
नारों पर भड़के खड़गे: समर्थकों को कहा 'निकम्मा', कार्रवाई की चेतावनी
बेंगलुरु के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंच पर ही डीके शिवकुमार के समर्थकों पर भड़क गए। समर्थकों द्वारा लगातार की जा रही नारेबाजी से नाराज खड़गे ने उन्हें 'निकम्मे' और 'बेकार' तक कह डाला। उन्होंने पार्टी में अनुशासनहीनता और व्यक्ति पूजा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वीडियो फुटेज देखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की दोटूक चेतावनी दी है। यह घटना एक बार फिर कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी गुटबाजी को सरेआम उजागर करती है।
बेंगलुरु के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंच पर ही डीके शिवकुमार के समर्थकों पर भड़क गए। समर्थकों द्वारा लगातार की जा रही नारेबाजी से नाराज खड़गे ने उन्हें 'निकम्मे' और 'बेकार' तक कह डाला। उन्होंने पार्टी में अनुशासनहीनता और व्यक्ति पूजा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वीडियो फुटेज देखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की दोटूक चेतावनी दी है। यह घटना एक बार फिर कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी गुटबाजी को सरेआम उजागर करती है।
मंच पर हंगामा: जब आपा खो बैठे कांग्रेस अध्यक्ष
बेंगलुरु में आयोजित 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम का माहौल उस समय अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपना संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उत्साही समर्थकों ने पंडाल में 'डीके-डीके' के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारों का शोर इतना बढ़ गया कि खड़गे के भाषण में बार-बार बाधा आने लगी।
शुरुआत में स्थिति को संभालने की कोशिश की गई, लेकिन जब समर्थक नहीं माने तो मल्लिकार्जुन खड़गे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में नारेबाजी कर रहे लोगों को फटकार लगाई। खड़गे ने माइक पर ही साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चिल्ला रहे समर्थकों को 'निकम्मे' और 'बेकार लोग' कहकर शांत बैठने की हिदायत दी।
व्यक्ति पूजा के खिलाफ सख्त तेवर
कांग्रेस अध्यक्ष ने मंच से सीधे तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया कि संगठन में किसी भी तरह की व्यक्ति पूजा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि नेताओं के पीछे भागने और उनके नाम के नारे लगाने से पार्टी मजबूत नहीं होती, बल्कि इससे अनुशासन भंग होता है।
खड़गे यहीं नहीं रुके; उन्होंने मंच पर मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ऐलान किया कि इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज निकाली जाएगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जिन लोगों ने भी कार्यक्रम में बाधा डाली है और अनुशासनहीनता की है, उनकी पहचान करके उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। खड़गे के इस कड़े रुख के बाद पूरे पंडाल में सन्नाटा पसर गया।
गुटबाजी की पुरानी बीमारी फिर आई सामने
यह कोई पहला मौका नहीं है जब कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान इस तरह सार्वजनिक मंच पर दिखाई दी हो। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के गुटों के बीच की कड़वाहट समय-समय पर सामने आती रही है। बेंगलुरु की इस घटना ने साफ कर दिया है कि शीर्ष स्तर पर भले ही सब कुछ ठीक दिखाने की कोशिश की जा रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच की खाई अभी भी बहुत गहरी है। पार्टी अध्यक्ष के सामने ही अपने पसंदीदा नेता की ब्रांडिंग करने की यह होड़ कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुकी है।
चौतरफा चुनौतियों से घिरे खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए यह समय राजनीतिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण चल रहा है। एक तरफ जहां उन्हें पार्टी के भीतर इस तरह की अनुशासनहीनता और गुटबाजी से निपटना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ वे संसद में भी कड़े विरोध का सामना कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दी गई अपनी एक कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर खड़गे कानूनी और संसदीय मुश्किलों में घिरे हुए हैं। इस मामले में उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस भी जारी हो चुका है। ऐसे में गृह राज्य कर्नाटक में अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का यह बर्ताव उनके लिए दोहरी परेशानी खड़ी करने वाला साबित हो रहा है।

अतीक के बेटे अबान की दर्दनाक हादसे में मौत, आखिरी शब्द- 'मुझे बचा लो' *
गैंगस्टर अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की एक भीषण सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। वह जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। दुर्घटना में दो अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, दम तोड़ने से ठीक पहले अबान के आखिरी शब्द थे- "मुझे बचा लो।
खबर का निचोड़
गैंगस्टर अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की एक भीषण सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। वह जेल में बंद अपने भाई अली से मिलने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। दुर्घटना में दो अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, दम तोड़ने से ठीक पहले अबान के आखिरी शब्द थे- "मुझे बचा लो।"
तेज रफ्तार और खौफनाक मंजर
सड़क पर सन्नाटे को चीरती हुई एक तेज रफ्तार गाड़ी पलभर में चीख-पुकार में बदल गई। अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की जिंदगी का सफर इतनी बेदर्दी से खत्म होगा, इसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। मौके पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक तीन जानें हवा में विलीन हो चुकी थीं।
प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी ने उस खौफनाक मंजर की दास्तान बयां की है। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। जब लोग मदद के लिए गाड़ी की तरफ भागे, तो अंदर का नजारा दहला देने वाला था। गाड़ी के मलबे में तड़प रहे अबान की सांसें उखड़ रही थीं। खून से लथपथ अबान ने जिंदगी और मौत के बीच झूलते हुए बेहद कमजोर आवाज में कहा था, "मुझे बचा लो।" यह उसके होंठों से निकले आखिरी शब्द साबित हुए, क्योंकि इसके तुरंत बाद उसने दम तोड़ दिया।
भाई से मुलाकात की अधूरी हसरत
अबान अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए जा रहा था, जो इस समय जेल में बंद है। भाई से मिलने का यह सफर अबान का आखिरी सफर बन गया। जिस मुलाकात के लिए वह निकला था, वह कभी पूरी नहीं हो सकी। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल अबान की जान ली, बल्कि उसके साथ सफर कर रहे दो अन्य लोगों को भी मौत के आगोश में सुला दिया। एक ही पल में तीन परिवारों की खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।
घटना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे शवों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार या नियंत्रण खोने की वजह से यह हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। इलाके में इस घटना के बाद से ही भारी सनसनी फैली हुई है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन: ₹1 लाख के आरोप पर भड़कीं उर्फी जावेद, दिया करारा जवाब
फैज़ान अंसारी ने दावा किया है कि उर्फी जावेद को जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ₹1 लाख का भुगतान किया गया था। इस गंभीर आरोप का जवाब देते हुए उर्फी जावेद ने अंसारी को आड़े हाथों लिया और अपने सोशल मीडिया चार्ज का हवाला देते हुए इस दावे को पूरी तरह से बेबुनियाद और हास्यास्पद करार दिया।
फैज़ान अंसारी ने दावा किया है कि उर्फी जावेद को जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ₹1 लाख का भुगतान किया गया था। इस गंभीर आरोप का जवाब देते हुए उर्फी जावेद ने अंसारी को आड़े हाथों लिया और अपने सोशल मीडिया चार्ज का हवाला देते हुए इस दावे को पूरी तरह से बेबुनियाद और हास्यास्पद करार दिया।
क्या है पूरा विवाद?
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैज़ान अंसारी ने हाल ही में एक सनसनीखेज बयान देते हुए आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके ने उर्फी जावेद को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए ₹1 लाख दिए थे। इस खबर के सामने आते ही डिजिटल मीडिया और फैंस के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
प्रदर्शनों में मशहूर हस्तियों की मौजूदगी हमेशा से ध्यान खींचती रही है, लेकिन इस तरह के वित्तीय लेन-देन के दावों ने इस मामले को और अधिक तूल दे दिया। फैज़ान अंसारी के इस आरोप के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या उर्फी जावेद ने सचमुच पैसों के लिए इस आंदोलन का रुख किया था।
उर्फी जावेद का पलटवार: 'मेरी एक रील की कीमत तो पता करो'
आरोपों के सामने आते ही उर्फी जावेद ने अपने जाने-पहचाने बेबाक अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फैज़ान अंसारी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उर्फी ने कहा कि यह दावा करने वाला इंसान पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी कर रहा है।
उर्फी ने तंज कसते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले को पहले यह जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए कि वह अपने एक सोशल मीडिया रील या प्रमोशन के लिए कितना चार्ज करती हैं। उनका इशारा साफ था कि ₹1 लाख की रकम उनकी ब्रांड वैल्यू और एक रील की फीस के मुकाबले बेहद मामूली है, ऐसे में इतनी रकम के लिए किसी आंदोलन में शामिल होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
डिजिटल स्पेस में बयानों की जंग
उर्फी जावेद अपने अतरंगी फैशन सेंस और बेबाक बोल के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। विवादों से उनका पुराना नाता रहा है, लेकिन किसी आंदोलन में पैसे लेकर शामिल होने का आरोप उनके पेशेवर जीवन से जुड़ा एक नया मोड़ था।
फैज़ान अंसारी के बयान और उस पर उर्फी के कड़े जवाब ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक तरफ आरोपों के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए थे, वहीं उर्फी के इस तीखे जवाब ने उनके प्रशंसकों को उनके समर्थन में ला खड़ा किया है। फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी ट्रेंड कर रहा है और लोग दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर अपनी नज़र बनाए हुए हैं।

सलमान खान का बड़ा कदम: असम बाढ़ पीड़ितों के लिए बनवाएंगे 500 घर
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। उन्होंने एक एनजीओ के साथ मिलकर 500 बाढ़-रोधी सेमी-परमानेंट घर बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा, उनकी बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन प्रभावित लोगों तक लगातार भोजन और राहत सामग्री पहुंचा रही है।
खबर का निचोड़
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। उन्होंने एक एनजीओ के साथ मिलकर 500 बाढ़-रोधी सेमी-परमानेंट घर बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा, उनकी बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन प्रभावित लोगों तक लगातार भोजन और राहत सामग्री पहुंचा रही है।
असम के बाढ़ पीड़ितों के मसीहा बने सलमान खान
असम में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ न जाने कितने परिवारों के आशियाने उजाड़ देती है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। आपदा की इस घड़ी में उन्होंने न केवल प्रभावितों के दर्द को समझा, बल्कि उनके पुनर्वास के लिए एक बड़ी पहल की है। सलमान खान का यह कदम बेघर हुए सैकड़ों लोगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।
500 परिवारों को मिलेगा नया आशियाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 500 सेमी-परमानेंट (अस्थायी-स्थायी) घर बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने एक सामाजिक संस्था (NGO) के साथ हाथ मिलाया है। ये घर उन परिवारों को दिए जाएंगे, जिन्होंने बाढ़ के प्रकोप में अपना सब कुछ खो दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेघर हुए लोगों को सिर छिपाने के लिए एक सुरक्षित और टिकाऊ जगह मुहैया कराना है।
खास तकनीक से तैयार होंगे बाढ़-रोधी घर
इन घरों का निर्माण विशेष रूप से असम के मौसम और भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
ये घर पूरी तरह से बांस और टिन शेड के इस्तेमाल से तैयार किए जाएंगे।
घरों का डिजाइन पूरी तरह से बाढ़-रोधी (Flood-resistant) होगा, ताकि भविष्य में जलभराव या बाढ़ आने पर इन्हें नुकसान न पहुंचे।
प्रत्येक घर के निर्माण में लगभग ₹35,000 से ₹40,000 तक की लागत आने का अनुमान है।
यह योजना न केवल लोगों को त्वरित राहत देगी, बल्कि कम लागत में एक सुरक्षित छत भी प्रदान करेगी।
'बीइंग ह्यूमन' पहुंचा रही है भोजन और राहत
घर बनाने की योजना के साथ-साथ राहत कार्य भी तेजी से चलाए जा रहे हैं। सलमान खान की चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' जमीन पर उतरकर लगातार काम कर रही है। संस्था के वालंटियर्स बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक सूखा राशन, बना हुआ खाना और जरूरत का सामान पहुंचा रहे हैं। संकट के इस दौर में भोजन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर संस्था हजारों जिंदगियों को सहारा दे रही है।
बॉलीवुड का 'दबंग' अंदाज में सामाजिक दायित्व
सलमान खान अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने परोपकारी कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए शुरू किया गया यह अभियान एक बार फिर साबित करता है कि वे जरूरत के समय हमेशा देश के नागरिकों के साथ खड़े रहते हैं। बाढ़ के पानी में सब कुछ गंवा चुके परिवारों के लिए 500 नए घरों की यह सौगात एक नई शुरुआत की नींव रखेगी।

अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की भीषण सड़क हादसे में मौत
झांसी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उसके एक साथी की जान चली गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब अबान अपने भाई अली से जेल में मिलने जा रहा था। कार की रफ्तार तेज होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया।
झांसी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उसके एक साथी की जान चली गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब अबान अपने भाई अली से जेल में मिलने जा रहा था। कार की रफ्तार तेज होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया।
झांसी हाईवे पर दर्दनाक हादसा, कार के उड़े परखच्चे
उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरुवार की सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया। माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा अबान अहमद अपने साथियों के साथ प्रयागराज से झांसी की ओर जा रहा था। रास्ते में नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और जोरदार तरीके से डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे में अबान अहमद और कार में मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
जेल में बंद भाई से मुलाकात करने जा रहा था अबान
प्राप्त विवरण के अनुसार, अबान अहमद झांसी की जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने के उद्देश्य से निकला था। प्रयागराज से झांसी की लंबी दूरी तय करते समय कार की गति काफी तेज थी। अचानक संतुलन बिगड़ने से यह बड़ा हादसा हो गया। कार में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से दो की जान चली गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की हालत गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत पास के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका गहन इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सड़क सुरक्षा और हाई स्पीड का जानलेवा संयोजन
हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों का अनियंत्रित होना अक्सर गंभीर हादसों की वजह बनता है। इस दुर्घटना में भी तेज रफ्तार ही मुख्य कारण बनकर सामने आई है। सुबह के समय हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होना और अचानक नियंत्रण खो देना जानलेवा साबित हुआ। घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने सुचारू कराया।

16 करोड़ के कर्ज में फंसे अभिनेता राजपाल यादव, शाहजहांपुर में दो संपत्तियां होंगी नीलाम
चेक बाउंस और बैंक कर्ज के मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 16 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए की वसूली के लिए उनकी यूपी के शाहजहांपुर स्थित दो संपत्तियों की नीलामी का नोटिस जारी किया है। यह नीलामी 9 सितंबर को होगी।
खबर का निचोड़
चेक बाउंस और बैंक कर्ज के मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 16 करोड़ रुपये से अधिक के बकाए की वसूली के लिए उनकी यूपी के शाहजहांपुर स्थित दो संपत्तियों की नीलामी का नोटिस जारी किया है। यह नीलामी 9 सितंबर को होगी।
बैकफुट पर आए राजपाल यादव: शाहजहांपुर की जायदाद पर बैंक का कब्जा
अपनी बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इस वक्त बेहद गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। लंबे समय से चले आ रहे चेक बाउंस और भारी-भरकम बैंक कर्ज के मामले में अब उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मुंबई की ओर से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्थित उनकी दो प्रमुख संपत्तियों की नीलामी का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। आगामी 9 सितंबर को इन संपत्तियों की बोली लगाई जाएगी।
16 करोड़ का बकाया और बैंक का नोटिस
यह पूरा मामला करोड़ों रुपये के बकाया कर्ज से जुड़ा हुआ है। राजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 16 करोड़ रुपये से भी अधिक का कर्ज बकाया है। समय पर भुगतान न होने और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा न कर पाने के कारण बैंक ने यह कड़ा रुख अपनाया है। बैंक की ओर से शाहजहांपुर शहर और उनके पैतृक गांव में स्थित दोनों संपत्तियों पर नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इस नोटिस के सार्वजनिक होने के बाद से ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
कैसे शुरू हुआ वित्तीय संकट का यह दौर?
राजपाल यादव के इस संकट की शुरुआत कुछ साल पहले हुई थी, जब उन्होंने अपने निर्देशन में फिल्म बनाने के लिए भारी कर्ज लिया था। इसके बाद से ही वे लगातार पैसों के लेनदेन और चेक बाउंस से जुड़े कानूनी मुकदमों में उलझते चले गए। कानूनी दांव-पेच और बैंक के बढ़ते दबाव के बीच उन्हें पहले भी इस मामले में अदालती कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस बार बैंक ने बकाए की शत-प्रतिशत वसूली के लिए सीधे अचल संपत्ति की बिक्री का रास्ता चुना है।
9 सितंबर का दिन तय: क्या बचेगा राजपाल का आशियाना?
शाहजहांपुर में चस्पा किए गए नोटिस के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 9 सितंबर को होने वाली इस नीलामी के जरिए बैंक अपनी डूबी हुई रकम का एक बड़ा हिस्सा वसूल करने की कोशिश करेगा। राजपाल यादव के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि ये संपत्तियां उनके गृह नगर और जड़ों से जुड़ी हुई हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर अभिनेता या उनकी लीगल टीम की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन 9 सितंबर की तारीख अब उनके करियर और निजी जिंदगी दोनों के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।
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