
BOB LBO Admit Card 2026: 2482 पदों की परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी
बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 2482 पदों पर भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। 3 अक्टूबर 2026 को होने वाली इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना हॉल टिकट तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।
खबर का निचोड़
बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 2482 पदों पर भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। 3 अक्टूबर 2026 को होने वाली इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना हॉल टिकट तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।
परीक्षा का समय और एडमिट कार्ड उपलब्धता
बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहद अहम खबर है। बैंक ने लोकल बैंक ऑफिसर के 2482 रिक्त पदों पर आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा का एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। यह परीक्षा 3 अक्टूबर 2026 को देश के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए उम्मीदवारों का यह हॉल टिकट सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे परीक्षा केंद्र पर ले जाना अनिवार्य होगा।
डाउनलोड करने की आसान प्रक्रिया
उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड हासिल करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाना होगा। होमपेज पर दिए गए करियर सेक्शन या LBO भर्ती संबंधित लिंक पर क्लिक करके लॉगिन पेज तक पहुंचा जा सकता है। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के लिए जन्म तिथि (Date of Birth) या पूर्व-निर्धारित पासवर्ड का उपयोग करना होगा। सभी विवरण सही दर्ज करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसे डाउनलोड करके प्रिंट निकाला जा सकता है।
परीक्षा केंद्र के लिए ज़रूरी गाइडलाइंस
3 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसमें परीक्षा की तारीख, समय, रिपोर्टिंग टाइम और आवंटित परीक्षा केंद्र का स्पष्ट उल्लेख है। उम्मीदवारों को हॉल टिकट का प्रिंटआउट लेने के साथ-साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) और उसकी फोटोकॉपी भी साथ लानी होगी। समय पर रिपोर्टिंग और दस्तावेजों की उपलब्धता से परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता है।

AAP की चंदा डायरी में बड़ा खुलासा, CJP नेता आशुतोष रांका का नाम भी शामिल
आम आदमी पार्टी (AAP) की वित्त वर्ष 2025-26 की आधिकारिक डोनर लिस्ट सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, AAP को ₹12.10 करोड़ का कुल चंदा मिला है। इस सूची में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी दर्ज है।
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आम आदमी पार्टी (AAP) की वित्त वर्ष 2025-26 की आधिकारिक डोनर लिस्ट सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, AAP को ₹12.10 करोड़ का कुल चंदा मिला है। इस सूची में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी दर्ज है।
चंदे की रिपोर्ट में बड़ा राजनीतिक मोड़
चुनाव आयोग के सामने दाखिल आम आदमी पार्टी की नवीनतम चंदा रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्मा दी हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पार्टी द्वारा जमा की गई इस डोनर लिस्ट से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी को कुल ₹12.10 करोड़ का चंदा हासिल हुआ है। सार्वजनिक आंकड़ों के सामने आते ही चंदा देने वालों के नामों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
आशुतोष रांका के नाम पर क्यों हो रही चर्चा
डोनर लिस्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रांका ने AAP को ₹21,100 का चंदा दिया है। हालांकि, यह वित्तीय योगदान उन्होंने अपनी मौजूदा पार्टी CJP से जुड़ने से पहले दिया था। इसके बावजूद, विपक्षी दल इस एंट्री को लेकर अब सवाल उठाने लगे हैं और राजनीतिक विश्लेषक इसे नए घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय आंकड़े
चुनाव आयोग को सौंपी गई यह विस्तृत सूची राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता के नियमों के तहत दाखिल की गई है। इसमें ₹20,000 से अधिक राशि देने वाले सभी व्यक्तिगत और संस्थागत दानदाताओं का ब्यौरा दर्ज है। ₹12.10 करोड़ का कुल संग्रह यह दर्शाता है कि AAP को विभिन्न वर्गों से समर्थन मिला है, लेकिन रांका जैसे चर्चित चेहरों की मौजूदगी ने इस रिपोर्ट को विशेष रूप से सुर्खियों में ला दिया है।
सियासी बयानबाजी और असर
चुनावी दौर और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह की फंडिंग रिपोर्ट का बाहर आना कई सवाल खड़े करता है। अन्य राजनीतिक दल इसे भुनाने में लग गए हैं, वहीं आशुतोष रांका और AAP समर्थकों का तर्क है कि पुराने निजी योगदान को मौजूदा राजनीतिक जुड़ाव से जोड़कर देखना सही नहीं है। फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया बहसों में पूरी तरह छाया हुआ है।

दिल्ली पुलिस ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ की कार्रवाई
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने की घटना पर पुलिस ने आधिकारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में उनके खिलाफ जानबूझकर चोट पहुंचाने के गंभीर आरोप में नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक शख्स को थप्पड़ मारने के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए उनके खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की है।
मंत्री प्रवेश वर्मा पर थप्पड़ कांड में एक्शन
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने की घटना पर पुलिस ने आधिकारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में उनके खिलाफ जानबूझकर चोट पहुंचाने के गंभीर आरोप में नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
सड़क मरम्मत निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद
यह पूरी घटना रविवार को उस समय सामने आई जब मंत्री सड़क मरम्मत के काम का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और मामला इतना आगे बढ़ गया कि मंत्री ने शख्स को थप्पड़ जड़ दिया, जिसका जिक्र सामने आई रिपोर्ट्स में किया गया है।
परिवार को गाली देने का लगाया गया था आरोप
घटना के तूल पकड़ने के बाद मंत्री ने अपनी सफाई में बयान दिया था कि उनके परिवार को गाली दी गई थी। हालांकि, कानूनन कार्रवाई करते हुए पुलिस अब इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच-पड़ताल कर रही है।

यूपी: ससुर की हत्या में बेगुनाह निकली शालू, 22 दिन बाद जेल से रिहाई
कानपुर के बहुचर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में निर्दोष साबित होने के बाद बहू शालू मिनोचा को 22 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया है।
कानपुर के बहुचर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में निर्दोष साबित होने के बाद बहू शालू मिनोचा को 22 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया है।
22 दिन बाद जेल से रिहा हुई शालू
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए विनीत मिनोचा हत्याकांड के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान बेगुनाह पाई गई बहू शालू मिनोचा को आखिरकार 22 दिन बाद जेल से रिहाई मिल गई है। जेल से बाहर आते ही वह अपने भाई से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी, जिसका यह मार्मिक क्षण चर्चा का विषय बन गया है।
कोर्ट का आदेश और निजी बंधपत्र
इस पूरे मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने शालू मिनोचा को राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें ₹50,000 के निजी बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) पर जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया था। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया को संपन्न किया गया।
पति सुब्रत ने रची थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच और छानबीन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की साज़िश में बहू शालू की कोई भूमिका नहीं थी। इसके विपरीत, ससुर की हत्या की इस गहरी साजिश में खुद उसका पति सुब्रत ही शामिल पाया गया है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं और मुख्य आरोपी पति की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

राजस्थान में विदेशी महिला को घेरा, युवकों की घिनौनी हरकत
राजस्थान के पुष्कर में एक विदेशी महिला पर्यटक को कुछ युवकों द्वारा घेरकर परेशान करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
राजस्थान के पुष्कर में एक विदेशी महिला पर्यटक को कुछ युवकों द्वारा घेरकर परेशान करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पुष्कर में विदेशी महिला से बदसलूकी
राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पुष्कर में एक विदेशी महिला पर्यटक के साथ शर्मनाक हरकत का मामला प्रकाश में आया है। यहां कुछ भारतीय युवकों ने महिला को चारों तरफ से घेर लिया और बार-बार उनके साथ जबरन सेल्फी लेने की कोशिश करने लगे। इस दौरान युवकों की इस हरकत से महिला काफी असहज नजर आई।
वीडियो में कैद हुई युवकों की करतूत
इस पूरी घटना का एक वीडियो ऑनलाइन तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कुछ युवक विदेशी महिला को परेशान कर रहे हैं। वीडियो में एक युवक अपने साथी से यह पूछता हुआ भी सुनाई देता है कि एक सेल्फी लेने का कितना लेगी, जो उनकी घटिया मानसिकता को दर्शाता है।
महिला करती रही मना, हंसते रहे युवक
परेशान होकर विदेशी महिला लगातार अंग्रेजी में 'नो-नो' कहकर उन्हें मना करती रही और खुद को बचाने की कोशिश करती रही। इसके बावजूद ये युवक बाज नहीं आए और लगातार महिला की असहजता पर हंसते रहे तथा अपनी हरकतें जारी रखीं। इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय संस्कृति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Delight News
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