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GIMS स्टाफ नर्स भर्ती 2026: 100 पदों पर आवेदन शुरू

GIMS स्टाफ नर्स भर्ती 2026: 100 पदों पर आवेदन शुरू

Delight News
📅 18 Aug2026

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

GIMS स्टाफ नर्स भर्ती 2026: 100 पदों पर आवेदन शुरू
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
स्टाफ नर्स भर्ती का शानदार मौका
मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य उम्मीदवारों को प्रतिष्ठित संस्थान में सेवा देने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इस भर्ती से युवाओं को सीधे सरकारी सेवा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन पूरा कर लें। तय समय सीमा के भीतर आवेदन करने वाले उम्मीदवार ही इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र माने जाएंगे।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
भर्ती से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और वेतनमान से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक विज्ञापन देखने की सलाह दी जाती है। GIMS द्वारा तय किए गए मानकों के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। परीक्षा पैटर्न, सिलेबस और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है, जिसे आवेदन करने से पहले अच्छी तरह पढ़ लेना आवश्यक है।
ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में जड़े सबसे तेज 100 छक्के

ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में जड़े सबसे तेज 100 छक्के

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📅 18 Aug2026

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के जड़कर नया विश्व इतिहास रच दिया है। मात्र 89 पारियों में यह कमाल कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट और बेन स्टोक्स को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।

ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में जड़े सबसे तेज 100 छक्के
खबर का सार
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के जड़कर नया विश्व इतिहास रच दिया है। मात्र 89 पारियों में यह कमाल कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट और बेन स्टोक्स को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
ऋषभ पंत का ऐतिहासिक कारनामा
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट फॉर्मेट में एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसकी गूंज लंबे समय तक क्रिकेट जगत में सुनाई देगी। पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के लगाने का महारिकॉर्ड बनाकर दुनिया भर के दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए पहचाने जाने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक शैली का लोहा एक बार फिर मनवाया है।
तोड़ा दिग्गजों का रिकॉर्ड
ऋषभ पंत ने यह बड़ी उपलब्धि अपने करियर की मात्र 89 पारियों में हासिल की है। इस मुकाम पर पहुंचते ही उन्होंने टेस्ट इतिहास के कई महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट और इंग्लैंड के तूफानी ऑलराउंडर बेन स्टोक्स जैसे नाम शामिल हैं, जो अब पंत से इस मामले में पीछे छूट गए हैं। पंत की यह उपलब्धि बताती है कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनका खौफ किस स्तर का है।
भारत के पहले बल्लेबाज बने पंत
यह रिकॉर्ड केवल सबसे तेज छक्कों का ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिहाज से भी बेहद खास है। ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले भारत के लिए किसी भी बल्लेबाज ने टेस्ट फॉर्मेट में शतकीय छक्कों का आंकड़ा नहीं छुआ था। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में इस जादुई आंकड़े को छूकर उन्होंने अपने नाम एक और ऐतिहासिक स्वर्ण जड़ लिया है।
मैदान पर आक्रामकता और खेल का नया आयाम
ऋषभ पंत की यह सफलता सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उनकी उस मानसिकता का परिणाम है जो वह मैदान पर हमेशा दिखाते हैं। शुरुआती झटकों से उबरने के बाद टीम को संकट से निकालने और अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की उनकी क्षमता बेजोड़ है। लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी यह तूफानी पारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक नया मानदंड स्थापित करती है।
JPSC घोटाला: मास्टरमाइंड अभय तिवारी के पत्नी और भाई गिरफ्तार

JPSC घोटाला: मास्टरमाइंड अभय तिवारी के पत्नी और भाई गिरफ्तार

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📅 18 Aug2026

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर रिश्वत देकर सरकारी परीक्षा पास करने का गंभीर आरोप है।

JPSC घोटाला: मास्टरमाइंड अभय तिवारी के पत्नी और भाई गिरफ्तार
> खबर का निचोड़:
> झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर रिश्वत देकर सरकारी परीक्षा पास करने का गंभीर आरोप है।
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JPSC घोटाले की आंच अपनों तक पहुंची
झारखंड के सबसे चर्चित जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा घोटाले में सीआईडी (CID) ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इस बहुचर्चित घोटाले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के घर की ही दीवारें अब भ्रष्टाचार की पोल खोल रही हैं। सीआईडी ने इस मामले में मास्टरमाइंड की पत्नी सुष्मिता तिवारी और उसके भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।
रिश्वत देकर हथियाई गई थी सरकारी नौकरी
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी के इन दोनों करीबी रिश्तेदारों ने अपनी मेहनत के दम पर नहीं, बल्कि अवैध रूप से रिश्वत के जरिए सरकारी परीक्षाएं पास की थीं। शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सरगना ने अपने ही परिवार के सदस्यों को सिस्टम में फिट करने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया था। परिवार के भीतर ही इस तरह के फर्जीवाड़े ने यह साबित कर दिया है कि यह जाल कितना गहरा और व्यापक था।
मास्टरमाइंड के खुलासे से खुले कई राज
गिरफ्तारी से पहले सीआईडी की हिरासत में मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लंबी पूछताछ की गई थी। सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि अभय ने पूछताछ के दौरान कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने परीक्षा माफियाओं के उस काले तंत्र की परतें उधेड़ दी हैं, जिसके जरिए पेपर लीक, कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर सेंधमारी और ओएमआर शीट (OMR Sheet) में बड़े पैमाने पर हेराफेरी को अंजाम दिया जाता था।
आगे की कार्रवाई पर टकटकी
सीआईडी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। अभय तिवारी के खुलासों के आधार पर कई अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। झारखंड की बहुचर्चित परीक्षाओं में हुई इस धांधली ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले हर एक शख्स को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। एजेंसी की इस त्वरित कार्रवाई से न्याय की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं।
सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट: शेयर बाजार पर लाल निशान का कब्जा

सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट: शेयर बाजार पर लाल निशान का कब्जा

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📅 18 Aug2026

भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक बिकवाली के हावी होने से बीते दिनों की बढ़त गायब हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 से अधिक अंक टूटकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिग, आईटी और मेटल शेयरों में भारी नुकसान के कारण निवेशकों को भारी चपत लगी है।

सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट: शेयर बाजार पर लाल निशान का कब्जा
खबर का निचोड़
भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक बिकवाली के हावी होने से बीते दिनों की बढ़त गायब हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 से अधिक अंक टूटकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिग, आईटी और मेटल शेयरों में भारी नुकसान के कारण निवेशकों को भारी चपत लगी है।
बाजार में मची भगदड़ और लाल निशान का कब्जा
सप्ताह के इस कारोबारी दिन की शुरुआत तो सुस्त रही, लेकिन दिन ढलते-ढलते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि पूरे बाजार से हरियाली पूरी तरह गायब हो गई। शुरुआती सत्र में संभलकर कारोबार कर रहे प्रमुख सूचकांक दोपहर के बाद अचानक धड़ाम हो गए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों का गोता लगाकर दिन के निचले स्तरों के करीब बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी अपनी महत्वपूर्ण सपोर्ट रेंज को बरकरार रखने में नाकाम रहा और लाल निशान में समा गया। बाजार में इस चौतरफा गिरावट ने ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इन सेक्टरों में दिखा सबसे बड़ा नुकसान
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार बैंकिग, आईटी और ऑटोमोबाइल्स सेक्टर पर पड़ी। हैवीवेट शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार को संभलने का मौका ही नहीं मिला। आईटी कंपनियों के कमजोर वैश्विक संकेतों ने इस दबाव को और हवा दी, जबकि बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली ने सूचकांकों को नीचे खींचने में मुख्य भूमिका निभाई।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बिकवाली के इस तूफान से बच नहीं सके। हालांकि कुछ चुनिंदा रियल्टी और फार्मा शेयरों में हल्की खरीदारी देखी गई, लेकिन वे पूरे बाजार का मूड बदलने में पूरी तरह असमर्थ रहे। सेंसेक्स के अधिकांश प्रमुख शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार करते हुए बंद हुए।
गिरावट के पीछे की मुख्य वजहें
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस अचानक आई गिरावट के पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों कारण जिम्मेदार हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से जारी लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजारों पर दबाव बनाए रखा है। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों की आशंका और भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
वैश्विक बाजारों में मंदी के रुख और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी घरेलू बाजार के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर डाला है। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले सत्रों में जब तक वैश्विक मोर्चे पर स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है।
UGC NET जून 2026: 84 विषयों की प्रोविज़नल आंसर-की जारी

UGC NET जून 2026: 84 विषयों की प्रोविज़नल आंसर-की जारी

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📅 18 Aug2026

नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर प्रश्न-पत्र और अपनी रिस्पॉन्स शीट देख सकते हैं। 84 विषयों के लिए यह उत्तर कुंजी उपलब्ध है, जबकि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की अलग से जारी होगी। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है।

UGC NET जून 2026: 84 विषयों की प्रोविज़नल आंसर-की जारी
खबर का निचोड़
नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर प्रश्न-पत्र और अपनी रिस्पॉन्स शीट देख सकते हैं। 84 विषयों के लिए यह उत्तर कुंजी उपलब्ध है, जबकि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की अलग से जारी होगी। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है।
UGC NET जून 2026 आंसर-की का अपडेट
देशभर में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता हासिल करने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट आया है। नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 84 विषयों के लिए UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अब सीधे UGC NET के आधिकारिक पोर्टल ugcnet.nta.nic.in पर जाकर अपने प्रश्न-पत्र और दर्ज किए गए जवाबों को ऑनलाइन देख और जांच सकते हैं।
आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
NTA ने आंसर-की जारी करने के साथ ही उम्मीदवारों को अपने जवाबों का मिलान करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर आपत्ति दर्ज कराने का भी मौका दिया है। यदि किसी अभ्यर्थी को NTA द्वारा जारी किए गए किसी उत्तर पर संदेह है, तो वह प्रमाण के साथ 18 अगस्त तक अपनी ऑनलाइन चुनौती दर्ज करा सकता है। तय समय सीमा के बाद भेजी गई किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों की टीम करेगी और उसके बाद ही फाइनल आंसर-की और रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
मुख्य विषयों के लिए अलग से आएगी आंसर-की
अभ्यर्थियों को ध्यान देना होगा कि NTA ने फिलहाल 84 विषयों के लिए ही प्रोविज़नल आंसर-की उपलब्ध कराई है। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी जैसे प्रमुख और अधिक संख्या वाले विषयों की आंसर-की अलग से जारी की जाएगी। इन विषयों की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट्स के लिए नियमित रूप से पोर्टल पर नज़र बनाए रखें। जल्द ही इन विषयों के प्रश्न-पत्र और रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दिए जाएंगे।
वेबसाइट पर ऐसे चेक करें अपनी आंसर-की
अपनी रिस्पॉन्स शीट और आंसर-की देखने के लिए अभ्यर्थियों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा। होमपेज पर दिए गए 'UGC NET June 2026 Answer Key Challenge' लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद उम्मीदवारों को अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि या पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते ही स्क्रीन पर प्रश्न-पत्र, ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और प्रोविज़नल आंसर-की दिखाई देगी, जिसे डाउनलोड करके अपने उत्तरों का मिलान किया जा सकता है।
रामदेव का बड़ा बयान: 'अधिकारों का आंदोलन बालिग होने पर ही ठीक'

रामदेव का बड़ा बयान: 'अधिकारों का आंदोलन बालिग होने पर ही ठीक'

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📅 18 Aug2026

योग गुरु बाबा रामदेव ने बच्चों के राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लेने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश में कोई धर्म खतरे में नहीं है, बल्कि देश का बचपन खतरे में है। बच्चों को आंदोलनों से दूर रखकर पहले अपनी शिक्षा पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए।

रामदेव का बड़ा बयान: 'अधिकारों का आंदोलन बालिग होने पर ही ठीक'
खबर का निचोड़
योग गुरु बाबा रामदेव ने बच्चों के राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लेने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश में कोई धर्म खतरे में नहीं है, बल्कि देश का बचपन खतरे में है। बच्चों को आंदोलनों से दूर रखकर पहले अपनी शिक्षा पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए।
आंदोलन में बचपन का इस्तेमाल बंद हो
देश के जाने-माने योग गुरु बाबा रामदेव ने बच्चों के भविष्य और आंदोलनों में उनकी बढ़ती भागीदारी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस वक्त न तो हिंदू खतरे में हैं, न मुसलमान, न सिख और न ही ईसाई। असल में अगर कोई संकट में है, तो वह इस देश का बचपन है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए बच्चों का इस्तेमाल सड़कों पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल बच्चों के विकास को बाधित करती है, बल्कि देश के भविष्य के लिए भी चिंताजनक है।
पढ़ाई के उम्र में अधिकारों की लड़ाई कैसी?
बाबा रामदेव ने सवाल उठाया कि अगर कम उम्र के बच्चे रैलियों और आंदोलनों की भीड़ का हिस्सा बनेंगे, तो वे अपनी पढ़ाई कब करेंगे? उन्होंने दुनिया भर का उदाहरण देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कहीं भी बच्चों का इस्तेमाल इस तरह के आंदोलनों में नहीं किया जाता। शिक्षा हर बच्चे का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। जब बच्चे ही सड़कों पर नारे लगाएंगे, तो वे अपना और देश का बौद्धिक विकास कैसे करेंगे? आंदोलनों में शामिल होने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
वयस्क होने पर संघर्ष करना ही समझदारी
अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए योग गुरु ने कहा कि अधिकारों के लिए संघर्ष करने का एक सही समय होता है। जब व्यक्ति वयस्क हो जाए, समाज और कानून की बेहतर समझ हासिल कर ले, तब उसे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। बचपन केवल सीखने, गढ़ने और ज्ञान अर्जित करने की उम्र है। परिपक्व होने के बाद किया गया संघर्ष अधिक प्रभावी और दिशात्मक होता है।
बचपन की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
रामदेव के इस बयान ने समाज के बुद्धजीवियों और अभिभावकों का ध्यान एक गंभीर मुद्दे की ओर खींचा है। बच्चों को राजनीतिक एजेंडे से दूर रखना और उन्हें सही समय पर सही मार्गदर्शन देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बच्चों का समय क्लासरूम में बीतना चाहिए, न कि धरना स्थलों पर। अगर बचपन को सही दिशा नहीं मिली, तो एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं हो पाएगा।

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