Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
भारतीय रेलवे में 5,000 से ज्यादा पदों पर बंपर वैकेंसी

भारतीय रेलवे में 5,000 से ज्यादा पदों पर बंपर वैकेंसी

Delight News
📅 02 Oct2026

रेलवे भर्ती बोर्ड ने NTPC के तहत स्नातक और 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए कुल 5,165 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनमें स्टेशन मास्टर और ट्रेन क्लर्क सहित कई अहम पद शामिल हैं।

भारतीय रेलवे में 5,000 से ज्यादा पदों पर बंपर वैकेंसी
खबर का निचोड़
रेलवे भर्ती बोर्ड ने NTPC के तहत स्नातक और 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए कुल 5,165 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनमें स्टेशन मास्टर और ट्रेन क्लर्क सहित कई अहम पद शामिल हैं।
मुख्य आर्टिकल
भारतीय रेलवे में 5,165 पदों पर निकली बंपर भर्तियां
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने NTPC श्रेणी के तहत कुल 5,165 रिक्त पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान में 12वीं पास और ग्रेजुएट दोनों वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग पदों की पेशकश की गई है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल rrbapply.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
ग्रेजुएट युवाओं के लिए 3,477 पदों का अवसर
स्नातक स्तर के अभ्यर्थियों के लिए कुल 3,477 पद आरक्षित किए गए हैं। इन पदों में स्टेशन मास्टर, गुड्स ट्रेन मैनेजर और सीनियर क्लर्क जैसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पद शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है।
12वीं पास के लिए 1,688 पदों पर मौका
जो उम्मीदवार 12वीं कक्षा पास कर चुके हैं, उनके लिए भी भर्ती में बड़ा मौका दिया गया है। इंटरमीडिएट स्तर के अभ्यर्थियों के लिए कुल 1,688 पदों की घोषणा की गई है। इन पदों में कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, ट्रेन क्लर्क, जूनियर क्लर्क सह टाइपिस्ट और अकाउंट्स क्लर्क जैसे विभिन्न पद शामिल हैं।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर करें आवेदन
इन सभी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया और नियम भर्ती बोर्ड द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत होंगे। योग्य अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी उम्मीदवार रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर देख सकते हैं।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक की मौत से पहले का CCTV फुटेज आया सामने

प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक की मौत से पहले का CCTV फुटेज आया सामने

Delight News
📅 02 Oct2026

वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत से ठीक पहले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में रसिक आश्रम की छत पर काफी परेशान दिख रहे हैं और इसके बाद उन्होंने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक की मौत से पहले का CCTV फुटेज आया सामने
खबर का निचोड़
वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत से ठीक पहले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। वीडियो में रसिक आश्रम की छत पर काफी परेशान दिख रहे हैं और इसके बाद उन्होंने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
मुख्य आर्टिकल
मौत से पहले छत पर परेशान दिखे रसिक
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की दुखद मौत के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। घटना से ठीक पहले का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने इस पूरे मामले को उजागर किया है। फुटेज में गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत पर रसिक बेहद परेशान और बेचैन अवस्था में दिखाई दे रहे हैं।
बाउंड्री वॉल पर बैठने के बाद लगाई छलांग
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रसिक काफी देर तक आश्रम की छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे हुए नज़र आए। वे मानसिक रूप से काफी असहज दिख रहे थे। कुछ देर बाउंड्री वॉल पर बैठने के बाद वे छत के फर्श पर लेट गए और फिर अचानक उठकर चौथी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
बचाने दौड़े साधक, पर नहीं बच सकी जान
वीडियो फुटेज में यह भी दिखाई दिया कि जैसे ही रसिक ने छत से छलांग लगाई, वहां मौजूद एक अन्य साधक उन्हें बचाने के लिए तुरंत उनकी तरफ भागता हुआ आया। हालांकि, जब तक कोई उन्हें रोक पाता या मदद पहुंचा पाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चौथी मंजिल से गिरने के कारण रसिक को बेहद गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। रसिक दुलारी शरण संत प्रेमानंद महाराज के करीबी शिष्यों में से एक थे, ऐसे में इस घटना से उनके अनुयायियों और आश्रम से जुड़े लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस हर पहलू से इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर रसिक किस मानसिक तनाव या परेशानी से गुज़र रहे थे।
चाकू लगने पर भी बचाई 180 जानें, ट्रंप बोले- 'हीरो' पायलट

चाकू लगने पर भी बचाई 180 जानें, ट्रंप बोले- 'हीरो' पायलट

Delight News
📅 02 Oct2026

दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबाई फ्लाइट में चाकू लगने के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने ओमानी को-पायलट का मुकाबला कर लगभग 180 यात्रियों की जान बचाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मित मच्छर की तारीफ करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया है।

चाकू लगने पर भी बचाई 180 जानें, ट्रंप बोले- 'हीरो' पायलट
खबर का निचोड़
दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबाई फ्लाइट में चाकू लगने के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने ओमानी को-पायलट का मुकाबला कर लगभग 180 यात्रियों की जान बचाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मित मच्छर की तारीफ करते हुए उन्हें 'हीरो' बताया है।
मुख्य आर्टिकल
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय पायलट स्मित को बताया 'हीरो'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबाई उड़ान के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर की जमकर तारीफ की है। बेहद विकट स्थिति में विमान के लगभग 180 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाने पर ट्रंप ने उन्हें 'हीरो' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि हमलावर को-पायलट शायद एक आतंकी था और ऐसे अप्रत्याशित संकट के क्षणों में स्मित ने जो सूझबूझ और असाधारण निडरता दिखाई, वह वाकई कमाल की थी।
चाकू लगने के बावजूद किया हमलावर का मुकाबला
हवा में उड़ान भर रहे विमान के कॉकपिट के भीतर अचानक हालात तब भयावह हो गए जब ओमानी को-पायलट ने हमला कर दिया। हमले के दौरान गंभीर रूप से चाकू लगने के बावजूद पायलट स्मित मच्छर ने हार नहीं मानी। अत्यधिक दर्द और विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए हमलावर का डटकर मुकाबला किया। उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया और वीरता के बल पर ही कॉकपिट पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल किया जा सका।
गंभीर हालत में भी नहीं खोया मानसिक संतुलन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए उल्लेख किया कि हमले के बाद स्मित की शारीरिक स्थिति बहुत खराब थी। इसके बावजूद उन्होंने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा और तुरंत कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इस साहसिक फैसले की वजह से समय रहते मदद पहुंच सकी और विमान को किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बचा लिया गया।
180 यात्रियों के लिए फरिश्ता बने स्मित
कॉकपिट में हुए इस खौफनाक हमले के दौरान अगर जरा सी भी चूक हो जाती, तो लगभग 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। स्मित मच्छर की तत्परता और जान पर खेलकर निभाई गई जिम्मेदारी ने एक भीषण त्रासदी को टाल दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके इस ऐतिहासिक और जांबाज कारनामे की हर तरफ सराहना हो रही है।
जन्मदिन पर लवलीना का ऐतिहासिक पंच: एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड

जन्मदिन पर लवलीना का ऐतिहासिक पंच: एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड

Delight News
📅 02 Oct2026

भारतीय स्टार मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन पर एशियन गेम्स 2026 में 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। वे इस कैटेगरी में एशियाई खेलों का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।

जन्मदिन पर लवलीना का ऐतिहासिक पंच: एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड
खबर का निचोड़
भारतीय स्टार मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन पर एशियन गेम्स 2026 में 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। वे इस कैटेगरी में एशियाई खेलों का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बन गई हैं।
मुख्य आर्टिकल
जन्मदिन पर लवलीना का स्वर्ण पदक और नया इतिहास
भारतीय मुक्केबाज़ी की स्टार लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। शुक्रवार को अपने 29वें जन्मदिन के खास अवसर पर लवलीना ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि वे एशियन गेम्स के 75 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली देश की पहली महिला बॉक्सर बन गई हैं।
चीनी मुक्केबाज़ को चटाई धूल
रिंग के भीतर लवलीना का दबदबा शुरुआत से ही देखने को मिला। उन्होंने अपने दमदार घूंसों, सटीक पंचिंग और रक्षात्मक कौशल से प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की मुक्केबाज़ को शिकस्त देकर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया और भारत के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदकों का गौरवशाली सफर
यह ऐतिहासिक स्वर्णिम सफलता लवलीना बोरगोहेन के खेल करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर है। इससे पहले उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और एशियन गेम्स 2022 में रजत पदक हासिल किया था। अपने पिछले प्रदर्शन से एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने इस बार गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया और साबित कर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी मंच पर भारत की सबसे मजबूत और भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं।
'हनुमान चालीसा पढ़ रहा था': पीएम मोदी से बोले पायलट स्मित

'हनुमान चालीसा पढ़ रहा था': पीएम मोदी से बोले पायलट स्मित

Delight News
📅 02 Oct2026

फ्लाईदुबई की फ्लाइट को दुर्घटना से बचाने वाले भारतीय 'हीरो' पायलट स्मित मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। बातचीत के दौरान भावुक हुए पीएम मोदी से पायलट स्मित ने बताया कि घटना के समय वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।

'हनुमान चालीसा पढ़ रहा था': पीएम मोदी से बोले पायलट स्मित
खबर का निचोड़
फ्लाईदुबई की फ्लाइट को दुर्घटना से बचाने वाले भारतीय 'हीरो' पायलट स्मित मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। बातचीत के दौरान भावुक हुए पीएम मोदी से पायलट स्मित ने बताया कि घटना के समय वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे।
मुख्य आर्टिकल
पीएम मोदी और हीरो पायलट स्मित की बातचीत
फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान अचानक पैदा हुए संकट के बीच सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर इस समय चर्चा के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके इस जांबाज पायलट से सीधी बातचीत की और उनके साहस तथा सूझबूझ की सराहना की। इस टेलीफोनिक बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भयानक संकट और अटूट आस्था का मेल
बातचीत के दौरान जब प्रधानमंत्री ने घटनाक्रम और उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना, तो पायलट स्मित मच्छर काफी भावुक हो गए। उन्होंने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि जब फ्लाइट पर अप्रत्याशित संकट आया, तब वे पूरी तरह से ईश्वर की शरण में थे। स्मित ने पीएम मोदी से कहा, "मैं जब भी दर्द में होता हूं या किसी कठिन परिस्थिति का सामना करता हूं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। इस घटनाक्रम के दौरान भी मैं मन ही मन हनुमान चालीसा पढ़ रहा था। मुझे पूरा यकीन है कि भगवान ने ही मुझे और यात्रियों को बचाया है।"
बातचीत के दौरान भावुक हुए प्रधानमंत्री
पायलट स्मित के इस बेबाक और आस्था से भरे जवाब को सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद को भावुक होने से रोक नहीं सके। पीएम मोदी ने संकट की घड़ी में उनके धैर्य, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और असीम मानसिक शक्ति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और देश को उन पर गर्व होने की बात कही।
अदम्य साहस और पेशे के प्रति निष्ठा
अस्पताल के बिस्तर पर इलाज करा रहे पायलट स्मित की तस्वीर और उनके शब्द यह साबित करते हैं कि किस तरह उन्होंने बेहद दबाव की स्थिति में भी अपना आपा नहीं खोया। एक तरफ जहां तकनीकी विशेषज्ञता और सूझबूझ ने विमान को नियंत्रण में रखा, वहीं दूसरी ओर उनकी अदम्य आस्था ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा। फ्लाईदुबई फ्लाइट को सुरक्षित लैंड कराकर सैकड़ों जिंदगियों को बचाना भारतीय विमानन इतिहास के सबसे साहसिक कारनामों में से एक बनकर उभरा है।
1 अक्टूबर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले, अब कोर्ट की मंजूरी होगी जरूरी

1 अक्टूबर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले, अब कोर्ट की मंजूरी होगी जरूरी

Delight News
📅 02 Oct2026

1 अक्टूबर 2026 से जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद पंजीकरण कराने के लिए अब उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) या सिविल कोर्ट की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। फर्जीवाड़े को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

1 अक्टूबर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले, अब कोर्ट की मंजूरी होगी जरूरी
खबर का निचोड़
1 अक्टूबर 2026 से जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद पंजीकरण कराने के लिए अब उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) या सिविल कोर्ट की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। फर्जीवाड़े को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
नए नियमों का सीधा असर
जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण न कराने वालों के लिए अब प्रक्रिया पहले जैसी आसान नहीं रहेगी। नए दिशानिर्देशों के लागू होने के बाद, यदि तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो नागरिकों को प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अब तक जो काम स्थानीय निकायों या पंचायत स्तर पर एफिडेविट के जरिए हो जाता था, उसके लिए अब कोर्ट और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे।
क्यों लागू की गई इतनी सख्ती
सरकार ने यह कदम फर्जी दस्तावेजों, पहचान पत्र की धोखाधड़ी और देर से होने वाले पंजीकरणों में बढ़ती गड़बड़ियों को रोकने के लिए उठाया है। पिछले कुछ वर्षों में बैकडेटेड प्रमाण पत्रों के जरिए नागरिकता, संपत्ति विवाद और सरकारी योजनाओं में धांधली के कई मामले सामने आए थे। नए नियम से डेटा की सटीकता बनी रहेगी और हर पंजीकरण की कानूनी वैधता सुनिश्चित की जा सकेगी।
समय पर पंजीकरण की समय सीमा
सामान्य प्रक्रिया के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य और निःशुल्क होता है। 21 दिन के बाद लेकिन 30 दिन के भीतर विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। वहीं, 1 वर्ष से अधिक की देरी होने पर मामले को पूरी तरह से न्यायिक जांच और प्रशासनिक अनुमति के अधीन कर दिया गया है।
आम जनता के लिए मुख्य चुनौतियां
इस बदलाव से सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण इलाकों और उन लोगों को हो सकती है जो अज्ञानता या किसी अन्य कारण से समय पर पंजीकरण नहीं करा पाते। अब उन्हें वकीलों, हलफनामों और अदालती सुनवाई का सामना करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों का खर्च बढ़ेगा। इसके अलावा, स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट और संपत्ति के नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में प्रमाण पत्र की कमी के कारण देरी हो सकती है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App