
इसरो की बड़ी कामयाबी: जीसैट-1ए उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने लगभग आठ महीनों के लंबे इंतजार के बाद श्रीहरिकोटा से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 (जिसे GISAT-1A भी कहा जाता है) उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित कर देश को नई ताकत दी है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने लगभग आठ महीनों के लंबे इंतजार के बाद श्रीहरिकोटा से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 (जिसे GISAT-1A भी कहा जाता है) उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित कर देश को नई ताकत दी है।
अंतरिक्ष में भारत की धमाकेदार वापसी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को लॉन्च पैड पर धमाकेदार वापसी करते हुए एक और ऐतिहासिक सफलता अपने नाम कर ली है। लगभग आठ महीनों के लंबे इंतजार के बाद इसरो के भरोसेमंद GSLV-F17 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। इस मिशन के तहत EOS-05 सैटेलाइट को अंतरिक्ष की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। इस सैटेलाइट को ' GISAT-1A ' के नाम से भी जाना जाता है।
स्मार्ट बॉय GSLV-F17 ने दिखाई ताकत
वैज्ञानिकों के बीच 'स्मार्ट बॉय' के रूप में चर्चित GSLV-F17 रॉकेट ने अपनी काबिलियत को एक बार फिर साबित कर दिखाया है। इस सफल प्रक्षेपण के साथ ही भारत को अंतरिक्ष में 'नई आंखें' मिल गई हैं। यह अत्याधुनिक उपग्रह देश की निगरानी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करेगा तथा सामरिक और नागरिक दोनों क्षेत्रों में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
देश की तकनीकी प्रगति का नया अध्याय
इस मिशन की सफलता ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का लोहा मनवा दिया है। इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत रंग लाई है, जिससे अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में देश का आत्मविश्वास और अधिक बढ़ गया है। इस उपग्रह के सक्रिय होने से मौसम की सटीक जानकारी और पृथ्वी की बेहतर निगरानी में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।

स्कूलों के पास जंक फूड पर लगेगा ब्रेक, FSSAI की बड़ी तैयारी
बच्चों में सेहतमंद खान-पान को बढ़ावा देने के लिए FSSAI एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की योजना है। इस पहल में नियम लागू करने के साथ व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान रहेगा।
खबर का निचोड़
बच्चों में सेहतमंद खान-पान को बढ़ावा देने के लिए FSSAI एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में अधिक वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की योजना है। इस पहल में नियम लागू करने के साथ व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान रहेगा।
स्कूलों के आसपास जंक फूड की नो-एंट्री
देश भर के स्कूलों के आसपास अब चिप्स, बर्गर, एरेटेड ड्रिंक्स और जंक फूड की दुकानों पर नकेल कसने की तैयारी पूरी की जा रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) छात्रों को अस्वास्थ्यकर खान-पान से दूर रखने के लिए एक विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक उद्देश्य स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकना है जिनमें फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) की मात्रा अधिक होती है। इस कदम से स्कूली परिसरों के आसपास मिलने वाले अस्वास्थ्यकर विकल्पों पर लगाम लगेगी और बच्चे सेहतमंद खाने की ओर प्रेरित होंगे।
सिर्फ नियम नहीं, सोच में बदलाव पर भी जोर
FSSAI का मानना है कि केवल पाबंदी लगा देने से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। इसलिए, इस योजना में नियमों के कड़ाई से पालन के साथ-साथ जागरूकता अभियानों को भी शामिल किया गया है। संस्था का मुख्य ध्यान छात्रों के व्यवहार और उनकी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने पर है। जब तक बच्चे खुद सही और गलत खान-पान का अंतर नहीं समझेंगे, तब तक जमीनी स्तर पर बदलाव मुश्किल है। इसके लिए स्कूलों में न्यूट्रिशन एजुकेशन, कार्यशालाओं और जागरूक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को सही पोषण का महत्व समझाया जाएगा।
बचपन में बढ़ती बीमारियों पर लगाम लगाने की कोशिश
हाल के वर्षों में स्कूली बच्चों के बीच मोटापा, डायबिटीज, कम उम्र में उच्च रक्तचाप और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। इसका मुख्य कारण दैनिक आहार में प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड की अधिकता है। स्कूल के बाहर आसानी से मिलने वाले ये जंक फूड बच्चों की पहली पसंद बन जाते हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करते हैं। FSSAI का यह नया प्रस्ताव बच्चों को बचपन से ही संतुलित आहार चुनने की आदत डालने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।
हितधारकों के सहयोग से लागू होगी योजना
इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए FSSAI राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों, स्कूल प्रशासनों और स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बिठाकर काम करेगा। केवल दुकानदारों पर रोक लगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि स्कूल कैंटीन और आसपास के वेंडरों को स्वास्थ्यवर्धक विकल्प, जैसे ताजे फल, अंकुरित अनाज और पारंपरिक भारतीय नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रशासन का यह कदम आने वाले समय में देश की नई पीढ़ी को कुपोषण और मोटापे से बचाकर एक तंदुरुस्त भविष्य देने का प्रयास है।

एशिया कप में भारत का दबदबा: मांधना के शतक से हांगकांग 137 रन से पस्त
दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग को 137 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। स्मृति मांधना के आतिशी शतक (124 रन) के दम पर भारत ने 193/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की पूरी टीम महज 56 रनों पर सिमट गई।
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दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग को 137 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। स्मृति मांधना के आतिशी शतक (124 रन) के दम पर भारत ने 193/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की पूरी टीम महज 56 रनों पर सिमट गई।
मांधना का तूफानी शतक और भारत का विशाल स्कोर
महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को दुबई के मैदान पर खेले गए एकतरफा मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 137 रनों से करारी शिकस्त दी। मैच की असली स्टार रहीं भारत की स्टार ओपनर स्मृति मांधना, जिन्होंने हांगकांग के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को मांधना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने मैदान के हर कोने में बेहतरीन शॉट्स खेले और मात्र 64 गेंदों में 124 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस आतिशी पारी में कई दर्शनीय चौके और गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। मांधना के इस शतक की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 193 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। हांगकांग की गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आईं।
56 रनों पर ढेर हुई हांगकांग की टीम
194 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी हांगकांग की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत के धारदार गेंदबाजी आक्रमण के सामने हांगकांग के बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरसते दिखे। शुरुआती झटकों से हांगकांग की टीम कभी उबर ही नहीं पाई और दबाव के आगे घुटने टेक दिए।
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ और बेहतरीन स्पेल के साथ विपक्षी टीम पर लगातार शिकंजा कसे रखा। हांगकांग का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर खेलने का साहस नहीं दिखा सका। नियमित अंतराल पर गिरते विकटों के कारण हांगकांग की पूरी टीम 16.2 ओवरों में महज 56 रनों के स्कोर पर ऑल-आउट हो गई।
एशिया कप में भारत का बढ़ता कद
इस शानदार और एकतरफा जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। 137 रनों की यह बड़ी जीत टीम के बुलंद हौसले और बेहतरीन फॉर्म को दर्शाती है। बल्ले से स्मृति मांधना का ऐतिहासिक प्रदर्शन और फिर गेंदबाजों का अनुशासित खेल, यह साबित करता है कि भारतीय टीम इस समय एशिया कप खिताब की सबसे प्रबल दावेदार क्यों मानी जा रही है। इस धमाकेदार प्रदर्शन ने टूर्नामेंट की अन्य टीमों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है।

भारत का 17 दिन का NOTAM: पाकिस्तान में हड़कंप
भारत द्वारा जारी 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक के 17 दिवसीय NOTAM (Notice to Airmen) ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। संभावित सैन्य हलचल के डर से पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी। यद्यपि NOTAM विमानन की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन मौजूदा तनाव में इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
खबर का निचोड़
भारत द्वारा जारी 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक के 17 दिवसीय NOTAM (Notice to Airmen) ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। संभावित सैन्य हलचल के डर से पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी। यद्यपि NOTAM विमानन की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन मौजूदा तनाव में इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय में खलबली
भारत की ओर से जारी एक विमानन नोटिस ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। 21 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच प्रभावी होने वाले 17 दिनों के 'नोटिस टू एयरमैन' यानी NOTAM को लेकर पाकिस्तानी रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। इस नोटिस के सार्वजनिक होते ही पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय को आनन-फानन में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलानी पड़ी।
पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया एजेंसियों में इस बात को लेकर बेचैनी है कि इतने लंबे समय का NOTAM किसी बड़े सैन्य अभ्यास या मिसाइल परीक्षण का संकेत हो सकता है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि समय-सीमा लंबी होने के कारण इस्लामाबाद इसे सामान्य घटनाक्रम मानकर खारिज करने का जोखिम नहीं लेना चाहता।
भारत-पाक सीमा पर बढ़ी निगरानी
आपात बैठक के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य तैयारियों को समीक्षा के दायरे में लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी रडार प्रणालियों और हवाई निगरानी को हाई अलर्ट पर रख दिया है। वायुसेना के गश्ती विमानों की उड़ानों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
भारतीय वायुसीमा में होने वाली किसी भी गतिविधि पर नजर रखने के लिए पाकिस्तान ने अपने टोही तंत्र को सक्रिय कर दिया है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सैन्य चौकियों की तैनाती और वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defence Systems) की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
क्या होता है NOTAM और क्यों बढ़ी घबराहट?
विमानन की भाषा में NOTAM एक मानक प्रशासनिक और सुरक्षा प्रक्रिया है। इसका उपयोग वाणिज्यिक और निजी उड़ानों के पायलटों को किसी विशिष्ट हवाई क्षेत्र में अस्थायी खतरों, सैन्य अभ्यासों, मिसाइल परीक्षणों या हवाई क्षेत्र के बंद होने की सूचना देने के लिए किया जाता है। नागरिक उड्डयन एजेंसियां नियमित रूप से ऐसे नोटिस जारी करती हैं ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तकनीकी रूप से यह एक सामान्य अभ्यास है, लेकिन 17 दिनों की लंबी अवधि और मौजूदा कूटनीतिक माहौल के कारण पाकिस्तान इसे सामान्य मानने को तैयार नहीं है। भारतीय सेना या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की संभावित रणनीतिक गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान का रक्षा तंत्र बेहद सतर्क और आशंकित नजर आ रहा है।

महाराष्ट्र में लंगर, भंडारा और इफ्तारी के लिए FDA की इजाज़त अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक व सार्वजनिक आयोजनों में भोजन वितरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद आयोजित करने से 7 दिन पहले FDA को सूचित करना होगा। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम ऐसे आयोजनों में खाने की जांच भी करेगी।
खबर का निचोड़
महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक व सार्वजनिक आयोजनों में भोजन वितरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद आयोजित करने से 7 दिन पहले FDA को सूचित करना होगा। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम ऐसे आयोजनों में खाने की जांच भी करेगी।
आस्था के साथ खाद्य सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम
महाराष्ट्र में धार्मिक आयोजनों और उत्सवों का दौर शुरू होते ही राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सार्वजनिक भोजन वितरण व्यवस्था को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों या सार्वजनिक मैदानों में आयोजित होने वाले लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद जैसे कार्यक्रमों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर होने वाले भोजन वितरण में फूड पॉइज़निंग जैसी घटनाओं को रोकना और लोगों तक स्वच्छ, सुरक्षित भोजन पहुंचाना है। त्योहारों के मौसम में श्रद्धालुओं की सेहत से कोई समझौता न हो, इसके लिए प्रशासन ने इस गाइडलाइन को राज्यभर में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
आयोजकों के लिए 7 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य
नए नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह का सामूहिक भोजन आयोजन करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम की तारीख से कम-से-कम 7 दिन पहले संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को लिखित जानकारी देनी होगी। इसमें भोजन बनाने का स्थान, इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री, अनुमानित लोगों की संख्या और खाना बनाने वाले रसोइयों का विवरण शामिल करना होगा।
बिना पूर्व सूचना और अनुमति के सामूहिक भोजन का आयोजन करने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। FDA ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था किसी भी धार्मिक भावना या परंपरा में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
रसोई से लेकर परोसने तक होगी सख्त निगरानी
सिर्फ सूचना देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि FDA के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) आयोजनों के दौरान अचानक निरीक्षण भी करेंगे। टीम यह जांच करेगी कि खाना पकाने में इस्तेमाल पानी, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्रियां मानक के अनुरूप हैं या नहीं।
इसके साथ ही, खाना बनाने वाले स्थल पर साफ-सफाई, रसोइयों की व्यक्तिगत स्वच्छता और भोजन को सुरक्षित तरीके से परोसने की व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। यदि किसी आयोजन में घटिया सामग्री या गंदगी पाई जाती है, तो मौके पर ही भोजन वितरण रोक दिया जाएगा और आयोजकों पर कार्रवाई होगी।
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