
एशिया कप में भारत का दबदबा: मांधना के शतक से हांगकांग 137 रन से पस्त
दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग को 137 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। स्मृति मांधना के आतिशी शतक (124 रन) के दम पर भारत ने 193/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की पूरी टीम महज 56 रनों पर सिमट गई।
खबर का निचोड़
दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हांगकांग को 137 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया। स्मृति मांधना के आतिशी शतक (124 रन) के दम पर भारत ने 193/5 का स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की पूरी टीम महज 56 रनों पर सिमट गई।
मांधना का तूफानी शतक और भारत का विशाल स्कोर
महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को दुबई के मैदान पर खेले गए एकतरफा मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 137 रनों से करारी शिकस्त दी। मैच की असली स्टार रहीं भारत की स्टार ओपनर स्मृति मांधना, जिन्होंने हांगकांग के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को मांधना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाकर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने मैदान के हर कोने में बेहतरीन शॉट्स खेले और मात्र 64 गेंदों में 124 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस आतिशी पारी में कई दर्शनीय चौके और गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। मांधना के इस शतक की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 193 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। हांगकांग की गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आईं।
56 रनों पर ढेर हुई हांगकांग की टीम
194 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी हांगकांग की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत के धारदार गेंदबाजी आक्रमण के सामने हांगकांग के बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरसते दिखे। शुरुआती झटकों से हांगकांग की टीम कभी उबर ही नहीं पाई और दबाव के आगे घुटने टेक दिए।
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ और बेहतरीन स्पेल के साथ विपक्षी टीम पर लगातार शिकंजा कसे रखा। हांगकांग का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर खेलने का साहस नहीं दिखा सका। नियमित अंतराल पर गिरते विकटों के कारण हांगकांग की पूरी टीम 16.2 ओवरों में महज 56 रनों के स्कोर पर ऑल-आउट हो गई।
एशिया कप में भारत का बढ़ता कद
इस शानदार और एकतरफा जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। 137 रनों की यह बड़ी जीत टीम के बुलंद हौसले और बेहतरीन फॉर्म को दर्शाती है। बल्ले से स्मृति मांधना का ऐतिहासिक प्रदर्शन और फिर गेंदबाजों का अनुशासित खेल, यह साबित करता है कि भारतीय टीम इस समय एशिया कप खिताब की सबसे प्रबल दावेदार क्यों मानी जा रही है। इस धमाकेदार प्रदर्शन ने टूर्नामेंट की अन्य टीमों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है।

भारत का 17 दिन का NOTAM: पाकिस्तान में हड़कंप
भारत द्वारा जारी 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक के 17 दिवसीय NOTAM (Notice to Airmen) ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। संभावित सैन्य हलचल के डर से पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी। यद्यपि NOTAM विमानन की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन मौजूदा तनाव में इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
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भारत द्वारा जारी 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक के 17 दिवसीय NOTAM (Notice to Airmen) ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। संभावित सैन्य हलचल के डर से पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी। यद्यपि NOTAM विमानन की सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन मौजूदा तनाव में इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय में खलबली
भारत की ओर से जारी एक विमानन नोटिस ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। 21 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच प्रभावी होने वाले 17 दिनों के 'नोटिस टू एयरमैन' यानी NOTAM को लेकर पाकिस्तानी रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। इस नोटिस के सार्वजनिक होते ही पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय को आनन-फानन में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलानी पड़ी।
पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया एजेंसियों में इस बात को लेकर बेचैनी है कि इतने लंबे समय का NOTAM किसी बड़े सैन्य अभ्यास या मिसाइल परीक्षण का संकेत हो सकता है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि समय-सीमा लंबी होने के कारण इस्लामाबाद इसे सामान्य घटनाक्रम मानकर खारिज करने का जोखिम नहीं लेना चाहता।
भारत-पाक सीमा पर बढ़ी निगरानी
आपात बैठक के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य तैयारियों को समीक्षा के दायरे में लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर अपनी रडार प्रणालियों और हवाई निगरानी को हाई अलर्ट पर रख दिया है। वायुसेना के गश्ती विमानों की उड़ानों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
भारतीय वायुसीमा में होने वाली किसी भी गतिविधि पर नजर रखने के लिए पाकिस्तान ने अपने टोही तंत्र को सक्रिय कर दिया है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सैन्य चौकियों की तैनाती और वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defence Systems) की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
क्या होता है NOTAM और क्यों बढ़ी घबराहट?
विमानन की भाषा में NOTAM एक मानक प्रशासनिक और सुरक्षा प्रक्रिया है। इसका उपयोग वाणिज्यिक और निजी उड़ानों के पायलटों को किसी विशिष्ट हवाई क्षेत्र में अस्थायी खतरों, सैन्य अभ्यासों, मिसाइल परीक्षणों या हवाई क्षेत्र के बंद होने की सूचना देने के लिए किया जाता है। नागरिक उड्डयन एजेंसियां नियमित रूप से ऐसे नोटिस जारी करती हैं ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तकनीकी रूप से यह एक सामान्य अभ्यास है, लेकिन 17 दिनों की लंबी अवधि और मौजूदा कूटनीतिक माहौल के कारण पाकिस्तान इसे सामान्य मानने को तैयार नहीं है। भारतीय सेना या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की संभावित रणनीतिक गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान का रक्षा तंत्र बेहद सतर्क और आशंकित नजर आ रहा है।

महाराष्ट्र में लंगर, भंडारा और इफ्तारी के लिए FDA की इजाज़त अनिवार्य
महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक व सार्वजनिक आयोजनों में भोजन वितरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद आयोजित करने से 7 दिन पहले FDA को सूचित करना होगा। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम ऐसे आयोजनों में खाने की जांच भी करेगी।
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महाराष्ट्र सरकार ने धार्मिक व सार्वजनिक आयोजनों में भोजन वितरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद आयोजित करने से 7 दिन पहले FDA को सूचित करना होगा। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम ऐसे आयोजनों में खाने की जांच भी करेगी।
आस्था के साथ खाद्य सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम
महाराष्ट्र में धार्मिक आयोजनों और उत्सवों का दौर शुरू होते ही राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सार्वजनिक भोजन वितरण व्यवस्था को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों या सार्वजनिक मैदानों में आयोजित होने वाले लंगर, भंडारा, इफ्तारी और महाप्रसाद जैसे कार्यक्रमों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर होने वाले भोजन वितरण में फूड पॉइज़निंग जैसी घटनाओं को रोकना और लोगों तक स्वच्छ, सुरक्षित भोजन पहुंचाना है। त्योहारों के मौसम में श्रद्धालुओं की सेहत से कोई समझौता न हो, इसके लिए प्रशासन ने इस गाइडलाइन को राज्यभर में सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
आयोजकों के लिए 7 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य
नए नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह का सामूहिक भोजन आयोजन करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम की तारीख से कम-से-कम 7 दिन पहले संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को लिखित जानकारी देनी होगी। इसमें भोजन बनाने का स्थान, इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री, अनुमानित लोगों की संख्या और खाना बनाने वाले रसोइयों का विवरण शामिल करना होगा।
बिना पूर्व सूचना और अनुमति के सामूहिक भोजन का आयोजन करने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। FDA ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था किसी भी धार्मिक भावना या परंपरा में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
रसोई से लेकर परोसने तक होगी सख्त निगरानी
सिर्फ सूचना देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि FDA के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) आयोजनों के दौरान अचानक निरीक्षण भी करेंगे। टीम यह जांच करेगी कि खाना पकाने में इस्तेमाल पानी, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्रियां मानक के अनुरूप हैं या नहीं।
इसके साथ ही, खाना बनाने वाले स्थल पर साफ-सफाई, रसोइयों की व्यक्तिगत स्वच्छता और भोजन को सुरक्षित तरीके से परोसने की व्यवस्था का आकलन किया जाएगा। यदि किसी आयोजन में घटिया सामग्री या गंदगी पाई जाती है, तो मौके पर ही भोजन वितरण रोक दिया जाएगा और आयोजकों पर कार्रवाई होगी।

महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भारत को, तारीखें घोषित
आईसीसी ने पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेज़बानी भारत को सौंप दी है। 14 से 28 फरवरी तक खेले जाने वाले इस टी20 टूर्नामेंट के सभी मुकाबले मुंबई और वडोदरा में होंगे। पहले यह प्रतियोगिता श्रीलंका में प्रस्तावित थी, लेकिन अब भारतीय क्रिकेट प्रेमी अपने घर में इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का आनंद उठा सकेंगे।
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आईसीसी ने पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेज़बानी भारत को सौंप दी है। 14 से 28 फरवरी तक खेले जाने वाले इस टी20 टूर्नामेंट के सभी मुकाबले मुंबई और वडोदरा में होंगे। पहले यह प्रतियोगिता श्रीलंका में प्रस्तावित थी, लेकिन अब भारतीय क्रिकेट प्रेमी अपने घर में इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का आनंद उठा सकेंगे।
भारत की झोली में गिरा ऐतिहासिक टूर्नामेंट
महिला क्रिकेट के बढ़ते कद और लोकप्रियता के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। पहली बार आयोजित होने जा रही महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी का अधिकार भारत को मिल गया है। यह टूर्नामेंट क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पहले इस प्रतिष्ठित टी20 टूर्नामेंट का आयोजन श्रीलंका में किया जाना था। हालांकि, परिस्थितियों और रणनीतिक बदलावों के बाद आईसीसी ने इसे भारत स्थानांतरित करने का आधिकारिक फैसला सुनाया। इस बदलाव के बाद से ही भारतीय फैंस के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है।
14 फरवरी से सजेगा महाकुंभ
आईसीसी द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, टूर्नामेंट का आगाज 2027 में 14 फरवरी को होगा, जबकि इसका फाइनल मुकाबला 28 फरवरी को खेला जाएगा। कुल दो हफ्तों तक चलने वाले इस रोमांचक क्रिकेट महाकुंभ में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला टीमें आपस में भिड़ेंगी।
क्रिकेट फैंस के लिए यह समय बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि वैलेंटाइन डे के दिन से शुरू हो रहा यह टूर्नामेंट दर्शकों को हाई-वोल्टेज और सांसें रोक देने वाले मुकाबलों की गारंटी देता है।
मुंबई और वडोदरा बने मुख्य केंद्र
आईसीसी ने इस मेगा इवेंट के लिए भारत के दो प्रमुख क्रिकेट सेंटर्स को चुना है। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले मुंबई और वडोदरा के मैदानों पर खेले जाएंगे।
मुंबई का ऐतिहासिक क्रिकेट कल्चर और वडोदरा का विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर इस टूर्नामेंट को बेहद खास बनाएंगे। दोनों ही शहरों के पास अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन का शानदार अनुभव है, जिससे खिलाड़ियों और फैंस दोनों को बेहतरीन सुविधाएं मिलने की पूरी उम्मीद है।
महिला क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत
पुरुष क्रिकेट में चैंपियंस ट्रॉफी की अपनी एक अलग पहचान और साख रही है। अब इसी तर्ज पर महिलाओं के लिए भी इस फॉर्मेट की शुरुआत की जा रही है। भारत में विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) की सफलता ने पहले ही यह साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शक महिला क्रिकेट को कितना प्यार देते हैं।
ऐसे में भारत की सरजमीं पर पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन न केवल मैचों में दर्शकों की भीड़ जुटाएगा, बल्कि विश्व स्तर पर महिला खेल को एक नए आयाम पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट, जानें ताजा भाव
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऑल इंडिया सर्राफा असोसिएशन के अनुसार, महज 48 घंटे के भीतर सोना ₹4,800 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के दाम में ₹10,000 प्रति किलोग्राम की भारी कटौती देखने को मिली है।
सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऑल इंडिया सर्राफा असोसिएशन के अनुसार, महज 48 घंटे के भीतर सोना ₹4,800 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है, जबकि चांदी के दाम में ₹10,000 प्रति किलोग्राम की भारी कटौती देखने को मिली है।
सर्राफा बाजार में मचा हड़कंप
कीमती धातुओं के बाजार में इस हफ्ते बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। लगातार चढ़ रहे सोने-चांदी के दामों पर अचानक ब्रेक लग गया है। सर्राफा बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते कीमतों में यह अचानक नरमी आई है।
48 घंटे में सोना कितना हुआ सस्ता
ऑल इंडिया सर्राफा असोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 99.9% शुद्धता वाला सोना सोमवार को ₹1,60,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बुधवार तक आते-आते इसमें ₹4,800 की सीधी गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव घटकर ₹1,56,100 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट इतने कम समय में होना बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है।
चांदी के तेवर भी पड़े ठंडे
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है। पिछले 48 घंटों में चांदी की कीमत में पूरे ₹10,000 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट आई है। इस तेज कट के बाद चांदी का नया भाव ₹2,35,500 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। औद्योगिक मांग में आए बदलाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिकवाली के दबाव को इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।
6 दिनों का रुख और बाजार का माहौल
अगर बीते छह कारोबारी सत्रों की बात करें, तो सोने की कीमतों में गिरावट का यह सिलसिला लगातार बना हुआ है। पिछले 6 दिनों के भीतर सोना कुल मिलाकर ₹11,000 तक सस्ता हो चुका है। लगातार हो रही इस कटौती से जहां शादी-विवाह के सीजन के लिए खरीदारी करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं भारी तेजी की उम्मीद लगाए बैठे निवेशकों के समीकरण बदल गए हैं। स्थानीय सर्राफा बाजारों में इस गिरावट के बाद खरीदारों की हलचल बढ़ने लगी है।
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