
पाइरेसी के खिलाफ 'रामायण' की टीम की सख्त चेतावनी
रणबीर कपूर अभिनीत फिल्म 'रामायण' की टीम ने पाइरेसी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए टीम ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत रिकॉर्डिंग और शेयरिंग करने वालों पर आपराधिक, दीवानी और अवमानना की कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, पहले से पोस्ट फुटेज को तुरंत हटाने की अपील की गई है.
सिनेमा जगत में इन दिनों फिल्मों की लीक होने वाली फुटेज और पाइरेसी ने निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' के मेकर्स ने इस गंभीर समस्या पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रणबीर कपूर अभिनीत इस मेगा-प्रोजेक्ट की टीम ने साफ कर दिया है कि फिल्म की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
फिल्म की टीम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों का हवाला देते हुए एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है. इसके तहत सिनेमाघरों या किसी अन्य माध्यम से फिल्म की अनधिकृत रिकॉर्डिंग करने और उसे सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. ऐसा करने वाले असामाजिक तत्वों पर आपराधिक मुकदमे, दीवानी मुकदमे और अदालत की अवमानना जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
फुटेज हटाने की आखिरी चेतावनी
मेकर्स ने उन सभी लोगों और पेजों को कड़ी चेतावनी दी है जिन्होंने पहले से ही फिल्म के कुछ हिस्से या फुटेज ऑनलाइन पोस्ट कर रखे हैं. टीम ने सभी से अपील की है कि वे तुरंत ऐसे पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया से हटा लें. यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो कानून का शिकंजा कसना तय है और दोषियों को भारी परिणाम भुगतने होंगे.
फिल्म की रिलीज और सुरक्षा इंतजाम
5 नवंबर को रिलीज हुई 'रामायण' को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, लेकिन मेकर्स हर हाल में इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और सिनेमाई अनुभव को सुरक्षित रखना चाहते हैं। इस सख्त चेतावनी के बाद उम्मीद की जा रही है कि पाइरेसी करने वालों पर लगाम लगेगी और फिल्म उद्योग को इस दीमक से राहत मिलेगी.

टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए रो पड़ी थीं सोनिया गांधी
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि दिसंबर 1992 में टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखते हुए वह रो पड़ी थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस की कुछ नाकामियों ने बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में भूमिका निभाई है।
बाबरी मस्जिद विध्वंस पर छलके आंसू
सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया कि दिसंबर 1992 में जब वह टीवी पर बाबरी मस्जिद का विध्वंस देख रही थीं, तो उस दृश्य को देखकर वह रो पड़ी थीं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादों और बहसों को एक बार फिर से ताजा कर दिया है।
कांग्रेस की नाकामियों और बीजेपी का उभार
इसके साथ ही सोनिया गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी की कुछ अपनी नाकामियां रहीं हैं। उन्होंने माना कि पार्टी की इन्हीं चूकों ने देश में बीजेपी और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि कई मामलों में उनकी पार्टी जरूरत से ज्यादा निश्चिंत रही थी।

इमर्जेंसी पर सोनिया गांधी का बयान, संजय अकेले कसूरवार नहीं
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के लिए दिवंगत संजय गांधी को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि संजय के आसपास राजीव गांधी जैसे लोग भी थे जिनका नजरिया अलग था और इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों का भी उन पर काफी दबाव था।
संजय गांधी अकेले जिम्मेदार नहीं
सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा है कि इमरजेंसी के वक्त केवल दिवंगत संजय गांधी ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे। उनके मुताबिक, उस दौरान इंदिरा गांधी के कुछ वरिष्ठ सहयोगियों की ओर से उन पर काफी दबाव बनाया गया था, जिसके कारण कई फैसले लिए गए।
राजीव गांधी का अलग था नजरिया
इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि संजय गांधी के आसपास कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जिनका नज़रिया उनसे बिल्कुल अलग था। सोनिया गांधी ने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि राजीव गांधी की राय और सोच इस मामले में अलग थी, जो इस ऐतिहासिक दौर के भीतर के समीकरणों को दर्शाती है।

सिलीगुड़ी में सैनिकों के बीच पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दिवाली मिलन समारोह के दौरान वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाई। उन्होंने सैनिकों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका मनोबल ही सबसे बड़ा हथियार है।
जवानों को खिलाई मिठाई
इस खास मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री ने वायुसेना के जवानों से बातचीत की और उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाकर दीवाली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सैनिकों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला, जो त्योहार के मौके पर उनके अपनों से दूर रहने की कमी को थोड़ा कम करता है।
सैनिकों का मनोबल सबसे बड़ा हथियार
संबोधन और बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने सैनिकों के त्याग, साहस और देश के प्रति समर्पण की खुलकर सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे सैनिकों का उच्च मनोबल ही देश का सबसे बड़ा और मजबूत हथियार है। इसके साथ ही उन्होंने सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करने की बात पर जोर देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।

पीएम मोदी इस बार भी जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की है कि वह इस बार भी जवानों के बीच ही त्योहार मनाएंगे। उन्होंने इसे अपनी नियमित परंपरा बताया है, जिसे वह साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से लगातार निभा रहे हैं।
जवानों के साथ त्योहार मनाने की परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को अपनी एक नियमित परंपरा करार दिया है। उन्होंने साझा किया कि साल 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से ही वह हर साल दीपावली का पर्व सैनिकों के बीच जाकर मनाते आ रहे हैं।
सरहद पर जाकर बढ़ाते हैं हौसला
अपनी इस विशेष परंपरा के तहत प्रधानमंत्री हर साल किसी न किसी बॉर्डर या सैन्य ठिकाने पर पहुंचते हैं। वहां तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाना और उनके साथ खुशियां बांटना उनकी प्राथमिकता रही है।
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