
काव्या मारन और अनिरुद्ध रविचंदर की नेटवर्थ जानकर उड़ जाएंगे होश
आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की सीईओ काव्या मारन और मशहूर संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। काव्या सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन की बेटी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक काव्या मारन की व्यक्तिगत नेटवर्थ लगभग ₹409 करोड़ है, जबकि अनिरुद्ध की संपत्ति लगभग ₹50 करोड़ आंकी गई है।
काव्या मारन की पारिवारिक व व्यक्तिगत संपत्ति
काव्या मारन सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन की बेटी हैं। फोर्ब्स के आंकड़ों के मुताबिक, उनके पिता कलानिधि मारन की कुल संपत्ति लगभग $2.6 बिलियन (तकरीबन ₹24,692 करोड़) है। वहीं 'द इकोनॉमिक टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, काव्या मारन की अपनी व्यक्तिगत नेटवर्थ लगभग ₹409 करोड़ के आसपास आंकी गई है।
अनिरुद्ध रविचंदर का आर्थिक कद
दूसरी ओर, भारतीय संगीत जगत में अपने ब्लॉकबस्टर गानों से तहलका मचाने वाले संगीत निर्देशक अनिरुद्ध रविचंदर भी आर्थिक रूप से काफी मजबूत स्थिति में हैं। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, अनिरुद्ध की कुल संपत्ति लगभग ₹50 करोड़ रुपये बताई जाती है। वह तमिल, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में कई बड़ी फिल्मों के लिए हिट म्यूजिक कंपोज कर चुके हैं।
फैंस के बीच बढ़ी उत्सुकता
बिजनेस और एंटरटेनमेंट जगत की इन दो नामचीन हस्तियों के एक साथ आने की खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। दोनों की विशाल नेटवर्थ और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए फैंस इस भव्य जोड़ी की शादी से जुड़ी आगे की जानकारियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

'रामायण' में शूर्पणखा के रोल पर रकुल प्रीत सिंह का रिएक्शन
रकुल प्रीत सिंह ने आगामी फिल्म 'रामायण' में शूर्पणखा का किरदार निभाने पर प्रतिक्रिया दी है। बेंगलुरु में फिल्म के दूसरे ट्रेलर लॉन्च पर उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से जुड़कर वह बेहद खुश हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस फिल्म और किरदार के पीछे बहुत मेहनत लगी है।
शूर्पणखा के किरदार पर रकुल का बयान
ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रकुल प्रीत सिंह ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'रामायण' जैसी पौराणिक और ऐतिहासिक कहानी का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। यह कहानी हम सभी के दिलों के बेहद करीब है और इसमें काम करना एक अनूठा अहसास रहा है।
फिल्म के पीछे की कड़ी मेहनत
रकुल ने दर्शकों से उम्मीद जताई कि फिल्म में उनकी और पूरी टीम की मेहनत को सराहना मिलेगी। उन्होंने बताया कि शूर्पणखा का रूप और अंदाज पर्दे पर उतारने के लिए काफी मेहनत की गई है। किरदार की बारीकियों और तैयारी में पूरी स्टारकास्ट ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है।
सह-कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना
इवेंट में रकुल ने अपने साथी कलाकारों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे बेहतरीन अभिनेताओं के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा। सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों में जान डालने के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है, जिससे फिल्म काफी भव्य और आकर्षक बन पड़ी है।

मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी
दिल्ली की साकेत अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के एक आपराधिक मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह शिकायत बीजेपी आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे ने दर्ज कराई थी। राठी पर यूट्यूब वीडियो के जरिए मानहानि करने का आरोप है। इस मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
मामला और मुख्य आरोप
यह पूरा विवाद साल 2018 का है, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे ने ध्रुव राठी के खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसके जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने और उनकी मानहानि करने का प्रयास किया गया।
कानूनी शिकंजा और सुनवाई
अदालत द्वारा वारंट जारी किए जाने के बाद अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया और तेज हो गई है। साकेत कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 अक्टूबर तय की है। इस सुनवाई के दौरान अदालत में मामले से जुड़े पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उठते सवाल
सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए जाने वाले कंटेंट को लेकर समय-समय पर कानूनी सवाल उठते रहे हैं। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ मानहानि के मामलों में कोर्ट का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किए जाने वाले दावों और बयानों की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। आगामी 31 अक्टूबर की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी कि अदालत इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है।

रिज्यूम चेंज पर योगेंद्र यादव: तख्तापलट भारत का मॉडल नहीं
वरिष्ठ एडवोकेट प्रशांत भूषण के रिज्यूम चेंज वाले बयान पर स्वराज इंडिया प्रमुख योगेंद्र यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र का अधिकार है। यदि रिज्यूम चेंज का मतलब सड़क पर तख्तापलट है, तो यह भारत का मॉडल नहीं है।
चुनाव से सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र का अधिकार
योगेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव के माध्यम से सत्ता परिवर्तन करना हर नागरिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था का मौलिक अधिकार है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत जनता को अपनी सरकार चुनने और बदलने की पूरी आजादी है।
तख्तापलट भारत का मॉडल नहीं
रिज्यूम चेंज के अर्थ को स्पष्ट करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि अगर इसका मतलब सड़कों पर उतरकर तख्तापलट करना है, तो यह कतई भारत का मॉडल नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत भूषण ने इस तरह की बात कभी नहीं कही है और न ही वे यह मानते हैं कि वर्तमान आंदोलन की ऐसी कोई माँग है।

स्टालिन का केंद्र पर हमला: आंदोलन दबाने से और मजबूत होगा
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने सीजीपी के अभिजीत दीपके और छात्र नेता नेहा बोरा की हिरासत को गैरकानूनी और अमानवीय बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल दोनों की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश इसे और मजबूत करेगी।
गैरकानूनी और अमानवीय करार
एमके स्टालिन ने नेताओं को हिरासत में लिए जाने के कदम को गैरकानूनी और अमानवीय बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि दोनों नेताओं को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाए। उनका मानना है कि इस तरह की प्रशासनिक सख्ती लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
आंदोलन कुचलने पर दिया बयान
सरकार की रणनीति पर सीधा हमला बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि जन आंदोलन को कुचलने की कोई भी कोशिश उसे खत्म नहीं कर सकती, बल्कि यह उसे और ज्यादा मजबूत बनाएगी। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को इस प्रदर्शन के दौरान लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
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