
CJP का तिरंगा मार्च: दीपके और नेहा बोरा समेत 150 हिरासत में
दिल्ली में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोरा समेत 150 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की सख्ती के बावजूद कई लोगों ने तिरंगे के साथ मार्च निकाला और जमकर प्रदर्शन किया।
150 लोग लिए गए हिरासत में
पुलिस कार्रवाई के तहत CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA प्रमुख नेहा बोरा समेत लगभग 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन को शुरू होने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
भारी सुरक्षा के बीच निकाला मार्च
हिरासत और पुलिस की सख्ती के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च निकाला और अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कनॉट प्लेस में सुरक्षा के कड़े और कड़े इंतजाम किए गए थे।

रिहाई के बाद नेहा बोरा का हमला: लीगल-इलीगल की सीमा पार
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत से रिहा किए जाने के बाद AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लीगल और इलीगल की सीमाओं को काफी पहले पार कर चुकी है और लोगों को बिना किसी ठोस वजह के हिरासत में लिया जा रहा है।
सरकार पर साधा तीखा निशाना
नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा कि इलीगल और लीगल की सीमाओं को हिंदुस्तान की सरकार काफी पहले ही पार कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के दौरान लंबे समय से यह देखने को मिल रहा है कि प्रशासनिक तंत्र का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
बिना वजह हिरासत का लगाया आरोप
नेहा बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों और आम लोगों को बिना किसी ठोस वजह के जबरन हिरासत में लिया जा रहा है और फिर कुछ समय बाद छोड़ दिया जा रहा है। उनके इस तीखे बयान के बाद से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

दीपके गिरफ्तार, नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने छोड़ा
दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में ली गईं आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा को करीब 12 घंटे बाद शनिवार सुबह छोड़ दिया गया है। उन्हें दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा-65 के तहत छोड़ा गया है। वहीं, मार्च से पहले हिरासत में लिए गए सीजीपी फाउंडर अभिजीत दीपके को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया गया है।
नेहा बोरा को मिली रिहाई
दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले पुलिस द्वारा हिरासत में ली गईं आईसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। उन्हें लगभग 12 घंटे तक हिरासत में रखे जाने के बाद दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा-65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर छोड़ा गया है।
अभिजीत दीपके प्रिवेंटिव अरेस्ट
दूसरी तरफ, इसी मार्च के सिलसिले में हिरासत में लिए गए सीजीपी फाउंडर अभिजीत दीपके पर कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियातन गिरफ्तारी) के तहत हिरासत में लिया है। इस पूरी कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर फिर से गर्म हो गया है।

परिसीमन विधेयक पर खड़गे की PM मोदी को चौथी चिट्ठी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौथी चिट्ठी लिखकर परिसीमन विधेयक संसद में लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की है। उन्होंने मॉनसून सत्र के 64 दिन बाद भी सत्रावसान न होने पर सवाल उठाए हैं।
सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा है कि इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को साथ बिठाकर चर्चा की जानी चाहिए। बिना आम सहमति या व्यापक चर्चा के इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में सरकार को चेतावनी भी दी है।
मॉनसून सत्र और सत्रावसान पर सवाल
अपनी इस चिट्ठी में खड़गे ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मॉनसून सत्र के स्थगित होने के 64 दिन बीत जाने के बाद भी सत्रावसान (Prorogation) न होने पर आपत्ति जताई है। राजनीतिक गलियारों में इस चौथी चिट्ठी के बाद परिसीमन विधेयक को लेकर बहस और तेज हो गई है।

नाना पाटेकर के आखिरी पल: बेटे मल्हार ने सुनाया भावुक किस्सा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को लेकर उनके बेटे मल्हार ने आखिरी पलों की पूरी कहानी साझा की है। मल्हार ने बताया कि गोवा में बिताए उन अंतिम पलों में क्या हुआ था और कैसे उनके भाई अमय के पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी।
गोवा में थे नाना पाटेकर
मल्हार के अनुसार, अपने निधन के समय नानाजी गोवा में मौजूद थे। उन्हें वहां पूरी तरह से सेटल और कम्फर्टेबल करने के बाद उनका दूसरा बेटा अमय वापस लौट गया था। नाना पाटेकर का स्वभाव हमेशा से ऐसा था कि वे कभी भी किसी को परेशान करना पसंद नहीं करते थे और खुद ही अपनी देखभाल करते थे।
उस रात क्या हुआ था
उस रात अचानक जब नाना पाटेकर को कुछ शारीरिक अस्वस्थता या दिक्कत महसूस हुई, तो उन्होंने तुरंत अमय को एक मैसेज भेजा। मैसेज भेजने के थोड़ी देर बाद ही उन्होंने अमय को सीधे कॉल भी किया, ताकि वह उनके पास पहुँच सके।
पहुंचने में हो गई देर
मैसेज और कॉल मिलने के तुरंत बाद अमय बिना कोई वक्त गंवाए उनके पास पहुंचा। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब तक अमय वहां पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। इस दुखद घटना के बाद से ही फैंस और बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
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