
नीम करोली बाबा की प्रेरणा से बनी 'हनुमान अंश' ने तोड़े कमाई के रिकॉर्ड
नीम करोली बाबा के जीवन दर्शन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। भारत में 163 करोड़ रुपये की नेट कमाई का आंकड़ा पार कर चुकी यह फिल्म अब वैश्विक स्तर पर रिलीज हो चुकी है। इसकी अपार सफलता को देखते हुए निर्माताओं ने इसके सीक्वल पर भी काम शुरू कर दिया है।
खबर का निचोड़
नीम करोली बाबा के जीवन दर्शन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। भारत में 163 करोड़ रुपये की नेट कमाई का आंकड़ा पार कर चुकी यह फिल्म अब वैश्विक स्तर पर रिलीज हो चुकी है। इसकी अपार सफलता को देखते हुए निर्माताओं ने इसके सीक्वल पर भी काम शुरू कर दिया है।
बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता
सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से ही 'हनुमान अंश' ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बॉक्स ऑफिस के सभी समीकरणों को बदलते हुए 163 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई दर्ज कर ली है। यह फिल्म अब तेजी से 200 करोड़ रुपये के जादुई क्लब की ओर बढ़ रही है। फिल्म की यह ताबड़तोड़ कमाई इस बात का प्रमाण है कि दर्शक आज के समय में आध्यात्मिक और प्रेरणादायक सिनेमा को दिल से अपना रहे हैं।
वैश्विक मंच पर शानदार दस्तक
भारतीय सिनेमाघरों में तहलका मचाने के बाद अब 'हनुमान अंश' ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपने कदम रख दिए हैं। आज यानी 11 सितंबर को यह फिल्म यूके, यूएसए, यूएई और कनाडा समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों में रिलीज कर दी गई है। वैश्विक वितरण की कमान प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स के पास है, जिनकी मजबूत पकड़ के कारण फिल्म को विदेशों में भी एक भव्य शुरुआत मिलने की पूरी उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर दर्शकों का यह जुड़ाव भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक कहानियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
राजनीतिक गलियारों में भी सराहना
फिल्म की लोकप्रियता केवल आम दर्शकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी इसकी खूब प्रशंसा हो रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'हनुमान अंश' की जमकर सराहना की है। उनका यह बयान फिल्म के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक मजबूत करता है। इस तरह के समर्थन से फिल्म को और अधिक गति मिल रही है, जिससे सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ लगातार बनी हुई है।
सीक्वल को हरी झंडी और भविष्य की तैयारी
फिल्म को मिल रहे अभूतपूर्व रिस्पॉन्स को देखते हुए मेकर्स ने बड़ा फैसला लिया है। 'हनुमान अंश' की अभूतपूर्व सफलता के बाद इसके सीक्वल पर आधिकारिक रूप से काम शुरू हो चुका है। निर्माताओं का लक्ष्य इस आध्यात्मिक सफर को और आगे ले जाना है ताकि दर्शकों को और अधिक गहन और रोमांचक अनुभव प्रदान किया जा सके। सीक्वल की घोषणा ने फैंस के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

एशिया कप 2026: फाइनल में भारत का दबदबा, पाकिस्तान या श्रीलंका से होगा मुकाबला
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने अजेय सफर को जारी रखते हुए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 40 रनों से करारी शिकस्त देकर टीम ने रिकॉर्ड 10वीं बार खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की है। इस शानदार जीत के पीछे बल्लेबाजों का आक्रामक प्रदर्शन और गेंदबाजों का अनुशासित खेल मुख्य वजह रहा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने अजेय सफर को जारी रखते हुए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में ऐतिहासिक प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 40 रनों से करारी शिकस्त देकर टीम ने रिकॉर्ड 10वीं बार खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की है। इस शानदार जीत के पीछे बल्लेबाजों का आक्रामक प्रदर्शन और गेंदबाजों का अनुशासित खेल मुख्य वजह रहा।
खिताबी जंग की ओर कदम
बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने एक मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में उतरी बांग्लादेशी टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार युवा ओपनर शेफाली वर्मा रहीं। शेफाली ने मैदान के चारों और बेहतरीन स्ट्रोक खेलते हुए 64 रनों की शानदार और मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस आक्रामक पारी के दम पर भारत ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसने विपक्षी टीम पर शुरुआती ओवरों से ही दबाव बना दिया। उनकी इस बेहतरीन पारी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।
टूर्नामेंट में छक्कों की बरसात
पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन विरोधियों के लिए सिरदर्द साबित हुआ है। पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक, भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने को निशाना बनाया है। इस आक्रामक रुख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में अब तक कुल 25 छक्के लगाए हैं। यह आंकड़े टीम की बदली हुई रणनीति और खुलकर खेलने के आत्मविश्वास को साफ दर्शाते हैं, जहां हर बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हट रही है।
कप्तानी पारी और अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान
सेमीफाइनल में जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने विशेष रूप से शेफाली वर्मा की पारी की सराहना करने के साथ-साथ ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष के बहुमूल्य योगदान की भी जमकर तारीफ की। मुश्किल समय में इन खिलाड़ियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों ने टीम को कई बार संकट से उबारा है। कप्तान का यह विश्वास टीम के भीतर मजबूत तालमेल को दिखाता है।
पाकिस्तान या श्रीलंका से होगी फाइनल भिड़ंत
महिला एशिया कप 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला आगामी 13 सितंबर को खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में भारत के सामने कौन सी टीम होगी, इसका फैसला पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के बाद होगा। भारतीय टीम जिस तरह के फॉर्म और आक्रामक अंदाज में खेल रही है, उसे देखते हुए फैंस को एक रोमांचक फाइनल मुकाबले की पूरी उम्मीद है।

दिल्ली में वैश्विक कूटनीति का महाकुंभ: पुतिन और जिनपिंग का आगमन, सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच ब्रिक्स का आगाज
राजधानी दिल्ली आज दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक जमावड़े की गवाह बन चुकी है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैश्विक महाशक्तियों के शीर्ष नेता भारत की धरती पर कदम रख चुके हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन से न केवल भारत की कूटनीतिक ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों में भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
राजधानी दिल्ली आज दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक जमावड़े की गवाह बन चुकी है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैश्विक महाशक्तियों के शीर्ष नेता भारत की धरती पर कदम रख चुके हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन से न केवल भारत की कूटनीतिक ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों में भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
भू-राजनीतिक हलचल और नेताओं का आगमन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तय कार्यक्रम के तहत दिल्ली पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता का दौर शुरू हो चुका है। इस अहम बैठक में रक्षा समझौतों, ऊर्जा सुरक्षा, अत्याधुनिक तकनीक और आपसी व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।
दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी आज दिल्ली पहुंच रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। खास बात यह है कि शी जिनपिंग की यह भारत यात्रा पूरे सात साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही है, जिस पर पूरी दुनिया की मीडिया और कूटनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर टिकी हुई है। द्विपक्षीय तनावों की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात एशियाई कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
सुरक्षा के अभेद्य किले में तब्दील हुई राजधानी
विदेशी मेहमानों के आगमन और ब्रिक्स सम्मेलन की भव्यता को देखते हुए दिल्ली को सुरक्षा के अभेद्य किले में बदल दिया गया है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 17 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिला पूरी तरह से सील कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की गुंजाइश न बचे।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजामों के बीच रेल और सड़क मार्ग पर भी व्यापक असर देखा जा रहा है। सम्मेलन के चलते कुल 26 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है ताकि राजधानी की सीमाओं पर वीवीआईपी मूवमेंट प्रभावित न हो।
जनजीवन पर असर और सार्वजनिक अवकाश
महाधिवेशन के कारण आम जनजीवन को सुगम बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। आज 11 सितंबर को दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिसके चलते शहर के तमाम स्कूल, कॉलेज और सरकारी-गैरसरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद रखे गए हैं। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही बेहद कम है, जिससे राजधानी पूरी तरह से कूटनीतिक रंग में रंगी नजर आ रही है।

बैंक हड़ताल और छुट्टियों से 4 दिन थमेगा काम, ऐसे निपटें परेशानियों से
11 से 14 सितंबर तक लगातार चार दिनों तक बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। हड़ताल, सप्ताहांत और गणेश चतुर्थी के कारण शाखाएं बंद रहेंगी। इससे कैश निकासी, जमा, चेक क्लियरिंग और ड्राफ्ट बनवाने जैसे काम अटकेंगे। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सुचारू रूप से चालू रहेंगी।
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11 से 14 सितंबर तक लगातार चार दिनों तक बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। हड़ताल, सप्ताहांत और गणेश चतुर्थी के कारण शाखाएं बंद रहेंगी। इससे कैश निकासी, जमा, चेक क्लियरिंग और ड्राफ्ट बनवाने जैसे काम अटकेंगे। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं सुचारू रूप से चालू रहेंगी।
4 दिनों की इस लंबी बंदी से शाखाओं में होने वाले व्यक्तिगत और कागजी कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा। आम जनता से लेकर व्यापारियों तक को अपने दैनिक वित्तीय लेन-देन संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बैंक बंद रहने से आने वाली प्रमुख दिक्कतें
सबसे बड़ी समस्या कैश की किल्लत और जमा करने में आ सकती है। लंबी छुट्टियों के दौरान शाखाएं बंद रहने से एटीएम में पैसे खत्म होने की आशंका बढ़ जाती है। जिन लोगों को व्यापार या निजी जरूरतों के लिए बड़ा कैश जमा करना या निकालना है, उनका काम रुक जाएगा। इसके अलावा, जिन कारोबारियों का दैनिक लेनदेन कैश पर निर्भर है, उन्हें भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
चेक क्लियरिंग और डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाने जैसे कागजी काम पूरी तरह ठप्प रहेंगे। यदि आपने किसी को चेक जारी किया है या आपको कोई चेक मिला है, तो उसकी क्लियरिंग अब 15 सितंबर या उसके बाद ही संभव हो पाएगी। शैक्षणिक संस्थानों में फीस भरने या सरकारी कामों के लिए ड्राफ्ट बनवाने वालों को भी इंतजार करना होगा।
पासबुक अपडेट, केवाईसी (KYC) अपडेट और लोन से जुड़े इन-पर्सन कामों के लिए भी ग्राहकों को इंतजार करना पड़ेगा। जिन लोगों ने बैंक जाकर कोई जरूरी दस्तावेज जमा करने की योजना बनाई थी, उन्हें अपनी योजना टालनी होगी।
राहत का जरिया बनेगी डिजिटल बैंकिंग
शाखाएं भले ही बंद रहें, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों का सहारा बनेंगे। यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप सेवाएं निर्बाध रूप से काम करती रहेंगी।
एक खाते से दूसरे खाते में ऑनलाइन पैसे भेजने (NEFT/RTGS/IMPS) में कोई रुकावट नहीं आएगी। क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन व ऑफलाइन खरीदारी भी आसानी से की जा सकेगी। इसके अलावा, कैश डिपॉजिट मशीनों (CDM) का उपयोग करके सीमित मात्रा में नकदी जमा की जा सकती है।

संजय दत्त ने मराठी बयान पर मांगी माफी, मंत्री को किया फोन
एक्टर संजय दत्त ने अपने उस बयान पर सफाई दी है जिसमें उन्होंने यरवदा जेल में छह साल रहने के दौरान मराठी न सीख पाने की बात कही थी. महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक को फोन करके उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मराठी भाषा अच्छी तरह जानते हैं और अगर उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं.
एक्टर संजय दत्त ने अपने उस बयान पर सफाई दी है जिसमें उन्होंने यरवदा जेल में छह साल रहने के दौरान मराठी न सीख पाने की बात कही थी. महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक को फोन करके उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मराठी भाषा अच्छी तरह जानते हैं और अगर उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं.
विवाद की शुरुआत और यरवदा जेल वाला बयान
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर अपने जेल के अनुभवों को साझा करते हुए यह कहा था कि वह यरवदा जेल में छह साल तक रहे, लेकिन इस दौरान भी वे मराठी नहीं सीख पाए. उनके इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था. कई लोगों ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं, जिससे यह मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा और एक बड़ा विवाद बन गया.
प्रताप सरनाईक को फोन कर दी सफाई
बढ़ते विवाद को भांपते हुए अभिनेता ने मामले को तूल देने के बजाय तुरंत संभालने का फैसला किया. संजय दत्त ने महाराष्ट्र के कद्दावर मंत्री प्रताप सरनाईक को सीधे फोन किया और अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान अपनी पुरानी टिप्पणी पर सफाई दी और कहा कि उनके कहने का गलत अर्थ निकाला गया है. अभिनेता ने यह भी जोर देकर कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था.
मराठी भाषा को लेकर स्पष्ट की अपनी स्थिति
मंत्री प्रताप सरनाईक से बातचीत के दौरान संजय दत्त ने साफ किया कि वह मराठी भाषा से पूरी तरह वाकिफ हैं और उसे अच्छी तरह जानते भी हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई से उनका पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है, और इसी मिट्टी में वे पले-बढ़े हैं. अपनेपन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और उसकी संस्कृति उनके दिल के बेहद करीब है, इसलिए मराठी भाषा के प्रति उनके मन में किसी भी तरह का अनादर का भाव होने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
बिना किसी संकोच के मांगी सार्वजनिक माफी
संजय दत्त ने बड़प्पन दिखाते हुए कहा कि यदि उनके किसी भी शब्द से किसी भी व्यक्ति या वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें ऐसा खेद है. उन्होंने बिना किसी झिझक के इसके लिए माफी मांग ली. अभिनेता के इस कदम के बाद इस पूरे मामले पर अब धीरे-धीरे विराम लगता नजर आ रहा है और राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं शांत हो रही हैं.
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