Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
ताने, हार और फिर आईआईएम का सफर: मृणालिनी की प्रेरणादायक सफलता

ताने, हार और फिर आईआईएम का सफर: मृणालिनी की प्रेरणादायक सफलता

Delight News
📅 21 Sep2026

बिहार की मृणालिनी मिनल ने रिश्तेदारों के तानों और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत के दम पर आईआईएम में दाखिला हासिल किया। माता-पिता के अटूट समर्थन और मां की खास मदद से उन्होंने महज 3 महीने की तैयारी में यह मुकाम पाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

ताने, हार और फिर आईआईएम का सफर: मृणालिनी की प्रेरणादायक सफलता
बिहार की मृणालिनी मिनल ने रिश्तेदारों के तानों और असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत के दम पर आईआईएम में दाखिला हासिल किया। माता-पिता के अटूट समर्थन और मां की खास मदद से उन्होंने महज 3 महीने की तैयारी में यह मुकाम पाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
समाज की संकीर्ण सोच और तानों का दौर
बिहार की रहने वाली मृणालिनी मिनल के जीवन में एक समय ऐसा आया जब उन्हें सीए (CA) की परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा。 इस नाकामी के बाद समाज और रिश्तेदारों ने उनके माता-पिता को ताने देते हुए सलाह दी कि "बेटियों पर पैसा मत बहाओ, शादी कर दो"। समाज की यह दबी-कुचली सोच अक्सर होनहार बेटियों के सपनों पर ब्रेक लगा देती है, लेकिन मृणालिनी के मामले में कहानी बिल्कुल अलग दिशा में मुड़ने वाली थी।
माता-पिता का संबल और मां का अनमोल साथ
मुश्किल वक्त में जब चारों तरफ से ताने मिल रहे थे, तब मृणालिनी के माता-पिता ढाल बनकर खड़े हुए। उन्होंने समाज की परवाह न करते हुए अपनी बेटी की काबिलियत पर भरोसा जताया। इतना ही नहीं, उनकी मां ने खुद कैट (CAT) की तैयारी में मृणालिनी की मदद की, जो इस सफलता की सबसे बड़ी ताकत बनी। अपनों का ऐसा साथ मिला तो हौसले भी बुलंद हो गए।
तीन महीने की कड़ी मेहनत और आईआईएम का सफर
परिवार के समर्थन और खुद के अदम्य साहस के दम पर मृणालिनी ने कैट की परीक्षा के मैदान में कदम रखा। मात्र तीन महीने की कड़ी और केंद्रित तैयारी के बाद उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए आईआईएम जम्मू (IIM Jammu) में अपनी सीट पक्की कर ली। यह करिश्मा साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों तो वक्त की सीमा मायने नहीं रखती।
पहली सैलरी से मां को तोहफे में दी कार
सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के बाद मृणालिनी ने अपने संघर्ष के दिनों को भूला नहीं। अपनी इस कामयाबी और पहली सैलरी का पूरा श्रेय उन्होंने अपनी मां को समर्पित किया, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया था। मृणालिनी ने अपनी पहली कमाई से मां को एक शानदार कार गिफ्ट कर इस सफर को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
नीम करोली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश'

नीम करोली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश'

Delight News
📅 21 Sep2026

नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा जी (अम्मा जी) ने फिल्म 'हनुमान अंश' को अब तक 15 बार देखा है और हर बार उनकी आंखें नम हो गई हैं। फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने यह खुलासा किया है। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने भारत में 304.80 करोड़ रुपये का शानदार ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।

नीम करोली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी 'हनुमान अंश'
खबर का निचोड़:
नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा जी (अम्मा जी) ने फिल्म 'हनुमान अंश' को अब तक 15 बार देखा है और हर बार उनकी आंखें नम हो गई हैं। फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने यह खुलासा किया है। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने भारत में 304.80 करोड़ रुपये का शानदार ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।
फिल्म और अम्मा जी का भावनात्मक जुड़ाव
सिनेमा जगत में इन दिनों फिल्म 'हनुमान अंश' ने तहलका मचा रखा है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है, लेकिन सबसे खास बात यह है कि आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा की बेटी गिरिजा जी, जिन्हें प्यार से अम्मा जी कहा जाता है, इस फिल्म से बेहद गहराई से जुड़ चुकी हैं। फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने एक साक्षात्कार में इस बात का खुलासा किया है कि अम्मा जी अब तक इस फिल्म को कुल 15 बार देख चुकी हैं।
हर बार छलक जाते हैं आंसू
किसी भी फिल्म को एक या दो बार देखना आम बात है, लेकिन किसी फिल्म को 15 बार देखना और हर बार सिनेमाघर में बैठकर रो देना, इस बात का प्रमाण है कि फिल्म की कहानी और भावनाएं कितनी मजबूत हैं। रागिनी सोना ने बताया कि अम्मा जी जब भी इस फिल्म को देखती हैं, तो उनकी आंखों से आंसू छलक आते हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि पर्दे पर उकेरी गई भावनाएं कितनी सजीव और दिल को छू लेने वाली हैं।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई
सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक मोर्चे पर भी यह फिल्म सफलता के नए आयाम गढ़ रही है। बॉक्स ऑफिस ट्रैक करने वाली वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, 'हनुमान अंश' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई करते हुए अब तक 304.80 करोड़ रुपये का कुल ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की यह सफलता यह साबित करती है कि दर्शक बेहतरीन और संस्कृति से जुड़ी कहानियों को कितना पसंद कर रहे हैं।
मेकर्स और दर्शकों में उत्साह
फिल्म की इस अपार सफलता और नीम करोली बाबा परिवार से मिल रहे स्नेह ने पूरी स्टार कास्ट और मेकर्स का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। प्रोड्यूसर रागिनी सोना का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फिल्म समीक्षक भी इसे भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक दौर मान रहे हैं, जहां सिनेमा और आध्यात्मिकता का यह अनूठा संगम दर्शकों के दिलों पर सीधा असर छोड़ रहा है।
जॉर्जिया मेलोनी का बड़ा फैसला: इतालवी स्कूलों में नकाब और बुर्का बैन

जॉर्जिया मेलोनी का बड़ा फैसला: इतालवी स्कूलों में नकाब और बुर्का बैन

Delight News
📅 21 Sep2026

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में नकाब और बुर्का पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। साथ ही, कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है।

जॉर्जिया मेलोनी का बड़ा फैसला: इतालवी स्कूलों में नकाब और बुर्का बैन
खबर का निचोड़
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में नकाब और बुर्का पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। साथ ही, कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है।
स्कूलों में नया शिकंजा
इटली की राजनीति में इन दिनों कड़े और बड़े फैसलों का दौर चल रहा है। देश की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद सख्त और चर्चा में रहने वाला ऐलान किया है। रविवार को सामने आए इस बयान के अनुसार, अब इतालवी स्कूलों के भीतर नकाब और बुर्का पहनने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस कदम को लेकर देश और दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन सरकार अपनी इस योजना पर पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
विदेशी छात्रों पर कड़े नियम
नकाब और बुर्का प्रतिबंध के अलावा, मेलोनी सरकार ने कक्षाओं के डेमोग्राफिक्स को बदलने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत अब हर कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या को एक निश्चित सीमा तक सीमित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य classrooms में संतुलन बिठाना और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा।
भाषा सीखने की अनिवार्यता
इस नए बदलाव के दायरे में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावक भी आएंगे। नियम के मुताबिक, विदेशी छात्रों के माता-पिता को अनिवार्य रूप से इतालवी भाषा सीखनी होगी। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि क्लास में किसी छात्र को इतालवी भाषा नहीं आती है, तो उसे विशेष रूप से यह भाषा सीखनी ही होगी, ताकि सामाजिक एकीकरण और संवाद में कोई बाधा न आए।
चीन ने पहाड़ों को काटकर बनाई 10.75 बिलियन डॉलर की अद्भुत पिंगलू नहर

चीन ने पहाड़ों को काटकर बनाई 10.75 बिलियन डॉलर की अद्भुत पिंगलू नहर

Delight News
📅 21 Sep2026

चीन ने 10.75 बिलियन डॉलर की लागत से 4 साल में 134.2 किलोमीटर लंबी पिंगलू नहर का निर्माण कर लिया है। इससे समुद्री जलमार्ग की दूरी 560 किलोमीटर कम होगी और चीनी प्रांत सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ेंगे।

चीन ने पहाड़ों को काटकर बनाई 10.75 बिलियन डॉलर की अद्भुत पिंगलू नहर
खबर का निचोड़
चीन ने 10.75 बिलियन डॉलर की लागत से 4 साल में 134.2 किलोमीटर लंबी पिंगलू नहर का निर्माण कर लिया है। इससे समुद्री जलमार्ग की दूरी 560 किलोमीटर कम होगी और चीनी प्रांत सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ेंगे।
पहाड़ों का सीना चीरकर तैयार हुई महा-नहर
आधुनिक इंजीनियरिंग का एक नया और हैरान करने वाला नमूना सामने आया है। चीन ने अपनी भारी भरकम क्षमता का परिचय देते हुए पहाड़ों को काटकर एक विशाल नहर का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परियोजना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इसने परिवहन और व्यापार के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
134.2 किलोमीटर लंबी पिंगलू नहर और लागत
इस महत्वकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है। इस विशाल नहर को बनाने में कुल 10.75 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम राशि खर्च की गई है। इस पूरे निर्माण कार्य को पूरा करने में 4 वर्ष से अधिक का समय लगा है, जो इस बात का प्रमाण है कि इस प्रोजेक्ट को कितनी तेजी और बड़े पैमाने पर अंजाम दिया गया है।
न्यू इंटरनेशनल लैंड-सी ट्रेड कॉरिडोर का हिस्सा
यह भव्य नहर न्यू इंटरनेशनल लैंड-सी ट्रेड कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य चीनी प्रांतों को सीधे तौर पर आसियान और अन्य प्रमुख वैश्विक बाजारों के साथ जोड़ना है। इसके शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के रास्तों में क्रांतिकारी बदलाव आने की पूरी उम्मीद है।
समुद्री जलमार्ग की दूरी में भारी कमी
इस पिंगलू नहर के खुल जाने से व्यापारिक जहाजों और परिवहन के लिए एक सुगम रास्ता मिल गया है। इसके जरिए समुद्री जलमार्ग की कुल दूरी में 560 किलोमीटर से अधिक की भारी कमी आएगी। दूरी घटने से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि परिवहन लागत में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की जाएगी।
कैटरीना कैफ का नया ब्यूटी सीक्रेट: खुद को रखना है सबसे ऊपर

कैटरीना कैफ का नया ब्यूटी सीक्रेट: खुद को रखना है सबसे ऊपर

Delight News
📅 21 Sep2026

अभिनेत्री-उद्यमी कैटरीना कैफ ने खुलासा किया है कि उनके लिए खूबसूरत दिखने का वास्तविक अर्थ खुद को बेहतर महसूस कराना और अपना ख्याल रखना है। स्वस्थ आहार, ध्यान और सुबह की दिनचर्या उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं।

कैटरीना कैफ का नया ब्यूटी सीक्रेट: खुद को रखना है सबसे ऊपर
खबर का निचोड़
अभिनेत्री-उद्यमी कैटरीना कैफ ने खुलासा किया है कि उनके लिए खूबसूरत दिखने का वास्तविक अर्थ खुद को बेहतर महसूस कराना और अपना ख्याल रखना है। स्वस्थ आहार, ध्यान और सुबह की दिनचर्या उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं।
खूबसूरती का नया और अनूठा परिभाषा
सिनेमा जगत की जानी-मानी अभिनेत्री और सफल उद्यमी कैटरीना कैफ ने हाल ही में अपने फिटनेस और खूबसूरती के सफर को लेकर खुलकर बात की है। उनके मुताबिक, चमकता हुआ चेहरा या आकर्षक दिखना सिर्फ बाहरी मेकअप तक सीमित नहीं है। असली सुंदरता तब झलकती है जब इंसान अंदर से स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है। कैटरीना का मानना है कि सजने-संवरने से ज्यादा जरूरी खुद की सेहत पर ध्यान देना है, क्योंकि जब आपका शरीर अंदर से खुश होता है, तो उसका प्रभाव आपके चेहरे पर साफ नजर आता है।
हेल्दी लाइफस्टाइल और दैनिक आदतें
अपनी इस अनूठी जीवनशैली को समझाते हुए कैटरीना ने अपनी दिनचर्या के कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके रूटीन में स्वस्थ आहार का सेवन करना, शरीर में इन्फ्लेमेशन को नियंत्रित रखना और हमेशा एक्टिव रहना शामिल है। इसके अलावा, मानसिक शांति के लिए वे नियमित रूप से ध्यान यानी मेडिटेशन भी करती हैं। उनका यह भी कहना है कि शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ मानसिक शांति बनाए रखना भी खूबसूरती का एक बहुत बड़ा हिस्सा है।
डिजिटल डिटॉक्स और प्राकृतिक ऊर्जा
आज के भागदौड़ भरे दौर में मानसिक शांति पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन कैटरीना कैफ इस मामले में बेहद अनुशासन का पालन करती हैं। उन्होंने बताया कि वे रोज़ाना सुबह उठने के बाद कम से कम एक घंटे तक अपने फोन से पूरी तरह दूर रहती हैं। इसके साथ ही, सुबह के समय प्राकृतिक रोशनी यानी नेचुरल लाइट लेना उनकी दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा है। कैटरीना का यह दृढ़ विश्वास है कि इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण आदतों से उनके पूरे दिन के मिजाज और शारीरिक ऊर्जा पर बहुत गहरा असर पड़ता है।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App