
आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव पर कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज, छात्र नेता ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छात्र नेता आकाश यादव के आरोपों के बाद राजद नेता तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने के मामले में हुई है। जहां आकाश यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए बिहार सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है और लालू परिवार पर रंगदारी व पिता के अपहरण के आरोप भी लगाए हैं, वहीं तेज प्रताप ने इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है।
मामले का निचोड़ (Summary)
बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब छात्र नेता आकाश यादव के आरोपों के बाद राजद नेता तेज प्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर घर में जबरन घुसने और धमकी देने के मामले में हुई है। जहां आकाश यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए बिहार सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है और लालू परिवार पर रंगदारी व पिता के अपहरण के आरोप भी लगाए हैं, वहीं तेज प्रताप ने इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार देते हुए न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है।
अदालत के हस्तक्षेप के बाद तेज प्रताप पर बड़ी कानूनी कार्रवाई
बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाने में तेज प्रताप यादव के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह एफआईआर पुलिस ने सीधे तौर पर नहीं, बल्कि माननीय अदालत के कड़े निर्देश के बाद दर्ज की है। छात्र नेता आकाश यादव द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने पुलिस को तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी खलबली मची हुई है।
जबरन घर में घुसने, धमकी देने और अपहरण का सनसनीखेज आरोप
यह पूरा मामला छात्र नेता आकाश यादव की शिकायत से जुड़ा हुआ है। आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, तेज प्रताप यादव ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर जबरन उनके घर में घुसपैठ की और उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की गंभीर धमकी दी। इतना ही नहीं, आकाश यादव ने इस विवाद में पूरे लालू परिवार को घसीटते हुए उन पर रंगदारी मांगने और अपने पिता के अपहरण की साजिश रचने का भी सनसनीखेज आरोप मढ़ दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आकाश ने बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपने और अपने परिवार के लिए तत्काल सुरक्षा की गुहार लगाई है।
तेज प्रताप यादव का पलटवार: 'यह एक सोची-समझी साजिश है'
अपने ऊपर लगे इन तमाम संगीन आरोपों और दर्ज हुई एफआईआर पर तेज प्रताप यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और कड़ा रुख अख्तियार किया है। तेज प्रताप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक ग्राफ और छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए विरोधियों के इशारे पर यह मनगढ़ंत कहानी रची गई है। आरजेडी नेता ने साफ किया है कि उन्हें देश की न्यायपालिका और कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह किसी भी तरह की जांच या आरोपों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
लीगल नोटिस और सत्य की जीत का दावा
इस कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए तेज प्रताप यादव ने शिकायतकर्ता आकाश यादव को एक कड़ा लीगल नोटिस भी भेजा है। इस नोटिस के जरिए उन्होंने चेतावनी दी है कि झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और वह कोर्ट में इसका करारा जवाब देंगे। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए अपने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि अंत में जीत हमेशा सत्य की ही होती है और इस मामले में भी सच बहुत जल्द सबके सामने आ जाएगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले के दर्ज होने के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है।

'अमेरिका भाग जाएं ज्ञानेश कुमार': महुआ मोइत्रा की CEC को सलाह
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें अमेरिका जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि देश में इंडिया ब्लॉक की सरकार बनने पर ज्ञानेश कुमार को जेल जाना पड़ेगा। मोइत्रा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि कुमार वहां जाकर उन्हें चुनाव में वोट चोरी करने की सलाह दे सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर कड़ा निशाना साधते हुए उन्हें अजीबोगरीब और तंजभरी सलाह दी है। मोइत्रा ने सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए ज्ञानेश कुमार को अमेरिका भाग जाने की सलाह दी है। उनके इस तीखे तेवर से राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है।
सरकार बनने पर जेल भेजने की चेतावनी
अपने आक्रामक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली मोइत्रा ने चेतावनी दी है कि भविष्य में देश में 'इंडिया' ब्लॉक (INDIA Bloc) की सरकार बनने पर ज्ञानेश कुमार को जेल जाना होगा। उन्होंने मौजूदा चुनावी व्यवस्था और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इस प्रकार की कड़ी टिप्पणियां की हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का किया जिक्र
अपने बयान में अमेरिकी राजनीति का हवाला देते हुए महुआ मोइत्रा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार अमेरिका जाकर डोनाल्ड ट्रंप को चुनावों में वोट चोरी करने के तरीके और सलाह दे सकते हैं। इस बयान के बाद देश की सियासत में गर्माहट और तेज हो गई है।

ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह कर दूंगा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बयान दिया है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें ईरान के बचे हुए हिस्से को भी तबाह करना पड़ सकता है। ट्रंप के अनुसार ईरान को दोबारा विकसित होने में 25 साल लग सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के नए हमलों में मदद करने वाला कोई भी देश उसका 'वैध निशाना' होगा।
डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक आक्रामक बयान देते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो उन्हें ईरान के बाकी बचे हिस्सों को भी पूरी तरह तबाह करना पड़ सकता है। ट्रंप का दावा है कि यदि ऐसा होता है, तो ईरान को अपनी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा या विकसित करने में कम से कम 25 साल का लंबा समय लग सकता है। इस तीखे बयान से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दूरियां और अधिक बढ़ गई हैं।
ईरान का पलटवार और आक्रामक रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका द्वारा किए जाने वाले किसी भी नए हमले में किसी अन्य देश ने मदद की, तो वह देश भी ईरान की नजर में उसका 'वैध निशाना' बन जाएगा। इस चेतावनी ने क्षेत्रीय संघर्ष के दायरे को और अधिक व्यापक होने की आशंका को जन्म दे दिया है।

भारत ने किया 'प्रलय' क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने गुरुवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर विकसित किया है, जबकि इसका निर्माण भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने किया है।
ओडिशा तट से सफल परीक्षण
गुरुवार को ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण संपन्न हुआ। इस परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपने सभी निर्धारित मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे भारतीय सेना की मारक क्षमता और अधिक पुख्ता हो गई है।
स्वदेशी तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण
इस अत्याधुनिक मिसाइल को अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जा रहा है। 'प्रलय' मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की अन्य प्रमुख प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
निर्माण और उत्पादन में भागीदारी
इस मिसाइल के विकास और उत्पादन प्रक्रिया में रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई है। DRDO के विकास और उत्पादन भागीदार के रूप में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने इस मिसाइल का निर्माण किया है। इस सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना की रक्षा और आक्रमण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

धीरेंद्र शास्त्री पर आपराधिक शिकायत, भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित बयान
बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा सिविल कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह द्वारा दर्ज इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि श्रीकृष्ण बहुत टेढ़े हैं और वह 3 जगह से टेढ़े खड़े होते हैं।
आगरा कोर्ट में दर्ज हुई शिकायत
बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा सिविल कोर्ट में एक आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। यह कानूनी कदम अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह की ओर से उठाया गया है। उन्होंने शास्त्री के हालिया बयान को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और मानहानिकारक बताया है।
बयान पर क्यों खड़ा हुआ विवाद
शिकायत के अनुसार, धीरेंद्र शास्त्री पर आरोप है कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की है। शास्त्री ने अपने एक वक्तव्य के दौरान कथित तौर पर कहा था कि "भगवान श्रीकृष्ण बहुत टेढ़े हैं और वह 3 जगह से टेढ़े खड़े होते हैं"। इस टिप्पणी को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय वकीलों में रोष व्याप्त हो गया।
कानूनी प्रक्रिया और आगे का मामला
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का तर्क है कि इस प्रकार के वक्तव्य से करोड़ों सनातन धर्मियों की आस्था और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सम्मान को ठेस पहुंची है। आगरा सिविल कोर्ट में शिकायत दर्ज होने के बाद अब नजरें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में शास्त्री को समन जारी किया जाता है या उनसे जवाब तलब किया जाता है।

धनतेरस पर बिना बिल वाला सोना: सर्वे में बड़ा खुलासा
लोकलसर्किल (LocalCircles) के एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 6% से बढ़ाकर 15% की गई इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी के कारण बिना बिल का सोना पक्के बिल की तुलना में काफी सस्ता पड़ रहा है। इसके चलते धनतेरस पर सोना खरीदने का प्लान बना रहे हर 10 में से लगभग 3 लोग (29%) बिना बिल के सोना खरीदने की सोच रहे हैं।
टैक्स बढ़ोतरी से बिना बिल का सोना सस्ता
सर्वे के आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने और उस पर लगने वाले जीएसटी के कारण औपचारिक यानी पक्के बिल वाले सोने की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इसके विपरीत, अनौपचारिक या बिना बिल वाला सोना पक्के बिल वाले सोने की तुलना में उपभोक्ताओं को काफी सस्ता महसूस हो रहा है। कीमतों के इस अंतर ने ग्राहकों को अनौपचारिक बाजार की ओर आकर्षित किया है।
सर्वे में चौंकाने वाला आंकड़ा आया सामने
लोकलसर्किल के इस सर्वे के अनुसार, इस धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हर 10 में से लगभग 3 लोग (29%) बिना बिल के सोना खरीदने पर विचार कर रहे हैं। पक्के बिल पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स से बचने की चाहत में लोग इस अनौपचारिक रास्ते की तरफ झुक रहे हैं।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर
बिना बिल के सोने की बिक्री का यह बढ़ता रुझान न केवल सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सोने के बाजार की पारदर्शिता को भी प्रभावित करता है। पक्के बिल के बिना सोना खरीदने से ग्राहकों को भविष्य में शुद्धता की गारंटी और बिक्री के समय कानूनी सुरक्षा नहीं मिल पाती, फिर भी उच्च करों के चलते ग्राहक इस विकल्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
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