
पासपोर्ट चोरी और कैब में हंगामा': बाली ट्रिप पर जाने से पहले क्यों भिड़े थे सिया और साहिल?
केतन हत्याकांड में कैब ड्राइवर वैभव के बयानों ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ला दिया है। ड्राइवर का दावा है कि पुणे से मुंबई जाते समय सिया कार में बैठने को तैयार नहीं थी और उसके भाई साहिल से उसकी भारी लड़ाई हुई थी। इसी हंगामे के बीच सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया, जिससे उनकी बाली की फ्लाइट छूट गई।
खबर का निचोड़:
केतन हत्याकांड में कैब ड्राइवर वैभव के बयानों ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ला दिया है। ड्राइवर का दावा है कि पुणे से मुंबई जाते समय सिया कार में बैठने को तैयार नहीं थी और उसके भाई साहिल से उसकी भारी लड़ाई हुई थी। इसी हंगामे के बीच सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया, जिससे उनकी बाली की फ्लाइट छूट गई।
सफर की शुरुआत में ही भारी ड्रामा
हाई-प्रोफाइल केतन हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के बजाय हर दिन और उलझती जा रही है। अब इस पूरे मामले में उस कैब ड्राइवर का बयान सामने आया है, जो सिया और साहिल को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट ले जा रहा था। कैब ड्राइवर वैभव ने पुलिस और मीडिया के सामने जो खुलासे किए हैं, वे इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे की गहरी रंजिश और पारिवारिक कलह की तरफ इशारा करते हैं। वैभव के मुताबिक, यह सफर शुरू से ही सामान्य नहीं था और गाड़ी में बैठते ही सिया का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
भाई से तीखी बहस और ज़बरदस्ती का सफर
ड्राइवर वैभव ने बताया कि जब वह पुणे में इन लोगों को पिक करने पहुंचा, तो सिया किसी भी कीमत पर मुंबई जाने वाली कैब में बैठने को तैयार नहीं थी। वह लगातार इस ट्रिप का विरोध कर रही थी। इस बात पर उसके भाई साहिल और उसके बीच सड़क पर ही ज़ोरदार बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि साहिल ने गुस्से में आकर ज़बरदस्ती सिया को पकड़कर कार के अंदर बैठाया। गाड़ी चलने के बाद भी दोनों के बीच का तनाव कम नहीं हुआ और पूरे रास्ते कार के भीतर चीख-पुकार और हंगामे का माहौल बना रहा।
फ्लाइट छूटने की इनसाइड स्टोरी: छिपाई गई पहचान
वैभव के मुताबिक, इस पूरी लड़ाई के बीच सिया ने एक ऐसी चाल चली जिसने पूरे मामले का रुख ही बदल दिया। सफर के दौरान जब केतन का ध्यान भटका, तब सिया ने चुपके से उसका पासपोर्ट कार के भीतर ही कहीं छिपा दिया। मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद जब बोर्डिंग की बारी आई, तो केतन को अपना पासपोर्ट ही नहीं मिला। काफी खोजबीन के बाद भी पासपोर्ट न मिलने की वजह से आखिरकार उनकी बाली जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट छूट गई। कैब ड्राइवर का दावा है कि यह सब सिया ने बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत किया था ताकि वे लोग बाली न जा सकें।
केतन हत्याकांड से जुड़े तार
इस नए खुलासे के बाद अब पुलिस जांच का दायरा और बढ़ गया है। सवाल यह उठ रहा है कि सिया आखिर बाली क्यों नहीं जाना चाहती थी? और उसने केतन का पासपोर्ट छिपाकर किसे और क्या फायदा पहुंचाने की कोशिश की थी? ड्राइवर वैभव के इस बयान ने अब साहिल और सिया दोनों को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। क्या यह सिर्फ एक भाई-बहन की आपसी लड़ाई थी या फिर केतन को किसी बड़े जाल में फंसाने की साजिश की पहली कड़ी, इसका जवाब अब पुलिस की अगली तफ्तीश तय करेगी।

29 जून 2026: परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स
आज के करंट अफेयर्स में निम्नलिखित प्रमुख घटनाक्रम शामिल हैं:
1. भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी, 2. पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा, 3. गाजा पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट, 4. 'फर्जी पेटेंट' का काला बाजार, 5. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (DIKSHA), 6. इजरायल-लेबनान शांति समझौता, 7. ऑपरेशन अमिस्ताद, 8. ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल, 9. दिल्ली ईवी नीति 2.0, और 10. मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन के वैज्ञानिक संकेत।
संक्षिप्त सारांश
आज के करंट अफेयर्स में निम्नलिखित प्रमुख घटनाक्रम शामिल हैं: 1. भारत-मॉरीशस रणनीतिक साझेदारी, 2. पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा, 3. गाजा पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट, 4. 'फर्जी पेटेंट' का काला बाजार, 5. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (DIKSHA), 6. इजरायल-लेबनान शांति समझौता, 7. ऑपरेशन अमिस्ताद, 8. ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल, 9. दिल्ली ईवी नीति 2.0, और 10. मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन के वैज्ञानिक संकेत।
विस्तृत विश्लेषण
1. भारत और मॉरीशस: रणनीतिक संबंधों को मजबूती
यह विषय हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की 'सागर' (SAGAR) नीति और 'नेबरहुड फर्स्ट' दृष्टिकोण के तहत चर्चा में है। 28 जून 2026 को पीएम मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ बैठक कर द्विपक्षीय सहयोग और विशेष आर्थिक पैकेज की समीक्षा की।
विश्लेषण: भारत-मॉरीशस संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समुद्री सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण (Global South) की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। 'महासागर' (MAHASAGAR) विजन के तहत दोनों देशों ने कनेक्टिविटी, ब्लू इकोनॉमी और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: 'व्यापक आर्थिक सहयोग और भागीदारी समझौता' (CECPA) भारत द्वारा किसी अफ्रीकी देश के साथ किया गया पहला समझौता है। अगालेगा द्वीप का विकास दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग का मुख्य आधार है।
2. पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा
प्रधानमंत्री की 27-29 जून 2026 की सेशेल्स यात्रा हिंद महासागर में भारत की भू-राजनीतिक उपस्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है।
विश्लेषण: इस यात्रा के दौरान डिजिटल परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर विशेष बल दिया गया। सेशेल्स का 'कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर' (CDRI) में शामिल होना भारत के आपदा प्रबंधन नेतृत्व को वैश्विक मान्यता देता है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: असोम्प्शन आइलैंड (Assumption Island) पर भारत की विकास परियोजनाएं चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' रणनीति का प्रभावी काउंटर हैं। 1250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) सेशेल्स की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु दी गई है।
3. गाजा पर संयुक्त राष्ट्र जांच रिपोर्ट
9 जून 2026 को यूएन इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल कमीशन ऑफ इंक्वायरी ने अपनी रिपोर्ट जारी की, जिसमें गाजा में चल रहे मानवीय संकट पर गंभीर टिप्पणी की गई है।
विश्लेषण: रिपोर्ट में इजरायली बलों और हमास-संबद्ध लड़ाकों द्वारा मानवीय कानूनों के उल्लंघन का उल्लेख है। यह रिपोर्ट मानवाधिकारों के सार्वभौमिक उल्लंघन और 'Settler Violence' (बसावट हिंसा) के सीधे प्रभाव को रेखांकित करती है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: यह जांच रिपोर्ट 'अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी कानून' (IHL) के अनुपालन पर केंद्रित है। जेनेवा कन्वेंशन के सिद्धांतों के उल्लंघन के संदर्भ में यह रिपोर्ट अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है।
4. 'फर्जी पेटेंट' का काला बाजार
हाल ही में शैक्षणिक क्षेत्र में 'फर्जी पेटेंट' के बढ़ते प्रचलन ने नवाचार की साख पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
विश्लेषण: कई निजी विश्वविद्यालय और शैक्षणिक एजेंसियां डिजाइन पंजीकरण को 'अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट' के रूप में पेश कर रहे हैं। यूके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (UKIPO) में अल्प समय (11 दिन) में होने वाले डिजाइन पंजीकरण का दुरुपयोग अकादमिक स्कोर पाने के लिए किया जा रहा है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: पेटेंट अधिनियम, 1970 के अनुसार, पेटेंट के लिए 'नवीनता' (Novelty) और 'आविष्कारशील कदम' (Inventive Step) अनिवार्य है। गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए 'डिजाइन पंजीकरण' और 'पेटेंट' के बीच का अंतर समझना आवश्यक है।
5. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (DIKSHA)
दीक्षा पोर्टल शिक्षा के डिजिटलीकरण और 'वन नेशन-वन डिजिटल प्लेटफॉर्म' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए चर्चा में है।
विश्लेषण: यह शिक्षा मंत्रालय की 'पीएम ई-विद्या' पहल का मुख्य अंग है। यह ओपेन-सोर्स प्लेटफॉर्म है जो बहुभाषी और क्यूरेटेड डिजिटल कंटेंट प्रदान करता है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: दीक्षा 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF) से सीधे जुड़ा है। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में सुलभ है और शिक्षकों के प्रशिक्षण (LMS) के लिए भी उपयोग किया जाता है।
6. इजरायल-लेबनान समझौता
अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच जून 2026 में हुआ समझौता मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विश्लेषण: यह समझौता 'साउथ लितानी सेक्टर' से हिज्बुल्लाह के हटने और लेबनान की सशस्त्र सेना के पूर्ण नियंत्रण पर केंद्रित है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: यह एक 'सीजफायर' समझौता है, जिसका उद्देश्य सीमा पार तनाव को कम करना है। यह भविष्य में एक व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की आधारशिला रख सकता है।
7. ऑपरेशन अमिस्ताद
जून 2026 में वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद भारत द्वारा लॉन्च किया गया 'मानवीय सहायता और आपदा राहत' (HADR) मिशन।
विश्लेषण: भारत की 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की नीति को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमानों द्वारा राहत सामग्री पहुंचाई गई।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: भारत अब वैश्विक आपदा प्रबंधन में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है। इस तरह के मिशन 'वसुधैव कुटुंबकम' के दर्शन को प्रदर्शित करते हैं।
8. ग्रामीण आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल
पंचायती राज संस्थानों में पारदर्शिता लाने हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित पोर्टल।
विश्लेषण: यह एक ओपन-सोर्स एप्लीकेशन है जिसका उपयोग ग्राम पंचायतों में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: यह 'ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट' का हिस्सा है, जो वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और ऑडिट रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में मदद करता है।
9. दिल्ली ईवी नीति 2.0
शहरी प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 2026-2030 तक बढ़ाई गई इलेक्ट्रिक वाहन नीति।
विश्लेषण: इस नीति का लक्ष्य दिल्ली को भारत की ई-मोबिलिटी राजधानी बनाना है। इसमें 2-व्हीलर, 3-व्हीलर और सार्वजनिक परिवहन (ई-बस) के लिए भारी सब्सिडी का प्रावधान है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: नीति का लक्ष्य 2028 तक सभी नए टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन को इलेक्ट्रिक बनाना है। यह 'FAME' इंडिया योजना के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
10. नासा रोवर: मंगल पर प्राचीन जीवन के संकेत
'पर्सिवरेंस' रोवर ने मंगल के 'जेज़ेरो क्रेटर' (Jezero Crater) में जटिल कार्बन अणुओं की खोज की है।
विश्लेषण: यह अब तक की सबसे ठोस जैविक खोज है जो प्राचीन काल में मंगल पर सूक्ष्मजीवी जीवन (Microbial life) की संभावना को बल देती है।
परीक्षा के लिए फैक्ट्स: 'चेयावा फॉल्स' (Cheyava Falls) नामक चट्टान में पाए गए 'लेपर्ड-स्पॉट' (Leopard-spots) और 'मैक्रोमोलेक्यूलर कार्बन' का पता चलना खगोल-जीव विज्ञान (Astrobiology) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी मोड़ है।

आयरलैंड से हारे, तो याद आए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी: फैंस भड़के
आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भारतीय टीम की अप्रत्याशित हार ने क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी शिकस्त के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उन्होंने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फैंस सोशल मीडिया पर 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
खबर का निचोड़:
आयरलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में भारतीय टीम की अप्रत्याशित हार ने क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी शिकस्त के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उन्होंने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फैंस सोशल मीडिया पर 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
शर्मनाक हार के बाद सवालों के घेरे में टीम मैनेजमेंट
आयरलैंड जैसी टीम के सामने भारतीय टीम का सरेंडर फैंस को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। टी20 सीरीज़ में मिली इस शिकस्त ने टीम की रणनीतियों और चयन प्रक्रिया की कमियों को उजागर कर दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस ने मोर्चा खोल दिया। फैंस का मानना है कि जब सीनियर खिलाड़ी फ्लॉप हो रहे थे, तो युवा और आक्रामक खिलाड़ियों को आजमाने में संकोच क्यों किया गया? इस बहस के केंद्र में हैं बिहार के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें पूरी सीरीज़ के दौरान बेंच पर बैठे रहना पड़ा।
15 साल के वैभव को क्यों नहीं मिला डेब्यू का मौका?
वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर अपने बल्ले से जो तबाही मचाई है, उसके बाद हर किसी को उम्मीद थी कि इस दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने का मौका मिलेगा। महज 15 साल की उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दिग्गजों को प्रभावित करने वाले वैभव को बाहर रखना फैंस की समझ से परे है। फैंस का गुस्सा इस बात पर है कि जब टीम के नियमित सलामी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब इस युवा प्रतिभा को प्लेइंग इलेवन में शामिल करके एक साहसिक फैसला क्यों नहीं लिया गया।
सोशल मीडिया पर फूटा फैंस का गुस्सा
इंटरनेट पर क्रिकेट प्रेमियों ने टीम के इस फैसले के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है। एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वैभव सूर्यवंशी का नाम ट्रेंड करने लगा है। फैंस लगातार मैनेजमेंट को आड़े हाथों ले रहे हैं। एक निराश फैन ने लिखा, "अगर सूर्यवंशी प्लेइंग इलेवन में होते तो भारत को यह दिन नहीं देखना पड़ता और हम सीरीज़ नहीं हारते।" वहीं कई अन्य यूज़र्स का कहना है कि भारतीय क्रिकेट को अब रूढ़िवादी सोच से बाहर निकलकर वैभव जैसे निडर बल्लेबाजों को मौका देना होगा, जो पहली ही गेंद से मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।
युवा प्रतिभाओं को दरकिनार करने की भारी कीमत
क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग इस बात से सहमत है कि आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ सीरीज हमेशा नए प्रयोगों और युवाओं को तराशने के लिए सबसे सही मंच होती है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को पूरे दौरे पर सिर्फ टीम बस की यात्रा और ड्रिंक्स ले जाने तक सीमित रखना उनके टैलेंट के साथ नाइंसाफी है। फैंस का स्पष्ट कहना है कि अगर भारतीय टीम को टी20 फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम रखनी है, तो उसे उम्र के ढर्रे को छोड़कर फॉर्म और बेखौफ अंदाज को तवज्जो देनी होगी। फिलहाल, इस हार और वैभव को न खिलाने के फैसले ने टीम इंडिया के थिंक टैंक को बैकफुट पर धकेल दिया है।

रिवॉल्वर रानी का वह 'किसिंग सीन': वीर दास ने तोड़ी चुप्पी, कंगना ने दिया करारा जवाब
फिल्म 'रिवॉल्वर रानी' की शूटिंग के दौरान कंगना रनौत द्वारा वीर दास के होंठ काटने की खबरें लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थीं। इस वायरल दावे पर अब वीर दास ने खुद अपनी बात रखी है और इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया है। कंगना ने भी इसे अपनी एक अलग शैली में संबोधित किया है।
इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। वीर दास ने इन खबरों को पूरी तरह से काल्पनिक और निराधार बताया है। वहीं, कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे किसी की निजी कल्पना का हिस्सा बताया है।
फिल्म 'रिवॉल्वर रानी' की शूटिंग के दौरान कंगना रनौत द्वारा वीर दास के होंठ काटने की खबरें लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई थीं। इस वायरल दावे पर अब वीर दास ने खुद अपनी बात रखी है और इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया है। कंगना ने भी इसे अपनी एक अलग शैली में संबोधित किया है।
इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। वीर दास ने इन खबरों को पूरी तरह से काल्पनिक और निराधार बताया है। वहीं, कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे किसी की निजी कल्पना का हिस्सा बताया है।
आखिर सच क्या है?
'रिवॉल्वर रानी' फिल्म का वह सीन इंटरनेट पर अक्सर चर्चा का केंद्र रहा है। दावा किया जाता रहा है कि किसिंग सीन के दौरान कंगना इतनी आक्रामक हो गई थीं कि उन्होंने वीर दास के होंठ काट लिए थे। कई वर्षों तक यह किस्सा एक फिल्मी गॉसिप की तरह चलता रहा। लेकिन वीर दास ने हाल ही में चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यह घटना कभी हुई ही नहीं।
वीर दास ने कंगना की जमकर तारीफ की और उन्हें बेहद प्रोफेशनल कलाकार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेट पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था जिसे लेकर लोग तरह-तरह की कहानियां गढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, यह पूरी कहानी मनगढ़ंत है और इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
कंगना का तीखा पलटवार
अपनी बेबाक छवि के लिए मशहूर कंगना रनौत ने इस दावे को एक अजीबोगरीब सेक्स फैंटेसी करार दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस पूरे विवाद पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि कोई अज्ञात व्यक्ति अपनी निजी इच्छाओं और कल्पनाओं को पूरा करने के लिए उनके और वीर दास के नाम का इस्तेमाल कर रहा है। कंगना का यह बयान साफ करता है कि वह इस तरह की अफवाहों से कितनी परेशान हैं।
सिनेमाई गॉसिप और सच्चाई का फासला
फिल्मी दुनिया में इस तरह के दावे अक्सर अभिनेताओं की छवि को प्रभावित करते हैं। 'रिवॉल्वर रानी' में कंगना का किरदार काफी उग्र था, शायद इसी वजह से लोगों ने इस काल्पनिक घटना को सच मान लिया। वीर दास की ओर से आई स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि कैमरे के पीछे का अनुभव एक पेशेवर शूटिंग के अलावा कुछ और नहीं था। कंगना और वीर दास के इन बयानों ने इस पुरानी अफवाह पर विराम लगाने का काम किया है। अब देखना यह है कि क्या इस स्पष्टीकरण के बाद ये दावे सोशल मीडिया पर थमते हैं या नहीं।

सलमान खान के बड़प्पन का दिलचस्प किस्सा: जब हर्षाली ने 20 बार उनके हाथ पर थूका चिकन
बजरंगी भाईजान' के सेट से एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। फिल्म में कुरैशी का रोल निभाने वाले अभिनेता मनोज बख्शी ने खुलासा किया है कि एक सीन के दौरान बाल कलाकार हर्षाली मल्होत्रा ने सुपरस्टार सलमान खान के हाथों पर करीब 20 बार चिकन थूका था, लेकिन सलमान बिना किसी हिचकिचाहट के शॉट पूरा होने तक डटे रहे।
'बजरंगी भाईजान' के सेट से एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। फिल्म में कुरैशी का रोल निभाने वाले अभिनेता मनोज बख्शी ने खुलासा किया है कि एक सीन के दौरान बाल कलाकार हर्षाली मल्होत्रा ने सुपरस्टार सलमान खान के हाथों पर करीब 20 बार चिकन थूका था, लेकिन सलमान बिना किसी हिचकिचाहट के शॉट पूरा होने तक डटे रहे।
'बजरंगी भाईजान' के सेट का वो अनदेखा सच
बॉलीवुड की सबसे ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार 'बजरंगी भाईजान' को रिलीज हुए सालों बीत चुके हैं, लेकिन इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प किस्से आज भी दर्शकों को रोमांचित कर देते हैं। फिल्म में मूक बच्ची 'मुन्नी' का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुईं हर्षाली मल्होत्रा और सुपरस्टार सलमान खान की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग को सबने सराहा था। लेकिन इस पर्दे के पीछे की केमिस्ट्री को परफेक्ट बनाने के लिए सलमान खान ने किस हद तक जाकर काम किया, इसका एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है।
अभिनेता मनोज बख्शी ने खोला यादों का पिटारा
फिल्म में पुलिस अधिकारी कुरैशी की भूमिका निभाने वाले अनुभवी अभिनेता मनोज बख्शी ने हाल ही में शूटिंग के दिनों को याद किया। उन्होंने सेट पर घटी एक ऐसी घटना का जिक्र किया जो सलमान खान के काम के प्रति समर्पण और उनके बड़प्पन को साफ तौर पर बयां करती है। मनोज बख्शी के मुताबिक, फिल्म के एक बेहद महत्वपूर्ण दृश्य को फिल्माते समय पूरी यूनिट इस बात को देखकर हैरान थी कि एक इतना बड़ा सुपरस्टार किस तरह बिना किसी नखरे के काम कर रहा था।
जब 20 बार रीटेक हुआ वो 'चिकन वाला सीन'
मनोज बख्शी ने बताया कि फिल्म का एक सीन था जिसमें हर्षाली मल्होत्रा को चिकन खाना था और फिर उसे सलमान खान के हाथों में थूकना था। बच्चों के साथ शूट करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण माना जाता है और इस सीन में भी कुछ ऐसा ही हुआ। परफेक्ट शॉट के चक्कर में इस सीन के कई रीटेक लेने पड़े। बख्शी कहते हैं, "हर्षाली को वह चिकन सलमान के हाथों में थूकना था और सलमान ने कम से कम 20 बार उस थूके हुए खाने को अपने हाथों में लिया।"
सुपरस्टार का वो अंदाज, जिसने सबका दिल जीत लिया
एक छोटी बच्ची, जो उनकी सगी नहीं थी, उसके साथ इस तरह का सीन करना और वो भी बिना किसी शिकन के, सेट पर मौजूद हर शख्स के लिए एक मिसाल जैसा था। आम तौर पर सितारे ऐसे दृश्यों में बॉडी डबल या किसी तकनीकी ट्रिक का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, लेकिन सलमान खान ने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने एक अभिभावक और एक सच्चे प्रोफेशनल की तरह हर्षाली को सहज महसूस कराया और लगातार अपने हाथों को आगे बढ़ाते रहे जब तक कि डायरेक्टर को उनका मनमुताबिक शॉट नहीं मिल गया। यही वजह है कि आज भी इस फिल्म और इन किरदारों की मासूमियत लोगों के दिलों में जिंदा है।

टीम इंडिया को घुटनों पर लाने वाला आयरिश बॉलर ढूंढ रहा है नौकरी! वायरल हुई 'Open To Work' प्रोफाइल
आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंद्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनने वाले मूंद्रा ने दूसरे मैच में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गजों को सस्ते में पवेलियन भेजा। लेकिन इस समय उनकी गेंदबाजी से ज्यादा, उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा 'Open To Work' का स्टेटस सुर्खियों में है।
खबर का निचोड़:
आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंद्रा इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बनने वाले मूंद्रा ने दूसरे मैच में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गजों को सस्ते में पवेलियन भेजा। लेकिन इस समय उनकी गेंदबाजी से ज्यादा, उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा 'Open To Work' का स्टेटस सुर्खियों में है।
भारतीय बैटिंग लाइन-अप की धज्जियां उड़ाने वाला नया सनसनी
क्रिकेट के मैदान पर कब कौन सा खिलाड़ी फर्श से अर्श पर पहुंच जाए, यह कहना मुश्किल है। भारत और आयरलैंड के बीच खेली गई टी20 सीरीज में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। आयरलैंड के युवा और तेज गेंदबाज जय मूंद्रा ने अपनी धारदार गेंदबाजी से भारतीय टीम के मजबूत बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। पूरी सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाज उनकी रफ्तार और स्विंग के सामने बेबस नजर आए। जय मूंद्रा ने सीरीज के महज 2 मैचों में 5 विकेट चटकाकर न सिर्फ सबको हैरान किया, बल्कि 'प्लेयर ऑफ द सीरीज़' के खिताब पर भी कब्जा जमाया।
एक ही ओवर में ढहा दिया भारत का टॉप ऑर्डर
सीरीज के दूसरे मुकाबले में जय मूंद्रा का कहर सातवें आसमान पर था। भारतीय टीम जिस मजबूत और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती है, उसे मूंद्रा ने अकेले दम पर बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन, विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा और अनुभवी श्रेयस अय्यर को पिच पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। इन तीनों ही इन-फॉर्म बल्लेबाजों को बेहद सस्ते में आउट कर मूंद्रा ने मैच का रुख पूरी तरह आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया। उनकी इस घातक गेंदबाजी की बदौलत क्रिकेट जगत में उनके नाम की चर्चा तेज हो गई है।
मैदान पर बरपाया कहर, लिंक्डइन पर लगा है 'Open To Work'
एक तरफ जहां जय मूंद्रा मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों के विकेट उखाड़ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उनके नाम का एक अलग ही ट्रेंड शुरू हो गया। मैच खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर मूंद्रा की प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट 'लिंक्डइन' (LinkedIn) की प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगा। इस प्रोफाइल पर सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात थी उनकी तस्वीर पर लगा 'Open To Work' का ग्रीन बैज। इसका सीधा मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत जैसी दिग्गज टीम के होश उड़ाने वाला यह गेंदबाज इस वक्त नौकरी की तलाश में है।
सोशल मीडिया पर फैंस ले रहे हैं मजे
जय मूंद्रा की इस वायरल प्रोफाइल ने सोशल मीडिया पर मीम्स और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। क्रिकेट फैंस लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ फैंस का कहना है कि भारत के खिलाफ इस तरह के प्रदर्शन के बाद अब उन्हें नौकरी ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि दुनिया भर की टी20 लीग्स और आईपीएल (IPL) की फ्रेंचाइजी खुद उनके पीछे भागेंगी। एक यूजर ने लिखा कि संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर का विकेट लेने वाले गेंदबाज को तो बिना किसी इंटरव्यू के ही सीधे टीम में रख लेना चाहिए। फिलहाल, मूंद्रा का यह 'Open To Work' स्टेटस खेल जगत के साथ-साथ कॉर्पोरेट जगत में भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
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