Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
जीन एडिटिंग तकनीक और उसके आयाम

जीन एडिटिंग तकनीक और उसके आयाम

Delight News
📅 22 Aug2026

जीन एडिटिंग एक ऐसी क्रांतिकारी जैव-प्रौद्योगिकी है जो जीवों के डीएनए में सटीक बदलाव करने की अनुमति देती है। क्रिस्पर-कैस9 (CRISPR-Cas9) तकनीक इसमें सबसे प्रमुख है। यह चिकित्सा क्षेत्र में अनुवांशिक रोगों के उपचार में वरदान साबित हो रही है, हालांकि इसके अनियंत्रित प्रयोग से गंभीर नैतिक और जैव-सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उत्पन्न होती हैं।

शीर्षक (Title): यूपीएससी परीक्षा के लिए जीन एडिटिंग तकनीक और उसके आयाम
सारांश (Summary): जीन एडिटिंग एक ऐसी क्रांतिकारी जैव-प्रौद्योगिकी है जो जीवों के डीएनए में सटीक बदलाव करने की अनुमति देती है। क्रिस्पर-कैस9 (CRISPR-Cas9) तकनीक इसमें सबसे प्रमुख है। यह चिकित्सा क्षेत्र में अनुवांशिक रोगों के उपचार में वरदान साबित हो रही है, हालांकि इसके अनियंत्रित प्रयोग से गंभीर नैतिक और जैव-सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उत्पन्न होती हैं।
जीन एडिटिंग और क्रिस्पर तकनीक की अवधारणा
जीन एडिटिंग डीएनए अनुक्रमों को जोड़ने, हटाने या बदलने की एक उन्नत वैज्ञानिक विधि है। इसमें कृत्रिम रूप से डिज़ाइन किए गए एंजाइमों का उपयोग किया जाता है जो जीनोम के विशिष्ट स्थलों को लक्षित करते हैं। वर्तमान में क्रिस्पर-कैस9 तकनीक ने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता दिलाई है। यह तकनीक एक विशिष्ट गाइड आरएनए (RNA) और कैस9 प्रोटीन के संयोजन पर कार्य करती है, जो सटीक स्थान पर डीएनए को काटकर वांछित आनुवंशिक सुधार करने में सक्षम है।
चिकित्सा और कृषि क्षेत्र में अनुप्रयोग
चिकित्सा विज्ञान में जीन एडिटिंग का उपयोग सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और वंशानुगत अंधत्व जैसी गंभीर बीमारियों के आनुवांशिक उपचार के लिए किया जा रहा है। इसके माध्यम से कैंसर और एचआईवी जैसी जटिल बीमारियों के खिलाफ इम्यूनोथैरेपी को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में, यह तकनीक जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील फसलें विकसित करने, कीट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
विनियामक और नैतिक चुनौतियाँ
जीन एडिटिंग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती 'जर्मलाइन एडिटिंग' से जुड़ी नैतिक दुविधा है, जिससे भावी पीढ़ियों के जीनोम में स्थायी परिवर्तन हो सकते हैं। भ्रूण जीन संपादन के अनियंत्रित उपयोग से "डिज़ाइनर बेबी" जैसी अवधारणाओं को बढ़ावा मिलने का खतरा है। इसके अतिरिक्त, ऑफ-टारगेट म्यूटेशन यानी गलत डीएनए अनुक्रमों में बदलाव की संभावना और जैव-सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन न होना वैश्विक चिंता के मुख्य विषय हैं।
भारत में विनियामक ढांचा और भावी दृष्टिकोण
भारत में जीन एडिटिंग और आनुवांशिक अनुसंधान के नियमन के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के अंतर्गत आनुवंशिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) और राष्ट्रीय दिशा-निर्देश कार्यरत हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी मानव जनित जीन संपादन पर कड़े नैतिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वैज्ञानिक समुदाय का मानना है कि अनुसंधान की स्वतंत्रता और जैव-नैतिकता के बीच संतुलन स्थापित करके ही इस तकनीक के दूरगामी सकारात्मक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
'वोट चोरी' प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को मिली ज़मानत

'वोट चोरी' प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को मिली ज़मानत

Delight News
📅 06 Oct2026

​दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ दिल्ली में हुए 'वोट चोरी' विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को जमानत दे दी है। पुलिस ने सभी आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सभी को ₹15000 के ज़मानती बॉन्ड पर ज़मानत दे दी है।

'वोट चोरी' प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को मिली ज़मानत
खबर का निचोड़ (Summary)
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ दिल्ली में हुए 'वोट चोरी' विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को जमानत दे दी है। पुलिस ने सभी आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सभी को ₹15000 के ज़मानती बॉन्ड पर ज़मानत दे दी है।
पटियाला हाउस कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए 'वोट चोरी' प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को बड़ी राहत मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पकड़े गए सभी 17 स्वतंत्र पत्रकारों और छात्रों को जमानत प्रदान कर दी है।
पुलिस ने मांगी थी 14 दिन की न्यायिक हिरासत
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से सभी आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मांग को खारिज करते हुए आरोपियों को राहत दी।
₹15000 के ज़मानती बॉन्ड पर रिहाई
अदालत ने सभी 17 आरोपियों को ₹15000 के ज़मानती बॉन्ड पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद से प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के हलकों में राहत की सांस ली गई है।
UPPSC परीक्षा में फ़र्ज़ीवाड़ा, दोस्त की जगह पेपर देने पहुंचा रेलवे टेक्नीशियन

UPPSC परीक्षा में फ़र्ज़ीवाड़ा, दोस्त की जगह पेपर देने पहुंचा रेलवे टेक्नीशियन

Delight News
📅 06 Oct2026

लखनऊ (यूपी) में एक रेलवे टेक्नीशियन अपने दोस्त की जगह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी का पेपर देने पहुंच गया था। दोस्त को परीक्षा पास कराने के लिए ₹10 लाख में सौदा हुआ था, लेकिन परीक्षा के दौरान आयरिस मैच नहीं होने से उसकी पोल खुल गई। यह मामला नेशनल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का है।

UPPSC परीक्षा में फ़र्ज़ीवाड़ा, दोस्त की जगह पेपर देने पहुंचा रेलवे टेक्नीशियन
खबर का निचोड़ (Summary)
लखनऊ (यूपी) में एक रेलवे टेक्नीशियन अपने दोस्त की जगह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी का पेपर देने पहुंच गया था। दोस्त को परीक्षा पास कराने के लिए ₹10 लाख में सौदा हुआ था, लेकिन परीक्षा के दौरान आयरिस मैच नहीं होने से उसकी पोल खुल गई। यह मामला नेशनल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का है।
रेलवे टेक्नीशियन ने दोस्त की जगह दी परीक्षा
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यूपीपीएससी (UPPSC) की परीक्षा में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ एक रेलवे टेक्नीशियन अपने एक दोस्त की जगह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की परीक्षा में शामिल होने के लिए केंद्र पर पहुंच गया था।
₹10 लाख में हुआ था सौदा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने दोस्त को परीक्षा पास कराने के एवض में ₹10 लाख में सौदा किया था। पैसों के लालच में आकर उसने यह जोखिम उठाया और परीक्षा हॉल के अंदर बैठ गया।
आयरिस स्कैन से खुली पोल
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक जांच के दौरान जब आयरिस (आंख की पुतली) स्कैन किया गया, तो वह मैच नहीं हुआ। इसके बाद उसकी असलियत सामने आ गई और पोल खुल गई। यह पूरा मामला नेशनल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है।
चुनाव में गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ते हैं?: सीएम योगी के औरंगजेब वाले बयान पर सांसद रुचि वीरा

चुनाव में गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ते हैं?: सीएम योगी के औरंगजेब वाले बयान पर सांसद रुचि वीरा

Delight News
📅 06 Oct2026

यूपी में मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के औरंगजेब वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले 'गड़े मुर्दे उखाड़ने' की ज़रूरत नहीं है और दावा किया कि मुरादाबाद मंडल की सभी 6 सीटें सपा जीतेगी।

चुनाव में गड़े मुर्दे क्यों उखाड़ते हैं?: सीएम योगी के औरंगजेब वाले बयान पर सांसद रुचि वीरा
खबर का निचोड़ (Summary)
यूपी में मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के औरंगजेब वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले 'गड़े मुर्दे उखाड़ने' की ज़रूरत नहीं है और दावा किया कि मुरादाबाद मंडल की सभी 6 सीटें सपा जीतेगी।
सीएम योगी के बयान पर सांसद रुचि वीरा का तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के औरंगजेब वाले बयान पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीएम योगी से सवाल किया है कि चुनाव के दौरान इस तरह के पुराने और संवेदनशील मुद्दे क्यों उठाए जाते हैं।
2027 के चुनाव से पहले गड़े मुर्दे उखाड़ने पर आपत्ति
रुचि वीरा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को अभी समय है, ऐसे में बिना वजह 'गड़े मुर्दे उखाड़ने' और समाज में मुद्दों को भटकाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता विकास और असल मुद्दों पर बात करना चाहती है।
मुरादाबाद मंडल की सभी सीटों पर सपा की जीत का दावा
अपने इस बयान के दौरान सांसद रुचि वीरा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि आने वाले चुनावों में मुरादाबाद मंडल की सभी छह सीटों पर समाजवादी पार्टी ही विजयी होगी। उन्होंने कहा कि जनता पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के विकास कार्यों के नाम पर अपना वोट देगी।
जावेद अख्तर ने वायरल बयान 'केजरीवाल की कठपुतली हैं दीपके' पर तोड़ी चुप्पी, बताया सच

जावेद अख्तर ने वायरल बयान 'केजरीवाल की कठपुतली हैं दीपके' पर तोड़ी चुप्पी, बताया सच

Delight News
📅 06 Oct2026

​गीतकार जावेद अख्तर ने अपने नाम से वायरल हो रहे बयान 'अरविंद केजरीवाल की कठपुतली हैं अभिजीत दीपके' पर चुप्पी तोड़ते हुए सच बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनका यह संदेश पूरी तरह से झूठा है और सीजेपी का विरोध करने वालों की ऐसी हालत होने पर उन्होंने दुख जताया है।

जावेद अख्तर ने वायरल बयान 'केजरीवाल की कठपुतली हैं दीपके' पर तोड़ी चुप्पी, बताया सच
खबर का निचोड़ (Summary)
गीतकार जावेद अख्तर ने अपने नाम से वायरल हो रहे बयान 'अरविंद केजरीवाल की कठपुतली हैं अभिजीत दीपके' पर चुप्पी तोड़ते हुए सच बताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनका यह संदेश पूरी तरह से झूठा है और सीजेपी का विरोध करने वालों की ऐसी हालत होने पर उन्होंने दुख जताया है।
जावेद अख्तर के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बयान
प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक बयान तेजी से वायरल हो रहा था। इस वायरल संदेश में दावा किया गया था कि जावेद अख्तर ने अभिजीत दीपके को लेकर कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल की कठपुतली हैं।
एक्स पर पोस्ट कर जावेद अख्तर ने किया खंडन
मामले के तूल पकड़ने के बाद गीतकार जावेद अख्तर ने खुद इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर स्पष्ट करते हुए लिखा कि उनके नाम से शेयर किया जा रहा यह बयान पूरी तरह से फर्जी और झूठा है।
सीजेपी का विरोध करने वालों की स्थिति पर जताया दुख
अपने स्पष्टीकरण में जावेद अख्तर ने आगे लिखा कि उन्होंने न तो सीजेपी की कोई आलोचना की है और न ही दीपके को नीचा दिखाने वाला कोई बयान दिया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि सीजेपी का विरोध करने वाले लोग इस हद तक गिर चुके हैं, जो कि बेहद दुखद है।
इंडिया गठबंधन का ECI तक मार्च, भारी सुरक्षा तैनात

इंडिया गठबंधन का ECI तक मार्च, भारी सुरक्षा तैनात

Delight News
📅 06 Oct2026

इंडिया गठबंधन के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे, जिसमें राहुल गांधी, खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल होंगे। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है, जबकि आप और टीवीके इस मार्च में शामिल नहीं होंगे।

इंडिया गठबंधन का ECI तक मार्च, भारी सुरक्षा तैनात
खबर का निचोड़ (Summary)
इंडिया गठबंधन के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे, जिसमें राहुल गांधी, खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल होंगे। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है, जबकि आप और टीवीके इस मार्च में शामिल नहीं होंगे।
संसद भवन से चुनाव आयोग तक विपक्षी दलों का मार्च
विपक्ष के 'इंडिया' गठबंधन ने आगामी राजनीतिक रणनीतियों के तहत चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को गठबंधन से जुड़े तमाम सांसद संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग मुख्यालय तक एक बड़े मार्च का आयोजन कर रहे हैं।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और प्रमुख मांगें
इस मार्च में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। विपक्ष की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर (SIR) को रद्द करना और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराए जाने की मांग शामिल है।
आप और टीवीके ने बनाई मार्च से दूरी
इस राजनीतिक प्रदर्शन के बीच यह भी सामने आया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) और टीवीके (TVK) इस मार्च में शामिल नहीं हो रही हैं। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए ईसीआई मुख्यालय और आसपास के मार्गों पर भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App