
चीन का हरित चमत्कार: टिमटिमाते रेगिस्तान पर लगेगी हरी लगाम
रेगिस्तान के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए चीन ने एक ऐतिहासिक मुहिम छेड़ दी है। दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सूखे रेगिस्तानों में शुमार टकला मकान के चारों ओर बड़े पैमाने पर पेड़ और वनस्पतियां लगाई जा रही हैं, ताकि रेत के टीलों के फैलाव को पूरी तरह थामा जा सके।
रेगिस्तान के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए चीन ने एक ऐतिहासिक मुहिम छेड़ दी है। दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सूखे रेगिस्तानों में शुमार टकला मकान के चारों ओर बड़े पैमाने पर पेड़ और वनस्पतियां लगाई जा रही हैं, ताकि रेत के टीलों के फैलाव को पूरी तरह थामा जा सके।
रेगिस्तान का तांडव और भूगोल
उत्तर-पश्चिम चीन के शिनजियांग प्रांत में स्थित टकला मकान दुनिया के सबसे विशाल रेतीले रेगिस्तानों में से एक है। यह चीन के सबसे बड़े अंतर्देशीय बेसिन यानी तारिम बेसिन के ठीक बीचों-बीच स्थित है। पश्चिम से पूर्व तक यह करीब 960 किलोमीटर की लंबाई में फैला है, जबकि इसकी अधिकतम चौड़ाई लगभग 420 किलोमीटर और कुल क्षेत्रफल करीब 3,20,000 वर्ग किलोमीटर है।
यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शिफ्टिंग-सैंड रेगिस्तान है, जिसका 85 प्रतिशत हिस्सा केवल अर्धचंद्राकार रेत के टीलों से बना है। उत्तर में तिएन शान और दक्षिण में कुनलून जैसी विशाल पर्वत श्रृंखलाएं इस मरुस्थल की रखवाली करती नजर आती हैं। इसके पश्चिम में पामीर पर्वत और पूर्व में प्रसिद्ध गोबी रेगिस्तान स्थित है।
मौसम की मार और बदलती भौगोलिक चाल
इस इलाके की आबोहवा बेहद कठोर है, जो एक विशिष्ट महाद्वीपीय जलवायु का हिस्सा है। यहाँ चलने वाली तेज और खतरनाक हवाएं, नाममात्र की बारिश और दिन-रात के तापमान में भारी अंतर यहाँ के जनजीवन को कठिन बनाते हैं। पिछले एक हजार वर्षों में यहां की रेत की लगातार खिसकने वाली प्रवृत्ति के कारण यह रेगिस्तान दक्षिण की ओर करीब 100 किलोमीटर तक आगे बढ़ चुका है। इसके बावजूद, रेगिस्तान के भीतर छोटे-छोटे पर्वत समूह और इसके उत्तरी छोर से बहने वाली तारिम नदी इस इलाके के भूगोल को अनोखा बनाती हैं।
चीन की महात्वाकांक्षी हरी दीवार
टकला मकान की आक्रामक चाल को थामने के लिए पिछले कई दशकों से एक अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। चीन सरकार और पर्यावरणविदों ने मिलकर इस रेगिस्तान के बंजर किनारों पर पेड़ों की एक मजबूत और हरी दीवार खड़ी करनी शुरू कर दी है। इस हरित आवरण का मुख्य उद्देश्य हवा के साथ उड़ने वाली रेत को रोकना और रेगिस्तानीकरण की रफ्तार पर ब्रेक लगाना है। रेतीले तूफानों के बीच उम्मीद की यह हरी किरण इस बात का प्रतीक है कि प्रकृति के आक्रामक रूपों को भी मानवीय दृढ़ इच्छाशक्ति से संतुलित किया जा सकता है।

₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR विवाद: सरकार का रुख साफ
₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI भुगतानों पर 0.4% MDR लागू होने से सियासत गरमा गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क व्यापारियों पर लगेगा, ग्राहकों पर नहीं। विपक्ष इसे 'UPI टैक्स' बताकर विरोध कर रहा है, जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।
खबर का निचोड़
₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI भुगतानों पर 0.4% MDR लागू होने से सियासत गरमा गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क व्यापारियों पर लगेगा, ग्राहकों पर नहीं। विपक्ष इसे 'UPI टैक्स' बताकर विरोध कर रहा है, जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।
मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर सियासी बवाल तेज
UPI भुगतान पर नया शुल्क
डिजिटल भुगतान के मोर्चे पर देश में एक नया राजनीतिक और आर्थिक भूचाल आ गया है। दो हजार रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत का मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू किए जाने के बाद से विवाद गहराता जा रहा है। सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए यह साफ कर दिया है कि इस शुल्क का बोझ आम ग्राहकों की जेब पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा, बल्कि यह व्यापारियों से वसूला जाएगा। साथ ही, सरकार ने इस फैसले को किसी भी कीमत पर वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है।
विपक्ष का हमला और अमेरिकी दबाव के आरोप
सियासत और 'UPI टैक्स' का मुद्दा
सरकार के इस कदम के खिलाफ विपक्षी दल पूरी तरह हमलावर रुख अपना चुके हैं। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इसे सीधा 'UPI टैक्स' करार देते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इसके विरोध में एक अनूठा 'गिफ्ट' अभियान भी छेड़ दिया है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस फैसले के पीछे अमेरिकी दबाव होने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे यह मुद्दा केवल आर्थिक न रहकर एक बड़ा राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद बन चुका है।
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स पर अलग नियम
निवेश के मोर्चे पर तय शुल्क
एक तरफ जहां आम मर्चेंट भुगतानों को लेकर विवाद मचा हुआ है, वहीं वित्तीय बाजार के अन्य क्षेत्रों के लिए नियम अलग से तय किए गए हैं। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में होने वाले UPI भुगतानों पर MDR की दर 0.02 प्रतिशत तय की गई है। वित्तीय जानकारों का मानना है कि यह अंतर डिजिटल अर्थव्यवस्था के अलग-अलग सेक्टरों पर अलग तरह से असर डालेगा।
कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट की दहलीज
अदालत तक पहुंचा विवाद
विवाद सिर्फ सड़क और संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुका है। MDR लागू करने के इस सरकारी और संस्थागत फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत में इस याचिका के दाखिल होने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायपालिका इस वित्तीय और राजनीतिक खींचतान पर क्या रुख अपनाती है।

दिशा सालियान केस में 500 करोड़ का मानहानि नोटिस और नए खुलासे
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। उनका दावा है कि उनके पास आदित्य ठाकरे के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और उनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। उनका दावा है कि उनके पास आदित्य ठाकरे के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और उनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
पिता का कड़ा कदम और 500 करोड़ का नोटिस
दिवंगत प्रबंधक दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने इस मामले में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि नोटिस थमाया है। सतीश सालियान का स्पष्ट कहना है कि उनकी बेटी की मौत को लेकर राजनीतिक लाभ के लिए अनर्गल बयानबाजी की गई, जिससे उनके परिवार की छवि को भारी ठेस पहुंची है। इस नोटिस में दोनों नेताओं से सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है।
आदित्य ठाकरे पर गंभीर आरोप और गिरफ्तारी की सुगबुगाहट
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सतीश सालियान ने दावा किया कि उनके पास शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं। उनका यह भी मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में आदित्य ठाकरे की गिरफ्तारी तक हो सकती है। इन सनसनीखेज दावों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में पारा चढ़ गया है। उधर, उद्धव ठाकरे गुट ने इन तमाम आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है।
सीबीआई की जांच और मिस्ट्री वुमन की तलाश
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले की परतों को टटोलने में जुटी हुई है। वर्तमान में जांच एजेंसी उस रहस्यमयी महिला की सरगर्मी से तलाश कर रही है जो घटना की रात दिशा सालियान को अस्पताल लेकर आई थी। इस महिला का बयान इस पहेલી को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है। इसके अलावा, इस हाई-प्रोफाइल मामले की फेरहिस्ट में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की मौजूदगी ने भी सनसनी फैला दी है, जिन्हें इस प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम के दौरान स्पॉट किया गया था। जांच एजेंसियों के शिकंजे कसने के साथ ही इस बहुचर्चित मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं।

सोने की बिक्री और लंबी कतारें: भारत में iPhone 18 Pro का क्रेज
भारत में आईफोन का क्रेज किसी त्योहार से कम नहीं है। आज यानी 18 सितंबर 2026 से देश भर में iPhone 18 Pro और Pro Max की बिक्री आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। एप्पल स्टोर्स के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ और दीवानों का तांता लगा हुआ है।
भारत में आईफोन का क्रेज किसी त्योहार से कम नहीं है। आज यानी 18 सितंबर 2026 से देश भर में iPhone 18 Pro और Pro Max की बिक्री आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। एप्पल स्टोर्स के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ और दीवानों का तांता लगा हुआ है।
खबर का निचोड़
भारत में iPhone 18 Pro और Pro Max की बिक्री शुरू हो गई है, जिसकी शुरुआती कीमत 1,64,999 रुपये है। स्टोर्स के बाहर लंबी कतारें हैं, जहां कुछ खरीदार सोना बेचकर या सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे हैं। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स 15 मिनट में डिलीवरी दे रहे हैं, जबकि सोनू सूद ने इसे अपग्रेड न करने की सलाह दी है।
दीवानगी की हदें पार: स्टोर्स के बाहर लगी लंबी कतारें
देशभर के एप्पल स्टोर्स के बाहर आज सुबह से ही ऐसा नजारा देखने को मिला, मानो कोई ऐतिहासिक मेला लगा हो। खरीदारों में ऐसा उत्साह है कि लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके बड़े शहरों के एप्पल स्टोर पहुंच रहे हैं। दीवानगी का आलम यह है कि कुछ जुनूनी ग्राहक इस नए फोन को पाने के लिए अपने गहने और सोना तक बेचने से पीछे नहीं हटे। स्टोर्स के दरवाजे खुलते ही स्टॉक खत्म होने की होड़ मच गई है।
जेब पर भारी कीमत और आसान फाइनेंस के विकल्प
लेटेस्ट iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,999 रुपये तय की गई है। इतनी बड़ी कीमत आम आदमी की पहुंच से बाहर लग सकती है, लेकिन एप्पल प्रेमियों के लिए यह कोई बाधा नहीं है। ग्राहकों को लुभाने के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा शानदार कैशबैक ऑफर्स और आसान मासिक किस्त यानी ईएमआई के विकल्प दिए जा रहे हैं, जिससे लोग बेझिझक इस महंगे गैजेट को अपना बना रहे हैं।
मिनटों में होम डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स का जादू
अगर आप लंबी लाइनों में खड़े होने से बचना चाहते हैं, तो तकनीक ने आपके लिए रास्ता आसान कर दिया है। आज के इस दौर में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने ग्राहकों को एक नया सरप्राइज दिया है। ये प्लेटफॉर्म्स ऑर्डर करने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर सीधे आपके दरवाजे पर iPhone 18 Pro डिलीवर करने का वादा कर रहे हैं, जिससे ऑनलाइन खरीदारी का क्रेज भी चरम पर है।
सोनू सूद की सलाह और सोशल मीडिया की बहस
एक तरफ जहां लोग फोन खरीदने के लिए अपनी जमापूंजी खर्च कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इस दौड़ पर एक अलग नजरिया पेश किया है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि बार-बार फोन अपग्रेड करने के बजाय अपनी कमाई का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और जरूरतमंदों की मदद करने में करना चाहिए। उनकी इस सलाह के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है कि गैजेट्स का यह दिखावा कितना जरूरी है।

तबाही का दूसरा नाम अभिषेक शर्मा: टी20 में रचा नया इतिहास
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने मैदान पर तबाही मचाते हुए रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 30 गेंदों में तूफानी शतक ठोककर भारत के लिए सबसे तेज टी20 शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। भारत ने इस ऐतिहासिक सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया।
खबर का निचोड़
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने मैदान पर तबाही मचाते हुए रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 30 गेंदों में तूफानी शतक ठोककर भारत के लिए सबसे तेज टी20 शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। भारत ने इस ऐतिहासिक सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया।
टी20 का नया बादशाह बना युवा शेर
क्रिकेट के मैदान पर जब कोई युवा अपनी काबिलियत का लोहा मनवाता है, तो रिकॉर्ड खुद-ब-खुद उसके कदम चूमने लगते हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला ऐसा ही गवाह बना, जहां अभिषेक शर्मा ने अपनी आतिशी पारी से पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। महज़ 30 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में असंभव कुछ भी नहीं है। उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है।
पावरप्ले में गेंदबाजों के लिए खौफ बने अभिषेक
मैच की शुरुआत से ही अभिषेक शर्मा अलग ही रंग में नजर आए। उन्होंने अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान पावरप्ले के भीतर ही 76 रन कूट डाले, जो कि टी20 क्रिकेट के इतिहास में पावरप्ले का एक नया विश्व रिकॉर्ड है। विपक्षी कप्तान के पास उनकी आंधी को रोकने का कोई जवाब नहीं था। अंततः उन्होंने 108 रनों की विध्वंसक पारी खेलकर पवेलियन की राह पकड़ी।
अनोखे अंदाज में मनाया जश्न और सीरीज पर कब्जा
शतक पूरा करने के बाद अभिषेक शर्मा का जश्न मनाने का अंदाज भी बेहद जुदा और चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने मेडिटेशन यानी ध्यान की मुद्रा में बैठकर अपने इस कारनामे का जश्न मनाया, जो उनके शांत और एकाग्रचित्त स्वभाव को दर्शाता है। इस मैच में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' और पूरी श्रृंखला में निरंतरता दिखाने के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया।
रिकॉर्ड्स की बाढ़ और भविष्य की चमक
इस धमाकेदार सीरीज जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ करते हुए 3-0 से सीरीज अपने नाम की, जो रनों के अंतर से एक ऐतिहासिक जीत है। दूसरी ओर, इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इशान किशन साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं, जबकि आतिशी अभिषेक शर्मा इस फेरबदोश में तीसरे पायदान पर काबिज हैं। इसके अलावा, संजू सैमसन ने छक्कों के मामले में स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय क्रिकेट की यह युवा फौज आने वाले समय में दुनिया को और भी कई बड़े रोमांच देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इराक के आसमान में घमासान: ईरानी दावे ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दक्षिणी ईरान के क्सम द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का सनसनीखेज दावा किया है। इस घटना ने एक बार फिर मध्य पूर्व में तनाव की सुई को अचानक से बहुत ऊपर ला दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दक्षिणी ईरान के क्सम द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का सनसनीखेज दावा किया है। इस घटना ने एक बार फिर मध्य पूर्व में तनाव की सुई को अचानक से बहुत ऊपर ला दिया है।
रीपर ड्रोन की पहचान और उसकी ताकत
एमक्यू-9 रीपर एक ऐसा हथियारबंद, बहु-मिशन वाला मानवरहित विमान है जो लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता रखता है। अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स द्वारा तैयार यह ड्रोन मुख्य रूप से अमेरिकी वायु सेना के बेड़े की रीढ़ है। इसे लोकप्रिय एमक्यू-1 प्रीडेटर का अपग्रेडेड और अत्याधुनिक रूप माना जाता है, जिसने पहली बार साल 2007 में अफगानिस्तान के आसमान में अपनी ताकत दिखाई थी। इस ड्रोन का मुख्य काम युद्ध के मैदान पर रणनीतिक निगरानी रखना, खुफिया जानकारी जुटाना और जरूरत पड़ने पर सीधे दुश्मन के ठिकानों पर हमला करना है।
तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता
इस ड्रोन की बनावट इसे बेहद खास बनाती है। इसका विंगस्पैन 66 फीट यानी करीब 20 मीटर का है और यह हवा में लगातार 27 घंटे से ज्यादा समय तक टिक सकता है। इसमें ट्रिपल-रिडंडेंट एवियोनिक्स सिस्टम और फॉल्ट-टॉलरेंट फ्लाइट कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। टर्बोप्रॉप इंजन से लैस इस ड्रोन में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल तकनीक जोड़ी गई है, जिससे कम ऊंचाई पर भी इसकी ईंधन दक्षता और प्रदर्शन बेहतरीन बना रहता है। यह 322 से 370 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से क्रूज कर सकता है और 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरकर विशाल भौगोलिक क्षेत्र को अपनी नजर में रख सकता है।
हथियारों का जखीरा और रिमोट कंट्रोल सिस्टम
निगरानी के साथ-साथ हमला करने की इसकी क्षमता इसे और खतरनाक बनाती है। यह हवा से जमीन पर मार करने वाली खतरनाक हेलफायर मिसाइलों के अलावा लेजर-गाइड्ड बमों से पूरी तरह लैस हो सकता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे जमीन पर बैठे सिर्फ दो लोगों की एक टीम नियंत्रित करती है। इस टीम में एक पायलट होता है जो विमान को दिशा देता है और दूसरा एयरक्रू मेंबर होता है जो इसके सेंसर्स को संभालता है और हथियारों को सही निशाने पर गाइड करता है।
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