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​सीईसी ज्ञानेश कुमार पर पूर्व जज काजटू का तीखा तंज

​सीईसी ज्ञानेश कुमार पर पूर्व जज काजटू का तीखा तंज

Delight News
📅 12 Oct2026

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए अपने बयानों के जरिए इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है।

सीईसी ज्ञानेश कुमार पर पूर्व जज काजटू का तीखा तंज
खबर का निचोड़
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए अपने बयानों के जरिए इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है।
पूर्व जज मार्कंडेय काटजू का तीखा हमला
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध और प्रदर्शनों के बीच देश के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू का बड़ा बयान सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने आयोग और ज्ञानेश कुमार की स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पूर्व जज की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कसा तंज
मार्कंडेय काटजू ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग में इस समय स्थिति ऐसी बनी हुई है जहाँ ज्ञानेश कुमार अकेले ही पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने अपने बयानों में तल्ख अंदाज अपनाते हुए संस्थान के कामकाज की स्थिति और नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा है।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर अपने सिलसिलेवार बयानों में काटजू ने देश में मचे हंगामे और विरोध-प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि आखिर इस मामले को लेकर इतना भारी हंगामा क्यों बरपा हुआ है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि उन्होंने केवल प्रक्रियाओं से जुड़ा कदम उठाया है, कोई अन्य बड़ा अपराध नहीं कर दिया है।
विवाद का बढ़ता राजनीतिक दायरा
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की यह टिप्पणी काफी मायने रखती है। इस तरह के बयानों से चुनाव आयोग की भूमिका और उसकी कार्यप्रणाली पर बहस और तेज हो गई है। एक तरफ जहां विपक्ष और प्रदर्शनकारी आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ काटजू के इस तीखे व्यंग्य ने इस पूरे मामले को देश के चर्चा के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।
हिरासत से रिहा होकर पैतृक गांव पहुंचे अभिजीत दीपके, दादी के अंतिम संस्कार स्थल पर फफककर रोए

हिरासत से रिहा होकर पैतृक गांव पहुंचे अभिजीत दीपके, दादी के अंतिम संस्कार स्थल पर फफककर रोए

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📅 12 Oct2026

सुप्रीम कोर्ट के वकील और CJP (Citizens for Justice and Peace) के फाउंडर अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी (महाराष्ट्र) पहुंच गए हैं। हिरासत में होने के कारण वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे। गांव पहुंचते ही उन्होंने सीधे दादी के अंतिम संस्कार स्थल का रुख किया। वहां पहुंचकर उन्होंने नम आंखों से अपनी दादी की अस्थियों पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वह खुद को रोक नहीं पाए और फफककर फूट-फूटकर रो पड़े, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हिरासत से रिहा होकर पैतृक गांव पहुंचे अभिजीत दीपके, दादी के अंतिम संस्कार स्थल पर फफककर रोए
सुप्रीम कोर्ट के वकील और CJP (Citizens for Justice and Peace) के फाउंडर अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी (महाराष्ट्र) पहुंच गए हैं। हिरासत में होने के कारण वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे। गांव पहुंचते ही उन्होंने सीधे दादी के अंतिम संस्कार स्थल का रुख किया। वहां पहुंचकर उन्होंने नम आंखों से अपनी दादी की अस्थियों पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वह खुद को रोक नहीं पाए और फफककर फूट-फूटकर रो पड़े, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिल्ली पुलिस की हिरासत और गांव वापसी
अभिजीत दीपके को कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके चलते वे अपने परिवार के इस सबसे दुखद और कठिन समय में अपने घर पर मौजूद नहीं रह सके। दादी के निधन की खबर मिलने के बावजूद कानूनी बंदिशों और हिरासत के कारण उनका गांव पहुंचना संभव नहीं हो पाया था। रिहाई मिलते ही वे बिना एक पल गंवाए सीधे महाराष्ट्र के संतुक पिंपरी स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए।
अंतिम संस्कार स्थल पर छलका दर्द
रविवार देर रात गांव पहुंचने के बाद अभिजीत सीधे उस स्थान पर पहुंचे जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था। चिता की राख और अस्थियों के पास पहुंचते ही उनका सब्र टूट गया। उन्होंने विधि-विधान से अस्थियों पर फूल अर्पित किए और दादी को अंतिम विदाई दी। इस भावुक पल का वीडियो सामने आने के बाद उनके समर्थकों और चाहने वालों के बीच भी शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के इस मुश्किल वक्त में अभिजीत का इस तरह अकेले पहुंचकर अपनी दादी को श्रद्धांजलि देना अत्यंत मर्मस्पर्शी दृश्य था।
दिल्ली पुलिस को CJP नेताओं का अल्टीमेटम: 24 घंटे में तय करें प्रदर्शन की तारीख

दिल्ली पुलिस को CJP नेताओं का अल्टीमेटम: 24 घंटे में तय करें प्रदर्शन की तारीख

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📅 12 Oct2026

गिरफ्तारी के बाद आक्रामक तेवर दिखाते हुए CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि पुलिस ने प्रदर्शन की तारीख तय नहीं की, तो संगठन खुद ही तारीख का ऐलान कर सड़कों पर उतरेगा।

दिल्ली पुलिस को CJP नेताओं का अल्टीमेटम: 24 घंटे में तय करें प्रदर्शन की तारीख
गिरफ्तारी के बाद आक्रामक तेवर दिखाते हुए CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि पुलिस ने प्रदर्शन की तारीख तय नहीं की, तो संगठन खुद ही तारीख का ऐलान कर सड़कों पर उतरेगा।
दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम
राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का दौर एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। हाल ही में हिरासत से छूटने के बाद सिटीजंस फॉर पीस (CJP) के नेताओं ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन ने दिल्ली पुलिस प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए एक दिन का अल्टीमेटम सौंपा है। CJP नेताओं का साफ कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के उनके अधिकारों में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।
संसद मार्च की तैयारी
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए CJP ने अपनी अगली रणनीति का खुलासा किया। संगठन के तय कार्यक्रम के अनुसार, सोमवार सुबह 10 बजे CJP के तमाम प्रमुख नेता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाएंगे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए विधिवत रूप से तारीख और अनुमति की मांग की जाएगी। नेताओं का यह प्रतिनिधिमंडल पूरी मजबूती के साथ अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखेगा।
खुद आंदोलन का ऐलान
मामले की गंभीरता को देखते हुए CJP ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि दिल्ली पुलिस के पास अपने स्तर पर तारीख तय करने के लिए सिर्फ चौबीस घंटे का समय है। यदि इस तय सीमा के भीतर पुलिस की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या अनुमति नहीं मिलती है, तो CJP खुद ही विरोध प्रदर्शन की तारीख का ऐलान कर देगा। नेताओं के इस तीखे रुख से साफ है कि वे किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
ध्रुव राठी ने सुनाई हिरासत की कहानी, बोले- पुलिस ने मांगी माफी

ध्रुव राठी ने सुनाई हिरासत की कहानी, बोले- पुलिस ने मांगी माफी

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📅 12 Oct2026

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपनी पुलिस हिरासत का सनसनीखेज अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे सुबह-सुबह घर में घुसकर उन्हें ले जाया गया। पुलिस ने उनसे माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले थे, जिसके कारण उन्हें कैद में रहना पड़ा।

ध्रुव राठी ने सुनाई हिरासत की कहानी, बोले- पुलिस ने मांगी माफी
खबर का निचोड़
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपनी पुलिस हिरासत का सनसनीखेज अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे सुबह-सुबह घर में घुसकर उन्हें ले जाया गया। पुलिस ने उनसे माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले थे, जिसके कारण उन्हें कैद में रहना पड़ा।
सुबह-सुबह घर में हुई कार्रवाई
प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हाल ही में अपनी पुलिस हिरासत से जुड़ी चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह-सुबह लगभग बीस लोग उनके घर के अंदर जबरन घुस आए। स्थिति इतनी अचानक और आक्रामक थी कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के सीधा खींचकर बाहर ले जाया गया। इस दौरान उन्हें काफी चोटें भी आईं।
एक थाने से दूसरे थाने ले जाने का सफर
घर से जबरन उठाए जाने के बाद ध्रुव राठी को एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन घुमाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक अमले का रवैया बेहद सख्त और हैरान करने वाला था। हिरासत के इन शुरुआती घंटों में उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे मामले ने एक गंभीर मोड़ ले लिया।
पुलिस अधिकारियों का अजीब बर्ताव
ध्रुव राठी ने इस पूरी घटना का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वे पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो अधिकारियों ने उनसे नरमी से पेश आते हुए 'सॉरी सर' कहा। पुलिसकर्मियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें उच्च स्तर से सख्त आदेश मिले थे, जिसके चलते उन्हें हर हाल में कैद में रखना पड़ा।
सुख-सुविधाओं का दिया गया भरोसा
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूट्यूबर ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें यह भी आश्वस्त किया था कि उन्हें जो कुछ भी चाहिए, वह मुहैया कराया जाएगा। हालांकि, इन तमाम आश्वासनों के बावजूद उन्हें कैद की पाबंदियों के बीच ही रहना पड़ा। इस पूरे वाकये ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
MPSC सुधार कमिटी: तुकाराम मुंढे बने सचिव

MPSC सुधार कमिटी: तुकाराम मुंढे बने सचिव

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📅 12 Oct2026

महाराष्ट्र सरकार ने MPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमिटी गठित की है। पूर्व जज दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली इस कमिटी में कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को सचिव बनाया गया है।

MPSC सुधार कमिटी: तुकाराम मुंढे बने सचिव
खबर का निचोड़
महाराष्ट्र सरकार ने MPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमिटी गठित की है। पूर्व जज दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली इस कमिटी में कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को सचिव बनाया गया है।
महाराष्ट्र में प्रशासनिक हलचल
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही थी। युवाओं के गिरते भरोसे को बहाल करने और पूरी प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने एक विशेष कमिटी का गठन किया है।
कड़क अधिकारी तुकाराम मुंढे को बड़ी ज़िम्मेदारी
इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चर्चा आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की नियुक्ति को लेकर हो रही है। अपनी सख्त कार्यशैली, नियमों का कड़ाई से पालन कराने और ईमानदारी के लिए जाने जाने वाले तुकाराम मुंढे वर्तमान में महाराष्ट्र एफडीए (FDA) के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। अब सरकार ने उन्हें इस अहम कमिटी के सचिव पद का प्रभार सौंपा है। प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि मुंढे की मौजूदगी से इस कमिटी के कामकाज में तेजी और निष्पक्षता आएगी।
दिग्गज हस्तियों की अगुवाई में जांच कमिटी
इस उच्चस्तरीय कमिटी की कमान बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दिलीप भोसले को सौंपी गई है। उनकी अध्यक्षता में यह कमिटी MPSC की मौजूदा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करेगी। कमिटी को काफी संतुलित और मजबूत बनाया गया है, जिसमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम और पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
प्रणाली में पारदर्शी सुधार की उम्मीद
यह कमिटी मुख्य रूप से MPSC द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने, पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और पूरी भर्ती प्रणाली को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव तैयार करेगी। लाखों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संकेत है कि प्रणाली में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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