
परिसीमन विधेयक पर खड़गे की PM मोदी को चौथी चिट्ठी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौथी चिट्ठी लिखकर परिसीमन विधेयक संसद में लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की है। उन्होंने मॉनसून सत्र के 64 दिन बाद भी सत्रावसान न होने पर सवाल उठाए हैं।
सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा है कि इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को साथ बिठाकर चर्चा की जानी चाहिए। बिना आम सहमति या व्यापक चर्चा के इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में सरकार को चेतावनी भी दी है।
मॉनसून सत्र और सत्रावसान पर सवाल
अपनी इस चिट्ठी में खड़गे ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मॉनसून सत्र के स्थगित होने के 64 दिन बीत जाने के बाद भी सत्रावसान (Prorogation) न होने पर आपत्ति जताई है। राजनीतिक गलियारों में इस चौथी चिट्ठी के बाद परिसीमन विधेयक को लेकर बहस और तेज हो गई है।

नाना पाटेकर के आखिरी पल: बेटे मल्हार ने सुनाया भावुक किस्सा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को लेकर उनके बेटे मल्हार ने आखिरी पलों की पूरी कहानी साझा की है। मल्हार ने बताया कि गोवा में बिताए उन अंतिम पलों में क्या हुआ था और कैसे उनके भाई अमय के पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी।
गोवा में थे नाना पाटेकर
मल्हार के अनुसार, अपने निधन के समय नानाजी गोवा में मौजूद थे। उन्हें वहां पूरी तरह से सेटल और कम्फर्टेबल करने के बाद उनका दूसरा बेटा अमय वापस लौट गया था। नाना पाटेकर का स्वभाव हमेशा से ऐसा था कि वे कभी भी किसी को परेशान करना पसंद नहीं करते थे और खुद ही अपनी देखभाल करते थे।
उस रात क्या हुआ था
उस रात अचानक जब नाना पाटेकर को कुछ शारीरिक अस्वस्थता या दिक्कत महसूस हुई, तो उन्होंने तुरंत अमय को एक मैसेज भेजा। मैसेज भेजने के थोड़ी देर बाद ही उन्होंने अमय को सीधे कॉल भी किया, ताकि वह उनके पास पहुँच सके।
पहुंचने में हो गई देर
मैसेज और कॉल मिलने के तुरंत बाद अमय बिना कोई वक्त गंवाए उनके पास पहुंचा। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब तक अमय वहां पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। इस दुखद घटना के बाद से ही फैंस और बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

भारत के लिए बड़ी राहत: ट्रंप ने 100% टैरिफ का खतरा टाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों और 100% टैरिफ को अस्थायी रूप से टाल दिया है। इससे भारत और चीन को बड़ी राहत मिली है। रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की समयसीमा समाप्त हो रही थी, लेकिन ट्रंप ने इसे अमेरिकी राष्ट्रीय हित में आगे बढ़ा दिया है।
ट्रंप का बड़ा फैसला और राष्ट्रीय हित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस हालिया फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप प्रशासन ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ की योजनाओं को अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रंप का स्पष्ट कहना है कि छूट देने का यह फैसला पूरी तरह से अमेरिका के अपने राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।
भारत और चीन को मिला सीधे राहत का फायदा
रूस से तेल आयात करने वाले देशों पर अमेरिका द्वारा 100% तक का भारी टैरिफ लगाने की योजना बनाई जा रही थी। यदि यह टैरिफ लागू हो जाता, तो भारत और चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। इस फैसले के टलने की समयसीमा 18 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी, जिससे ठीक पहले अमेरिका ने यह ढील देकर दोनों देशों को एक बड़ी राहत दी है।
अस्थायी है छूट का यह फैसला
हालाँकि, इस राहत के साथ एक बात साफ है कि यह छूट केवल अस्थायी समय के लिए दी गई है। अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि स्थितियों और वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस रोक को कभी भी हटाया जा सकता है और टैरिफ को दोबारा लागू किया जा सकता है। फिलहाल भारत के पास अपने ऊर्जा आयात और आर्थिक नीतियों को संतुलित करने का एक अहम मौका मिल गया है।

"न झुकूंगा, न रुकूंगा": अनुष्का यादव के बयान के बाद तेज प्रताप का पलटवार
अनुष्का यादव द्वारा जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की बातों पर ध्यान न देने का बयान दिए जाने के बाद तेज प्रताप का तीखा हमला सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "न झुकूंगा... न रुकूंगा"। तेज प्रताप ने दावा किया कि उनका लक्ष्य तय है और वे जीत हासिल करके ही रहेंगे।
अनुष्का यादव का बयान
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक डांडिया नाइट कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान अनुष्का यादव ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान जब उनसे तेज प्रताप को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उनके पास तेज प्रताप यादव की बातों पर ध्यान देने या नोटिस करने का बिल्कुल भी समय नहीं है। अनुष्का का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
तेज प्रताप का जोरदार पलटवार
अनुष्का यादव की इस टिप्पणी के तुरंत बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। अपनी परिचित शैली में तीखा रुख अपनाते हुए उन्होंने साफ कहा, "न झुकूंगा... न रुकूंगा"। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बिल्कुल तय है और वे रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेंगे और जीत हासिल करके ही रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
दोनों नेताओं के बीच आए इन बयानों के बाद से राजनीतिक तापमान चढ़ गया है। एक तरफ जहां अनुष्का यादव के बयान को तेज प्रताप को नजरअंदाज करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप के आक्रामक रुख से यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह जुबानी लड़ाई और जोर पकड़ सकती है।

'तिरंगा मार्च' से ठीक पहले सीजीपी फाउंडर अभिजीत दीपके फिर हिरासत में
शुक्रवार को 'तिरंगा मार्च' में शामिल होने के लिए घर से निकलते ही सीजीपी के फाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है。 एक सप्ताह के भीतर उन्हें दूसरी बार हिरासत में लिया गया है。 इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें प्लेन से डिटेन किया गया था。 पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिए जाने की बात कही है。
एक सप्ताह में दूसरी बार कार्रवाई
अभिजीत दीपके के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। रिपोर्ट के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मौका है जब उन्हें इस तरह हिरासत में लिया गया है। इससे पहले ठीक एक हफ्ता पहले यानी 10 अक्टूबर को भी उन्हें प्लेन से डिटेन किए जाने का मामला सामने आया था।
पुलिस का एहतियातन कदम
सामने आई जानकारी के मुताबिक, जब पुलिस ने अभिजीत दीपके को रोका, तो उन्होंने इसका कारण जानना चाहा। इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी विशेष पूछताछ के लिए नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए "एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है"। मार्च के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया है।
सरकार और व्यवस्था पर सवाल
इस पूरी घटना के दौरान अभिजीत दीपके का एक बयान भी सामने आया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार द्वारा इस तरह शहर बंद किए जाने से आम लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। बार-बार हो रही इस प्रकार की नजरबंदी और हिरासत को लेकर संगठन और समर्थकों में गहरा रोष देखा जा रहा है।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App