
'हम सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते', दीपके ने आधी रात किया स्पष्ट
सीजीपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आधी रात को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि वे सत्ता परिवर्तन नहीं चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की है। इससे पहले एडवोकेट प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सत्ता परिवर्तन की बात कही थी।
आधी रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस और स्पष्टीकरण
अभिजीत दीपके ने आधी रात को बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका संगठन देश में कोई सत्ता परिवर्तन नहीं चाहता है। उन्होंने साफ किया कि उनका विरोध सरकार से नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था से है। दीपके का यह बयान ऐसे समय आया जब एक दिन पहले ही वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश में सत्ता परिवर्तन की बात कही थी।
सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
दीपके ने अपनी मुख्य मांग को दोहराते हुए कहा कि वे केवल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का लक्ष्य किसी सरकार को गिराना नहीं है।
कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का ऐलान
अपनी मांगों के समर्थन में दीपके ने शुक्रवार को दिल्ली के प्रसिद्ध कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का भी ऐलान किया है। इस बीच, सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने 16-17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को बंद करने की सूचना जारी कर दी है।

बांग्लादेश आंदोलन पर नेहा बोरा का बयान, भड़की बीजेपी
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की नेता नेहा बोरा के बयान पर राजनीतिक घमासान मच गया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के GenZ आंदोलन ने भारत के युवाओं को रास्ता दिखाया है। उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखा हमला बोलते हुए विपक्ष पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।
बांग्लादेश के GenZ आंदोलन का जिक्र
नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा कि बांग्लादेश के GenZ आंदोलन ने भारत के युवाओं को एक नया रास्ता दिखाया है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में भारी विरोध-प्रदर्शनों, हिंसा और खून-खराबे के बाद वहां की सरकार का तख्तापलट हुआ था। नेहा द्वारा उस हिंसक आंदोलन की तुलना भारतीय युवाओं के भविष्य से करने पर राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
बीजेपी का विपक्ष पर तीखा हमला
नेहा बोरा की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है और जोरदार हमला बोला है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि विपक्ष और उससे जुड़े छात्र संगठन देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अराजकता और हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन हासिल करना चाहते हैं। बीजेपी का कहना है कि हिंसक आंदोलनों की मिसाल देना देश के माहौल को खराब करने की साजिश है।
राजनीतिक विवाद और सरगर्मी
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ तस्वीरों में नजर आ चुकीं नेहा बोरा के इस बयान ने अब बड़ा सियासी रंग ले लिया है। इस विवाद के सामने आने के बाद छात्र संगठनों की भूमिका और विपक्षी दलों की मंशा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

राहुल गांधी की दोटूक: क्रेडिट की चाहत रखने वाले गलत पार्टी में
कांग्रेस में नेहा बोरा को मिल रही तवज्जो से उभरे असंतोष पर राहुल गांधी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने नेताओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई काम का क्रेडिट लेने की सोच रखता है तो वह गलत पार्टी में है। राहुल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने कभी अपने काम का श्रेय नहीं लिया।
राहुल गांधी का सख्त संदेश
पार्टी के भीतर श्रेय लेने की होड़ पर विराम लगाते हुए राहुल गांधी ने दोटूक लहजे में कहा कि जो लोग काम का क्रेडिट लेने का विचार रखते हैं, वे गलत पार्टी में आ गए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब संगठन के भीतर नेहा बोरा के बढ़ते कद को लेकर अंदरूनी विरोध की आवाजें उठने लगी थीं।
कांग्रेस की परंपरा और श्रेय की राजनीति
राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की कार्यशैली को रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से कभी भी अपने कामों का क्रेडिट लेने की राजनीति नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी स्वयं श्रेय लेने के पीछे नहीं भागती, तो संगठन के भीतर काम करने वाले नेताओं को भी अपने काम का श्रेय मिलने की व्यक्तिगत उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
संगठन के भीतर अनुशासन की नसीहत
राहुल गांधी का यह रुख यह दर्शाता है कि वे संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने नेताओं को आत्ममंथन करने और निजी श्रेय के बजाय पार्टी के मुख्य उद्देश्यों और विचारधारा के लिए निष्ठापूर्वक काम करने की स्पष्ट नसीहत दी है।

मस्क के तंज पर रिलायंस का तीखा जवाब: प्रतिस्पर्धा का स्वागत
एलॉन मस्क के विवादित बयान 'PM अंबानी, आप भारत के असली बॉस हैं' पर रिलायंस ने पलटवार किया है। रिलायंस ने स्पष्ट कहा कि वे स्टारलिंक समेत सभी प्रतिस्पर्धियों का स्वागत करते हैं और प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते। हालांकि, सभी कंपनियों को भारतीय कानूनों और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
प्रतिस्पर्धा का स्वागत और बेबाक अंदाज
रिलायंस ने अपने बयान में कहा है कि वे स्टारलिंक समेत सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिस्पर्धियों का बाजार में स्वागत करते हैं। कंपनी ने साफ किया कि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बिल्कुल नहीं डरते हैं। रिलायंस का मानना है कि प्रतिस्पर्धा से अंततः भारतीय उपभोक्ताओं को ही फायदा होगा, लेकिन व्यापार के नियम सबके लिए समान होने चाहिए।
भारतीय कानूनों और सुरक्षा नियमों की शर्त
मस्क के तंज का जवाब देते हुए रिलायंस ने नियमों और देश की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। रिलायंस के अनुसार, भारत में व्यापार करने वाली हर विदेशी और देसी कंपनी को देश के सख्त कानूनों और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। इसमें किसी भी तरह की ढील या विशेष छूट स्वीकार्य नहीं होगी।
जियो की सैटेलाइट सेवाओं की तैयारी
रिलायंस ने यह भी खुलासा किया कि उनकी अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'जियो सैटेलाइट' पूरी तरह तैयार है। कंपनी की सैटेलाइट सेवाएं फिलहाल अंतिम सरकारी मंजूरियों का इंतजार कर रही हैं। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, जियो भी देश के कोने-कोने तक उच्च गति वाली सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं पहुंचाने के लिए मैदान में उतर जाएगी।

विपक्ष पर बरसे राजनाथ सिंह, लगाए गंभीर आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सरकार गिराना चाहते हैं。 उन्होंने कहा कि विपक्ष का मुख्य एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर और नष्ट करना है。 यह बयान दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आया है。
बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन का आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं。 उनका इशारा इस बात की ओर था कि विपक्ष उसी तर्ज पर भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है。
लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने का एजेंडा
राजनाथ सिंह ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष का एकमात्र और असली एजेंडा देश की मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं को तहस-नहस करना है। उन्होंने विपक्षी दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके ऐसे कदम देश के लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं。
विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया बयान
यह तीखा राजनीतिक बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दल सीईसी के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं。 रक्षा मंत्री के इस आक्रामक रुख से आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और अधिक बढ़ने के पूरे आसार बन गए हैं。
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