
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: सुप्रिया सुले के 'स्पाइकैम पेन' वाले सनसनीखेज आरोपों से सियासी भूचाल
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों में मतदान रिकॉर्ड करने के लिए भाजपा पर 'स्पाइकैम पेन' के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल विपक्ष की राजनीतिक बयानबाजी बताया है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद से राज्य की राजनीति गरमा गई है।
आरोपों के घेरे में भाजपा और चुनाव प्रक्रिया
सुप्रिया सुले ने दावा किया है कि महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनावों के दौरान मतदान को अवैध तरीके से रिकॉर्ड करने के लिए 'स्पाइकैम पेन' का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि यह सीधा-सीधा चुनावी नियमों और मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन है। इस तरह के हाई-टेक गैजेट्स का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। सुले ने इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है, ताकि सच सामने आ सके और इस तरह की हरकतों पर लगाम लगाई जा सके।
फडणवीस का पलटवार और आरोपों से इनकार
सुप्रिया सुले के इन तीखे हमलों पर राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। फडणवीस ने एनसीपी नेता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह विपक्ष की केवल सियासी बयानबाजी और हार की झुंझलाहट है। फडणवीस के अनुसार, जब चुनाव परिणामों या प्रक्रिया में विपक्ष को अपनी हार नजर आती है, तो वे इस तरह के बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।
सियासी सरगर्मी और आगामी राजनीति पर असर
इस ताजा विवाद ने राज्य के राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां महाविकास आघाड़ी इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाकर चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर महायुति सरकार विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे जनता का ध्यान भटकाने की चाल बता रही है। दोनों पक्षों के बीच छिड़ी इस बयानबाजी ने आने वाले दिनों में राजनीतिक संघर्ष को और अधिक तीव्र कर दिया है।

दलेर मेहंदी से माफी मांगें मंत्री उनियाल: मीका सिंह
सिंगर मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि मंत्री सुबोध उनियाल को मंच पर दलेर मेहंदी को नशे में बताने के बयान पर कैमरे के सामने माफी मांगनी चाहिए। मीका सिंह ने बताया कि सीएम धामी ने उन्हें फोन किया था, जिसके बाद उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
उत्तराखंड की राजनीति और संगीत जगत में इन दिनों एक नया विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। यह पूरा मामला मशहूर गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच उपजे तनाव से जुड़ा हुआ है। मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा एक सार्वजनिक मंच से दलेर मेहंदी को लेकर यह बयान दिया गया था कि वे नशे में थे। इस बयान के सामने आने के बाद से ही संगीत जगत और कलाकारों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई बातचीत
इस पूरे घटनाक्रम के गर्माने के बाद प्रसिद्ध गायक मीका सिंह ने इस मामले में खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मीका सिंह ने मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया है कि इस विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें खुद फोन किया था। मुख्यमंत्री के साथ हुई इस फोन पर बातचीत के दौरान मीका सिंह ने अपनी नाराजगी स्पष्ट करते हुए मंत्री के इस तरह के बयानों को अनुचित बताया।
कैमरे पर सार्वजनिक माफी की सख्त मांग
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपनी स्पष्ट मांग रखते हुए कहा है कि मंत्री सुबोध उनियाल को कैमरे के सामने आकर दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सीएम से यह गुजारिश की है कि मंत्री को एक वीडियो जारी कर अपने दिए गए बयान पर सफाई देनी चाहिए और दलेर भाई से माफी मांगनी चाहिए। इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद अब राजनीतिक और कला जगत दोनों जगह हलचल तेज हो गई है।

अभिनेत्रियों की गलत एंगल से तस्वीरें लेने पर सलमान खान की पैपराजी को नसीहत
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अभिनेत्रियों की गलत एंगल से तस्वीरें खींचने वाले पैपराजी को सख्त नसीहत दी है。 मुंबई में आईफा अवॉर्ड्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि थोड़ी इज्जत तो दी ही जा सकती है。 इससे पहले उन्होंने बिग बॉस 20 में भी इस चलन पर नाराजगी जताई थी。
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने अभिनेत्रियों की गलत एंगल से तस्वीरें लेने की प्रवृत्ति पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है。 मुंबई में आयोजित आईफा अवॉर्ड्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पैपराजी को आड़े हाथों लेते हुए इस बात की सख्त नसीहत दी कि मीडियाकर्मियों को पेशेवर मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए。 उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पीछे का याद रखना चाहिए और कम से कम इतनी इज़्ज़त तो दी ही जा सकती है。
पहले भी उठा चुके हैं इस मुद्दे पर आवाज
सलमान खान का यह रुख नया नहीं है, इससे पहले भी वह इस तरह की हरकतों पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर चुके हैं。 उन्होंने रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' के मंच पर भी अभिनेत्रियों की आपत्तिजनक एंगल से तस्वीरें लेने के चलन को लेकर कड़ा ऐतराज जताया था。 सलमान खान के इस ताजा बयान के बाद से फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया जगत में एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर बहस छिड़ गई है。

पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज: ISRO से ज्यादा री-लॉन्चिंग करती है कांग्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा कि ISRO सालभर में जितने रॉकेट लॉन्च नहीं करता, उससे ज्यादा बार कांग्रेस राहुल गांधी को लॉन्च करने की नाकाम कोशिश करती है। उन्होंने कांग्रेस पर देश को दांव पर लगाने का आरोप भी लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर विपक्षी दल कांग्रेस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि श्रीहरिकोटा से भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO सालभर में जितने रॉकेट लॉन्च नहीं करती है, उससे भी ज्यादा बार कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को री-लॉन्च करने की नाकाम कोशिशों में लगी रहती है।
'फेल्ड प्रॉडक्ट' के लिए देश को दांव पर लगाने का आरोप
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने 'फेल्ड प्रॉडक्ट' की बार-बार लॉन्चिंग के लिए देश के हितों को दांव पर लगाती रहेगी। पीएम मोदी के इस बयान के बाद देश के सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।

शिया हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
लखनऊ में हुए शिया हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर की जमानत अर्जी प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने खारिज कर दी है। अदालत ने अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए तीनों आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
लखनऊ में बहुचर्चित शिया हत्याकांड के मामले में आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। इस मामले की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और उनके ड्राइवर की तरफ से कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत के इस सख्त रुख के बाद तीनों आरोपियों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले का परीक्षण सत्र न्यायालय द्वारा किया जाना है। इन तमाम कानूनी बिंदुओं और गंभीरता को देखते हुए अदालत ने माना कि फिलहाल आरोपियों को जमानत देने का कोई भी उचित आधार नहीं बनता है। इसी आधार पर न्यायालय ने राहत देने से इनकार करते हुए आरोपियों को हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App