्रम सिंह ने बाहर निकलकर उन्हें वहां से जाने और शांति बनाए रखने को कहा। इस बात से आपा खो चुके आरोपियों ने बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
बेदर्दी से पिटाई, अस्पताल में तोड़ा दम
हमलावरों ने संगीत शिक्षक को लात-घूंसों और डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते या बचाव के लिए आगे आते, तब तक विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय निवासियों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और संदिग्ध हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती कार्रवाई के तहत पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज

स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज

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📅 08 Sep2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.

स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी और हिरासत याचिका खारिज
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.
जंतर-मंतर का विवाद और कानूनी शिकंजा
राजधानी के चर्चित जंतर-मंतर इलाके में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया था. इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी. पुलिस ने अपनी विधिवत कार्रवाई के तहत उन्हें हिरासत में लिया और गिरफ्तार किया. इस कानूनी कार्रवाई के खिलाफ स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था.
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने की मुख्य वजह
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी और हिरासत की वैधता को चुनौती दी गई थी. अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें रखी गईं, जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस के कदमों में कोई अवैधानिक या त्रुटिपूर्ण पहलू नहीं पाया गया है. नतीजतन, अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की राहत की मांग वाली याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की बढ़ी मुश्किलें
इस बड़े झटके के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के लिए कानूनी संकट और अधिक गहरा गया है. सोशल मीडिया पर अपनी मुखर शैली के लिए पहचाने जाने वाले इन्फ्लुएंसर को अब इस गंभीर मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा. अदालत के इस सख्त रुख से साफ हो गया है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने वालों को कानूनी मोर्चे पर कोई ढील नहीं मिलने वाली है.
ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर

ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर

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📅 08 Sep2026

केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए रिफिल बुकिंग की समय-सीमा 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के अनुसार, मिडल ईस्ट संकट के दौरान बढ़ाए गए इस अंतर को अब खत्म कर दिया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता समान नियमों के तहत बुकिंग करा सकेंगे।

ग्रामीण LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब 25 दिन में बुक होगा सिलिंडर
खबर का निचोड़
केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए रिफिल बुकिंग की समय-सीमा 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी है। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के अनुसार, मिडल ईस्ट संकट के दौरान बढ़ाए गए इस अंतर को अब खत्म कर दिया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता समान नियमों के तहत बुकिंग करा सकेंगे।
नियम में बड़ा बदलाव: अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार
देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। सरकार ने गैस सिलिंडर की रीफिल बुकिंग से जुड़ा एक अहम नियम बदल दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता भी मात्र 25 दिनों के अंतराल पर अपना अगला एलपीजी सिलिंडर बुक करा सकेंगे। इससे पहले उन्हें दो रीफिल के बीच पूरे 45 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था।
सरकार के इस फैसले से गांव-देहात में रहने वाले करोड़ों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी। अक्सर देखा गया है कि बड़े परिवारों या पर्व-त्योहारों के दौरान 45 दिन का अंतर बहुत अधिक साबित होता था, जिससे लोगों को ईंधन की किल्लत का सामना करना पड़ता था। अब इस अवधि को घटाकर 25 दिन कर देने से आपूर्ति चक्र सुगम और तेज हो जाएगा।
मिडल ईस्ट संकट और बदला नियम
रीफिल बुकिंग की अवधि बढ़ाने के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी। एलपीजी की उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार को एहतियातन ग्रामीण क्षेत्रों में रीफिल का अंतर बढ़ाना पड़ा था।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उपलब्ध स्टॉक का वितरण समान रूप से हो और किसी भी तरह की कालाबाज़ारी या कृत्रिम किल्लत की स्थिति न बने। हालांकि, अब हालात में सुधार और आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने इस पाबंदी को हटाने का फैसला किया है।
गांव और शहर के लिए अब एक समान व्यवस्था
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एक ही व्यवस्था लागू होगी। शहरों में पहले से ही 25 दिनों के अंतर पर सिलिंडर बुक करने की सुविधा थी, लेकिन ग्रामीण इलाकों को 45 दिन के दायरे में रखा गया था।
इस नए फैसले के साथ ही अब देश में एलपीजी रीफिल बुकिंग को लेकर बना शहरी और ग्रामीण अंतर पूरी तरह खत्म हो गया है। सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण रसोई का बजट और प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को आपात स्थिति में ईंधन के बिना परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।
रेंट के लालच में बनी काल: सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा

रेंट के लालच में बनी काल: सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा

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📅 08 Sep2026

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे की FIR में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जाँच और दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अधिक किराए के लालच में पुरानी और कमज़ोर इमारत पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से चार अतिरिक्त फ्लोर खड़े कर दिए गए थे, जिससे नींव पर भारी दबाव पड़ा।

रेंट के लालच में बनी काल: सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे की FIR में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जाँच और दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अधिक किराए के लालच में पुरानी और कमज़ोर इमारत पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से चार अतिरिक्त फ्लोर खड़े कर दिए गए थे, जिससे नींव पर भारी दबाव पड़ा।
किराए के लालच में खड़ी की गई मौत की इमारत
राजधानी दिल्ली के पॉश और छात्र-बाहुल्य क्षेत्र सत्य निकेतन में हुआ भीषण इमारत हादसा किसी प्राकृतिक आपदा का नतीजा नहीं, बल्कि इंसानी लालच का भयानक परिणाम है। सामने आई FIR के मुताबिक, मकान मालिक ने अधिक मुनाफा कमाने और हर महीने मोटा रेंट वसूलने की हवस में पुरानी नींव वाली इमारत पर अवैध निर्माण का जाल बुन दिया। बिना यह सोचे कि यह कमज़ोर ढांचा कितना भार सह सकता है, ताबड़तोड़ चार फ्लोर और तान दिए गए।
कमज़ोर नींव और नियमों की धज्जियां
जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि जिस इमारत को धराशायी होना ही था, उसकी नींव में इतने भारी वजन को उठाने की कोई क्षमता नहीं थी। इंजीनियरों और सुरक्षा मानकों को दरकिनार करते हुए किए गए इस निर्माण ने दर्जनों बेकसूरों की जान को खतरे में डाल दिया। लालच की इस नींव पर खड़े किए गए फ्लोर आखिरकार ढह गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ व फायर ब्रिगेड को मोर्चा संभालना पड़ा।
प्रशासन की नींद टूटी, लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर एक बार फिर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी की घनी बस्तियों में इस तरह धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और मंजिलों के ऊपर मंजिलें खड़े करने का खेल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि थोड़े से किराए के लालच में किस तरह इंसानी जिंदगियों को ताक पर रखा जा रहा है। पुलिस अब इस मामले में फरार आरोपियों और जिम्मेदार बिल्डरों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
इंटरकास्ट मैरिज पर अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान: प्यार आधार कार्ड देखकर करो

इंटरकास्ट मैरिज पर अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान: प्यार आधार कार्ड देखकर करो

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📅 08 Sep2026

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने हरियाणा के करनाल में एक कथा के दौरान इंटरकास्ट लव मैरिज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने युवती के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि प्यार करने से पहले आधार कार्ड जरूर देखना चाहिए, क्योंकि सिर्फ प्यार नहीं, आगे पूरी सृष्टि होती है।

इंटरकास्ट मैरिज पर अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान: प्यार आधार कार्ड देखकर करो
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने हरियाणा के करनाल में एक कथा के दौरान इंटरकास्ट लव मैरिज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने युवती के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि प्यार करने से पहले आधार कार्ड जरूर देखना चाहिए, क्योंकि सिर्फ प्यार नहीं, आगे पूरी सृष्टि होती है।
कथा में गूंजा अंतरजातीय विवाह का मुद्दा
हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में इन दिनों कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की कथा चल रही है। इस आयोजन के दौरान माहौल उस समय काफी दिलचस्प हो गया जब पंडाल में मौजूद एक युवती ने सीधे तौर पर अंतरजातीय विवाह यानी इंटरकास्ट मैरिज को लेकर सवाल खड़ा कर दिया। युवती ने यह जानना चाहा कि मौजूदा समय में प्रेम और रिश्तों के मायने किस तरह बदल रहे हैं और समाज में इसे लेकर क्या दृष्टिकोण होना चाहिए। कथावाचक ने इस गंभीर और संवेदनशील विषय पर अपनी खास शैली में बेबाक जवाब दिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्यार में भी जरूरी है दस्तावेजों की पड़ताल
युवती के सवाल का जवाब देते हुए अनिरुद्धाचार्य ने मजाकिया और तंज भरे अंदाज में कहा कि आज के दौर में प्रेम केवल वासना बनकर रह गया है। उन्होंने आगे सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी से प्रेम करना ही है, तो पहले उसका आधार कार्ड जरूर देख लेना चाहिए। उनका यह बयान इस ओर इशारा कर रहा था कि लोगों को अपने साथी की पृष्ठभूमि, जाति और पहचान के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जीवन सिर्फ तात्कालिक भावनाओं या आकर्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आगे एक लंबी सामाजिक व्यवस्था और परिवार की पूरी सृष्टि जुड़ी होती है।
आधुनिक रिश्तों पर तंज और सामाजिक बहस
अनिरुद्धाचार्य के इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कथावाचक का यह मानना है कि मौजूदा युवा पीढ़ी बिना सोचे-समझे और बिना पृष्ठभूमि जाने रिश्तों में आगे बढ़ जाती है, जिससे बाद में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उनका यह बयान समाज में एक बार फिर से अंतरजातीय विवाह और आधुनिक प्रेम संबंधों की परिभाषा को लेकर बड़ी बहस छेड़ गया है। एक तरफ जहां उनके इस बयान को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक इस विचार को व्यावहारिक और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।

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