
भारत की रक्षा शक्ति मजबूत: वरुणअस्त्र और सैटेलाइट के बड़े सौदे
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना और वायुसेना को अधिक ताकतवर बनाने के लिए 4,106 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें स्वदेशी 'वरुणअस्त्र' भारी वजनी टॉरपीडो और 'जीसैट-7सी' संचार उपग्रह का अधिग्रहण शामिल है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम
वरुणअस्त्र एक अत्याधुनिक, जहाज से लॉन्च किए जाने वाला और बिजली से चलने वाला भारी-वजनी एंटी-सബ്मरीन टॉरपीडो है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह गहरे और उथले दोनों तरह के पानी में आसानी से दुश्मन की चुपचाप चलने वाली पनडुब्बियों को भी निशाना बना सकता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के विशाखापत्तनम स्थित नौसैनिक विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (NSTL) द्वारा विकसित यह हथियार 40 नॉट से अधिक की रफ्तार और 40 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखता है।
उन्नत मार्गदर्शन प्रणाली और विध्वंसक क्षमता
इस स्वदेशी टॉरपीडो की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीक नेविगेशन और गाइडिंग तकनीक है। यह एक्टिव-पैसिव एकॉस्टिक होमिंग, वायर गाइडेंस और जीपीएस/नाविक सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम से लैस है। इसमें लगे कॉनफॉर्मल एरे ट्रांसड्यूसर इसे सामान्य टॉरपीडो की तुलना में बहुत अधिक चौड़े कोण पर टारगेट को ट्रैक करने की क्षमता देते हैं। इसके अलावा, यह 250 किलोग्राम के उच्च विस्फोटक वॉरहेड को ले जाने में सक्षम है और 600 मीटर की गहराई तक प्रभावी रूप से ऑपरेशन कर सकता है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
यह नया अनुबंध केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीक में देश के बढ़ते दम को भी दर्शाता है। भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत ऐसे स्वदेशी रक्षा उपकरणों का शामिल होना देश को रक्षा उत्पादन के मामले में वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रहा है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली, पुलिस ने दी मंजूरी
दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित करने के लिए कांग्रेस को NOC जारी कर दिया है। यह रैली कथित वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ी के विरोध में आयोजित की जा रही है। हालांकि, कार्यक्रम के लिए MCD से मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
महारैली का मुख्य उद्देश्य
विपक्ष की इस विशाल रैली का मुख्य एजेंडा कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रियाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाना है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मंच का उपयोग कर केंद्र सरकार और चुनाव प्रणाली पर सवाल खड़े करने तथा जनता को अपने पक्ष में लामबंद करने का प्रयास करेंगे।
मैदान की बुकिंग और तैयारियां
रैली की भव्यता को देखते हुए रामलीला मैदान को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि के लिए बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया गया है। इससे आयोजकों को मंच तैयार करने, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और देश भर से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक इंतजाम करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
प्रशासनिक मंजूरी और बाकी प्रक्रियाएं
हालांकि दिल्ली पुलिस की तरफ से एनओसी मिलने के बाद रैली का रास्ता लगभग साफ हो चुका है, लेकिन नगर निगम (MCD) से अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है। आयोजक जल्द ही एमसीडी से संबंधित सभी औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के संपन्न हो सके।
सियासी हलचल तेज
इस महारैली को INDIA गठबंधन के लिए एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस समेत सभी घटक दल रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में जुट गए हैं। रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ आगामी राजनीतिक माहौल की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

इमरान खान का OCI कार्ड हो सकता है रद्द
मुंबई के एफआरआरओ (FRRO) ने अभिनेता इमरान खान को शो काज नोटिस जारी कर पूछा है कि उनका OCI कार्ड क्यों न रद्द किया जाए। अभिनेता को 15 दिनों के भीतर इस नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश मिल चुका है।
मुंबई के फॉरेनर रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के खिलाफ बेहद कड़ा कदम उठाया है। अधिकारी ने अभिनेता को एक आधिकारिक 'शो काज नोटिस' जारी किया है। इस नोटिस के जरिए यह सवाल पूछा गया है कि क्यों न अभिनेता का आजीवन वीज़ा यानी OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड रद्द कर दिया जाए।
१५ दिनों के भीतर मांगा गया जवाब
प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में अभिनेता इमरान खान को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखें। नियमों के अनुसार, अभिनेता से इस नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय मांगा गया है। इस समयावधि में संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन आगे की बड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
पहले ही मिल चुका है देश छोड़ने का आदेश
गौरतलब है कि इस नए नोटिस से पहले ही अभिनेता इमरान खान की कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ चुकी हैं। उन्हें पहले ही यह निर्देश दिया जा चुका है कि वे आगामी 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ दें। ओसीआई कार्ड रद्द होने की संभावना और देश छोड़ने के आदेश ने अभिनेता की स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।

दुनिया में पहली बार: 3D प्रिंटिंग से हॉर्नबिल को मिली नई चोंच
एम्स्टर्डम के आर्टिस चिड़ियाघर में एक घायल सदन ग्राउंड हॉर्नबिल की टूटी हुई चोंच को बदलने के लिए दुनिया में पहली बार 3D-प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। सीटी स्कैन और पुराने टुकड़ों की मदद से तैयार कृत्रिम चोंच को सर्जरी के जरिए लगाया गया, जिसके बाद पक्षी ने तुरंत इसका उपयोग करना शुरू कर दिया।
नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम स्थित आर्टिस चिड़ियाघर में वन्यजीव चिकित्सा के इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक घटना को अंजाम दिया गया है। यहाँ एक घायल सदन ग्राउंड हॉर्नबिल पक्षी की टूटी हुई चोंच को पूरी तरह से ठीक करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। यह अपनी तरह का दुनिया का पहला ऐसा मामला है जहां 3D-प्रिंटिंग तकनीक के जरिए किसी पक्षी की चोंच के ऊपरी और निचले दोनों हिस्सों को सफलतापूर्वक बदला गया है।
सीटी स्कैन और उन्नत तकनीक का कमाल
इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम ने अत्यधिक बारीकी से काम किया है। पक्षी की टूटी हुई चोंच के पुराने टुकड़ों और सीटी स्कैन की सटीक रिपोर्ट की मदद से डिजिटल रूप से एक नए और बिल्कुल सही आकार की चोंच का मॉडल तैयार किया गया। इसके बाद 3D-प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके दो विशेष कृत्रिम हिस्से प्रिंट किए गए, जो पक्षी के लिए पूरी तरह से अनुकूल साबित हुए।
सर्जरी के तुरंत बाद शुरू किया इस्तेमाल
चिकित्सकों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि सर्जरी वाले दिन ही इस हॉर्नबिल पक्षी ने अपनी नई कृत्रिम चोंच का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आमतौर पर इस तरह की गंभीर सर्जरी के बाद जीवों को रिकवर होने में लंबा समय लगता है, लेकिन इस उन्नत तकनीक ने पक्षी को तुरंत राहत प्रदान की है। वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में इस सफलता को एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

अंकिता भंडारी केस: 88 दिनों में जांच पूरी, दोषियों को उम्रकैद
उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली है। एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था के अनुसार, घटना के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर एसआईटी गठित की गई थी। अदालत ने अब तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस ने मामले की त्वरित जांच और कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। पुलिस विभाग के अनुसार, इस संवेदनशील हत्याकांड में महज़ 88 दिनों के रिकॉर्ड समय के भीतर निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी।
त्वरित गिरफ्तारी और एसआईटी का गठन
मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए एडीजी (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने बताया कि घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर ही तीनों मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने सभी साक्ष्य जुटाए।
दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा
एसआईटी द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए ठोस सबूतों और मजबूत पैरवी के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस की त्वरित जांच और अदालत के इस सख्त फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।

24 घंटे जेल में बिताने के बाद अभिजीत दीपके का तंज
सीजेपी के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत में लिए गए पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने जमानत मिलने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है。 उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शाहरुख खान की तस्वीर शेयर करते हुए बिना वाई-फाई और फोन के 24 घंटे जेल में बिताने के अनुभव को साझा किया है。
सीजेपी के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से ठीक पहले पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को अब जमानत मिल चुकी है。 जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपने ही अंदाज में अपने 24 घंटे के अनुभव को साझा किया है, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गया है।
शाहरुख खान की तस्वीर के साथ किया पोस्ट
जेल से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की फिल्म 'वीर ज़ारा' से जुड़ी एक तस्वीर शेयर की。 इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि 24 घंटे बिना वाई-फाई और फोन के जेल में रहने के बाद बाहर निकलने पर कैसा महसूस होता है。 उनका यह व्यंग्यात्मक अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मार्च से पहले हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि पार्टी के निर्धारित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के आयोजन से पहले ही प्रशासन ने एहतियातन या अन्य कारणों से अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया था। लगभग 24 घंटे जेल की सलाखों के पीछे बिताने और जमानत मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी यह प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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