
9 जुलाई 2026: परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स
आज के करंट अफेयर्स की सूची:
* 'राइट टू बी फॉरगॉटन' (राइट टू बी फॉरगॉटन): दिल्ली उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला।
* हिंद-प्रशांत के लिए 'जी माइनस टू' (G Minus Two) रणनीति: एक नया रणनीतिक दृष्टिकोण।
* ब्राजील का इथेनॉल कार्यक्रम: जैव ईंधन संक्रमण के लिए सबक।
* आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता (AITIGA) की समीक्षा।
* ब्रिक्स द्वारा 'गुवाहाटी घोषणा' को अपनाना।
* स्कूल शिक्षा के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0।
* इंदिरा पॉइंट: सामरिक और भौगोलिक महत्व।
* हमस ट्रेल (Hummus Trail): एक नया भू-राजनीतिक गलियारा।
* कामराजार पोर्ट का रणनीतिक महत्व।
आज 9 जुलाई 2026 के अत्यंत महत्वपूर्ण और परीक्षा-केंद्रित करंट अफेयर्स का सार और उनका विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित है, जो आगामी UPSC/SSC परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
संक्षिप्त सारांश (Summary)
आज के करंट अफेयर्स में नीतिगत सुधारों, अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक गठबंधनों और सामाजिक-तकनीकी विकास का संगम है। प्रमुख खबरों की सूची:
'राइट टू बी फॉरगॉटन' (राइट टू बी फॉरगॉटन): दिल्ली उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला।
हिंद-प्रशांत के लिए 'जी माइनस टू' (G Minus Two) रणनीति: एक नया रणनीतिक दृष्टिकोण।
ब्राजील का इथेनॉल कार्यक्रम: जैव ईंधन संक्रमण के लिए सबक।
आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता (AITIGA) की समीक्षा।
ब्रिक्स द्वारा 'गुवाहाटी घोषणा' को अपनाना।
स्कूल शिक्षा के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0।
इंदिरा पॉइंट: सामरिक और भौगोलिक महत्व।
हमस ट्रेल (Hummus Trail): एक नया भू-राजनीतिक गलियारा।
कामराजार पोर्ट का रणनीतिक महत्व।
विस्तृत विश्लेषण (Detailed Analysis)
1. राइट टू बी फॉरगॉटन (Right to be Forgotten)
न्यूज में क्यों: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'लक्ष विर सिंह यादव बनाम भारत संघ' मामले में निर्णय देते हुए भारत में 'राइट टू बी फॉरगॉटन' (भुला दिए जाने का अधिकार) के लिए एक औपचारिक कानूनी ढांचा निर्धारित किया है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह अधिकार किसी व्यक्ति को इंटरनेट से अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पुरानी कानूनी कार्यवाही या बेबुनियाद आरोपों को हटाने या डी-इंडेक्स करने की मांग करने की अनुमति देता है। इसका आधार 2017 का 'के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ' मामला है, जिसने निजता को मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21) घोषित किया था। न्यायालय ने माना है कि डिजिटल युग में 'सूचना की निरंतरता' अक्सर व्यक्ति की गरिमा और पुनर्वास के अधिकार में बाधा बनती है। हालांकि, यह अधिकार 'ओपन जस्टिस' (न्याय प्रक्रिया की पारदर्शिता) के सिद्धांतों के साथ संतुलन बनाता है। भविष्य में, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के तहत डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड की सक्रियता इस अधिकार को लागू करने में निर्णायक होगी।
2. हिंद-प्रशांत के लिए 'जी माइनस टू' (G Minus Two) रणनीति
न्यूज में क्यों: रणनीतिकार सी. राजा मोहन ने 'जी माइनस टू' अवधारणा को रेखांकित किया है, जहां भारत जैसे मध्यवर्ती देश (Middle Powers) अमेरिका और चीन के द्विपक्षीय प्रभाव (G2) से बाहर निकलकर अपनी सामरिक स्वायत्तता बनाए रख रहे हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी: 'जी माइनस टू' का अर्थ किसी नए सैन्य गठबंधन का निर्माण नहीं, बल्कि द्विपक्षीय और 'मिनिलैटरल' (लघु-पक्षीय) नेटवर्कों का जाल बुनना है। इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ औद्योगिक और सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखलाओं का 'डी-रिस्किंग' करना है ताकि एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों या चीन पर अत्यधिक निर्भरता से बचा जा सके। भारत के लिए, यह रणनीति 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा विनिर्माण, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई संभावनाएं खोलती है।
3. ब्राजील का इथेनॉल कार्यक्रम
न्यूज में क्यों: ब्राजील का सफल इथेनॉल मॉडल भारत की जैव ईंधन (Biofuel) नीतियों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में उभर रहा है, विशेष रूप से पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण (Blending) लक्ष्य को प्राप्त करने के संदर्भ में।
महत्वपूर्ण जानकारी: ब्राजील ने दशकों पहले गन्ने से इथेनॉल उत्पादन में निवेश किया था, जिससे वे दुनिया के सबसे बड़े जैव ईंधन उपभोक्ता और निर्यातक बन गए हैं। भारत वर्तमान में E20 (20% इथेनॉल सम्मिश्रण) के लक्ष्यों की ओर अग्रसर है। ब्राजील के मॉडल से भारत को तकनीक हस्तांतरण, लचीले ईंधन वाले वाहनों (Flex-Fuel Vehicles - FFV) को बढ़ावा देने और गन्ने के अलावा मक्का और अन्य कचरे से जैव-ईंधन बनाने की सीख मिलती है। यह भारत के 'नेट-जीरो' लक्ष्यों और आयात बिल को कम करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
4. आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता (AITIGA) की समीक्षा
न्यूज में क्यों: भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए AITIGA की समीक्षा प्रक्रिया तेज हो गई है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह समझौता 2009 में हस्ताक्षरित किया गया था, लेकिन भारतीय उद्योग जगत का मानना है कि इससे आयात का प्रवाह बढ़ा है और भारतीय निर्यातकों के लिए अवसर सीमित रहे हैं। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यापार नियमों को सरल बनाना, गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना और 'मूल के नियम' (Rules of Origin) को अधिक कठोर बनाना है ताकि अन्य देशों के उत्पादों को भारत में डंप होने से रोका जा सके।
5. ब्रिक्स का 'गुवाहाटी घोषणा' (Guwahati Declaration)
न्यूज में क्यों: ब्रिक्स देशों ने नशीले पदार्थों की तस्करी (Anti-drug trafficking) से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने हेतु 'गुवाहाटी घोषणा' को अपनाया है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह घोषणा मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सूचना साझा करने, सीमा सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर केंद्रित है। ब्रिक्स का यह कदम वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार अक्सर आतंकवाद और संगठित अपराधों को वित्तपोषित करता है।
6. स्कूल शिक्षा के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0
न्यूज में क्यों: शिक्षा मंत्रालय ने PGI 2.0 जारी किया है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन करता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह इंडेक्स लर्निंग आउटकम, एक्सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर और इक्विटी जैसे मापदंडों पर राज्यों को रैंकिंग प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही लाना और डेटा-आधारित सुधारों को प्रोत्साहित करना है, ताकि राज्यों के बीच 'प्रतिस्पर्धी संघवाद' को बढ़ावा दिया जा सके।
7. इंदिरा पॉइंट (Indira Point)
न्यूज में क्यों: रणनीतिक कारणों से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इंदिरा पॉइंट के बुनियादी ढांचे और निगरानी क्षमता में वृद्धि पर चर्चा जोरों पर है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु है। मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के पास स्थित होने के कारण, यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'स्ट्रैटेजिक डेप्थ' (सामरिक गहराई) का केंद्र है। इसकी निगरानी क्षमता बढ़ने से भारत को समुद्री यातायात पर बेहतर नियंत्रण मिलता है।
8. हमस ट्रेल (Hummus Trail)
न्यूज में क्यों: यह शब्द मध्य-पूर्व (Middle East) में विकसित हो रहे नए व्यापारिक और सांस्कृतिक गलियारों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह एक अनौपचारिक पदनाम है जो हालिया अब्राहम समझौते के बाद इजरायल और कई अरब देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को संदर्भित करता है। यह क्षेत्रीय स्थिरता और नई 'लॉजिस्टिक्स' कनेक्टिविटी के रूप में देखा जा रहा है।
9. कामराजार पोर्ट (Kamarajar Port)
न्यूज में क्यों: औद्योगिक और समुद्री व्यापारिक हब के रूप में कामराजार पोर्ट का तेजी से विकास हो रहा है।
महत्वपूर्ण जानकारी: तमिलनाडु में स्थित यह पोर्ट भारत का पहला कॉर्पोरेटकृत बंदरगाह (Corporatized Port) है। यह न केवल ऑटोमोबाइल निर्यात के लिए जाना जाता है बल्कि अपनी कुशल रसद (Logistics) क्षमता के कारण दक्षिण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है।

'पहलवानों लठ लेकर जंतर-मंतर पहुंचो, इनका तेल निकालेंगे' CJP प्रोटेस्ट को लेकर हो रही अपील
जंतर-मंतर पर 10-अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर 'जिम वाले लड़कों-पहलवानों से लठ लेकर' जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते इन्फ्लुएंसर कुमुद राव उर्फ रिंकू यादव का वीडियो वायरल हो रहा है। रिंकू ने कहा, "यूपी/हरियाणा/दिल्ली के जितने पहलवान हैं...देश बचाने का टाइम आ गया...50 बालक 6-6 फीट के साथ हों तो...इन कॉकरोचों का तेल निकाल दूंगा।
खबर का निचोड़ (Summary)
जंतर-मंतर पर 10-अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर 'जिम वाले लड़कों-पहलवानों से लठ लेकर' जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते इन्फ्लुएंसर कुमुद राव उर्फ रिंकू यादव का वीडियो वायरल हो रहा है। रिंकू ने कहा, "यूपी/हरियाणा/दिल्ली के जितने पहलवान हैं...देश बचाने का टाइम आ गया...50 बालक 6-6 फीट के साथ हों तो...इन कॉकरोचों का तेल निकाल दूंगा।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर वायरल हुआ वीडियो
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा एक प्रदर्शन प्रस्तावित किया गया है। इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर एक इन्फ्लुएंसर का भड़काऊ वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
पहलवानों और जिम के लड़कों से लठ लेकर पहुंचने की अपील
वायरल वीडियो में इन्फ्लुएंसर कुमुद राव उर्फ रिंकू यादव ने जिम वाले लड़कों और पहलवानों से लाठी-डंडे (लठ) लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की खुली अपील की है। उसने यूपी, हरियाणा और दिल्ली के सभी पहलवानों से आह्वान किया है कि देश बचाने का समय आ गया है।
छह फीट के लड़कों के साथ तेल निकालने की धमकी
रिंकू यादव ने वीडियो में धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि 50 लड़के छह-छह फीट की लंबाई वाले साथ होंगे, तो वह इन कॉकरोचों का तेल निकाल देगा। इस तरह की बयानों के बाद सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की चिंताएं काफी बढ़ सकती हैं।

प्रेमानंद महाराज पर विराट कोहली की सफाई पर फलाहारी महाराज ने दी प्रतिक्रिया
प्रेमानंद महाराज पर विराट कोहली की सफाई '₹5 करोड़ में प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाए जाने के दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं' पर फलाहारी महाराज ने कहा है, "CBI जांच करा लो, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।" उन्होंने बताया, "पहली बार में...विराट ने पैसे लिए थे...अब तो वह कई गुना आश्रम में दे रहे हैं।"
खबर का निचोड़ (Summary)
प्रेमानंद महाराज पर विराट कोहली की सफाई '₹5 करोड़ में प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाए जाने के दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं' पर फलाहारी महाराज ने कहा है, "CBI जांच करा लो, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।" उन्होंने बताया, "पहली बार में...विराट ने पैसे लिए थे...अब तो वह कई गुना आश्रम में दे रहे हैं।"
फलाहारी महाराज की तीखी प्रतिक्रिया
विराट कोहली की टीम द्वारा उनके आश्रम में आने के दावों को झूठा बताए जाने के बाद फलाहारी महाराज ने इस पर पलटवार किया है। उन्होंने कोहली के बयानों के विरोध में अपनी बात रखते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सीबीआई जांच की मांग और बड़ा दावा
फलाहारी महाराज ने इस पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि इस मामले की सीबीआई जांच करवा लेनी चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहली बार जब विराट आए थे तब उन्होंने पैसे लिए थे और अब वह आश्रम में कई गुना अधिक पैसे दे रहे हैं।
बढ़ते विवाद ने पकड़ी तूल
क्रिकेटर विराट कोहली और संतों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर चल रहा यह बयानबाजी का दौर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। दोनों पक्षों के बयानों के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

मैं पीएम मोदी को भगवान विष्णु का अवतार मानता हूं: भूटान के पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को सार्वजनिक जीवन में 25-साल पूरे होने पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोब्गे ने उन्हें पत्र लिखा。 उन्होंने लिखा, "2019 में जब वह पीएम मोदी से मिले थे...तब उन्होंने उनसे कहा था कि वह उन्हें भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं...उन्होंने भारतीयों में खुद पर और अपने देश पर विश्वास की एक मज़बूत भावना जगाई。"
खबर का निचोड़ (Summary)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को सार्वजनिक जीवन में 25-साल पूरे होने पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोब्गे ने उन्हें पत्र लिखा。 उन्होंने लिखा, "2019 में जब वह पीएम मोदी से मिले थे...तब उन्होंने उनसे कहा था कि वह उन्हें भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं...उन्होंने भारतीयों में खुद पर और अपने देश पर विश्वास की एक मज़बूत भावना जगाई。"
सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर पत्र
भारतीय राजनीति के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना का एक और दौर देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के खास अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोब्गे ने उन्हें एक पत्र लिखकर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
भूटान के पीएम ने बताया भगवान विष्णु का अवतार
अपने संदेश में भूटान के प्रधानमंत्री ने एक पुरानी मुलाकात को याद करते हुए बड़ी बात कही है। उन्होंने लिखा कि जब वह साल 2019 में पीएम मोदी से मिले थे, तभी उन्होंने उनसे कह दिया था कि वे उन्हें भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं।
भारतीयों में जगाया आत्मविश्वास
भूटान के प्रधानमंत्री ने आगे सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व ने देश के नागरिकों में खुद पर और अपने राष्ट्र पर अटूट विश्वास की एक बेहद मजबूत भावना का संचार किया है। उनके इन विचारों को कूटनीतिक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर काफी अहम माना जा रहा है।

विराट कोहली ने '₹5 करोड़ में प्रेमानंद महाराज के आश्रम बुलाए जाने' के आरोप पर जारी किया बयान
संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर 'विराट कोहली को ₹5 करोड़ खर्च कर बुलाने' के आरोप पर कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें लिखा है, "हम स्पष्ट करना चाहते हैं...फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के...दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं...कोहली, प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था-श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं।
खबर का निचोड़ (Summary)
संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर 'विराट कोहली को ₹5 करोड़ खर्च कर बुलाने' के आरोप पर कोहली के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें लिखा है, "हम स्पष्ट करना चाहते हैं...फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के...दावे पूरी तरह झूठे, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं...कोहली, प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था-श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं।एन"
₹5 करोड़ खर्च कर आश्रम बुलाने का दावा
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा के संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जाने को लेकर हाल ही में एक नया विवाद खड़ा हो गया था। फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि विराट कोहली को ₹5 करोड़ रुपये खर्च करके आश्रम में बुलाया गया था।
कोहली के प्रवक्ता का आधिकारिक बयान
इन सभी दावों और आरोपों के सामने आने के बाद विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने मोर्चा संभाला और इस पर सफाई देते हुए एक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि फलाहारी महाराज द्वारा किए गए ये सभी दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और तथ्यों से परे हैं।
गहरी आस्था और श्रद्धा का मामला
स्पष्टीकरण में आगे कहा गया है कि विराट कोहली किसी भी तरह के प्रलोभन या सौदेबाजी के तहत नहीं, बल्कि संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी अटूट आस्था और श्रद्धा के कारण ही उनसे आशीर्वाद लेने जाते हैं। इन बेबुनियाद बयानों में कोई सच्चाई नहीं है।

MPESB MP Police Constable Driver Recruitment 2026: 1000 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने एमपी पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर भर्ती 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1000 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 15 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
खबर का निचोड़ (Summary)
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने एमपी पुलिस कांस्टेबल ड्राइवर भर्ती 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1000 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 15 अक्टूबर 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पुलिस विभाग में ड्राइवर के 1000 पदों पर मौका
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक और बड़ा अवसर सामने आया है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) द्वारा पुलिस विभाग के अंतर्गत कांस्टेबल ड्राइवर के 1000 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन सुरक्षित रूप से जमा कर सकते हैं।
पात्रता और अन्य विस्तृत जानकारियां
भर्ती से जुड़ी योग्यता, पदों की जानकारी, चयन प्रक्रिया, प्रैक्टिस टेस्ट और वेतनमान से जुड़ी सभी शर्तों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक विज्ञापन पढ़ने की सलाह दी जाती है। सभी पात्र अभ्यर्थी तय समय सीमा के भीतर बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
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