
कौन हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि? विवादों में घिरे
स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। बढ़ते विरोध और सुरक्षा कारणों के चलते उनके कई आगामी शोज भी रद्द कर दिए गए हैं।
खबर का निचोड़
स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणियों के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। बढ़ते विरोध और सुरक्षा कारणों के चलते उनके कई आगामी शोज भी रद्द कर दिए गए हैं।
कॉमेडी से खड़ा हुआ नया विवाद
देश के स्टैंड-अप कॉमेडी जगत में एक बार फिर राजनीतिक व्यंग्य और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है। इस बार विवादों के केंद्र में हैं युवा स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि। अपने बेबाक अंदाज और तीखे व्यंग्य के लिए जाने जाने वाले पुलकित का एक हालिया शो उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस शो के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों पर चुटीले अंदाज में तंज कसा था।
जैसे ही इस शो की क्लिप्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुईं, वैसे ही यह मामला गरमा गया। इंटरनेट पर लोगों के दो गुट बन गए हैं—एक तरफ जहां उनके समर्थक इसे महज 'कॉमेडी और आर्ट' बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी से नाराज लोग कॉमेडियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मिल रही धमकियां और शोज पर ब्रेक
वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलकित मणि को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। बात सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें लगातार फोन और मैसेज के जरिए धमकियां भी मिल रही हैं। सुरक्षा चिंताओं और संभावित विरोध-प्रदर्शनों के डर से कई आयोजकों ने कदम पीछे खींच लिए हैं।
देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित होने वाले उनके आगामी स्टैंड-अप शोज को आयोजकों द्वारा एक-एक करके रद्द किया जा रहा है। जिन वेन्यूज पर उनके कार्यक्रम प्रस्तावित थे, वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोजक कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इस स्थिति ने पुलकित मणि के करियर पर फिलहाल के लिए एक बड़ा ब्रेक लगा दिया है।
कौन हैं पुलकित मणि?
पुलकित मणि भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडी सीन का एक उभरता हुआ नाम हैं। वे अपने ओपन माइक शोज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। उनकी कॉमेडी का मुख्य हिस्सा समकालीन मुद्दों, युवा जीवनशैली और राजनीतिक व्यंग्य के इर्द-गिर्द घूमता है। वे अक्सर समाज और राजनीति के ज्वलंत विषयों पर चुटकी लेते रहे हैं, लेकिन इस बार का विवाद उनके अब तक के करियर का सबसे बड़ा संकट बन चुका है।
कला और अभिव्यक्ति की सीमा पर बहस
यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टैंड-अप कॉमेडियन को अपने राजनीतिक व्यंग्य के कारण इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कई मशहूर कॉमेडियन्स अपने बयानों और एक्ट्स के चलते कानूनी पचड़ों, शोज के कैंसिलेशन और धमकियों का सामना कर चुके हैं। पुलकित मणि के इस मामले ने एक बार फिर इस बहस को जिंदा कर दिया है कि कॉमेडी में सीमा कहां तय होनी चाहिए और राजनीतिक तंज पर इस तरह का विरोध कितना सही है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर पुलकित मणि की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

13 करोड़ की रोल्स रॉयस में दिखीं मैथिली ठाकुर, उठीं संपत्ति पर उंगलियां
बिहार की विधायक और मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर मुंबई में 13 करोड़ रुपये की रोल्स रॉयस कार में नजर आईं, जिसके बाद नया विवाद छिड़ गया है। 4 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के मुकाबले इतनी महंगी कार दिखने पर वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और पारदर्शिता को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।
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बिहार की विधायक और मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर मुंबई में 13 करोड़ रुपये की रोल्स रॉयस कार में नजर आईं, जिसके बाद नया विवाद छिड़ गया है। 4 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति के मुकाबले इतनी महंगी कार दिखने पर वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और पारदर्शिता को लेकर बीजेपी सांसद कंगना रनौत समेत कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।
विवाद की वजह
लोकप्रिय गायिका और बिहार की विधायक मैथिली ठाकुर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई लोकगीत नहीं बल्कि एक लग्जरी कार है। 15 सितंबर 2026 को मुंबई की सड़कों पर मैथिली ठाकुर को लगभग 13 करोड़ रुपये की चमचमाती रोल्स रॉयस कार में देखा गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक और आम गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
4 करोड़ की संपत्ति और 13 करोड़ की कार
विवाद की मुख्य वजह मैथिली ठाकुर द्वारा चुनावी हलफनामे में घोषित की गई उनकी कुल संपत्ति है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये है। ऐसे में 13 करोड़ रुपये की अति-लग्जरी कार में उनका दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि 4 करोड़ की संपत्ति वाली विधायक इतनी महंगी गाड़ी की मालिक कैसे हो सकती हैं। फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि यह कार मैथिली ठाकुर की निजी संपत्ति है, किराए पर ली गई है या फिर किसी शुभचिंतक की है।
वाशी RTO रजिस्ट्रेशन और राजनीतिक बयानबाजी
मामले की जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस रोल्स रॉयस कार का रजिस्ट्रेशन नवी मुंबई के वाशी RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) से जुड़ा हुआ है। कार के मालिकाना हक को लेकर संशय बना हुआ है, जिससे कयासों का बाजार और गर्म हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने जनसेवा में सादगी को पूरी तरह अनिवार्य तो नहीं माना, लेकिन उन्होंने जनप्रतिनिधियों की संपत्ति और उनके जीवन स्तर में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
सादगी बनाम लग्जरी की बहस
एक तरफ जहां मैथिली ठाकुर के समर्थक इसे उनकी गायकी और मेहनत से अर्जित सफलता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं आलोचक एक जनप्रतिनिधि के इस तरह के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं। भारतीय राजनीति में नेताओं की सादगी और उनके आय के स्रोतों को लेकर हमेशा से कड़े मानदंड रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस बढ़ते विवाद पर मैथिली ठाकुर या उनकी टीम की तरफ से क्या आधिकारिक सफाई आती है।

भारत से दुबई जाकर आईफोन 18 खरीदना क्यों पड़ रहा है सस्ता?
भारत में भारी टैक्स और ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार दुबई का रुख कर रहे हैं. विमान और वीज़ा खर्च जोड़ने के बाद भी दुबई से आईफोन 18 खरीदना भारत के मुकाबले सस्ता पड़ रहा है, जिससे तकनीकी बाजार में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है.
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भारत में भारी टैक्स और ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार दुबई का रुख कर रहे हैं. विमान और वीज़ा खर्च जोड़ने के बाद भी दुबई से आईफोन 18 खरीदना भारत के मुकाबले सस्ता पड़ रहा है, जिससे तकनीकी बाजार में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है.
आईफोन बाजार का नया ट्रेंड
एप्पल के नए उत्पादों के बाजार में आते ही दीवानगी अपने चरम पर पहुंच जाती है. इस बीच भारतीय बाजार में कीमतों का गणित कुछ ऐसा है कि लोग विदेश यात्रा करके खरीदारी करने को प्राथमिकता दे रहे हैं. आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स को हासिल करने के लिए तकनीक प्रेमियों ने एक अनोखा रास्ता चुना है. वे स्थानीय स्तर पर भारी भरकम रकम चुकाने के बजाय दुबई की उड़ान भर रहे हैं.
कीमतों का भारी अंतर और टैक्स का गणित
भारत में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये तय की गई है. इसके विपरीत, संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में इन दोनों मॉडल्स की कीमतें काफी कम हैं. वहां आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत करीब 5,099 दिरहम यानी लगभग 1.33 लाख रुपये है, जबकि प्रो मैक्स करीब 5,499 दिरहम यानी लगभग 1.43 लाख रुपये में उपलब्ध है. कीमतों में यह बड़ा अंतर खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.
यात्रा खर्च के बाद भी मुनाफे का सौदा
आम तौर पर विदेश जाकर खरीदारी करने पर फ्लाइट और वीज़ा का खर्च जुड़ जाता है, जिससे सौदा महंगा लग सकता है. लेकिन इस मामले में गणित बिल्कुल अलग है. कई खरीदार और तकनीकी जानकारों का कहना है कि वीज़ा और फ्लाइट का खर्च निकाल देने के बाद भी दुबई से फोन खरीदना भारत की तुलना में किफायती साबित हो रहा है. भारी आयात शुल्क और टैक्स के बोझ से बचने का यह तरीका अब कई लोगों के लिए फायदे का सौदा बन चुका है.

चीनी प्रोफेसर का अजीबो-गरीब दावा, भारत में AI को मैनिपुलेट करने पर हुए ट्रोल
चीनी-कनाडाई प्रोफेसर जियांग श्वेछिन ने दावा किया है कि भारत में इंसानों द्वारा एआई को मैनिपुलेट किया जा रहा है. उनके मुताबिक, चैटजीपीटी जैसे एआई टूल पर इंसानों द्वारा सामग्री लिखकर इनपुट की जाती है, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया और उन्हें स्कैमर बताया.
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चीनी-कनाडाई प्रोफेसर जियांग श्वेछिन ने दावा किया है कि भारत में इंसानों द्वारा एआई को मैनिपुलेट किया जा रहा है. उनके मुताबिक, चैटजीपीटी जैसे एआई टूल पर इंसानों द्वारा सामग्री लिखकर इनपुट की जाती है, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया और उन्हें स्कैमर बताया.
जियांग श्वेछिन का विवादित बयान
चीनी-कनाडाई प्रोफेसर जियांग श्वेछिन ने तकनीक की दुनिया में एक नया और हैरान करने वाला विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह अजीब दावा किया है कि भारत के भीतर इंसानों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को बड़े पैमाने पर मैनिपुलेट किया जा रहा है. उनके इस बयान ने तकनीकी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इस तरह का आरोप तकनीकी दुनिया के बुनियादी कामकाज के बिल्कुल विपरीत है.
नेपोलियन के पेपर पर दिया बेतुका तर्क
अपने इस दावे को साबित करने के लिए प्रोफेसर जियांग ने एक अनोखा उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि यदि कोई यूजर चैटजीपीटी से नेपोलियन पर कोई रिसर्च पेपर लिखने के लिए कहता है, तो कोई स्वचालित एआई काम नहीं करता, बल्कि एक इंसान खुद उसे लिखता है और फिर उसे एआई मॉडल में इनपुट किया जाता है. उनके इस तर्क को सोशल मीडिया पर पूरी तरह खारिज कर दिया गया और विशेषज्ञों ने इसे तकनीक की बुनियादी समझ से परे बताया.
सोशल मीडिया यूजर्स का फूटा गुस्सा
इस बेतुके दावे के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रोफेसर जियांग श्वेछिन को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया. इंटरनेट पर लोगों ने उनके इस बयान को पूरी तरह बकवास करार देते हुए उन्हें जमकर ट्रोल किया. कई यूजर्स ने तो गुस्से में आकर उन्हें यहां तक कह दिया कि वह कोई गंभीर प्रोफेसर नहीं बल्कि एक स्कैमर हैं जो महज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे अजीबोगरीब बयान दे रहे हैं.

तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान: हमको खुद बाहर निकलने में डर लगता है
जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई बदसलूकी की घटना पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई बदसलूकी की घटना पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनशन और आंदोलन की चेतावनी दी है।
जमुई की घटना पर सियासत तेज
बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई बदसलूकी की घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस गंभीर मामले पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने खुलकर अपनी बात रखी और राज्य की कानून व्यवस्था पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
हमको खुद लगता है डर
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि ऐसी डरावनी स्थितियों में उनको खुद बाहर निकलने में डर लगता है। उन्होंने कहा कि जब राज्य में आम नागरिक और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो हालात कितने भयावह हो चुके हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
अनशन और आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर तेज प्रताप यादव ने प्रशासन और सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि इस गंभीर मामले पर जवाब नहीं दिया गया, तो उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी। इसके विरोध में पार्टी द्वारा जोरदार अनशन और आंदोलन किया जाएगा।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है ताकि अन्य संलिप्त लोगों को भी जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।
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