
₹20 की चीनी पर वाजपेयी का वायरल बयान, जानें पूरा सच
देश के कई राज्यों में चीनी के दाम 65 से 69 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक दशक पुराना वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। महंगाई और सरकारी कुप्रबंधन पर उठते सवालों के बीच वाजपेयी का यह बयान आज के हालात पर भी बिल्कुल सटीक बैठता दिख रहा है।
देश के कई राज्यों में चीनी के दाम 65 से 69 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एक दशक पुराना वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है। महंगाई और सरकारी कुप्रबंधन पर उठते सवालों के बीच वाजपेयी का यह बयान आज के हालात पर भी बिल्कुल सटीक बैठता दिख रहा है।
जब ₹20 चीनी पर भड़के थे अटल बिहारी वाजपेयी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की आर्थिक नीतियों और दूरदर्शिता की कमी पर सीधे वार करते नजर आ रहे हैं। उस दौर में जब चीनी की कीमतें 20 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंची थीं, तब वाजपेयी ने इसे देश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया था। उन्होंने संसद से लेकर जनसभाओं तक में चीनी के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को घेरा था।
वाजपेयी ने अपने भाषण में तीखा सवाल पूछते हुए कहा था, "अगर चीनी की कीमत ₹20/किलो तक पहुंच गई तो आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्या सरकार को पहले से अंदाज़ा नहीं था कि गन्ने का उत्पादन कम होगा और उसके चलते चीनी की कमी पैदा होगी।" उनका यह बयान साबित करता है कि वे कृषि उत्पादन और बाजार में सप्लाई चेन के कुप्रबंधन को लेकर कितने गंभीर थे।
नीतिगत विफलता और गन्ने का संकट
अटल बिहारी वाजपेयी का मानना था कि गन्ने की पैदावार में कमी कोई ऐसी अचानक आने वाली आपदा नहीं है जिसे आंका न जा सके। फसल के रकबे और मौसम के मिजाज से पहले ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में चीनी का उत्पादन कितना रहने वाला है। अगर सरकार समय रहते आयात और निर्यात की नीतियों में संतुलन नहीं बनाती, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ता है।
उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि कृषि प्रधान देश में अग्रिम योजना (Advance Planning) की कमी ही महंगाई का सबसे बड़ा कारण बनती है। गन्ने के किसानों को सही मूल्य न मिलना और उपभोक्ताओं को महंगी चीनी मिलना, दोनों ही बातें सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती हैं।
आज के हालात और वाजपेयी का प्रासंगिक बयान
वर्तमान में जब चीनी की कीमतें 65 से 69 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर को छू रही हैं, तब वाजपेयी का यह पुराना वीडियो एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। लोग इस वीडियो को शेयर करके मौजूदा दौर की महंगाई और प्रशासनिक सुस्ती की तुलना वाजपेयी के तर्कों से कर रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि जब-जब देश में चीनी का संकट गहराता है, तब-तब गन्ने की कम पैदावार और सप्लाई चेन की विफलता ही मुख्य वजह बनकर उभरती है। यही कारण है कि दशकों बाद भी वाजपेयी का यह सवाल आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रामाणिक लगता है।

सोमवार को इन 3 दमदार शेयरों में कमाई का मौका, एक्सपर्ट की सलाह
शेयर बाजार में सुमीत बागड़िया ने सोमवार के ट्रेडिंग सेशन के लिए HDFC लाइफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और नेस्ले इंडिया में दांव लगाने की सिफारिश की है। मजबूत टेक्निकल चार्ट, ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट और तेजी के संकेतों के कारण इन तीनों दिग्गज शेयरों में निवेशकों को शानदार रिटर्न मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
खबर का निचोड़
शेयर बाजार में सुमीत बागड़िया ने सोमवार के ट्रेडिंग सेशन के लिए HDFC लाइफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और नेस्ले इंडिया में दांव लगाने की सिफारिश की है। मजबूत टेक्निकल चार्ट, ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट और तेजी के संकेतों के कारण इन तीनों दिग्गज शेयरों में निवेशकों को शानदार रिटर्न मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
शेयर बाजार में सोमवार के लिए 3 बेस्ट स्टॉक्स
भारतीय शेयर बाजार में हर नए हफ्ते की शुरुआत के साथ ही कमाई के नए मौके भी सामने आते हैं। ट्रेडिंग हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को मार्केट एक्सपर्ट सुमीत बागड़िया ने तीन ऐसे दिग्गज शेयरों की पहचान की है, जो शॉर्ट टर्म में निवेशकों की झोली भर सकते हैं। इन कंपनियों में HDFC लाइफ इंश्योरेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और नेस्ले इंडिया शामिल हैं। अगर आप सही मौके की तलाश में हैं, तो एक्सपर्ट के इन ट्रिगर्स पर नजर रख सकते हैं।
HDFC लाइफ: रिकवरी के साथ तेजी के संकेत
बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में हाल की गिरावट के बाद अब स्थिरता के लक्षण साफ दिख रहे हैं। HDFC लाइफ का शेयर पिछले कुछ समय से दबाव में था, लेकिन अब चार्ट्स पर इसमें सुधार के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। सुमीत बागड़िया के अनुसार, इस शेयर में ₹559 का स्तर एक बेहद अहम रेजिस्टेंस लेवल है। जैसे ही यह स्टॉक इस रुकावट को पार करता है, इसमें तेजी की एक नई लहर आ सकती है। निचले स्तरों पर मिली मजबूती से इसमें खरीदारी का एक सुरक्षित और आकर्षक मौका बन रहा है।
BEL: ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट से बढ़ा भरोसा
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर ने टेक्निकल चार्ट पर बड़ा ब्रेकआउट दर्ज किया है। लंबे समय से चल रहे डाउनट्रेंड की रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन को तोड़कर इस शेयर ने अपने मजबूत इरादे साफ कर दिए हैं। ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट का सीधा मतलब होता है कि बिकवाली का दौर अब थम चुका है और खरीदार पूरी तरह से हावी हो रहे हैं। सोमवार के सेशन में यह शेयर वॉल्यूम के साथ नई ऊंचाइयों की ओर कदम बढ़ा सकता है।
नेस्ले इंडिया: स्ट्रक्चरल बुलिश ट्रेंड जारी
फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया का चार्ट स्ट्रक्चर बेहद मजबूत नजर आ रहा है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भी इस शेयर ने अपना बुलिश मोमेंटम बरकरार रखा है। एक्सपर्ट का मानना है कि नेस्ले के शेयर में बना तेजी का स्ट्रक्चर इसे एक लो-रिस्क और स्टेबल रिटर्न देने वाला विकल्प बनाता है। जो निवेशक मार्केट में स्थिरता के साथ बढ़त तलाश रहे हैं, उनके लिए नेस्ले इंडिया एक बेहतरीन पसंद बनकर उभरा है।

सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर, आम खरीदार की जेब पर भारी मार
अगस्त में सोने और चांदी के दामों में आई बेतहाशा तेजी ने आम खरीदारों के पसीने छुड़ा दिए हैं। महज 20 दिनों के भीतर चांदी 32 हजार रुपये से ज्यादा उछलकर 2.46 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 20 हजार रुपये बढ़कर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है।
खबर का निचोड़
अगस्त में सोने और चांदी के दामों में आई बेतहाशा तेजी ने आम खरीदारों के पसीने छुड़ा दिए हैं। महज 20 दिनों के भीतर चांदी 32 हजार रुपये से ज्यादा उछलकर 2.46 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 20 हजार रुपये बढ़कर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है।
आसमान छूती कीमतें और आम आदमी का बजट
त्योहारी सीजन की दस्तक से ठीक पहले सर्राफा बाजार में आग लगी हुई है। जिस सोने और चांदी को लोग सुरक्षित निवेश और परंपरा का हिस्सा मानते हैं, वही अब आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर होते दिख रहे हैं। अगस्त के महीने में एमसीएक्स (MCX) पर दर्ज हुई इस तेजी ने न सिर्फ नए खरीदारों को चौंकाया है, बल्कि उन परिवारों का बजट भी बिगाड़ दिया है जो आने वाले दिनों में शादी-ब्याह या त्योहारों के लिए जेवर खरीदने की योजना बना रहे थे।
20 दिन और ऐतिहासिक रिकॉर्ड छलांग
अगस्त की शुरुआत से लेकर तीसरे हफ्ते के बीच बने आंकड़े हैरान करने वाले हैं। 3 अगस्त से 21 अगस्त के सीमित समय में ही चांदी की कीमतों में 32,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक की अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद चांदी का भाव 2.46 लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर चुका है। वहीं दूसरी ओर, सोने ने भी अपनी चमक का दायरा बढ़ाते हुए प्रति 10 ग्राम पर लगभग 20,000 रुपये की जोरदार छलांग लगाई, जिससे यह 1.62 लाख रुपये के पार पहुंच गया।
बाजार में उबाल की असली वजह
सर्राफा बाजार में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में आई कमजोरी ने कीमती धातुओं को मजबूत सहारा दिया है। इसके साथ ही, बॉन्ड यील्ड में दर्ज की गई गिरावट ने निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश के विकल्पों की तरफ मोड़ दिया है। जब-जब वैश्विक अनिश्चितता या बॉन्ड यील्ड घटती है, तब-तब सोने और चांदी में निवेशक जमकर पैसा लगाते हैं। इसी वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर धातुओं की मांग और कीमतें अचानक चरम पर पहुंच गईं।
खरीदारों की बढ़ी मुश्किलें
बाजार में लगातार हो रहे इस इजाफे से रिटेल खरीदार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। गहनों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है। सोने और चांदी की इन नई कीमतों ने हर किसी को रुककर सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि जो बजट कुछ हफ्ते पहले तक तय किया गया था, वह अब पूरी तरह से बेअसर साबित हो रहा है।

भारत-श्रीलंका टेस्ट में भिड़े जायसवाल और फर्नांडो
भारतीय युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज अशीथा फर्नांडो के बीच मैदान पर गर्मागर्मी देखने को मिली है। 45 रन बनाने के बाद आउट हुए जायसवाल और फर्नांडो के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भारतीय युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज अशीथा फर्नांडो के बीच मैदान पर गर्मागर्मी देखने को मिली है। 45 रन बनाने के बाद आउट हुए जायसवाल और फर्नांडो के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मैदान पर बढ़ा तनाव और गर्मागर्मी
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान खेल का रोमांच उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया जब मैदान का माहौल अचानक गरमा गया। भारतीय पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी कर रहे यशस्वी जायसवाल 45 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट रहे थे। इसी बीच श्रीलंकाई गेंदबाज अशीथा फर्नांडो ने उनके सामने आक्रामक जश्न मनाना शुरू कर दिया। फर्नांडो की ओर से कुछ कथित टिप्पणियां भी की गईं, जिससे जायसवाल खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने तुरंत गेंदबाज को करारा जवाब दिया।
छाती टकराने तक आ पहुंची बात
देखते ही देखते जुबानी जंग इतनी बढ़ गई कि दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों के बीच धक्का-मुक्की और छाती टकराने तक की नौबत आ गई। मैदान पर बढ़ता यह तनाव दोनों टीमों के लिए चिंता का विषय बन गया था। गनीमत यह रही कि समय रहते अन्य साथी खिलाड़ियों और मैदानी अंपायरों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, अन्यथा स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
आईसीसी की कार्रवाई की आशंका
इस घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है और क्रिकेट प्रेमी इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। खेल भावना के विपरीत इस तरह के आक्रामक रवैये को देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी द्वारा दोनों खिलाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। आचार संहिता के उल्लंघन के चलते मैच रेफरी जल्द ही इस मामले में अपना फैसला सुना सकते हैं।

10 करोड़ के सोने ने बढ़ाई यूपी पुलिस की मुश्किलें
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक्सप्रेसवे पर एक कार दुर्घटना के बाद बरामद 10 करोड़ रुपये से अधिक के सोने को लेकर सियासत गरमा गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस पर जब्ती छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि सीमा शुल्क और जीएसटी विभाग इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेपाल-दिल्ली रूट की जांच में जुटे हैं।
10 करोड़ के सोने ने बढ़ाई यूपी पुलिस की मुश्किलें
खबर का निचोड़
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक्सप्रेसवे पर एक कार दुर्घटना के बाद बरामद 10 करोड़ रुपये से अधिक के सोने को लेकर सियासत गरमा गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस पर जब्ती छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि सीमा शुल्क और जीएसटी विभाग इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेपाल-दिल्ली रूट की जांच में जुटे हैं।
सोने की तस्करी और दुर्घटना का सच
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई एक साधारण सी कार दुर्घटना ने उस वक्त सनसनीखेज रूप ले लिया, जब दुर्घटनाग्रस्त वाहन से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ। जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद किए गए सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 15.39 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़ी खेप के मिलने के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र हरकत में आ गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस सोने की तस्करी का जाल नेपाल बॉर्डर से होते हुए सीधे दिल्ली तक फैला हुआ था। अब इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए जीएसटी और कस्टम विभाग संयुक्त रूप से गहन छानबीन कर रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी और गंभीर आरोप
इस पूरी घटना ने प्रशासनिक अमले में हलचल मचाने के साथ-साथ राज्य की राजनीति को भी गर्मा दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। उनका दावा है कि पुलिस ने मौके से 26 सोने के बिस्कुट यानी लगभग 16 किलो सोना जब्त किया था, लेकिन कागजों और मीडिया के सामने केवल 10 किलो ही दिखाया गया है। इस कथित हेरफेर को लेकर उन्होंने 'दस दिखाया, सोलह गटकाया' जैसे तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा है। इस बयान के बाद से प्रशासनिक हलकों में सफाई देने का दौर शुरू हो गया है, और मामले की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
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