
बौद्ध धर्म का उद्भव, विकास और समकालीन वैश्विक प्रासंगिकता
बौद्ध धर्म भारतीय दर्शन और संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसने न केवल प्राचीन भारत के सामाजिक-राजनीतिक ढांचे को प्रभावित किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति, अहिंसा और करुणा का प्रसार किया। यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व की श्रमण परंपरा का परिणाम है, जिसने तत्कालीन वैदिक कर्मकांडों के विरुद्ध तर्क और नैतिक शुचिता पर बल दिया।
बौद्ध धर्म भारतीय दर्शन और संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसने न केवल प्राचीन भारत के सामाजिक-राजनीतिक ढांचे को प्रभावित किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति, अहिंसा और करुणा का प्रसार किया। यह छठी शताब्दी ईसा पूर्व की श्रमण परंपरा का परिणाम है, जिसने तत्कालीन वैदिक कर्मकांडों के विरुद्ध तर्क और नैतिक शुचिता पर बल दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उदय के कारक
छठी शताब्दी ईसा पूर्व का काल भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों का साक्षी था। इस समय गंगा के मैदानी इलाकों में द्वितीय नगरीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। लोहे के व्यापक उपयोग से कृषि में अधिशेष उत्पादन बढ़ा, जिसने व्यापारिक नगरों को जन्म दिया। इस बदलते समाज में वैश्य वर्ग आर्थिक रूप से सशक्त हो गया, लेकिन सामाजिक पदानुक्रम में उन्हें उपेक्षित रखा गया। बौद्ध धर्म ने इस वर्ग को एक ऐसे मंच की पेशकश की, जो जन्म के बजाय कर्म पर आधारित समानता का समर्थन करता था।
महात्मा बुद्ध का जीवन और शिक्षाएं
सिद्धार्थ गौतम का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुम्बिनी में हुआ था। सांसारिक दुखों से विरक्ति के बाद उन्होंने सत्य की खोज की और 35 वर्ष की आयु में बोधगया में उन्हें ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त हुआ। उनकी शिक्षाओं का मूल आधार 'चार आर्य सत्य' हैं:
1. संसार में दुख है।
2. दुख का कारण तृष्णा (आसक्ति) है।
3. दुख का निवारण संभव है।
4. दुख निवारण के लिए 'अष्टांगिक मार्ग' का अनुसरण आवश्यक है।
बुद्ध ने मध्यम मार्ग का उपदेश दिया, जो न तो अत्यधिक विलासिता और न ही अत्यधिक तपस्या का समर्थन करता है। उनकी भाषा जनसाधारण की भाषा 'पाली' थी, जिसने उनके विचारों को आम जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बौद्ध दर्शन के प्रमुख आयाम
बौद्ध दर्शन की आधारशिला 'अनात्मवाद' और 'क्षणभंगुरता' (Anicca) के सिद्धांत हैं। बौद्ध धर्म आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता और मानता है कि संसार में सब कुछ परिवर्तनशील है। 'प्रतीत्यसमुत्पाद' का सिद्धांत कार्य-कारण संबंधों की व्याख्या करता है, जो बताता है कि हर घटना के पीछे कोई न कोई कारण अवश्य होता है। 'अष्टांगिक मार्ग' (सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाक, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि) व्यक्ति के चरित्र निर्माण का एक मार्ग है।
बौद्ध संगीति और संप्रदायों का विकास
बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को सुरक्षित रखने और उनमें सामंजस्य बनाए रखने के लिए समय-समय पर चार प्रमुख बौद्ध संगीतियों का आयोजन किया गया:
प्रथम संगीति: राजगृह (महाकश्यप की अध्यक्षता में), बुद्ध की मृत्यु के तत्काल बाद।
द्वितीय संगीति: वैशाली (कालाशोक के शासनकाल में), जहाँ संघ में स्थविर और महासांघिक विभाजन की नींव पड़ी।
तृतीय संगीति: पाटलिपुत्र (अशोक के संरक्षण में), इसमें 'अभिधम्म पिटक' का संकलन हुआ।
चतुर्थ संगीति: कुंडलवन, कश्मीर (कनिष्क के शासनकाल में), जहाँ बौद्ध धर्म स्पष्ट रूप से 'हीनयान' और 'महायान' में विभाजित हो गया।
महायान शाखा ने बुद्ध को देवता मानकर उनकी पूजा शुरू की और बोधिसत्व की अवधारणा को विकसित किया, जबकि हीनयान बुद्ध की मूल शिक्षाओं पर अडिग रहा। आगे चलकर वज्रयान शाखा का उदय हुआ, जिसने तंत्र-मंत्र और जादू-टोने को समाहित किया।
बौद्ध धर्म का प्रसार और संरक्षण
मौर्य सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को केवल एक संप्रदाय से हटाकर विश्व धर्म बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा और धम्म महामात्रों की नियुक्ति की। बाद के काल में कनिष्क, हर्षवर्धन और पाल राजाओं ने बौद्ध धर्म को राजकीय संरक्षण प्रदान किया। तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे शिक्षण संस्थान बौद्ध शिक्षा और दर्शन के वैश्विक केंद्र बनकर उभरे।
पतन के कारण
बौद्ध धर्म के पतन के पीछे कई कारक उत्तरदायी थे। संघ में बढ़ता भ्रष्टाचार और विलासिता, आम भाषा पाली के स्थान पर संस्कृत का प्रयोग, और हिंदू धर्म के भीतर सुधारवादी आंदोलनों (जैसे भक्ति आंदोलन) ने बौद्ध धर्म के आधार को कमजोर किया। साथ ही, विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा मठों का विनाश और कालांतर में राजकीय संरक्षण का अभाव इसके पतन के मुख्य कारण बने।
समकालीन प्रासंगिकता और भारत की सॉफ्ट पावर
वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियों के बीच बुद्ध के शांति और करुणा के सिद्धांत विश्व को रास्ता दिखाते हैं। भारत सरकार अपनी 'एक्ट ईस्ट नीति' और 'बुद्ध सर्किट' के विकास के माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ अपने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत कर रही है। 'इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कन्फेडरेशन' जैसे मंच भारत के सॉफ्ट पावर को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का माध्यम बने हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
बौद्ध ग्रंथों में 'त्रिपिटक' (सुत्त पिटक, विनय पिटक और अभिधम्म पिटक) का विशेष महत्व है।
बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाओं के प्रतीक: जन्म (कमल और सांड), गृहत्याग (घोड़ा), ज्ञान प्राप्ति (पीपल/बोधि वृक्ष), प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन), मृत्यु (स्तूप)।
महायान परंपरा में 'मैत्रेय' को भविष्य का बुद्ध माना गया है।
'जातक कथाएं' बुद्ध के पूर्व जन्मों की कहानियों का संग्रह हैं, जो कला और साहित्य का प्रमुख स्रोत रही हैं।
पाल वंश के शासकों को 'महायान बौद्ध धर्म' का महान संरक्षक माना जाता है, जिन्होंने विक्रमशिला और ओदंतपुरी जैसे विश्वविद्यालयों की स्थापना की।

ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, टेस्ट क्रिकेट में जड़े सबसे तेज 100 छक्के
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के जड़कर नया विश्व इतिहास रच दिया है। मात्र 89 पारियों में यह कमाल कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट और बेन स्टोक्स को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
खबर का सार
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के जड़कर नया विश्व इतिहास रच दिया है। मात्र 89 पारियों में यह कमाल कर उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट और बेन स्टोक्स को पीछे छोड़ दिया है। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।
ऋषभ पंत का ऐतिहासिक कारनामा
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने टेस्ट फॉर्मेट में एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसकी गूंज लंबे समय तक क्रिकेट जगत में सुनाई देगी। पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के लगाने का महारिकॉर्ड बनाकर दुनिया भर के दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करने के लिए पहचाने जाने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक शैली का लोहा एक बार फिर मनवाया है।
तोड़ा दिग्गजों का रिकॉर्ड
ऋषभ पंत ने यह बड़ी उपलब्धि अपने करियर की मात्र 89 पारियों में हासिल की है। इस मुकाम पर पहुंचते ही उन्होंने टेस्ट इतिहास के कई महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट और इंग्लैंड के तूफानी ऑलराउंडर बेन स्टोक्स जैसे नाम शामिल हैं, जो अब पंत से इस मामले में पीछे छूट गए हैं। पंत की यह उपलब्धि बताती है कि टेस्ट क्रिकेट में भी उनका खौफ किस स्तर का है।
भारत के पहले बल्लेबाज बने पंत
यह रिकॉर्ड केवल सबसे तेज छक्कों का ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिहाज से भी बेहद खास है। ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले भारत के लिए किसी भी बल्लेबाज ने टेस्ट फॉर्मेट में शतकीय छक्कों का आंकड़ा नहीं छुआ था। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मुकाबले में इस जादुई आंकड़े को छूकर उन्होंने अपने नाम एक और ऐतिहासिक स्वर्ण जड़ लिया है।
मैदान पर आक्रामकता और खेल का नया आयाम
ऋषभ पंत की यह सफलता सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उनकी उस मानसिकता का परिणाम है जो वह मैदान पर हमेशा दिखाते हैं। शुरुआती झटकों से उबरने के बाद टीम को संकट से निकालने और अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली से गेंदबाजों पर दबाव बनाने की उनकी क्षमता बेजोड़ है। लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी यह तूफानी पारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक नया मानदंड स्थापित करती है।

JPSC घोटाला: मास्टरमाइंड अभय तिवारी के पत्नी और भाई गिरफ्तार
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर रिश्वत देकर सरकारी परीक्षा पास करने का गंभीर आरोप है।
> खबर का निचोड़:
> झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी सुष्मिता तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर रिश्वत देकर सरकारी परीक्षा पास करने का गंभीर आरोप है।
>
JPSC घोटाले की आंच अपनों तक पहुंची
झारखंड के सबसे चर्चित जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा घोटाले में सीआईडी (CID) ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इस बहुचर्चित घोटाले के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के घर की ही दीवारें अब भ्रष्टाचार की पोल खोल रही हैं। सीआईडी ने इस मामले में मास्टरमाइंड की पत्नी सुष्मिता तिवारी और उसके भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।
रिश्वत देकर हथियाई गई थी सरकारी नौकरी
जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी के इन दोनों करीबी रिश्तेदारों ने अपनी मेहनत के दम पर नहीं, बल्कि अवैध रूप से रिश्वत के जरिए सरकारी परीक्षाएं पास की थीं। शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सरगना ने अपने ही परिवार के सदस्यों को सिस्टम में फिट करने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया था। परिवार के भीतर ही इस तरह के फर्जीवाड़े ने यह साबित कर दिया है कि यह जाल कितना गहरा और व्यापक था।
मास्टरमाइंड के खुलासे से खुले कई राज
गिरफ्तारी से पहले सीआईडी की हिरासत में मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लंबी पूछताछ की गई थी। सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि अभय ने पूछताछ के दौरान कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने परीक्षा माफियाओं के उस काले तंत्र की परतें उधेड़ दी हैं, जिसके जरिए पेपर लीक, कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर सेंधमारी और ओएमआर शीट (OMR Sheet) में बड़े पैमाने पर हेराफेरी को अंजाम दिया जाता था।
आगे की कार्रवाई पर टकटकी
सीआईडी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। अभय तिवारी के खुलासों के आधार पर कई अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। झारखंड की बहुचर्चित परीक्षाओं में हुई इस धांधली ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले हर एक शख्स को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। एजेंसी की इस त्वरित कार्रवाई से न्याय की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हुई हैं।

GIMS स्टाफ नर्स भर्ती 2026: 100 पदों पर आवेदन शुरू
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 7 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
स्टाफ नर्स भर्ती का शानदार मौका
मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (GIMS) ने स्टाफ नर्स के 100 पदों पर आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य उम्मीदवारों को प्रतिष्ठित संस्थान में सेवा देने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि इस भर्ती से युवाओं को सीधे सरकारी सेवा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन पूरा कर लें। तय समय सीमा के भीतर आवेदन करने वाले उम्मीदवार ही इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र माने जाएंगे।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
भर्ती से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और वेतनमान से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक विज्ञापन देखने की सलाह दी जाती है। GIMS द्वारा तय किए गए मानकों के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। परीक्षा पैटर्न, सिलेबस और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है, जिसे आवेदन करने से पहले अच्छी तरह पढ़ लेना आवश्यक है।

सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट: शेयर बाजार पर लाल निशान का कब्जा
भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक बिकवाली के हावी होने से बीते दिनों की बढ़त गायब हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 से अधिक अंक टूटकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिग, आईटी और मेटल शेयरों में भारी नुकसान के कारण निवेशकों को भारी चपत लगी है।
खबर का निचोड़
भारतीय शेयर बाजार में आज अचानक बिकवाली के हावी होने से बीते दिनों की बढ़त गायब हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 से अधिक अंक टूटकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंकिग, आईटी और मेटल शेयरों में भारी नुकसान के कारण निवेशकों को भारी चपत लगी है।
बाजार में मची भगदड़ और लाल निशान का कब्जा
सप्ताह के इस कारोबारी दिन की शुरुआत तो सुस्त रही, लेकिन दिन ढलते-ढलते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि पूरे बाजार से हरियाली पूरी तरह गायब हो गई। शुरुआती सत्र में संभलकर कारोबार कर रहे प्रमुख सूचकांक दोपहर के बाद अचानक धड़ाम हो गए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों का गोता लगाकर दिन के निचले स्तरों के करीब बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी अपनी महत्वपूर्ण सपोर्ट रेंज को बरकरार रखने में नाकाम रहा और लाल निशान में समा गया। बाजार में इस चौतरफा गिरावट ने ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इन सेक्टरों में दिखा सबसे बड़ा नुकसान
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार बैंकिग, आईटी और ऑटोमोबाइल्स सेक्टर पर पड़ी। हैवीवेट शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार को संभलने का मौका ही नहीं मिला। आईटी कंपनियों के कमजोर वैश्विक संकेतों ने इस दबाव को और हवा दी, जबकि बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली ने सूचकांकों को नीचे खींचने में मुख्य भूमिका निभाई।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बिकवाली के इस तूफान से बच नहीं सके। हालांकि कुछ चुनिंदा रियल्टी और फार्मा शेयरों में हल्की खरीदारी देखी गई, लेकिन वे पूरे बाजार का मूड बदलने में पूरी तरह असमर्थ रहे। सेंसेक्स के अधिकांश प्रमुख शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार करते हुए बंद हुए।
गिरावट के पीछे की मुख्य वजहें
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस अचानक आई गिरावट के पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों कारण जिम्मेदार हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से जारी लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजारों पर दबाव बनाए रखा है। इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों की आशंका और भू-राजनीतिक तनावों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
वैश्विक बाजारों में मंदी के रुख और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी घरेलू बाजार के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर डाला है। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले सत्रों में जब तक वैश्विक मोर्चे पर स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है।

UGC NET जून 2026: 84 विषयों की प्रोविज़नल आंसर-की जारी
नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर प्रश्न-पत्र और अपनी रिस्पॉन्स शीट देख सकते हैं। 84 विषयों के लिए यह उत्तर कुंजी उपलब्ध है, जबकि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की अलग से जारी होगी। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है।
खबर का निचोड़
नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर प्रश्न-पत्र और अपनी रिस्पॉन्स शीट देख सकते हैं। 84 विषयों के लिए यह उत्तर कुंजी उपलब्ध है, जबकि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की अलग से जारी होगी। आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है।
UGC NET जून 2026 आंसर-की का अपडेट
देशभर में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता हासिल करने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट आया है। नैशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 84 विषयों के लिए UGC NET जून 2026 परीक्षा की प्रोविज़नल आंसर-की आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अब सीधे UGC NET के आधिकारिक पोर्टल ugcnet.nta.nic.in पर जाकर अपने प्रश्न-पत्र और दर्ज किए गए जवाबों को ऑनलाइन देख और जांच सकते हैं।
आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
NTA ने आंसर-की जारी करने के साथ ही उम्मीदवारों को अपने जवाबों का मिलान करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर आपत्ति दर्ज कराने का भी मौका दिया है। यदि किसी अभ्यर्थी को NTA द्वारा जारी किए गए किसी उत्तर पर संदेह है, तो वह प्रमाण के साथ 18 अगस्त तक अपनी ऑनलाइन चुनौती दर्ज करा सकता है। तय समय सीमा के बाद भेजी गई किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों की टीम करेगी और उसके बाद ही फाइनल आंसर-की और रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
मुख्य विषयों के लिए अलग से आएगी आंसर-की
अभ्यर्थियों को ध्यान देना होगा कि NTA ने फिलहाल 84 विषयों के लिए ही प्रोविज़नल आंसर-की उपलब्ध कराई है। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी जैसे प्रमुख और अधिक संख्या वाले विषयों की आंसर-की अलग से जारी की जाएगी। इन विषयों की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट्स के लिए नियमित रूप से पोर्टल पर नज़र बनाए रखें। जल्द ही इन विषयों के प्रश्न-पत्र और रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दिए जाएंगे।
वेबसाइट पर ऐसे चेक करें अपनी आंसर-की
अपनी रिस्पॉन्स शीट और आंसर-की देखने के लिए अभ्यर्थियों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा। होमपेज पर दिए गए 'UGC NET June 2026 Answer Key Challenge' लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद उम्मीदवारों को अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि या पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करना होगा। लॉगिन करते ही स्क्रीन पर प्रश्न-पत्र, ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और प्रोविज़नल आंसर-की दिखाई देगी, जिसे डाउनलोड करके अपने उत्तरों का मिलान किया जा सकता है।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App