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IAS परी बिश्नोई की बहन ने छोड़ी लीगल प्रैक्टिस और शुरू किया स्टार्टअप

IAS परी बिश्नोई की बहन ने छोड़ी लीगल प्रैक्टिस और शुरू किया स्टार्टअप

Delight News
📅 14 Oct2026

आईएएस अधिकारी परी बिश्नोई की बहन पलक ने लीगल प्रैक्टिस छोड़कर स्टार्टअप शुरू करने के फैसले को सरकारी नौकरी से बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि सफलता केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, और अपनी भांजी को देखकर उन्हें यह चाइल्डकेयर स्टार्टअप शुरू करने का विचार आया।

IAS परी बिश्नोई की बहन ने छोड़ी लीगल प्रैक्टिस और शुरू किया स्टार्टअप
खबर का निचोड़
आईएएस अधिकारी परी बिश्नोई की बहन पलक ने लीगल प्रैक्टिस छोड़कर स्टार्टअप शुरू करने के फैसले को सरकारी नौकरी से बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि सफलता केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, और अपनी भांजी को देखकर उन्हें यह चाइल्डकेयर स्टार्टअप शुरू करने का विचार आया।
मुख्य आर्टिकल
लीगल प्रैक्टिस को अलविदा कह शुरू किया स्टार्टअप
चर्चित आईएएस अधिकारी परी बिश्नोई की बहन पलक बिश्नोई ने अपने करियर को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और साहसी कदम उठाया है। उन्होंने अपनी वकालत यानी लीगल प्रैक्टिस को पूरी तरह से छोड़ दिया है और एक नया स्टार्टअप शुरू करने का रास्ता चुना है। उनके इस बड़े फैसले की चर्चा अब हर तरफ हो रही है, क्योंकि उन्होंने इसे पारंपरिक सरकारी नौकरी से कहीं ज्यादा बेहतर बताया है।
पलक का मानना है कि जीवन में सफलता का पैमाना केवल सरकारी नौकरी हासिल करना ही नहीं होता है। उन्होंने अपने इस नए सफर के जरिए लीक से हटकर कुछ अलग करने की ठानी है, जिससे युवा पीढ़ी को भी एक नया प्रेरणादायक संदेश मिल रहा है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और स्टार्टअप का अनूठा विचार
अपने इस फैसले के पीछे की वजहों को साझा करते हुए पलक ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में सरकारी सेवा का एक मजबूत माहौल रहा है, जहां उनकी बहन आईएएस अधिकारी हैं और उनकी मां पुलिस सेवा में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे परिवेश से आने के कारण उनके समाज में यह माना जाता था कि सफलता का मतलब केवल पक्की सरकारी नौकरी ही है।
इसके बावजूद उन्होंने उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया। उन्हें यह नया स्टार्टअप शुरू करने का विचार अपनी छोटी भांजी को देखकर आया, जिसके बाद उन्होंने चाइल्डकेयर सेक्टर में काम करने की सोची।
नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायी कदम
पारंपरिक करियर विकल्पों से हटकर बिजनेस और स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखने का पलक का यह निर्णय काफी साहसिक माना जा रहा है। आज के समय में युवा जिस प्रकार सुरक्षित रास्तों को छोड़कर जोखिम उठाने और नए विचारों पर काम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं, यह उसका एक बेहतरीन उदाहरण है।
उनके इस स्टार्टअप और बेबाक बयानों के बाद से सोशल मीडिया से लेकर हर जगह इस बात की चर्चा है कि कैसे युवा अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़कर सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं।
एशियन गेम्स एथलीटों से मिले पीएम मोदी: मिले खास उपहार

एशियन गेम्स एथलीटों से मिले पीएम मोदी: मिले खास उपहार

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📅 15 Oct2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से खास मुलाकात की। इस दौरान पुरुष व महिला क्रिकेट टीम और हॉकी टीम ने पीएम को जर्सी भेंट की, जबकि तीरंदाजों ने उन्हें धनुष-बाण उपहार में दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करने वाले पदक विजेताओं से मुलाकात की। इस खास कार्यक्रम में विभिन्न खेलों के चैंपियन खिलाड़ियों ने शिरकत की और देश का मान बढ़ाने के अपने अनुभवों को साझा किया।
चैंपियन खिलाड़ियों की मौजूदगी
मुलाकात के दौरान एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीटों का उत्साह देखने लायक था। इस अवसर पर भारत की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम, हॉकी टीम, मुक्केबाज तथा तीरंदाज मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की और उनकी मेहनत को पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
खिलाड़ियों ने पीएम को दिए खास उपहार
इस मुलाकात को यादगार बनाते हुए एथलीटों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष उपहार भेंट किए। पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट टीमों के साथ-साथ हॉकी टीम ने पीएम मोदी को भारतीय टीम की जर्सी भेंट की। वहीं, एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले तीरंदाजों ने सम्मान के तौर पर प्रधानमंत्री को धनुष-बाण उपहार स्वरूप प्रदान किया।
भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन
भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार एशियन गेम्स में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने पूरे दल को बधाई दी और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
सेंट्रल पार्क बंद करने पर भड़के अभिजीत दीपके

सेंट्रल पार्क बंद करने पर भड़के अभिजीत दीपके

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📅 15 Oct2026

सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 16-17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को बंद करने के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह 100 जगहों के लिए घोषणा करें, तो क्या प्रधानमंत्री उन सभी जगहों को बंद कर देंगे? सीजेपी ने इस पार्क में 16 अक्टूबर को 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का ऐलान किया था।

सीजेपी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सेंट्रल पार्क (सीपी) को 16 और 17 अक्टूबर के लिए बंद करने के प्रशासन के फैसले पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए इस कदम पर तीखा सवाल खड़ा किया है और अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है।
पीएम मोदी के नाम पर सवाल
अभिजीत दीपके ने सरकार और प्रशासन के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वह 100 अलग-अलग जगहों के लिए किसी कार्यक्रम की घोषणा करेंगे, तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन सभी 100 जगहों को बंद करवा देंगे? उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम का ऐलान
गौरतलब है कि सीजेपी संगठन ने 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम आयोजित करने का पहले ही ऐलान कर रखा था। लेकिन ऐन मौके पर पार्क को बंद करने के फैसले ने विवाद को जन्म दे दिया है, जिससे कार्यक्रम के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: साहिल और मुस्कान को मृत्युदंड

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: साहिल और मुस्कान को मृत्युदंड

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📅 15 Oct2026

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने सौरभ राजपूत की हत्या के दोषी मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड देने के कारण बताए हैं। कोर्ट के मुताबिक, यह बेहद क्रूर अपराध था और दोषियों में पश्चाताप या अपराधबोध नहीं दिखा, जिससे इसे विरले में विरलतम माना गया।

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषियों को फांसी की सजा का आधार स्पष्ट किया है। कोर्ट ने सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या के मामले में दोषी पाई गई मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड देने के पीछे के कठोर कारणों को विस्तार से रेखांकित किया है।
क्रूरता और पश्चाताप का अभाव
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दोनों दोषियों का व्यवहार सामान्य नहीं था और उनके चेहरे या आचरण में अपराध को लेकर जरा सा भी पश्चाताप या अपराधबोध नजर नहीं आया। इस जघन्य हत्याकांड को जिस तरह अंजाम दिया गया, उसने अपराध की क्रूरता और दोषियों की आपराधिक मानसिकता को उजागर किया है।
विरल से विरतम मामला
अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए माना कि इस प्रकार की मानसिकता वाले अपराधियों में सुधार की गुंजाइश बेहद कम या न के बराबर है। अपराध की जघन्यता, योजनाबद्ध तरीके से हत्या और उसके बाद दोषियों के बेखौफ रवैये को देखते हुए कोर्ट ने इसे 'विरलतम से विरलतम श्रेणी' (Rarest of Rare Cases) का मामला माना है।
न्याय की दिशा में बड़ा कदम
सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया था। कोर्ट द्वारा साहिल और मुस्कान को दी गई यह कड़ी सजा न्याय व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करती है और यह संदेश देती है कि जघन्य अपराध करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
एलन मस्क पर भड़के ओवैसी: गोरा डिक्टेट नहीं करेगा

एलन मस्क पर भड़के ओवैसी: गोरा डिक्टेट नहीं करेगा

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📅 15 Oct2026

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी को भारत का असली बॉस और प्रधानमंत्री बताने पर एलन मस्क की तीखी आलोचना की है। उन्होंने भारत में स्टारलिंक की एंट्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के संसाधन कैसे इस्तेमाल होंगे, यह भारत ही तय करेगा।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार एलन मस्क के बयान पर जोरदार हमला बोला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को भारत का असली बॉस और 'प्रधानमंत्री अंबानी' बताने वाले मस्क के बयान पर ओवैसी ने कड़ा एतराज जताया है।
ओवैसी का तीखा हमला
असदुद्दीन ओवैसी ने एलन मस्क की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई विदेशी नागरिक भारत की राजनीति और इसके नेतृत्व को डिक्टेट नहीं कर सकता। उन्होंने कड़े शब्दों में सवाल उठाते हुए कहा, "देश के संसाधन कैसे इस्तेमाल होंगे, वह देश तय करेगा। ये गोरा बैठकर हमको डिक्टेट करेगा क्या?" ओवैसी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
स्टारलिंक की एंट्री पर खड़े किए सवाल
भारत में एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक की एंट्री को लेकर भी ओवैसी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और यहाँ के संसाधनों के उपयोग का अधिकार देश की जनता और चुनी हुई सरकार के पास है। किसी बाहरी उद्योगपति को भारत के आंतरिक मामलों या देश के प्रमुख उद्योगपतियों और नेतृत्व पर इस तरह की टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।
मस्क का विवादित बयान
गौरतलब है कि एलन मस्क ने हाल ही में मुकेश अंबानी को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने अंबानी को भारत का असली पावर सेंटर और प्रधानमंत्री तक कह दिया था। मस्क की इस बात को लेकर भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ओवैसी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के स्वाभिमान और संसाधनों के मामले में किसी भी तरह की बाहरी बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
CJP तिरंगा मार्च: दिल्ली पुलिस की अपील, केवल 11 लोगों को इजाजत

CJP तिरंगा मार्च: दिल्ली पुलिस की अपील, केवल 11 लोगों को इजाजत

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📅 15 Oct2026

दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित CJP के तिरंगा मार्च में आम जनता से शामिल न होने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में धारा 163 लागू होने के कारण केवल 11 लोगों के समूह को ही निर्धारित स्थान पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा दी जाएगी।

दिल्ली पुलिस की सख्त अपील
राजधानी दिल्ली के हृदय स्थल कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। 16 अक्टूबर को सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में एक तिरंगा मार्च और प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा गया था। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने आम जनता से इस कार्यक्रम में शामिल न होने की स्पष्ट अपील जारी की है।
धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इलाके में सुरक्षा कारणों से धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसी वजह से किसी भी बड़े जनसमूह या विशाल रैली के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
केवल 11 लोगों के समूह को मंजूरी
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम के सांकेतिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सीमित ढील दी है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि वह केवल 11 लोगों के एक छोटे समूह को उपयुक्त स्थान पर तिरंगा लेकर राष्ट्रगान गाने की सुविधा और अनुमति दे सकती है। इस तय संख्या से अधिक लोगों के जुटने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस मुस्तैद है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। 16 अक्टूबर को होने वाले इस सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

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