
शख्स ने कसकर गले लगाया, टूट गईं पत्नी की पसलियां
चीन के जियांग्सू में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति द्वारा प्यार से कसकर गले लगाने पर उसकी पत्नी की 5 पसलियां टूट गईं और एक में दरार आ गई। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित थी, जिससे उसकी हड्डियां कमजोर थीं।
कसकर गले लगाने से टूटीं हड्डियां
पति के कसकर गले लगाने की वजह से महिला की कुल 5 पसलियां टूट गईं और एक पसली में गंभीर दरार आ गई। अचानक हुई इस घटना से पति और पत्नी दोनों सन्न रह गए, क्योंकि सामान्य तरीके से गले मिलने पर इस तरह की गंभीर चोट की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित थी महिला
मामले की जांच करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि महिला का वजन महज करीब 45 किलोग्राम था। इसके अलावा, वह ऑस्टियोपोरोसिस नाम की बीमारी से पीड़ित थी। इस बीमारी के कारण उसकी हड्डियां अंदर से बेहद कमजोर हो चुकी थीं।
अचानक दबाव से पहुंचा नुकसान
डॉक्टरों के अनुसार, कमजोर हड्डियों के कारण जब पति ने अचानक और तेज दबाव डाला, तो महिला का शरीर उसे सहन नहीं कर पाया। इस अचानक पड़े दबाव से उसकी पसलियों को भारी नुकसान पहुंचा और उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा।

तिहाड़ से छूटते ही भड़के सौरभ दास, ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
सीजेपी नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से रिहा होते ही सौरभ दास ने संकेत दिया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, 'ज्ञानू को जाना होगा'।
जेल से बाहर आते ही सोशल मीडिया पोस्ट
8 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद रिहा हुए सौरभ दास ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना पहला पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने आक्रामक तेवर अपनाते हुए लिखा, 'ज्ञानू को जाना होगा'। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा जारी
सौरभ दास और आशुतोष रांका का यह कदम यह स्पष्ट करता है कि जेल जाने के बावजूद उनके तेवर कमजोर नहीं पड़े हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाने के मूड में हैं। तिहाड़ से बाहर आने के दौरान दोनों नेताओं के समर्थकों में भी काफी उत्साह देखा गया।
आगे बढ़ सकता है विवाद
दोनों नेताओं की रिहाई के बाद इस पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर 'दीबके' (Deepke) ने भी दोनों नेताओं का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे मीडिया से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विरोध-प्रदर्शन और भी जोर पकड़ सकता है।

मॉडल श्रद्धा दुबे का माफिया कनेक्शन, हत्या या हादसा में नया मोड़
मॉडल श्रद्धा दुबे केस में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में उनके कथित तौर पर मुंबई के माफिया जुल्फिकार यासीन बहलीम गैंग से कनेक्शन का खुलासा हुआ है। इसके अलावा, लखनऊ का वह फ्लैट भी दूसरे लोगों के नाम दर्ज निकला, जहां से उनके बॉयफ्रेंड की गिरकर मौत हुई थी।
माफिया गैंग से रिश्तों का शक
जांच एजेंसियों को श्रद्धा दुबे के कथित तौर पर मुंबई के कुख्यात माफिया जुल्फिकार यासीन बहलीम उर्फ जुल्फी गैंग से संबंध होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इस अंडरवर्ल्ड और माफिया कनेक्शन की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी है। इस एंगल के सामने आने के बाद पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था।
बेनामी प्रॉपर्टी का पेंच
मामले में दूसरा बड़ा मोड़ उस फ्लैट की मालकी को लेकर आया है, जहां यह दुखद घटना घटी थी। लखनऊ स्थित जिस फ्लैट से गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की जान गई, जांच में वह श्रद्धा का नहीं पाया गया। दस्तावेजों की छानबीन से पता चला है कि यह फ्लैट शादाब और इशाक खान नामक व्यक्तियों के नाम पर दर्ज है।
पुलिस जांच में तेजी
फ्लैट के मालिकों और माफिया से जुड़े इन नए तथ्यों के सामने आने के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ गया है। पुलिस अब इन सभी संदिग्ध पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से हटीं 70 से ज्यादा तस्वीरें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान राजीव वाड्रा की दिल्ली प्रदर्शनी शुरू होने से पहले विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि बीकानेर हाउस में लगी प्रदर्शनी से उनकी 75 तस्वीरों को हटाने या बदलने का दबाव बनाया गया। ये तस्वीरें दिल्ली के हालिया विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी हुई थीं।
कला और अभिव्यक्ति पर सवाल
रेहान राजीव वाड्रा ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे कलात्मक स्वतंत्रता पर अनुचित पाबंदी करार दिया है। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार की अभिव्यक्ति पर इस तरह से अंकुश लगाना पूरी तरह से गलत है।
विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं शामिल
प्रदर्शनी से हटाई गई ज्यादातर तस्वीरें दिल्ली में हाल के दिनों में हुए विभिन्न विरोध-प्रदर्शनों से संबंधित थीं। रेहान का दावा है कि ये तस्वीरें समाज के विभिन्न पहलुओं और विरोध की आवाजों को कैमरे में कैद करती थीं, लेकिन आयोजन स्थल प्रबंधन ने इन्हें प्रदर्शित करने से मना कर दिया।
प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले कार्रवाई
यह पूरी घटना प्रदर्शनी के औपचारिक उद्घाटन से महज कुछ घंटे पहले घटी। रेहान वाड्रा ने बताया कि अचानक आए इस फैसले से उन्हें और उनकी टीम को गहरा धक्का लगा है। इस घटना के बाद कला जगत और राजनीतिक गलियारों में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है।
बीकानेर हाउस में हंगामेदार माहौल
बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में कला प्रेमियों के पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, तस्वीरों को हटाने के इस फैसले के बाद प्रदर्शनी का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। आयोजकों और प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी से सतर्क हैं सैंटनर
न्यूजीलैंड में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से पहले कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सैंटनर ने कहा कि यदि वैभव को सीरीज में खेलने का मौका मिलता है, तो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के आगे गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट के मैदान पर एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलने वाला है। न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से ठीक पहले कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की काबिलियत को लेकर खुलकर बात की है। सैंटनर के इस बयान ने खेल जगत में सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
आईपीएल में आक्रामक बल्लेबाजी का असर
मिचेल सैंटनर ने इस बात को स्वीकार किया है कि वैभव सूर्यवंशी अपनी तूफानी और आक्रामक शैली की बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए मुकाबलों का जिक्र करते हुए कहा कि मैदान पर इस युवा बल्लेबाज का अंदाज विपक्षी गेंदबाजों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। आईपीएल के दौरान यह साफ तौर पर देखा गया है कि वैभव किस तरह से गेंदबाजों पर हावी होकर ताबड़तोड़ रन बना सकते हैं।
प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने पर बड़ी चुनौती
कीवी कप्तान का मानना है कि यदि आगामी टी20 सीरीज के दौरान वैभव सूर्यवंशी को मैदान पर उतरने और खेलने का अवसर मिलता है, तो वह अपनी क्षमता से मैदान पर बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं। विरोधी टीम इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि यह युवा खिलाड़ी अपनी विस्फोटक शैली के दम पर मैच का रुख पलटने का माद्दा रखता है। मैदान पर उनकी मौजूदगी ही गेंदबाजों के मन में दबाव पैदा करने के लिए काफी होती है।
गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल
क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभावान खिलाड़ी का सामना करना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं होता है। मिचेल सैंटनर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मैच के दौरान इस आक्रामक बल्लेबाज को क्रीज पर टिकने से रोकना और शांत रखना गेंदबाजों के लिए एक बहुत कठिन कार्य साबित होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाली यह टी20 सीरीज इसी वजह से और भी अधिक रोमांचक और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
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