
छत्तीसगढ़ में सरकारी वकील बनने का मौका, CGPSC ने निकाली भर्ती
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह विभाग के अंतर्गत सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) के 15 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए लॉ ग्रेजुएट (LLB) उम्मीदवार 22 जून 2026 से 21 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन 300 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों के इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसकी संभावित परीक्षा तारीख 20 सितंबर 2026 तय की गई है।
खबर का निचोड़ (Summary)
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह विभाग के अंतर्गत सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO) के 15 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए लॉ ग्रेजुएट (LLB) उम्मीदवार 22 जून 2026 से 21 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन 300 अंकों की लिखित परीक्षा और 30 अंकों के इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसकी संभावित परीक्षा तारीख 20 सितंबर 2026 तय की गई है।
कोर्ट रूम में करियर बनाने का सुनहरा अवसर
कानून की पढ़ाई पूरी कर चुके और सरकारी क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित करियर की तलाश कर रहे युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ से एक बेहद शानदार खबर आई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने साल 2026 के लिए सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (ADPO/APO) के पदों पर भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। गृह विभाग के अंतर्गत आने वाला यह पद न केवल समाज में बड़े सम्मान की गारंटी देता है, बल्कि राज्य सरकार के अधीन एक राजपत्रित द्वितीय श्रेणी (Gazetted Second Class) अधिकारी के रूप में काम करने का मौका भी प्रदान करता है।
आवेदन की समय-सीमा और जरूरी तारीखें
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को तय समय के भीतर ही अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया 22 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे से शुरू हो जाएगी। उम्मीदवारों के पास अपने फॉर्म और फीस जमा करने के लिए 21 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे तक का समय रहेगा। यदि फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो उसके सुधार के लिए 22 जुलाई से 24 जुलाई तक फ्री करेक्शन विंडो भी खोली जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी लिखित परीक्षा संभावित रूप से 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जा सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन: योग्यता और उम्र सीमा
इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक (LLB) की डिग्री होना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी अंतिम वर्ष के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, वे इसके योग्य नहीं माने जाएंगे। आयु सीमा की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी, जिसके तहत न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष निर्धारित है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी उम्मीदवारों को आयु सीमा में विशेष छूट दी गई है, जिससे उनके लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 वर्ष तक रहेगी।
चयन प्रक्रिया, नया सिलेबस और बेहतरीन सैलरी
चयन प्रक्रिया पूरी तरह से दो चरणों पर आधारित होगी। पहले चरण में 300 अंकों की एक लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 3 घंटे का समय मिलेगा और कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे। इस बार के सिलेबस में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें सामान्य ज्ञान के साथ-साथ नए कानून जैसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को शामिल किया गया है। लिखित परीक्षा पास करने वालों को 30 अंकों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इस पद पर अंतिम रूप से चयनित होने वाले अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-9 के तहत ₹38,100 से लेकर ₹1,20,400 तक का शानदार वेतनमान और अन्य सरकारी भत्ते दिए जाएंगे।

टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए रो पड़ी थीं सोनिया गांधी
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि दिसंबर 1992 में टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए वह रो पड़ी थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस की कुछ नाकामियों ने बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में भूमिका निभाई है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर छलके आंसू
सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया कि दिसंबर 1992 में जब वह टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देख रही थीं, तो उस दृश्य को देखकर वह रो पड़ी थीं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादों और बहसों को एक बार फिर से ताजा कर दिया है।
कांग्रेस की नाकामियों और बीजेपी का उभार
इसके साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी की कुछ अपनी नाकामियां रहीं हैं। उन्होंने माना कि पार्टी की इन्हीं चूकों ने देश में बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि कई मामलों में उनकी पार्टी जरूरत से ज्यादा निश्चिंत रही थी।

इमर्जेंसी पर सोनिया गांधी का बयान, संजय अकेले कसूरवार नहीं
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के लिए दिवंगत संजय गांधी को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि संजय के आसपास राजीव गांधी जैसे लोग भी थे जिनका नजरिया अलग था और इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों का भी उन पर काफी दबाव था।
संजय गांधी अकेले जिम्मेदार नहीं
सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा है कि इमरजेंसी के वक्त केवल दिवंगत संजय गांधी ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे। उनके मुताबिक, उस दौरान इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों की ओर से उन पर काफी दबाव बनाया गया था, जिसके कारण कई फैसले लिए गए।
राजीव गांधी का अलग था नजरिया
इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि संजय गांधी के आसपास कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जिनका नज़रिया उनसे बिल्कुल अलग था। सोनिया गांधी ने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि राजीव गांधी की राय और सोच इस मामले में अलग थी, जो इस ऐतिहासिक दौर के भीतर के समीकरणों को दर्शाती है।

सिलीगुड़ी में सैनिकों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दिवाली मिलन समारोह के दौरान वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाई। उन्होंने सैनिकों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका मनोबल ही सबसे बड़ा हथियार है।
जवानों को खिलाई मिठाई
इस खास मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री ने वायुसेना के जवानों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाकर दीवाली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सैनिकों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला, जो त्योहार के मौके पर उनके अपनों से दूर रहने की कमी को थोड़ा कम करता है।
सैनिकों का मनोबल सबसे बड़ा हथियार
संबोधन और बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने सैनिकों के त्याग, साहस और देश के प्रति समर्पण की खुलकर सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे सैनिकों का उच्च मनोबल ही देश का सबसे बड़ा और मजबूत हथियार है। इसके साथ ही उन्होंने सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने की बात पर जोर देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।

पीएम मोदी इस बार भी जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की है कि वह इस बार भी जवानों के बीच ही त्योहार मनाएंगे। उन्होंने इसे अपनी नियमित परंपरा बताया है, जिसे वह साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगातार निभा रहे हैं।
जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को अपनी एक नियमित परंपरा करार दिया है। उन्होंने साझा किया कि साल 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से ही वह हर साल दीपावली का पर्व सैनिकों के बीच जाकर मनाते आ रहे हैं।
सरहद पर जाकर बढ़ाते हैं हौसला
अपनी इस विशेष परंपरा के तहत प्रधानमंत्री हर साल किसी न किसी बॉर्डर या सैन्य ठिकाने पर पहुंचते हैं। वहां तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाना और उनके साथ खुशियां बांटना उनकी प्राथमिकता रही है।

iOS की सीक्रेट ब्लॉक लिस्ट में मोदी-राहुल के नाम
एक रिसर्चर ने एप्पल की 1 लाख शब्दों वाली गोपनीय बहुभाषी सूची का खुलासा किया है, जिन्हें iOS कीबोर्ड ऑटो-करेक्ट या स्वाइप टाइपिंग में नहीं सुझाता। इस सूची में हिंदी के 3,913 शब्द शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के नाम भी स्वाइप टाइपिंग से बाहर रखे गए हैं।
सीक्रेट लिस्ट में हिंदी के शब्द शामिल
शोधकर्ता के अनुसार, इस बहुभाषी सूची में शामिल शब्दों को iOS कीबोर्ड ऑटो-करेक्ट सुझावों या स्वाइप टाइपिंग में रिकमेंड नहीं करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सीक्रेट लिस्ट में हिंदी भाषा के भी 3,913 शब्द और वाक्य मौजूद हैं।
स्वाइप टाइपिंग से बाहर दिग्गज नेता
इस ब्लॉक लिस्ट में हिंदी के कई चर्चित शब्दों के साथ-साथ देश के बड़े राजनीतिक चेहरों के नाम भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नाम भी iOS की स्वाइप टाइपिंग में नहीं आते हैं। एप्पल द्वारा बनाए गए इन सख्त एल्गोरिदम का उद्देश्य कीबोर्ड स्वाइपिंग के दौरान कुछ खास और संवेदनशील शब्दों के अपने-आप टाइप होने से रोकना है।
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