
भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान: खारे पानी के मगरमच्छों का संरक्षण और आवास
ओडिशा स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में सैकड़ों खारे पानी के मगरमच्छों के बच्चों का जन्म हुआ है, जो इसके अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और सफल वन्यजीव प्रबंधन को दर्शाता है। यह क्षेत्र जैव विविधता और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
ओडिशा स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में सैकड़ों खारे पानी के मगरमच्छों के बच्चों का जन्म हुआ है, जो इसके अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र और सफल वन्यजीव प्रबंधन को दर्शाता है। यह क्षेत्र जैव विविधता और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
भौगोलिक स्थिति और पारिस्थितिकी तंत्र
यह राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित है। यह ब्राह्मणी, बैतरणी, धामरा और महानदी नदियों के डेल्टा क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्र देश का दूसरा सबसे बड़ा मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र है, जो विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और जीवों को आश्रय प्रदान करता है।
खारे पानी के मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास
भितरकनिका को 'क्रोकोडाइल मैनहोल' के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यहाँ खारे पानी के मगरमच्छों (क्रोकॉडुलोस पोरुसस) की विशाल आबादी निवास करती है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, यहाँ बड़ी संख्या में नेस्टिंग साइट्स से बच्चों का बाहर निकलना इस प्रजाति के प्राकृतिक प्रजनन और संरक्षण प्रयासों की सफलता को प्रमाणित करता है।
प्रमुख वनस्पतियाँ और जीव
यहाँ मैंग्रोव वनों की सघन चादर पाई जाती है, जिसमें सुंदरी, केवड़ा और ग्वार जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं। मगरमच्छों के अलावा, यह उद्यान लुप्तप्राय ओलिव रिडेल कछुओं के सामूहिक घोंसला बनाने के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है, जो गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के निकट स्थित होने के कारण विशेष महत्व रखता है।
संरक्षण और प्रशासनिक महत्व
वन विभाग द्वारा अवैध शिकार को रोकने, गश्त बढ़ाने और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े उपाय किए गए हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत कड़े सुरक्षा दायरे में आता है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली में जर्जर इमारतों पर चला बुलडोजर
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी ने जर्जर व अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 17 इमारतों को ध्वस्त और 5 को सील कर दिया गया है। 52 जर्जर पीजी की पहचान के बीच छात्रों में दहशत है। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
संक्षेप
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी ने जर्जर व अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 17 इमारतों को ध्वस्त और 5 को सील कर दिया गया है। 52 जर्जर पीजी की पहचान के बीच छात्रों में दहशत है। पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हादसे के बाद राजधानी में हड़कंप
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ भयावह इमारत हादसा अब पूरी राजधानी के लिए एक बड़ा सबक बन चुका है। इस दर्दनाक घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और अवैध व जर्जर ढांचों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया गया है। सालों से अनदेखी का शिकार रही खतरनाक इमारतों पर अब नगर निगम का चाबुक चलना तय माना जा रहा है।
सरकार का कड़ा रुख और बुलडोजर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम (एमसीडी) को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई और लोगों की जान जोखिम में डालने वाली अवैध इमारतों पर बिना किसी रियायत के बुलडोजर चलाया जाए। इस आदेश के बाद एमसीडी की टीमों ने मैदान में उतरकर त्वरित कार्रवाई की। अब तक शहर के विभिन्न इलाकों में 17 अवैध व जर्जर इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया है, जबकि 5 अन्य संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
खस्ताहाल पीजी और छात्रों में दहशत
प्रशासनिक जांच के दौरान सत्य निकेतन और आसपास के छात्र-बहुल इलाकों में स्थित 52 पीजी (पेइंग गेस्ट) बेहद खस्ताहाल और असुरक्षित पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद वहां रह रहे देश-विदेश के छात्रों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। हादसे से सहमे कई छात्र अब आनन-फानन में अपने पीजी खाली करके सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुटी नजर आ रहे हैं।
लापरवाही पर कानूनी शिकंजा
हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इमारत के मालिक और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए छात्र को एम्स से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जो इस त्रासदी में एक राहत भरी खबर है।
एमसीडी का जारी रहेगा अभियान
दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई महज एक दिन का सांकेतिक कदम नहीं है। आने वाले दिनों में भी उन सभी इमारतों और पीजी की पहचान कर सख्त एक्शन लिया जाएगा, जो बिना मानक अनुमति के चल रहे हैं या जिनकी संरचनात्मक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है।

होर्मुज की जंग: अमेरिका-ईरान में छिड़ा खतरनाक सैन्य टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा एक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी को जब्त किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के पांच तेल टैंकर नष्ट कर दिए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें जॉर्डन ने हवा में ही ध्वस्त कर दिया।
खबर का निचोड़
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा एक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी को जब्त किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के पांच तेल टैंकर नष्ट कर दिए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें जॉर्डन ने हवा में ही ध्वस्त कर दिया।
संकट की शुरुआत: जलडमरूमध्य में अमेरिकी पनडुब्बी जब्त
मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है। रणनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की एक दुस्साहसिक कार्रवाई ने वॉशिंगटन को हिलाकर रख दिया। ईरानी सेना ने इस क्षेत्र में गश्त कर रही एक अत्याधुनिक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी (Unmanned Submarine) को अपने कब्जे में ले लिया।
ईरान की इस कार्रवाई को अमेरिका ने सीधे तौर पर अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं का उल्लंघन माना। इस घटना के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के गलियारों में हलचल तेज हो गई और एक बड़े सैन्य जवाब की पटकथा लिख दी गई।
अमेरिका का प्रचंड प्रहार: पांच ईरानी तेल टैंकर तबाह
पनडुब्बी की जप्ती से तिलमिलाई अमेरिकी सेना ने बिना वक्त गंवाए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने एक संयुक्त और सटीक सैन्य अभियान को अंजाम देते हुए समुद्र में मौजूद ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया।
यह हमला न केवल ईरान के सैन्य गुरूर पर सीधी चोट था, बल्कि उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तेल व्यापार पर भी एक करारा प्रहार था। अमेरिकी ठिकानों से जारी संदेश साफ था कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी भी उकसावे की कार्रवाई का अंजाम बेहद घातक होगा। अमेरिका की इस ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई से खाड़ी देश सन्न रह गए और क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडराने लगा।
ईरान का पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल अटैक
तेल टैंकरों की तबाही से बौखलाए ईरान ने मामले को और आगे बढ़ाते हुए सीधे अमेरिकी ठिकानों को अपना निशाना बनाया। ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों की ओर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। ईरान का मकसद अमेरिका को भारी रणनीतिक और मानवीय नुकसान पहुंचाना था।
हालांकि, जॉर्डन की सतर्क सेना और उनके आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने समय रहते खतरे को भांप लिया। जॉर्डन के वायु रक्षा तंत्र ने मुस्तैदी दिखाते हुए ईरान की सभी मिसाइलों को आसमान में ही मार गिराया और अमेरिकी ठिकानों तक पहुंचने से पहले ही उन्हें तिनके की तरह बिखेर दिया।
पश्चिम एशिया में बढ़ता क्षेत्रीय अस्थिरता का साया
जॉर्डन की सीमा में मिसाइलों को रोके जाने के बावजूद इस पूरे घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व को गहरे संकट में धकेल दिया है। होर्मुज से शुरू हुई यह सैन्य चिंगारी अब कई देशों की सीमाओं को अपनी चपेट में ले रही है। वैश्विक समुदाय इस समय बेहद चिंता में है, क्योंकि इस समुद्री मार्ग से दुनिया का एक-तिहाई कच्चा तेल गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह सीधा टकराव न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित कर सकता है, बल्कि पूरी दुनिया को एक नए आर्थिक और सैन्य संकट की ओर धकेल रहा है।

समय रैना को रोस्ट कर छाईं एक्ट्रेस सुरभि वंजारा
कॉमेडियन समय रैना के लोकप्रिय शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' में अभिनेत्री सुरभि वंजारा ने बतौर प्रतिभागी हिस्सा लिया。 उन्होंने शो के होस्ट समय रैना को खुलकर रोस्ट किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है。
कॉमेडियन समय रैना के लोकप्रिय शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' में अभिनेत्री सुरभि वंजारा ने बतौर प्रतिभागी हिस्सा लिया。 उन्होंने शो के होस्ट समय रैना को खुलकर रोस्ट किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है。
'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' में धमाकेदार एंट्री
कॉमेडी और अनूठे कॉन्सेप्ट के लिए पहचाने जाने वाले समय रैना के बहुचर्चित शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' ने एक बार फिर इंटरनेट पर हलचल मचा दी है。 इस शो के मंच पर हाल ही में कुछ ऐसा हुआ जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया。 जानी-मानी अभिनेत्री सुरभि वंजारा इस बार शो में एक प्रतियोगी के रूप में शामिल होने पहुंची थीं。 मंच पर कदम रखते ही उन्होंने शो के होस्ट और लोकप्रिय कॉमेडियन समय रैना को जिस अंदाज में रोस्ट किया, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया。 दर्शकों के बीच उनके इस साहसिक और मनोरंजक अंदाज की खूब चर्चा हो रही है。
बॉलीवुड से लेकर छोटे परदे तक का सफर
सुरभि वंजारा किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं。 उन्होंने अपने लंबे अभिनय करियर में बड़े परदे से लेकर छोटे परदे तक अपनी एक खास पहचान बनाई है。 बॉलीवुड की बात करें तो सुरभि ने चर्चित थ्रिलर फिल्म 'मर्डर' में काम किया था。 फिल्मों के अलावा उन्होंने भारतीय टेलीविज़न के इतिहास के कुछ सबसे बड़े और लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा है。 उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हमेशा एक अलग श्रेणी का कलाकार बनाया है。
सस्पेंस और थ्रिल से भरपूर धारावाहिकों का हिस्सा
सुरभि वंजारा के टीवी करियर पर नजर डालें तो उन्होंने देश के सबसे रोमांचक शोज में काम किया है。 वह लोकप्रिय क्राइम इन्वेस्टिगेशन शो 'सीआईडी' का हिस्सा रह चुकी हैं。 इसके अलावा, उन्होंने क्लासिक हॉरर शो 'आहत' और सुपरनैचुरल थ्रिलर शो 'श्श्श्...कोई है' जैसे धारावाहिकों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं。 इन शोज में उनके द्वारा निभाए गए किरदार आज भी दर्शकों को अच्छी तरह याद हैं。
'जस्सी जैसी कोई नहीं' से मिला विशेष स्थान
टेलीविज़न के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुए कल्ट शो 'जस्सी जैसी कोई नहीं' में भी सुरभि वंजारा ने अहम भूमिका निभाई थी。 इस सीरियल ने घर-घर में अपनी पैठ बनाई थी और इसमें सुरभि के काम को बेहद सराहा गया था。 अब 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट 2' में एक प्रतियोगी बनकर आने और होस्ट समय रैना को करारा रोस्ट करने के बाद सुरभि एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में आ गई हैं。 इस वाकये के बाद उनके पुराने धारावाहिक और फिल्में भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं。

रीवा के अस्पताल पर कांग्रेस विधायक का विवादित बयान
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में संजय गांधी अस्पताल को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुंदर महिलाओं के शवों के साथ पोस्टमार्टम के दौरान अमानवीय कृत्य किए जाते हैं और वहां पैसे वसूले जाते हैं।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में संजय गांधी अस्पताल को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सुंदर महिलाओं के शवों के साथ पोस्टमार्टम के दौरान अमानवीय कृत्य किए जाते हैं और वहां पैसे वसूले जाते हैं।
रीवा के अस्पताल पर गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल इन दिनों एक बड़े और बेहद संवेदनशील विवाद के केंद्र में आ गया है। यहां कांग्रेस पार्टी के विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल स्टाफ की कार्यशैली पर ऐसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले और स्वास्थ्य विभाग में भारी हलचल मचा दी है। विधायक के इस तीखे बयान के सामने आने के बाद से ही चिकित्सा जगत और राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है।
शवों के साथ अमानवीय कृत्य का दावा
अपने विवादित संबोधन के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने बेहद आपत्तिजनक और गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि संजय गांधी अस्पताल में यदि किसी सुंदर महिला की मौत हो जाती है, और पोस्टमार्टम के वक्त उसके परिवार का कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं होता है, तो उस स्थिति में डेडबॉडी के साथ रेप जैसी अमानवीय घटनाएं होती हैं। उनके इस बयान ने न केवल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि आम जनता के मन में भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम प्रक्रिया के नाम पर अवैध वसूली
अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस विधायक ने यह भी बड़ा दावा किया कि अस्पताल के भीतर पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान शव के पास खड़े रहने या कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के एवज में भी परिजनों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि बिना रिश्वत दिए यहां किसी भी प्रकार की सुगमता की उम्मीद नहीं की जा सकती है, जिससे गरीब और लाचार परिवार बुरी तरह पिस रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में मचा भारी बवाल
इस तरह के सनसनीखेज और गंभीर आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। विपक्षी दलों के नेता इस बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पार्टी और विधायक पर जोरदार हमला बोल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की साख भी गंभीर खतरे में पड़ गई है। इस संवेदनशील प्रकरण के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करता है।

सत्य निकेतन पीजी हादसा: हाईकोर्ट ने एमसीडी और डीयू को घेरा
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की दर्दनाक घटना में 7 लोगों की मौत के बाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार, एमसीडी और डीयू को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि इस त्रासदी के लिए केवल मालिक ही नहीं, बल्कि प्रशासन भी जिम्मेदार है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की दर्दनाक घटना में 7 लोगों की मौत के बाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार, एमसीडी और डीयू को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि इस त्रासदी के लिए केवल मालिक ही नहीं, बल्कि प्रशासन भी जिम्मेदार है।
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ पीजी बिल्डिंग का भयानक हादसा अब एक बड़े प्रशासनिक और न्यायिक फेरबदल का केंद्र बन गया है। इस भीषण हादसे में सात मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध निर्माण को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहे थे। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि इस तरह की त्रासदियों के लिए सिर्फ और सिर्फ इमारत का मालिक ही दोषी नहीं है, बल्कि इसके लिए संबंधित सरकारी विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
प्रशासनिक लापरवाही और नोटिस की बौछार
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निगम यानी एमसीडी और दिल्ली विश्वविद्यालय को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी कर दिया है। अदालत का स्पष्ट मानना है कि इन संस्थाओं की लापरवाही और लचर निगरानी के कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सत्य निकेतन क्षेत्र छात्रों का एक प्रमुख गढ़ माना जाता है, जहाँ हज़ारों छात्र पीजी और किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे में बिना मानकों के चल रहे इन पीजी आवासों पर शिकंजा कसना बेहद जरूरी हो गया था।
सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर कड़ा प्रहार
अदालत ने केवल नोटिस जारी करने तक ही सीमित कदम नहीं उठाया है, बल्कि भविष्य के लिए एक कड़ा संदेश भी दिया है। हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन और इसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में संचालित हो रही सभी पीजी इमारतों के व्यापक ऑडिट का कड़ा आदेश जारी कर दिया है। इस विशेष ऑडिट के माध्यम से यह जांच की जाएगी कि कौन सी इमारतें अग्नि सुरक्षा और निर्माण कानूनों का पालन कर रही हैं और किनमें नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण किया गया है। अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से लापरवाह अधिकारियों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पीजी संचालकों में भारी हड़कंप मच गया है।
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