
मुंबई में महंगाई का जोरदार झटका: CNG और PNG की कीमतों में हुआ इजाफा!
आम आदमी की जेब पर एक और वार हुआ है। मुंबई में पीएनजी के दाम 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ गए हैं, वहीं सीएनजी अब 86 रुपये प्रति किलो के भाव से मिल रही है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब गैस के बढ़ते दामों ने आम जनता के मासिक बजट को बिगाड़ कर रख दिया है।
सोर्स: एनडीटीवी
प्रस्तावना: महंगाई की मार, आम आदमी लाचार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, जो अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी के लिए जानी जाती है, आज एक और आर्थिक झटके से जूझ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद, अब रसोई गैस और परिवहन ईंधन ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। हाल ही में हुई पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में बढ़ोतरी ने मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। यह केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह उस आम गृहणी की चिंता है जो रसोई का बजट संभालने के लिए जद्दोजहद कर रही है और उस टैक्सी चालक की व्यथा है जिसके लिए दो वक्त की रोटी कमाना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है।
पीएनजी और सीएनजी में बढ़ोतरी: एक नजर आंकड़ों पर
मुंबई में पाइप के जरिए मिलने वाली गैस यानी पीएनजी के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सीएनजी की कीमत अब 86 रुपये प्रति किलो हो गई है। एनडीटीवी जैसी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह इजाफा न केवल मुंबई के निवासियों के लिए बल्कि पूरे महाराष्ट्र के उन क्षेत्रों के लिए एक बड़ा झटका है जो महानगर गैस लिमिटेड (MGL) पर निर्भर हैं।
यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव का असर सीधे घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। गैस वितरण कंपनियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की लागत बढ़ने के कारण उन्हें अपनी कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं, लेकिन आम जनता के लिए ये तर्क उनके खाली होते जेबों को भरने में नाकाम हैं।
मध्यमवर्गीय परिवार का बिगड़ता रसोई बजट
किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के लिए 'किचन का बजट' सबसे महत्वपूर्ण होता है। पीएनजी की बढ़ती कीमतों ने सीधे तौर पर रसोई के खर्चों पर प्रहार किया है।
बढ़ती लागत: जब पीएनजी महंगी होती है, तो इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन के खाने की कीमतों पर पड़ता है। बाहर का खाना पहले से ही महंगा हो गया है।
मासिक बचत में कटौती: मध्यम वर्ग की एक बड़ी समस्या 'बचत' है। गैस और बिजली जैसे अनिवार्य खर्चों में बढ़ोतरी का मतलब है कि अब परिवार बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा या भविष्य की बचत में कटौती करने को मजबूर हैं।
मनोवैज्ञानिक दबाव: महंगाई का सबसे बुरा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। महीने के आखिर में जब हाथ में पैसे कम होते हैं, तो घर के मुखिया को जिन दबावों का सामना करना पड़ता है, उसे केवल वही समझ सकता है।
परिवहन क्षेत्र पर गहरा असर: सीएनजी अब 'सस्ती' नहीं रही
एक समय था जब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए लोग सीएनजी की ओर मुड़े थे। सरकार ने भी इसे 'हरित ईंधन' (Green Fuel) के रूप में प्रमोट किया था। लेकिन आज, सीएनजी के 86 रुपये प्रति किलो होने के बाद, यह आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।
ऑटो और टैक्सी वालों का संकट:
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालक अब दोराहे पर खड़े हैं। यदि वे किराया बढ़ाते हैं, तो यात्री कम हो जाते हैं। यदि किराया नहीं बढ़ाते, तो वे खुद घाटे में चलते हैं। यह चक्र अंततः यात्री की जेब पर ही भारी पड़ता है। परिवहन का खर्च बढ़ने से खाने-पीने की वस्तुओं की ढुलाई भी महंगी हो जाती है, जिससे बाजार में हर चीज की कीमतों में अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि होती है।
क्यों बढ़ रहे हैं गैस के दाम? (कारण और विश्लेषण)
गैस की बढ़ती कीमतों के पीछे कई वैश्विक और स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं:
1. अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल: प्राकृतिक गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार द्वारा निर्धारित की जाती हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता (जैसे युद्ध या व्यापारिक प्रतिबंध) ने ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया है।
2. रुपये की कमजोरी: चूँकि भारत अपनी गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी आयातित ईंधन को महंगा बनाती है।
3. आपूर्ति और मांग का असंतुलन: जैसे-जैसे आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की मांग बढ़ रही है, जबकि आपूर्ति उस गति से नहीं बढ़ पा रही है।
आम जनता की आपबीती: कुछ सवाल जो अनुत्तरित हैं
सोशल मीडिया और आम बातचीत में एक आम सवाल बार-बार उठ रहा है: "आखिर कब तक?" आम आदमी का कहना है कि वेतन में उतनी बढ़ोतरी नहीं हो रही है, जितनी तेजी से महंगाई बढ़ रही है।
क्या सरकार सब्सिडी के दायरे को बढ़ा सकती है?
क्या गैस कंपनियों के मुनाफे पर लगाम लगाई जा सकती है?
क्या भविष्य में अक्षय ऊर्जा (सौर या पवन ऊर्जा) को बढ़ावा देकर इस निर्भरता को कम किया जा सकता है?
ये सवाल केवल आलोचना नहीं, बल्कि एक हताशा है जो सिस्टम से जवाब मांग रही है।
क्या है समाधान? सरकार और नागरिकों की भूमिका
इस स्थिति में सरकार और नागरिकों, दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है:
सरकार की ओर से: सरकार को करों (टैक्स) में कटौती करके आम जनता को कुछ राहत देनी चाहिए। साथ ही, घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक और निवेश की आवश्यकता है।
नागरिकों की ओर से: ऊर्जा की बचत करना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। 'एनर्जी ऑडिट' के जरिए हम अपनी खपत कम कर सकते हैं। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करना इस स्थिति में समझदारी भरा कदम हो सकता है।
निष्कर्ष: एक नई दिशा की तलाश
मुंबई में पीएनजी और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी केवल एक खबर नहीं, बल्कि आने वाले दिनों का संकेत है कि ऊर्जा का संकट गंभीर हो रहा है। महंगाई की यह मार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था की गतिशीलता पर पड़ता है।
समय की मांग है कि हम ऊर्जा संरक्षण की ओर कदम बढ़ाएं और सरकार अपनी नीतियों में सुधार करके आम आदमी को इस 'गैस-महंगाई' के चक्रव्यूह से बाहर निकालने का प्रयास करे। जब तक वैश्विक स्थितियां सामान्य नहीं होतीं, तब तक आम आदमी को अपनी कमर और कसनी होगी, लेकिन उम्मीद यही है कि आने वाले समय में राहत की कोई किरण जरूर दिखाई देगी।
आखिरकार, एक प्रगतिशील राष्ट्र वही है जहाँ का आम नागरिक न केवल सुरक्षित महसूस करे, बल्कि अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की चिंता से भी मुक्त रहे।
क्या आपको लगता है कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत जैसे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) आने वाले समय में सीएनजी और पेट्रोल का एक सस्ता और टिकाऊ विकल्प बन पाएंगे?

सत्य निकेतन हादसा: फरार पीजी मालिक की तलाश में जुटी पुलिस
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत ढहने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। घटना के बाद से मुख्य आरोपी और पीजी मालिक आनंद बंसल फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जगह-जगह छापे मारने शुरू कर दिए हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी की इमारत ढहने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। घटना के बाद से मुख्य आरोपी और पीजी मालिक आनंद बंसल फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जगह-जगह छापे मारने शुरू कर दिए हैं।
अचानक ढही इमारत और मातम का माहौल
दिल्ली के व्यस्त और छात्रों के बीच लोकप्रिय इलाके सत्य निकेतन में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ अचानक एक पीजी की इमारत भरभराकर ढह गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे दबने से तीन बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस भयानक दुर्घटना ने स्थानीय प्रशासन और भवन निर्माण सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फरार हुआ पीजी मालिक आनंद बंसल
हादसे की भनक लगते ही पीजी का मालिक आनंद बंसल मौके से फरार हो गया। प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस खतरनाक इमारत को सुरक्षा के लिहाज से एक साल पहले ही खाली कराया गया था। इसके बावजूद वहाँ किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं और लापरवाही किसकी थी, यह पुलिस जांच का मुख्य विषय बन गया है। मालिक की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरी लापरवाही की परते खुल सकेंगी।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उसकी धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। आरोपी की तलाश में लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं।
बचाव अभियान और घायलों का इलाज
घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल मलबे को हटाने में जुटे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और फंसा न हो। हादसे में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

सत्य निकेतन इमारत हादसा: पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के गिरने से हुए भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत के गिरने से हुए भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक घटना पर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है। देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस तरह संबल मिलना इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़ा संताप कम करने वाला कदम है।
प्रशासनिक अमला और राहत कार्य
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला और राहत दल तुरंत हरकत में आ गए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। पीएम मोदी ने खुद इस बात की जानकारी दी कि अधिकारी और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने और हादसे से प्रभावित हर संभव व्यक्ति तक मदद पहुँचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षा और लापरवाही के सवाल
राजधानी दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस प्रकार की पुरानी या कमजोर इमारतों का जर्जर हालत में होना एक बहुत बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सत्य निकेतन की इस घटना ने एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच में जुट गया है कि आखिर इस इमारत के गिरने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या यहाँ किसी प्रकार की प्रशासनिक अनदेखी या नियमों की अवहेलना हुई थी।

दिल्ली बिल्डिंग हादसा: 2 की मौत, सीएम रेखा गुप्ता ने लिया जायजा
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए एक दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस गंभीर दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और शीर्ष नेतृत्व ने तत्काल मौके का रुख किया।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए एक दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस गंभीर दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और शीर्ष नेतृत्व ने तत्काल मौके का रुख किया।
घटना का दर्दनाक मंजर और प्रशासनिक हलचल
राजधानी दिल्ली के व्यस्त क्षेत्र सत्य निकेतन में इमारत ढहने की इस आकस्मिक दुर्घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अचानक हुए इस हादसे की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस भयानक मलबे के नीचे दबने से छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद बांसुरी स्वराज का दौरा
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। नेताओं ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर पूरी स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के कारणों की पूरी रिपोर्ट मांगी। इस दौरान उनके साथ सुरक्षा बलों और राहत कर्मियों का बड़ा अमला भी मौजूद रहा, जो लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ था।
युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य
मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत और बचाव कार्यों की कमान खुद संभाली और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मलबे में फंसे एक-एक शख्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाए। इसके साथ ही, अस्पतालों में भर्ती घायलों को बिना किसी देरी के बेहतर से बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी पीड़ित को इलाज के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि यह इमारत किस वजह से ढही और इसमें किन नियमों की अनदेखी की गई थी।

सत्य निकेतन हादसा: राहुल गांधी का कड़ा संदेश, हर छात्र की जान कीमती
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों का जीवन पहले से ही संघर्षों से घिरा होता है और अब ऐसे जानलेवा हालात चिंताजनक हैं। प्रशासन और बचाव दलों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण बिल्डिंग हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों का जीवन पहले से ही संघर्षों से घिरा होता है और अब ऐसे जानलेवा हालात चिंताजनक हैं। प्रशासन और बचाव दलों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्य निकेतन हादसे पर राहुल गांधी की दो टूक
दिल्ली के सत्य निकेतन में घटी दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर दुर्घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की कमियों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजधानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़े दावे किए जाते हैं।
छात्रों का जीवन संघर्षों से भरा और अब हालात जानलेवा
राहुल गांधी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग पहले से ही अपने भविष्य को लेकर अनगिनत संघर्षों का सामना कर रहा है। ऐसे में पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों से आने वाले इन युवाओं को यदि इस तरह के जानलेवा हालातों का सामना करना पड़े, तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण संस्थानों और कोचिंग hubs के आसपास रहने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
बचाव दलों के लिए तत्काल निर्देश और हर संभव प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही राहुल गांधी ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया है कि बचाव दल बिना एक भी पल गंवाए मलबे में फंसे प्रत्येक छात्र तक पहुंचे। उनका साफ कहना था कि इस आपदा की घड़ी में हर एक छात्र की जान बेहद कीमती है और उसकी रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास तुरंत किए जाने चाहिए।
मुश्किल घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है पार्टी
इस दुखद हादसे के बाद राजनीतिक दलों द्वारा प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाने का सिलसिला जारी है। राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से और अपनी पार्टी की ओर से यह विश्वास दिलाया है कि इस विकट और मुश्किल घड़ी में वे सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: 80 पदों पर भर्ती का शानदार मौका
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) के 80 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
खबर का निचोड़
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) के 80 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 को शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। जो उम्मीदवार देश के प्रतिष्ठित प्रशासनिक पदों पर अपनी जगह बनाना चाहते हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन पत्र जमा करना होगा। अंतिम समय में सर्वर पर लोड बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए समय से पहले आवेदन करना समझदारी होगी।
रिक्तियों का विवरण और योग्यता
इस बार कुल 80 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा से जुड़े तमाम नियम यूपीएससी के आधिकारिक विज्ञापन में विस्तार से दिए गए हैं। सामान्यतः इस पद के लिए उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही तय आयु सीमा के दायरे में आने वाले आवेदक ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।
चयन प्रक्रिया और वेतनमान
चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सख्त होती है, जिसमें आमतौर पर लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) शामिल होते हैं। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को ही अगले चरण के लिए बुलाया जाता है। इस पद पर चयनित होने वाले युवाओं को आकर्षक वेतनमान और सरकारी सेवाओं मिलने वाले तमाम बेहतरीन लाभ व भत्ते दिए जाते हैं। यही वजह है कि हर साल लाखों उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
कैसे करें आवेदन
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां ओटीआर (One Time Registration) प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती के लिंक पर क्लिक करना होगा। मांगी गई सभी जरूरी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने और निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद आवेदन पत्र को सबमिट कर दें। भविष्य के संदर्भ के लिए फाइनल सबमिट किए गए फॉर्म का एक प्रिंटआउट अपने पास जरूर सुरक्षित रख लें।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App