
भारत अपने चरित्र के कारण विश्वगुरु बना: मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में आयोजित 'हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप' कार्यक्रम को संबोधित किया。 अपने विदेश दौरे के दौरान अमेरिका के बाद कनाडा पहुंचे भागवत ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और उसके वैश्विक प्रभाव पर खुलकर विचार रखे。
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में आयोजित 'हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप' कार्यक्रम को संबोधित किया。 अपने विदेश दौरे के दौरान अमेरिका के बाद कनाडा पहुंचे भागवत ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और उसके वैश्विक प्रभाव पर खुलकर विचार रखे。
विदेश दौरे पर आरएसएस प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर हैं。 अपनी इस यात्रा के पहले चरण में अमेरिका का दौरा करने के बाद वह कनाडा पहुंचे。 कनाडा के टोरंटो शहर में उनके आगमन पर स्थानीय समुदाय और प्रवासियों में काफी उत्साह देखने को मिला。
टोरंटो में भव्य कार्यक्रम
टोरंटो की धरती पर 'हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप' नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था。 इस गरिमामयी मंच से मोहन भागवत ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित किया。 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बंधुत्व और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना था。
भारत के चरित्र की ताकत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि भारत किसी भू-राजनीतिक बल या आक्रामकता के कारण नहीं, बल्कि अपने अद्वितीय चरित्र के बल पर विश्वगुरु बना है。 उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल सिद्धांतों और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को रेखांकित किया, जो पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है。

नेपाल की त्रासदी: जलप्रलय में मौत का तांडव, इंसानी जज्बे ने बचाई हजारों जिंदगियां
नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया जिसने पूरे उपमहाद्वीप को झकझोर कर रख दिया है। बाढ़ के इस भयंकर तांडव में 750 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, कुछ साधारण लोगों ने अदम्य साहस दिखाते हुए सैकड़ों जिंदगियों को मौत के मुंह से खींचकर बाहर निकाला है।
नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया जिसने पूरे उपमहाद्वीप को झकझोर कर रख दिया है। बाढ़ के इस भयंकर तांडव में 750 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, कुछ साधारण लोगों ने अदम्य साहस दिखाते हुए सैकड़ों जिंदगियों को मौत के मुंह से खींचकर बाहर निकाला है।
कहर बनकर टूटी कुदरत और तबाही का मंजर
हिमालय की गोद में बसे नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े हिस्से को मलबे में तब्दील कर दिया। मूसलाधार बारिश के बाद नदियां उफान पर आ गईं, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए और प्रमुख मार्ग पूरी तरह कट गए। इस भीषण त्रासदी में अब तक 750 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि हजारों नागरिक अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी तबाही के कारण बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
प्रधानाचार्य राजेंद्र दवाड़ी का अदम्य साहस
इस भयानक तबाही के बीच, त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र दवाड़ी किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुए। जब बाढ़ का पानी स्कूल परिसर में तेजी से भरने लगा, तब उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बेहद सतर्कता और त्वरित निर्णय लेते हुए 1643 बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस ने एक बड़े मानवीय संकट को टाल दिया, जिससे आज सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान बची हुई है।
साड़ियों ने बनाई जीवन की नई डोर
आपदा के वक्त सिर्फ संस्थागत प्रयास ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों ने भी असाधारण वीरता दिखाई। तमिलनाडु के एक साहसी दंपति ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से 21 लोगों की जान बचाई। उफनते पानी के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए उन्होंने अपनी साड़ियों का इस्तेमाल किया और एक मजबूत रस्सी जैसी जुगाड़ बनाकर एक-एक करके सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना साबित करती है कि संकट के समय इंसानी जज्बा सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
भारत की त्वरित मदद और पर्यटकों की सुरक्षित घर वापसी
इस मानवीय संकट में भारत ने पड़ोसी का फर्ज निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं, जिसके तहत केरल और महाराष्ट्र के सभी पर्यटक सकुशल अपने घर लौट आए हैं। इसके साथ ही, मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और राहत कार्यों में मदद के लिए भारत सरकार ने एक विशेष फोरेंसिक दल भी नेपाल भेजा है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और पहचान के काम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

UPI ट्रांजैक्शन लिमिट: जानें आपके काम की हर कैटेगरी की सीमा
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने डिजिटल भुगतान को बेहद आसान बना दिया है। आमतौर पर UPI के जरिए रोजाना ₹1 लाख तक का लेनदेन किया जा सकता है। हालांकि, अस्पताल, शिक्षा, टैक्स और IPO जैसे जरूरी कामों के लिए यह सीमा ₹5 लाख तक है। अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से UPI लिमिट के नियम जानना बेहद जरूरी है।
खबर का निचोड़
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने डिजिटल भुगतान को बेहद आसान बना दिया है। आमतौर पर UPI के जरिए रोजाना ₹1 लाख तक का लेनदेन किया जा सकता है। हालांकि, अस्पताल, शिक्षा, टैक्स और IPO जैसे जरूरी कामों के लिए यह सीमा ₹5 लाख तक है। अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से UPI लिमिट के नियम जानना बेहद जरूरी है।
UPI लिमिट का पूरा गणित
आज के समय में चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह UPI से पेमेंट करना हमारी आदत बन चुका है। लेकिन कई बार बड़ा पेमेंट करते वक्त ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और स्क्रीन पर 'लिमिट एक्सीडेड' का मैसेज दिखता है। इसका कारण यह है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग-अलग यूपीआई लिमिट तय की है।
सामान्य ट्रांजैक्शन की सीमा
एक आम यूजर के लिए व्यक्तिगत लेन-देन (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने की मानक सीमा ₹1 लाख प्रति दिन है। आप 24 घंटे के भीतर कुल 10 बार ही UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, नए यूजर के लिए नियम थोड़ा अलग हैं। जब आप पहली बार किसी UPI ऐप पर अपना अकाउंट सेट करते हैं या नया UPI पिन बनाते हैं, तो शुरुआती 24 घंटों में आप अधिकतम ₹5,000 ही ट्रांसफर कर सकते हैं।
इन मामलों में मिलती है ₹5 लाख तक की छूट
कुछ खास और जरूरी सेवाओं के लिए NPCI ने UPI ट्रांजैक्शन की सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है। अगर आप किसी अस्पताल में मेडिकल बिल भर रहे हैं या किसी स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में फीस जमा कर रहे हैं, तो आप एक बार में ₹5 लाख तक का पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकार को टैक्स का भुगतान करने, शेयर बाजार में IPO के लिए आवेदन करने और आरबीआई की रिटेल डायरेक्ट स्कीम के तहत निवेश करने पर भी ₹5 लाख प्रति ट्रांजैक्शन की छूट मिलती है।
बैंक और ऐप्स के अपने नियम
NPCI द्वारा तय की गई गाइडलाइंस के अलावा, विभिन्न बैंक और थर्ड-पार्टी ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) भी अपनी सुरक्षा नीतियों के आधार पर daily limit तय करते हैं। उदाहरण के लिए, भले ही NPCI की सीमा ₹1 लाख हो, लेकिन कुछ बैंक एक दिन में अधिकतम ₹25,000 या ₹50,000 तक ट्रांसफर करने की ही अनुमति देते हैं। वहीं, क्रेडिट कार्ड के जरिए UPI पेमेंट या मर्चेंट पेमेंट्स (P2M) के लिए भी सीमाएं बैंक के अनुसार तय होती हैं।

एकतरफा प्यार में मॉडल की नृशंस हत्या, आरोपी जिम ट्रेनर एनकाउंटर में गिरफ्तार
दिल्ली में 21 वर्षीया मॉडल मुस्कान शर्मा की गला घोंटकर और चाकू से गोदकर हत्या करने वाले आरोपी जिम ट्रेनर मोहम्मद इमरान को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इमरान की ओर से फायरिंग किए जाने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैरों में गोलियां मारीं। पुलिस के मुताबिक रिलेशनशिप से इनकार करने पर आरोपी मॉडल को जुलाई से लगातार प्रताड़ित कर रहा था।
दिल्ली में 21 वर्षीया मॉडल मुस्कान शर्मा की गला घोंटकर और चाकू से गोदकर हत्या करने वाले आरोपी जिम ट्रेनर मोहम्मद इमरान को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इमरान की ओर से फायरिंग किए जाने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके पैरों में गोलियां मारीं। पुलिस के मुताबिक रिलेशनशिप से इनकार करने पर आरोपी मॉडल को जुलाई से लगातार प्रताड़ित कर रहा था।
दिल्ली में सनसनीखेज वारदात: मॉडल की चाकू से गोदकर हत्या
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सिरफिरे आशिक की खौफनाक करतूत ने सभी को दहला दिया है। 21 वर्षीय उभरती मॉडल मुस्कान शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के मुख्य आरोपी 26 वर्षीय जिम ट्रेनर मोहम्मद इमरान को पुलिस ने एक नाटकीय मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। आरोपी ने पुलिस टीम को देखते ही गोलियां चला दी थीं, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ कार्रवाई करते हुए उसके दोनों पैरों में तीन गोलियां मारीं और उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिलेशनशिप से इनकार पड़ा भारी, जुलाई से कर रहा था प्रताड़ित
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला एकतरफा प्यार और सनक का है। आरोपी इमरान पिछले कुछ समय से मुस्कान पर रिलेशनशिप में आने का दबाव बना रहा था। जब मुस्कान ने उसके प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया, तो इमरान आपा खो बैठा। जुलाई महीने से ही वह मुस्कान का पीछा कर रहा था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पीड़िता के बार-बार मना करने के बावजूद आरोपी की हरकतों में कोई सुधार नहीं आया।
पहले दबाया गला, फिर चाकू से किए दनादन वार
घटना वाले दिन इमरान की सनक अपने चरम पर पहुंच गई। उसने पहले मुस्कान का गला घोंटकर उसे बेबस कर दिया और फिर दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में गंभीर रूप से घायल मुस्कान की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमों का गठन किया।
मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की सख्त कार्रवाई
आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के बाद जब पुलिस टीम ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने खुद को बचाने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की और इमरान के दोनों पैरों में गोलियां मारकर उसे वहीं ढेर कर दिया। घायल हालत में आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि कोर्ट में मजबूत सबूत पेश कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

HDFC बैंक में बड़े बदलाव की आहट: CEO शशिधर जगदीशन का बड़ा फैसला
HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन ने अपना कार्यकाल न बढ़ाने का फैसला किया है। 26 अक्टूबर को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बैंक बोर्ड की अपीलों के बावजूद जगदीशन अपने निर्णय पर कायम हैं। बैंक अब नए नेतृत्व की तलाश के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
खबर का निचोड़
HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन ने अपना कार्यकाल न बढ़ाने का फैसला किया है। 26 अक्टूबर को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बैंक बोर्ड की अपीलों के बावजूद जगदीशन अपने निर्णय पर कायम हैं। बैंक अब नए नेतृत्व की तलाश के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
HDFC बैंक में एक युग का अंत
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, HDFC बैंक, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शशिधर जगदीशन ने अपने वर्तमान कार्यकाल के समाप्त होने के बाद पद पर न बने रहने का बड़ा फैसला लिया है। उनका कार्यकाल इसी साल 26 अक्टूबर को पूरा हो रहा है।
जगदीशन का यह कदम बैंकिंग जगत के लिए बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में बैंक ने न केवल अपनी बाजार स्थिति को मजबूत किया, बल्कि कई प्रमुख रणनीतिक मील के पत्थर भी हासिल किए।
बोर्ड के मनाने पर भी नहीं बदले इरादे
मिली जानकारी के मुताबिक, बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शशिधर जगदीशन को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और पद पर बने रहने के लिए काफी मनाने की कोशिश की। बोर्ड का मानना था कि उनकी अगुवाई में बैंक जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए उनका निरंतर मार्गदर्शन बेहद आवश्यक था।
हालांकि, जगदीशन ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए दोबारा जिम्मेदारी संभालने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने इस व्यक्तिगत और रणनीतिक निर्णय के पीछे की वजहों को स्पष्ट करते हुए पद से सम्मानपूर्वक हटने की इच्छा जताई है।
नए नेतृत्व की तलाश में जुटा बैंक
CEO के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद HDFC बैंक के प्रबंधन ने नए उत्तराधिकारी की खोज तेज कर दी है। बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर आश्वस्त किया है कि नए CEO के चयन की प्रक्रिया बहुत जल्द और पारदर्शी तरीके से पूरी कर ली जाएगी।
इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि देश के सबसे बड़े निजी बैंक की कमान संभालना किसी भी नए लीडर के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी होगी। बैंक की साख, शेयरधारकों के भरोसे और निरंतर विकास की गति को बनाए रखना नए नेतृत्व की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेगा।
निवेशकों और बाजार की टिकीं निगाहें
शशिधर जगदीशन के इस फैसले के बाद वित्तीय बाजारों और निवेशकों की नजरें अब पूरी तरह से HDFC बैंक के अगले कदम पर टिक गई हैं। आगामी दिनों में बैंक द्वारा घोषित किए जाने वाले नए लीडरशिप मॉडल से यह तय होगा कि आने वाले समय में HDFC बैंक अपनी विकास यात्रा को किस दिशा में आगे ले जाता है।
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