
सोशल मीडिया पर छाए डॉ. रुद्रा, पेशे के साथ दिल जीत रहे हैं
इंस्टाग्राम पर सक्रिय डॉ. रुद्रा अपने चिकित्सीय पेशे के साथ मरीजों की सेवा और समर्पण के लिए चर्चा में हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉक्टर साहब सोशल मीडिया पर अपनी प्रेरणादायक पोस्ट और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर वीडियो के जरिए लोगों के बीच एक मिसाल बन रहे हैं।
खबर का निचोड़:
इंस्टाग्राम पर सक्रिय डॉ. रुद्रा अपने चिकित्सीय पेशे के साथ मरीजों की सेवा और समर्पण के लिए चर्चा में हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉक्टर साहब सोशल मीडिया पर अपनी प्रेरणादायक पोस्ट और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर वीडियो के जरिए लोगों के बीच एक मिसाल बन रहे हैं।
डॉक्टर रुद्रा की सोशल मीडिया पहचान
इंस्टाग्राम पर '_dr.rudra_000' यूजरनेम से सक्रिय डॉ. रुद्रा एक जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ (Child Specialist) हैं। उनकी प्रोफाइल पर दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने एमबीबीएस और एमडी पीडियाट्रिक्स के साथ-साथ अमेरिका से पीजीपीएन (PGPN) की डिग्री भी हासिल की है। उनकी सोशल मीडिया रील्स और तस्वीरें अक्सर मरीजों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती हैं, जिन्हें यूजर्स द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।
मरीजों की सेवा को मानते हैं सबसे बड़ा धर्म
डॉ. रुद्रा की एक पोस्ट इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि "पैसा तो सब कमाते हैं, हम हर दिन दुआएं कमाते हैं।" इस तस्वीर में वे एक बुजुर्ग मरीज का हालचाल लेते नजर आ रहे हैं। उनका यह अंदाज साबित करता है कि चिकित्सा के क्षेत्र में आज भी मानवता और संवेदनाएं जीवित हैं। उनके चाहने वाले उनकी इस सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
युवाओं के लिए बन रहे हैं एक प्रेरणास्त्रोत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके फॉलोअर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। अपने बायो में उन्होंने लिखा है कि "स्वास्थ्य आपकी संपत्ति, मैं इसका रक्षक!" जो उनके काम के प्रति निष्ठा को साफ झलकाता है। वे न केवल एक बेहतरीन चिकित्सक हैं, बल्कि अपनी सकारात्मक सोच और ऊर्जा से मेडिकल पेशे से जुड़े युवाओं के लिए भी एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनते जा रहे हैं।

UPI चार्ज का असर: बढ़ सकते हैं सामान के दाम
₹2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होने से खुदरा दुकानदारों की लागत बढ़ गई है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, दुकानदार इस बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं, जिससे सामान महंगे होने और फेस्टिव डिस्काउंट घटने की आशंका है।
खबर का निचोड़ (Summary)
₹2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होने से खुदरा दुकानदारों की लागत बढ़ गई है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, दुकानदार इस बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं, जिससे सामान महंगे होने और फेस्टिव डिस्काउंट घटने की आशंका है।
UPI पेमेंट पर नया चार्ज और बढ़ती चिंताएँ
डिजिटल भुगतान के इस दौर में यूपीआई (UPI) हर आम और खास की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाय की टपरी से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह ऑनलाइन पेमेंट का बोलबाला है। लेकिन अब डिजिटल लेन-देन करने वालों की जेब पर असर पड़ने वाला है। ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4% का MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू कर दिया गया है। इस नए बदलाव के सामने आते ही व्यापारिक जगत में हलचल मच गई है।
खुदरा व्यापारियों पर बढ़ी वित्तीय लागत
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस नए शुल्क को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का साफ कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क की वजह से दुकानदारों और खुदरा व्यापारियों की ऑपरेशनल लागत में सीधा इजाफा हुआ है। छोटे और बड़े व्यापारियों के लिए हर ट्रांजैक्शन पर यह कटौती मुनाफे पर सीधा असर डाल रही है। यही वजह है कि व्यापारी वर्ग अब इस लागत की भरपाई के दूसरे विकल्पों पर विचार करने पर मजबूर हो रहा है।
ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
व्यापारियों की बढ़ी हुई लागत का सीधा प्रभाव आम जनता और ग्राहकों पर पड़ना तय माना जा रहा है। खुदरा दुकानदारों का संगठन संकेत दे चुका है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को ग्राहकों तक ट्रांसफर कर सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि आने वाले समय में आपको रोजमर्रा की खरीदारी या बड़े बिल वाले सामान के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
त्योहारी सीजन के डिस्काउंट पर लग सकती है ब्रेक
त्योहारी सीजन के दौरान मिलने वाले बंपर डिस्काउंट और छूट के ऑफर्स भी इस बदलाव की चपेट में आ सकते हैं। व्यापारी बढ़ी हुई लागत को मैनेज करने के लिए फेस्टिव डिस्काउंट में कटौती कर सकते हैं। इससे न सिर्फ त्योहारों की रौनक फीकी हो सकती है, बल्कि ग्राहकों को मिलने वाले आकर्षक ऑफर्स भी सीमित हो जाएंगे। कुल मिलाकर, डिजिटल पेमेंट का यह नया नियम खरीदारों के लिए जेब ढीली करने वाला साबित होने जा रहा है।

नीता अंबानी से पहले सोनम कपूर ने पहना था 'भारतम' नेकलेस
मुंबई के एंटीलिया में गणेश पूजा समारोह के दौरान नीता अंबानी द्वारा पहने गए चर्चित 'भारतम' स्टेटमेंट नेकलेस को पहले अभिनेत्री सोनम कपूर पहन चुकी हैं। इस भव्य और कलात्मक आभूषण को 14 कुशल कारीगरों ने मिलकर चार महीने से अधिक के कड़े परिश्रम के बाद तैयार किया था।
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मुंबई के एंटीलिया में गणेश पूजा समारोह के दौरान नीता अंबानी द्वारा पहने गए चर्चित 'भारतम' स्टेटमेंट नेकलेस को पहले अभिनेत्री सोनम कपूर पहन चुकी हैं। इस भव्य और कलात्मक आभूषण को 14 कुशल कारीगरों ने मिलकर चार महीने से अधिक के कड़े परिश्रम के बाद तैयार किया था।
चर्चा में आया भारतम नेकलेस
फैशन की दुनिया में अक्सर कुछ ऐसे पल आते हैं जो चर्चा का विषय बन जाते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खास नेकलेस की खूब चर्चा हो रही है, जिसे 'भारतम' नाम दिया गया है। इस स्टेटमेंट नेकलेस ने अपनी शानदार डिजाइन और शाही लुक के कारण सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इसकी चमक और भव्यता ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
नीता अंबानी और सोनम कपूर का स्टाइल
हाल ही में मुंबई के प्रसिद्ध एंटीलिया में आयोजित गणेश पूजा समारोह के दौरान नीता अंबानी ने इस खूबसूरत 'भारतम' नेकलेस को पहनकर शिरकत की थी। उनके इस लुक ने महफिल लूट ली और तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि नीता अंबानी से पहले बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर भी इसी खास नेकलेस को पहन चुकी हैं। सोनम ने इसे पिछले साल नवंबर में एक भव्य अवसर पर पहना था।
शाही अंदाज और अनूठा पहनावा
सोनम कपूर ने पिछले साल नवंबर के महीने में इस ऐतिहासिक और भारी-भरकम नेकलेस को अपने ऊपर सजाया था। उन्होंने इस स्टेटमेंट पीस को एक खूबसूरत आइवरी-गोल्ड अनारकली सूट के साथ पेयर किया था। उनका यह एथनिक और रॉयल अंदाज लोगों को बहुत पसंद आया था। दोनों ही मशहूर हस्तियों ने इस अनूठे आभूषण को बेहद ग्रेस के साथ कैरी किया है।
कारीगरों की मेहनत और समय
इस शानदार आभूषण को साधारण तरीके से नहीं बनाया गया है, बल्कि इसके पीछे लंबी मेहनत छिपी है। इस 'भारतम' नेकलेस को पूरी तरह से तैयार करने में कुल 14 कुशल कारीगरों ने दिन-रात काम किया था। इसकी बारीकी और नक्काशी इतनी जटिल थी कि इसे पूरा करने में चार महीने से ज्यादा का समय लग गया था। यही वजह है कि यह आभूषण भारतीय शिल्प कला का एक बेहतरीन नमूना बन गया है।

भारत ने चुनौतीपूर्ण समय में हासिल की 7.8% की जीडीपी ग्रोथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 'सेमीकॉन इंडिया 2026' का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बड़ी घोषणा की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में 'सेमीकॉन इंडिया 2026' का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बड़ी घोषणा की.
सेमीकॉन इंडिया 2026 का भव्य आगाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी दिल्ली में 'सेमीकॉन इंडिया 2026' का आधिकारिक उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम के दौरान टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर खास जोर दिया गया. प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया आर्थिक मोर्चे पर तमाम तरह की अनिश्चितताओं और चुनौतियों का सामना कर रही है. इस मंच से उन्होंने देश के विकास का एक नया खाका पेश किया है.
चुनौतीपूर्ण माहौल में भी मजबूत रफ्तार
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की. उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि तमाम वैश्विक बाधाओं और चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद भारत ने 7.8% की शानदार जीडीपी ग्रोथ हासिल की है. यह आंकड़ा यह साबित करने के लिए काफी है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त मजबूती और आगे बढ़ने की अदम्य क्षमता मौजूद है.
वैश्विक मंच पर बढ़ता भारत का भरोसा
प्रधानमंत्री ने दुनिया के सामने भारत की साख पर खुलकर बात की. उन्होंने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि एक तरफ जहां भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया का भारत के प्रति भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है. देश की आर्थिक प्रगति और वैश्विक मंच पर बढ़ती स्वीकार्यता ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.

बिना पर्ची नहीं मिलेगा कफ सिरप, मेडिकल स्टोर्स पर लगेंगे कैमरे
केंद्र सरकार ने कफ सिरप की अनियंत्रित बिक्री रोकने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए कड़े नियमों का मसौदा तैयार किया है। अब डॉक्टर के पर्चे के बिना कफ सिरप नहीं मिलेगा। साथ ही, मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और तीन महीने तक उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
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केंद्र सरकार ने कफ सिरप की अनियंत्रित बिक्री रोकने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए कड़े नियमों का मसौदा तैयार किया है। अब डॉक्टर के पर्चे के बिना कफ सिरप नहीं मिलेगा। साथ ही, मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और तीन महीने तक उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
बिना पर्ची कफ सिरप की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
देशभर में नशीली दवाओं के रूप में कफ सिरप के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव के तहत अब कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के बिना कफ सिरप नहीं बेच सकेगा। अक्सर देखा गया है कि लोग बिना किसी चिकित्सीय सलाह के मेडिकल स्टोर से सीधे कफ सिरप खरीद लेते हैं, जिसका कई मामलों में नशे के लिए गलत इस्तेमाल होता है। नए नियम लागू होने के बाद इस तरह की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे होंगे अनिवार्य
दवाइयों की बिक्री में पारदर्शिता लाने और नियमों के पालन की निगरानी के लिए सरकार ने एक और सख्त प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। दवा विक्रेताओं को इन कैमरों की फुटेज कम से कम 3 महीने (90 दिन) तक सुरक्षित रखनी होगी। ड्रग इंस्पेक्टर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी जांच के दौरान कभी भी इस रिकॉर्डिंग की मांग कर सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बिना पर्ची प्रतिबंधित दवाएं या कफ सिरप नहीं बेचे जा रहे हैं।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स में संशोधन के लिए तैयार इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य देश में अवैध रूप से बिकने वाली नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक बिना पर्ची कफ सिरप बेचते हुए या सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बनाए रखने में विफल पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इस कदम से सिरप के नाम पर चलाए जा रहे नशे के कारोबार पर सीधी चोट पहुंचेगी।
30 दिनों में मांगी गईं सुझाव और आपत्तियां
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस नए नियम के मसौदे को सार्वजनिक करते हुए सभी हितधारकों, दवा विक्रेताओं और आम जनता से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। इसके लिए 30 दिनों की समयसीमा तय की गई है। प्राप्त सुझावों पर समीक्षा करने के बाद सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर देशभर में लागू करेगी। इस फैसले से मेडिकल सेक्टर में जवाबदेही तय होगी और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगेगी।
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