Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
नेट्स पर भिड़े हर्षित और वैभव: क्या यह सिर्फ अभ्यास है या कुछ और?

नेट्स पर भिड़े हर्षित और वैभव: क्या यह सिर्फ अभ्यास है या कुछ और?

Delight News
📅 02 Jul2026

भारतीय क्रिकेट टीम के नेट प्रैक्टिस सेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस वीडियो में तेज गेंदबाज हर्षित राणा और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस होती दिख रही है। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस गहमागहमी ने आगामी मैचों से पहले फैंस और विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

नेट्स पर भिड़े हर्षित और वैभव: क्या यह सिर्फ अभ्यास है या कुछ और?
भारतीय क्रिकेट टीम के नेट प्रैक्टिस सेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। इस वीडियो में तेज गेंदबाज हर्षित राणा और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस होती दिख रही है। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस गहमागहमी ने आगामी मैचों से पहले फैंस और विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
नेट्स पर हाई-वोल्टेज ड्रामा
भारतीय टीम का अभ्यास सत्र अमूमन रणनीतियों को धार देने और खेल को सुधारने के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में जो नजारा देखने को मिला उसने सभी को हैरान कर दिया। गेंद और बल्ले की जंग तो मैदान पर आम है, लेकिन जब यह जंग शब्दों के बाणों में तब्दील हो जाए, तो सुर्खियां बनना तय है। कुछ ऐसा ही हुआ जब दिल्ली के आक्रामक तेज गेंदबाज हर्षित राणा और युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी के बीच नेट्स के भीतर तीखी नोकझोंक हो गई।
चोटिल और थका देने वाले स्पेल के बाद जब गेंदबाज अपनी लय तलाश रहा हो और सामने एक ऐसा युवा बल्लेबाज हो जो किसी भी गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने का माद्दा रखता है, तो माहौल का गरमाना स्वाभाविक है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तीखी गेंद फेंकने के बाद हर्षित राणा ने बल्लेबाज की तरफ देखकर कुछ कहा, जिसके जवाब में वैभव सूर्यवंशी भी पीछे नहीं हटे और उन्होंने भी बल्ले से इशारा करते हुए कड़ा रुख अपनाया।
युवा जोश और रफ्तार का टकराव
इस गहमागहमी को समझने के लिए दोनों खिलाड़ियों के आक्रामक मिजाज को देखना जरूरी है। हर्षित राणा अपनी गति के साथ-साथ मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका यह रूप फैंस कई बार देख चुके हैं। वे बल्लेबाज को कड़ा मुकाबला देने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कभी पीछे नहीं रहते।
दूसरी तरफ हैं वैभव सूर्यवंशी, जो भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे हैं। बेहद कम उम्र में अपनी तकनीकी क्षमता और निडर बल्लेबाजी से सबको प्रभावित करने वाले वैभव को दबाव में बिखरना पसंद नहीं है। जब एक तरफ रफ्तार का गुरूर हो और दूसरी तरफ युवा खून का निडर आत्मविश्वास, तो अभ्यास सत्र भी किसी फाइनल मुकाबले जैसा रोमांचक हो जाता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे ही इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर आया, यह तेजी से वायरल हो गया। क्रिकेट फैंस इस वीडियो को लेकर दो धड़ों में बंट गए हैं। कुछ फैंस का मानना है कि यह भारतीय टीम के भीतर की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। उनका कहना है कि जब तक नेट्स पर इस तरह की चुनौती नहीं मिलेगी, खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाएंगे।
वहीं, दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों और फैंस ने चिंता जताई है कि इस तरह की गहमागहमी कहीं टीम के माहौल को प्रभावित न करे। हालांकि, क्रिकेट इतिहास गवाह है कि नेट्स पर ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं और अक्सर खिलाड़ी मैदान से बाहर निकलते ही इसे भूलकर वापस अच्छे दोस्त बन जाते हैं। इस घटना ने फिलहाल तो सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और अब हर किसी की नजरें अगले मैच में इन दोनों के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
वंदे मातरम् पर घमासान: भाजपा का कांग्रेस पर हमला, मुकेश खन्ना की नई मांग

वंदे मातरम् पर घमासान: भाजपा का कांग्रेस पर हमला, मुकेश खन्ना की नई मांग

Delight News
📅 17 Aug2026

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर देश में नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद छिड़ गया है। जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भाजपा पर इस मुद्दे से चुनावी फायदा उठाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का दावा कर रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस सोनिया गांधी से जुड़ी शिकायत पर कानूनी सलाह ले रही है।

वंदे मातरम् पर घमासान: भाजपा का कांग्रेस पर हमला, मुकेश खन्ना की नई मांग
खबर का निचोड़
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर देश में नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद छिड़ गया है। जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भाजपा पर इस मुद्दे से चुनावी फायदा उठाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का दावा कर रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस सोनिया गांधी से जुड़ी शिकायत पर कानूनी सलाह ले रही है।
वंदे मातरम् पर गहराया सियासी संग्राम
देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी और बहस का दौर तेज हो गया है। हालिया घटनाक्रमों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर मनोरंजन जगत की हस्तियों तक, हर कोई इस बहस में अपनी राय रखता नजर आ रहा है।
प्रशांत किशोर और भाजपा आमने-सामने
जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने के लिए 'वंदे मातरम्' जैसे संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी पर राष्ट्रगीत का निरंतर अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत पर कानूनी राय
मामला केवल जुबानी जंग तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब कानूनी गलियारों तक पहुंच चुका है। दिल्ली पुलिस को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई है। इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रही है।
कांग्रेस सांसद के बयान से भड़की आग
इस विवाद को और अधिक हवा कांग्रेस के केरल से सांसद राजमोहन उन्नीथन के एक हालिया बयान से मिली। उन्होंने स्पष्ट रूप से 'वंदे मातरम्' न गाने की बात कही थी। उनके इस बयान के सार्वजनिक होते ही देश भर में राजनीतिक हलचल मच गई और विपक्ष ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति अनादर करार देते हुए कांग्रेस पर आक्रामक रुख अपना लिया।
मुकेश खन्ना की राष्ट्रगान बदलने की मांग
इस राजनीतिक खींचतान के बीच जाने-माने अभिनेता मुकेश खन्ना ने एक नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मांग उठाई है कि 'जन गण मन' की जगह 'वंदे मातरम्' को भारत का राष्ट्रगान बनाया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और आम जनता के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिससे यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।
UGC NET विवाद: राहुल का हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

UGC NET विवाद: राहुल का हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

Delight News
📅 17 Aug2026

यूजीसी-नेट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर बवाल जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। परीक्षा रद्द होने से परेशान छात्र यात्रा खर्च के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि एनटीए ने तीन विषयों की दोबारा परीक्षा का ऐलान किया है।

UGC NET विवाद: राहुल का हमला, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
खबर का निचोड़
यूजीसी-नेट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर बवाल जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। परीक्षा रद्द होने से परेशान छात्र यात्रा खर्च के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि एनटीए ने तीन विषयों की दोबारा परीक्षा का ऐलान किया है।
लीक और लापरवाही पर सड़क से संसद तक उबाल
यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवालों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल अभ्यर्थियों के मनोबल को तोड़ा है, बल्कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा संचालन संस्था की साख पर भी गहरा दाग लगाया है।
राहुल गांधी का तीखा हमला और इस्तीफे की मांग
विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और एनटीए को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश की शीर्ष परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है। राहुल गांधी ने इस संस्थागत विफलता की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई है।
बेकसूर अभ्यर्थियों पर आर्थिक और मानसिक बोझ
परीक्षा रद्द होने से सबसे बड़ा झटका उन छात्रों को लगा है जो महीनों की कड़ी मेहनत के बाद दूर-दराज के सेंटरों पर पहुंचे थे। छात्रों का तर्क है कि एनटीए की प्रशासनिक लापरवाही और चूक का खामियाजा वे क्यों भुगतें। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में हुए उनके यात्रा खर्च और रुकने की व्यवस्था की भरपाई सरकार और एनटीए को तुरंत करनी चाहिए।
तीन प्रमुख विषयों की दोबारा परीक्षा की घोषणा
बढ़ते चौतरफा दबाव और विवादों के बीच एनटीए ने स्थिति को संभालने की दिशा में कदम उठाया है। एजेंसी ने तीन महत्वपूर्ण विषयों—इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी—की परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है। हालांकि, इस फैसले से छात्रों का गुस्सा पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, क्योंकि बार-बार परीक्षा की तारीखों में बदलाव और अव्यवस्था से उनका समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था और एनटीए की साख पर सवाल
एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही गड़बड़ियों ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। लाखों युवा दिन-रात एक करके इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक और तकनीकी खामियों के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। छात्र और अभिभावक अब इस पूरे तंत्र में पारदर्शी और ठोस सुधार की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी का NTA पर तीखा हमला, UGC-NET रद्द होने पर उठाए बड़े सवाल

राहुल गांधी का NTA पर तीखा हमला, UGC-NET रद्द होने पर उठाए बड़े सवाल

Delight News
📅 17 Aug2026

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आरोप लगाया कि NTA की लचर व्यवस्था और गलत प्रश्नपत्र तैयार करने के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

राहुल गांधी का NTA पर तीखा हमला, UGC-NET रद्द होने पर उठाए बड़े सवाल
खबर का निचोड़
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर आरोप लगाया कि NTA की लचर व्यवस्था और गलत प्रश्नपत्र तैयार करने के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
राहुल गांधी का तीखा प्रहार
परीक्षा प्रणाली पर खड़े किए गंभीर सवाल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तीखा पोस्ट शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर घेरा है। अपने बयान में उन्होंने लिखा है कि "मोदी जी, देखिए आपकी NTA ने फिर क्या कर दिया है।" राहुल गांधी का यह हमला देश की प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
UGC-NET परीक्षा रद्द होने की असल वजह
गलत प्रश्नपत्र और पुरानी गलतियों की पुनरावृत्ति
मामले की मुख्य वजह यूजीसी-नेट परीक्षा को अचानक रद्द किया जाना है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि NTA ने परीक्षा के लिए गलत प्रश्नपत्र तैयार किए थे और हद तो तब हो गई जब उसमें पुराने सवालों को ही दोबारा पूछ लिया गया। प्रश्नपत्रों में इस तरह की भारी चूक और धांधली के चलते परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। यही वजह है कि ऐन वक्त पर परीक्षा को रद्द करना पड़ा, जिससे इसमें शामिल होने वाले देश भर के लाखों परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
युवाओं के भविष्य पर मंडराता संकट
सिस्टम की नाकामी का शिकार हो रहे देश के छात्र
इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर देश की रिक्रूटमेंट और टेस्टिंग एजेंसियों की साख को हिलाकर रख दिया है। बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और तकनीकी खामियों के चलते छात्र मानसिक तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजरने को मजबूर हैं। राहुल गांधी ने इसी दर्द को बयां करते हुए सरकार की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। छात्रों और युवाओं का कहना है कि बार-बार होने वाली इन प्रशासनिक भूलों का खामियाजा उन्हें अपनी तैयारी और कीमती समय गंवाकर भुगतना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार तंत्र पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला: NTA की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला: NTA की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

Delight News
📅 17 Aug2026

यूजीसी-नेट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षण संस्थाओं की नाकामी का खामियाजा देश के युवाओं और छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला: NTA की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
यूजीसी-नेट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षण संस्थाओं की नाकामी का खामियाजा देश के युवाओं और छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में आयोजित हुई यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने के बाद सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में परीक्षाएं लगातार विवादों के घेरे में आ रही हैं।
उनका कहना था कि NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, लेकिन इसकी मार सीधे तौर पर उन मेहनती छात्रों पर पड़ रही है जो दिन-रात अपनी तैयारी में जुटे रहते हैं। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सिस्टम की गलतियों का खामियाजा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के रूप में सामने आ रहा है।
'प्रधान का इस्तीफा पहला कदम है'
अपने तीखे तेवर जारी रखते हुए राहुल गांधी ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में मची इस तबाही के लिए जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को पद छोड़ना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस दिशा में बड़ा कदम उठाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में युवाओं के सपनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ दोबारा न हो सके। विपक्ष लगातार सरकार से यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक देश की युवा पीढ़ी प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी।
छात्रों का भविष्य और बढ़ता आक्रोश
देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाओं को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। नीट और यूजीसी-नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने छात्रों के भीतर गहरा असंतोष पैदा कर दिया है।
छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। विपक्ष के इस आक्रामक रुख के बाद देश की राजनीति में शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर एक बार फिर से गर्माहट आ गई है। सरकार के समक्ष अब इन व्यवस्थागत कमियों को दूर करने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
वंदे मातरम पर घमासान: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का विवादित बयान

वंदे मातरम पर घमासान: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का विवादित बयान

Delight News
📅 17 Aug2026

राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 के संसद से पास होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि गोली मार दी जाए तब भी वे वंदे मातरम नहीं गाएंगे।

वंदे मातरम पर घमासान: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का विवादित बयान
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 के संसद से पास होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि गोली मार दी जाए तब भी वे वंदे मातरम नहीं गाएंगे।
बयान ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
संसद से पारित हुए नए संशोधनों और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर चल रही बहसों के बीच केरल से आने वाले कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन की यह टिप्पणी सामने आई है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। राजमोहन उन्नीथन ने अपने संबोधन में राष्ट्रगीत को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए विवादित टिप्पणी की, जिसने मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।
बिल पास होने के बाद गरमाया माहौल
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी मिली। इस विधेयक का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, गान और संविधान के प्रति सम्मान सुनिश्चित करना और उनके अपमान पर सख्त कार्रवाई करना है। ऐसे समय में एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह का बयान देना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद के अंदर और बाहर एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।
नेताओं और दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं
सांसद उन्नीथन के इस बयान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। आलोचकों का कहना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए, जबकि समर्थकों का तर्क अपने-अपने तरीके से दिया जा रहा है। इस बयान ने एक बार फिर देश में राष्ट्रवाद, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय प्रतीकों की अनिवार्यता पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल इस पर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App