
इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला: ऑटोमेकर कंपनी को 13,000 करोड़ रुपये का फायदा
इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के एक अनुकूल फैसले से देश की एक प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी को लगभग 13,000 करोड़ रुपये का भारी टैक्स लाभ मिलने की उम्मीद है। यह फैसला कर विवादों के निपटारे में ITAT की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।
क्या है इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT)
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण यानी ITAT एक ऐसा अर्ध-न्यायिक (quasi-judicial) संस्थान है जिसकी स्थापना जनवरी 1941 में की गई थी। यह सीधे कर अधिनियमों (Direct Taxes Acts) के तहत आने वाली अपीलों को सुनने और उनका निपटारा करने में माहिर है। साल 1961 के आयकर अधिनियम के तहत आने वाले विवादों का यह समाधान करता है। जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसमें सिर्फ छह सदस्य और तीन बेंच थीं (दिल्ली, कोलकाता और मुंबई), लेकिन आज इसका विस्तार हो चुका है और वर्तमान में यह 27 अलग-अलग शहरों में कुल 63 बेंचों के साथ काम कर रहा है। प्रशासनिक रूप से यह केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
संरचना और न्यायिक ढांचा
ITAT की प्रत्येक बेंच में एक अकाउंटेंट मेंबर और एक जुडिशियल मेंबर (न्यायिक सदस्य) शामिल होते हैं। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष (President) सदस्यों में से ही बेंच का गठन करते हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर कुछ मामलों में तीन या उससे अधिक सदस्यों की एक 'स्पेशल बेंच' का भी गठन किया जाता है ताकि आयकर अपीलों का तेजी से निपटारा किया जा सके। कार्यप्रणाली के लिहाज से कमिश्नर ऑफ इनकम-टैक्स (अपिल्स) के बाद यह दूसरा ऐसा मंच है जो टैक्स मामलों की अपील सुनता है।
कर विवादों में अंतिम तथ्य-खोजी निकाय
ITAT कर विवादों के मामलों में 'अंतिम तथ्य-खोजी निकाय' (Final Fact-finding body) के रूप में काम करता है। यह करदाताओं और आयकर अधिकारियों दोनों को ही विवादों को सुलझाने के लिए एक सुलभ मंच प्रदान करता है। हालांकि यह क्षेत्रीय उच्च न्यायालय (High Court) के अधिकार क्षेत्र के अधीन काम करता है और उसके नियमों का पालन करता है, लेकिन इसके द्वारा दिए गए आदेश आमतौर पर अंतिम माने जाते हैं। उच्च न्यायालय में अपील तभी की जा सकती है जब निर्धारण के लिए कोई गंभीर कानूनी सवाल (Substantial question of law) सामने आए।

लॉरेंस बिश्नोई के भाई की धमकी, सलमान खान मांगें माफी
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सलमान खान को बिश्नोई समुदाय से माफी मांगनी चाहिए, वर्ना इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सलमान से कोई निजी विवाद नहीं है, बल्कि काले हिरण मामले से पूरा समुदाय आहत है।
माफी ही एकमात्र समाधान
रमेश बिश्नोई ने चेतावनी देते हुए कहा कि सलमान खान को बिश्नोई समुदाय से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो सलमान खान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उनके इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर अलर्ट मोड़ पर आ गई हैं।
कोई निजी दुश्मनी नहीं
लॉरेंस बिश्नोई के भाई ने यह भी स्पष्ट किया कि सलमान खान के साथ लॉरेंस या बिश्नोई समुदाय का कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी निजी दुश्मनी का नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
काले हिरण मामले से आहत है समाज
रमेश बिश्नोई ने बताया कि सालों पुराने काले हिरण के शिकार मामले से बिश्नोई समाज की धार्मिक भावनाएं बेहद आहत हुई हैं। बिश्नोई समाज में जीवों की रक्षा को सर्वोच्च धर्म माना जाता है, इसीलिए सलमान खान द्वारा माफी न मांगने तक समाज में नाराजगी बनी रहेगी।

स्मृति सिन्हा का पवन सिंह पर हमला, रावण से की तुलना
भोजपुरी एक्ट्रेस स्मृति सिन्हा ने स्टार पवन सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वे पत्नी को सताते हैं और प्रेमिका को सहलाते हैं। उन्होंने पवन सिंह की तुलना रावण से करते हुए आरोप लगाया कि वे खुले मंच से पराई लड़कियों का नाम लेते हैं और किसी को भी छेड़ देते हैं।
स्मृति सिन्हा का कड़ा बयान
एक्ट्रेस स्मृति सिन्हा ने पवन सिंह की कार्यशैली और निजी आचरण पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा तंज कसा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा है कि पत्नी को सताओ, प्रेमिका को सहलाओ और खुद को भोजपुरी का शेर कहलाओ। इस बयान के जरिए उन्होंने पवन सिंह के सार्वजनिक जीवन और उनकी छवि पर करारा प्रहार किया है।
रावण से की पवन सिंह की तुलना
विवाद को और आगे बढ़ाते हुए स्मृति सिन्हा ने पवन सिंह की तुलना पौराणिक पात्र रावण से कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रावण की तरह ही पवन सिंह भी खुले मंच से पराई लड़कियों का नाम लेते हैं। स्मृति का कहना है कि वे मंच पर जाकर किसी को भी छेड़ देते हैं, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
भोजपुरी इंडस्ट्री में गर्माया माहौल
दो बड़े कलाकारों के बीच छिड़े इस विवाद के बाद से भोजपुरी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां इस बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं इस तीखे हमले ने इंडस्ट्री के अंदरूनी समीकरणों को भी गरमा दिया है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग और मुंबई हमले पर उद्धव ठाकरे का फडणवीस पर हमला
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। ठाकरे ने बिश्नोई गैंग के नेटवर्क में 70,000 लोग होने का दावा करते हुए हमलावरों के पास हथियार पहुंचने पर सवाल उठाए और फडणवीस को दिल्ली जाकर बात करने की चुनौती दी।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
उद्धव ठाकरे ने मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि हमलावरों के पास अत्याधुनिक हथियार कहां से आए और वे इतने भारी सुरक्षा घेरे के बावजूद घटना स्थल तक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों और चर्चित हस्तियों की सुरक्षा पर ऐसा खतरा मंडरा रहा हो, तब राज्य सरकार सो रही है।
बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर बड़ा दावा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस गैंग का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क में लगभग 70,000 लोग शामिल हैं। इतने बड़े नेटवर्क का सक्रिय होना और खुलेआम अपराधों को अंजाम देना राज्य और केंद्र दोनों की खुफिया एजेंसियों पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
देवेंद्र फडणवीस को सीधी चुनौती
गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर कड़ा प्रहार करते हुए ठाकरे ने कहा कि अगर फडणवीस में सच में हिम्मत है, तो उन्हें तुरंत दिल्ली जाना चाहिए और केंद्रीय नेतृत्व के सामने इस गंभीर मुद्दे को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय गृह मंत्री को मुंबई और पूरे महाराष्ट्र की जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना चाहिए।
मुंबई में बढ़ता अपराध और राजनीतिक घमासान
इस घटना के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था का पूरी तरह फेल होना बता रहा है, वहीं सरकार पर सुरक्षा घेरे को चुस्त करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

सलमान खान थे असली टारगेट: शूटर्स ने की थी रेकी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गिरफ्तार सदस्यों ने खुलासा किया है कि उनका असली निशाना सलमान खान थे। शूटर्स ने मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी भी की थी और गोलीबारी की साजिश रची थी। हालांकि, घर के बाहर तगड़ी पुलिस सुरक्षा देखकर उन्होंने प्लान बदल दिया।
गैलेक्सी अपार्टमेंट की गई थी रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई में स्थित सलमान खान के आवास 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर गोलीबारी करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। इसके लिए बाकायदा शूटर्स ने सलमान के घर और आसपास के इलाके की रेकी भी की थी ताकि हमले को आसानी से अंजाम दिया जा सके।
पुलिस सुरक्षा देखकर बदला प्लान
हालांकि, अपनी योजना के बावजूद शूटर्स इस हमले को अंजाम देने में नाकाम रहे। आरोपियों का कहना है कि जब वे वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, तब सलमान खान के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था। इस कड़ी और कड़े सुरक्षा घेरे को देखकर शूटर्स डर गए और उन्होंने अपनी योजना को रद्द कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों में मची हलचल
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और मुंबई पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गई हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े इस नए खुलासे के बाद सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा को पहले से भी ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।

दलेर मेहंदी विवाद: मीका सिंह ने बीजेपी मंत्री को किया फोन
गायक दलेर मेहंदी को मंच पर नशे में होने का आरोप लगाकर डांटने वाले उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को मीका सिंह ने फोन किया है। इससे पहले मीका ने अपने भाई का बचाव किया था। वहीं कॉमेडियन कपिल शर्मा और रैपर बादशाह ने भी इस सार्वजनिक अपमान पर अपनी नाराजगी जताई है।
मीका सिंह ने किया मंत्री को फोन
इस पूरे मामले के बाद दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर गायक मीका सिंह ने मोर्चा संभाला है। मीका सिंह ने मंगलवार को सीधे उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से फोन पर बात की। इससे पहले भी मीका सिंह सोशल मीडिया और बयानों के जरिए अपने भाई के समर्थन में खुलकर सामने आए थे और उनका बचाव किया था।
कपिल शर्मा और बादशाह ने जताई नाराजगी
दलेर मेहंदी के साथ हुए इस व्यवहार से इंडस्ट्री के अन्य कलाकार भी बेहद आहत हैं। मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा और लोकप्रिय रैपर बादशाह ने इस सार्वजनिक अपमान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। दोनों ही हस्तियों ने एक वरिष्ठ कलाकार के साथ इस तरह के बर्ताव पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
घटना को लेकर बढ़ा विवाद
मंच पर हुई इस नोकझोंक और डांट-फटकार का वीडियो सामने आने के बाद से ही मामला गरमाया हुआ है। एक तरफ जहां मंत्री के रवैये पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कला जगत के दिग्गज अपने साथी कलाकार के सम्मान की रक्षा के लिए एक जुट नजर आ रहे हैं।
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