
इमरजेंसी पर सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, संजय गांधी पर कही बात
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अपनी आगामी पुस्तक में आपातकाल को लेकर बड़ा दावा किया है। द गार्डियन के अनुसार उन्होंने लिखा है कि आपातकाल लगाने के फैसले पर परिवार एकमत नहीं था और यदि संजय गांधी पर नियंत्रण रखा जाता तो बाद में हुए नुकसान को रोका जा सकता था।
आपातकाल के फैसले पर परिवार में मतभेद
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, सोनिया गांधी ने अपनी आगामी पुस्तक में इस बात का जिक्र किया है कि देश में आपातकाल लगाने के फैसले को लेकर उनके परिवार के लोग पूरी तरह एकमत नहीं थे। इस बड़े फैसले पर राजीव गांधी इसके पूरी तरह खिलाफ थे, जो उस दौर के पारिवारिक और राजनीतिक घटनाक्रम को एक नया आयाम देता है।
संजय गांधी की भूमिका और नियंत्रण
द गार्डियन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सोनिया गांधी ने अपनी किताब में लिखा है कि "अगर संजय को काबू में रखा जाता, तो बाद में हुए नुकसान का बड़ा हिस्सा रोका जा सकता था"। इस टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीतिक इतिहास के पन्नों को पलट दिया है और आपातकाल के दौर की अंदरूनी परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए हैं।

यूट्यूबर मनीष कश्यप की दुल्हन बनेंगी अनुष्का शर्मा, जानिए कौन हैं
प्रसिद्ध यूट्यूबर मनीष कश्यप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी होने वाली पत्नी अनुष्का शर्मा उनसे उम्र में 12-13 साल छोटी हैं और औरंगाबाद के दाउदनगर की रहने वाली हैं। मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर चुकीं अनुष्का छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं।
जानिए कौन हैं अनुष्का शर्मा
मनीष कश्यप की होने वाली पत्नी अनुष्का शर्मा बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर की मूल निवासी हैं। उम्र के लिहाज से वह मनीष कश्यप से लगभग 12 से 13 साल छोटी हैं। दोनों की जोड़ी सामने आने के बाद से ही फैंस लगातार उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।
शिक्षा और छात्र राजनीति में सक्रियता
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अनुष्का ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन (पत्रकारिता) की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी गहरी रुचि छात्र राजनीति में भी रही है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के टिकट पर अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था।
नए सफर की शुरुआत
खबरों के मुताबिक दोनों जल्द ही परिणय सूत्र में बंधने वाले हैं। पत्रकारिता, मीडिया और छात्र राजनीति से जुड़े दो व्यक्तित्वों का यह मिलन इन दिनों काफी सुर्खियों में बना हुआ है।

दिवाली पर दिल्ली की हवा जहरीली, AQI 400 के करीब पहुंचा
दिवाली की सुबह दिल्ली-एनसीआर में घनी धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के करीब पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार कई इलाकों में गंभीर प्रदूषण दर्ज किया गया है, और डॉक्टरों ने कमजोर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।
खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इंडिया गेट पर AQI 398, अक्षरधाम में 336 और आनंद विहार में 328 रिकॉर्ड किया गया है, जो जनस्वास्थ्य के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।
पटाखों और प्रदूषण का असर
सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार रात को पटाखे जलाए जाने के महज दो घंटों के भीतर ही प्रदूषण के स्तर में 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके चलते हवा में जहर घुल गया है और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
हवा की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कमजोर और बुजुर्ग लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, ताकि जहरीली हवा के दुष्प्रभाव से बचा जा सके।

'दिवाली खुशियों की ईद है': कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए नजर आ रहे हैं。 वीडियो में उनके द्वारा दिवाली को 'खुशियों की ईद' बताने वाला बयान सामने आने के बाद ऑनलाइन चर्चा छिड़ गई है और कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं。
दिवाली पर दिया गया बयान
त्योहारों के इस माहौल में बधाई देते समय कांग्रेस अध्यक्ष ने कुछ ऐसे शब्दों का चयन किया, जिसने तुरंत सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "दिवाली खुशियों की एक ईद है... लंबे समय तक चलने वाली ईद यही है।" उनके इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
मल्लिकार्जुन खड़गे के इस बयान के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स और आलोचकों ने उनके द्वारा त्योहारों की तुलना करने के तरीके और शब्दों के चयन पर तीखे सवाल उठाए हैं। इस टिप्पणी को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

कौन हैं इस्तीफा देने वाली यूपी की पूर्व PCS अधिकारी अनुपमा सरोज?
डिप्टी कमिश्नर (GST) पद से इस्तीफा देने वाली यूपी की पूर्व पीसीएस अधिकारी अनुपमा सरोज एक सिंह गायिका भी हैं। उनके पिता आरपी सरोज 1964 बैच के आईपीएस और मां सुशीला सरोज सपा सांसद व पूर्व मंत्री रह चुकी हैं। उनका पूरा परिवार प्रशासनिक और राजनीतिक सेवा से जुड़ा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों पूर्व पीसीएस अधिकारी अनुपमा सरोज चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) के पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद से उनके बारे में जानने के लिए लोग उत्सुक हैं। प्रशासनिक सेवा से अलग हटकर उनकी पहचान एक सिंह गायिका के रूप में भी है।
प्रतिष्ठित प्रशासनिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि
अनुपमा सरोज का परिवार बेहद प्रतिष्ठित और ऊंचे ओहदों से जुड़ा रहा है। उनके पिता आरपी सरोज 1964 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और एडीजी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके अलावा उनकी मां सुशीला सरोज समाजवादी पार्टी की सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रह चुकी हैं।
परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति
इस परिवार की बेटियां भी उच्च पदों पर देश की सेवा कर रही हैं। अनुपमा सरोज की बड़ी बहन पहले ही पीसीएस अधिकारी रह चुकी हैं, जबकि उनकी छोटी बहन वर्तमान में सीएमओ (CMO) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस तरह पूरा परिवार प्रशासनिक और सार्वजनिक जीवन का एक मजबूत स्तंभ रहा है।
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