Delight News Logo
Latest सामान्य ख़बरें सरकारी नौकरी करेंट अफेयर्स परीक्षा ज्ञान
संसद मार्ग पर धरना: छात्र के लिए न्याय की मांग

संसद मार्ग पर धरना: छात्र के लिए न्याय की मांग

Delight News
📅 22 Aug2026

राहुल गांधी ने छात्र साहिल लोचब पर पैलेट गन हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए संसद मार्ग थाने पर सात घंटे धरना दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया। इस बीच राजनीतिक दलों के बयानों से माहौल गरमाया हुआ है।

संसद मार्ग पर धरना: छात्र के लिए न्याय की मांग
खबर का निचोड़: राहुल गांधी ने छात्र साहिल लोचब पर पैलेट गन हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए संसद मार्ग थाने पर सात घंटे धरना दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया। इस बीच राजनीतिक दलों के बयानों से माहौल गरमाया हुआ है।
राहुल गांधी का संसद मार्ग पर प्रदर्शन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचब के मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पर जोरदार धरना दिया। यह विरोध प्रदर्शन लगभग सात घंटे तक चला। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और घायल छात्र के लिए न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई और मामले की धाराएं
लंबे धरने और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस कानूनी कदम के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। साहिल लोचब छात्र आंदोलन के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद से ही लगातार न्याय की मांग की जा रही थी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बयानों का दौर
इस घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक वायरल वीडियो के आधार पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का दावा है कि इस पूरे मामले को राजनीतिक लाभ के लिए तूल दिया जा रहा है। दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुलकर राहुल गांधी के समर्थन में आए हैं और उनके इस विरोध प्रदर्शन का बचाव करते हुए अपनी बात रखी है।
जयपुर में जर्जर स्कूल पर बवाल, निरीक्षण करने गई CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला

जयपुर में जर्जर स्कूल पर बवाल, निरीक्षण करने गई CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला

Delight News
📅 21 Aug2026

जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम पर ग्रामीणों ने उग्र हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उन्हें आतंकवादी बताकर गाड़ियों में तोड़फोड़ की। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

जयपुर में जर्जर स्कूल पर बवाल, निरीक्षण करने गई CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला
खबर का निचोड़ (Summary)
जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की बदहाली का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम पर ग्रामीणों ने उग्र हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उन्हें आतंकवादी बताकर गाड़ियों में तोड़फोड़ की। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
रणक्षेत्र बना सरकारी स्कूल: निरीक्षण के दौरान फूटा गुस्सा
जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की जर्जर हालत ने उस वक्त एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का रूप ले लिया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम वहां स्थिति का जायजा लेने पहुँची। स्कूल की लंबे समय से बदतर होती स्थिति और बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीण पहले से ही आक्रोशित थे। जैसे ही CJP के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे, ग्रामीणों का सब्र टूट गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
उग्र ग्रामीणों ने टीम को घेरा, गाड़ियों में की तोड़फोड़
ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने CJP की टीम को चारों तरफ से घेर लिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बेकाबू हो गई जब भीड़ ने टीम के सदस्यों को 'आतंकवादी' और 'नक्सली' करार देते हुए उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान जमकर पथराव किया गया जिससे वहां मौजूद गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई लोग बाल-बाल बचे। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना था कि वे बच्चों की शिक्षा के नाम पर हो रही इस ड्रामेबाजी और राजनीतिक रोटियां सेकने की प्रवृत्ति को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
राजनीति गरमाई: CJP ने साधा शिक्षा मंत्री पर निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का आरोप है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। CJP ने इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है, जिससे प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है।
1.10 करोड़ का गुड़गांव फ्लैट: फर्जी कागजात के सहारे ठगी करने वाला जोड़ा गिरफ्तार

1.10 करोड़ का गुड़गांव फ्लैट: फर्जी कागजात के सहारे ठगी करने वाला जोड़ा गिरफ्तार

Delight News
📅 21 Aug2026

सुशांत लोक फेस-2 में 1.10 करोड़ रुपये का फ्लैट बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से ठगी करने वाले दिल्ली के एक दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इस बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया था, जिसकी शिकायत पीड़ित ने 4 अप्रैल को दर्ज कराई थी।

1.10 करोड़ का गुड़गांव फ्लैट: फर्जी कागजात के सहारे ठगी करने वाला जोड़ा गिरफ्तार
> संक्षेप: सुशांत लोक फेस-2 में 1.10 करोड़ रुपये का फ्लैट बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से ठगी करने वाले दिल्ली के एक दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इस बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया था, जिसकी शिकायत पीड़ित ने 4 अप्रैल को दर्ज कराई थी।
>
शातिर दिमाग और फर्जीवाड़ा
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रापर्टी के नाम पर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुड़गांव पुलिस ने एक ऐसे शातिर दंपति को दबोचा है, जिन्होंने एक आलीशान फ्लैट को बेचने के नाम पर खरीदार से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। आरोपियों ने इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीके से जाली दस्तावेजों का सहारा लिया, जिससे पीड़ित को शुरुआत मेंनकसा पर कोई शक नहीं हुआ।
डील और फर्जी दस्तावेजों का खेल
यह पूरा मामला गुड़गांव के पॉश इलाके सुशांत लोक फेस-2 से जुड़ा हुआ है। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने इस फ्लैट को खरीदने के लिए 1.10 करोड़ रुपये में सौदा तय किया था। आरोपी दंपति ने अपनी गिरफ्त में लेने के लिए पूरी योजना के तहत फर्जी मालिकाना हक के कागज तैयार किए थे। खरीदार ने जब दस्तावेजों की गहराई से जांच की और पुलिस तक मामला पहुंचा, तो इस बड़े फर्जीवाड़े की परतें एक-एक करके खुल गईं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पीड़ित द्वारा 4 अप्रैल को लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी और जमीनी सबूतों के आधार पर जाल बिछाया। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि फ्लैट के असली कागजात कुछ और थे और दंपति ने पूरी साजिश के तहत नकली कागजात के जरिए धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने पुख्ता सबूत मिलने के बाद दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
एनसीआर में बढ़ते प्रापर्टी फ्रॉड पर लगाम
रियल एस्टेट के बढ़ते बाजार में इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। यह मामला एक बार फिर खरीदारों को यह चेतावनी देता है कि संपत्ति खरीदते समय हर एक कागजात की कानूनी रूप से गहनता से जांच करना कितना जरूरी है। फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार किए गए दंपति से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने इस फर्जीवाड़े के जरिए और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
वंदे मातरम् पर घमासान: शर्मिला टैगोर और कंगना रनौत आमने-सामने

वंदे मातरम् पर घमासान: शर्मिला टैगोर और कंगना रनौत आमने-सामने

Delight News
📅 21 Aug2026

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंदों को अपनाने के फैसले पर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बयान ने एक नया वैचारिक संघर्ष खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारत की धार्मिक विविधता का हवाला देते हुए इस फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। उनका मानना है कि देश के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए ऐसी समझ जरूरी है।

वंदे मातरम् पर घमासान: शर्मिला टैगोर और कंगना रनौत आमने-सामने
राष्ट्रीय गीत पर नया विवाद
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंदों को अपनाने के फैसले पर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बयान ने एक नया वैचारिक संघर्ष खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारत की धार्मिक विविधता का हवाला देते हुए इस फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। उनका मानना है कि देश के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए ऐसी समझ जरूरी है।
कंगना रनौत की तीखी प्रतिक्रिया
शर्मिला टैगोर के इस रुख पर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस सोच को 'हिंदू-मुस्लिम वाली मानसिकता' करार दिया है। कंगना ने दो टूक शब्दों में कहा कि कला या राष्ट्रगीतों को इस तरह की संकुचित सोच से आजाद होना चाहिए। उनके मुताबिक, वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की वह पवित्र भावना है, जिसने हर क्रांतिकारी में देश के प्रति समर्पण की अलख जगाई थी।
वैचारिक मतभेद और बढ़ती बहस
यह पूरा विवाद इस बात के इर्द-गिर्द घूमता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों को आज के दौर में किस दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। एक तरफ शर्मिला टैगोर का तर्क धार्मिक संवेदनशीलता और समावेशिता पर आधारित है, तो दूसरी तरफ कंगना रनौत का पक्ष राष्ट्रवाद और ऐतिहासिक एकता को सर्वोपरि रखता है। इन दोनों ही नजरियों ने देश की जनता और बुद्धिजीवियों के बीच एक बार फिर गहरी बहस छेड़ दी है कि राष्ट्रीय पहचान और विविधता के बीच संतुलन कैसे बैठाया जाए।
यूट्यूब को चुनौती देने आया चीन का बिलीबिली, अब ग्लोबल क्रिएटर्स भी करेंगे कमाई

यूट्यूब को चुनौती देने आया चीन का बिलीबिली, अब ग्लोबल क्रिएटर्स भी करेंगे कमाई

Delight News
📅 21 Aug2026

चीन के लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म बिलीबिली ने वैश्विक बाजार में पैठ बनाने के लिए अपना इंटरनेशनल ऐप री-लॉन्च कर दिया है। गुलाबी ग्लोब आइकन और अंग्रेजी वेबसाइट के साथ आया यह प्लेटफॉर्म यूट्यूब को सीधी टक्कर देगा। सबसे खास बात यह है कि अब ग्लोबल क्रिएटर्स भी इस पर कंटेंट बनाकर बंपर कमाई कर सकेंगे।

यूट्यूब को चुनौती देने आया चीन का बिलीबिली, अब ग्लोबल क्रिएटर्स भी करेंगे कमाई
खबर का निचोड़
चीन के लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म बिलीबिली ने वैश्विक बाजार में पैठ बनाने के लिए अपना इंटरनेशनल ऐप री-लॉन्च कर दिया है। गुलाबी ग्लोब आइकन और अंग्रेजी वेबसाइट के साथ आया यह प्लेटफॉर्म यूट्यूब को सीधी टक्कर देगा। सबसे खास बात यह है कि अब ग्लोबल क्रिएटर्स भी इस पर कंटेंट बनाकर बंपर कमाई कर सकेंगे।
वैश्विक बाजार में बिलीबिली की धमाकेदार एंट्री
वीडियो स्ट्रीमिंग की दुनिया में अब तक एकतरफा राज करने वाले यूट्यूब के सामने एक नई और बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। चीन के सबसे चर्चित वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म बिलीबिली ने ग्लोबल यूजर्स के लिए अपना नया इंटरनेशनल ऐप आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। लंबे समय से चीनी घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बाद, कंपनी का यह कदम डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव लाने का संकेत दे रहा है।
नए रूप-रंग और फीचर्स से लैस प्लेटफॉर्म
बिलीबिली का यह ग्लोबल वर्जन चीनी मूल ऐप से काफी अलग नजर आता है। यूजर्स को एक नया अनुभव देने के लिए इसके लोगो में ऊपर बाईं ओर एक खास गुलाबी ग्लोब आइकन जोड़ा गया है। यह आइकन इसे चीनी वर्जन से अलग पहचान देता है। इसके अलावा, भाषा की बाधा को खत्म करने के लिए कंपनी अपनी एक पूरी तरह समर्पित इंग्लिश वेबसाइट भी तैयार कर रही है, जिससे गैर-चीनी भाषी यूजर्स के लिए इसे नेविगेट करना और भी आसान हो जाएगा।
क्रिएटर्स को मिलेगा कमाई का नया जरिया
इस री-लॉन्च का सबसे आकर्षक पहलू बिलीबिली का मोनेटाइजेशन मॉडल है। कंपनी अब दुनिया भर के क्रिएटर्स को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़ने और पैसे कमाने का मौका दे रही है। अब तक यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर रहने वाले क्रिएटर्स के लिए बिलीबिली एक नया और फायदेमंद विकल्प बनकर उभरा है। आकर्षक रेवेन्यू शेयरिंग और विशाल यूजर बेस के दम पर कंपनी दिग्गज क्रिएटर्स को अपनी ओर खींचने की पूरी तैयारी में है।
डिजिटल दुनिया में शुरू हुआ नया मुकाबला
चीन में बिलीबिली का एनिमे, गेमिंग और पॉप-कल्चर कंटेंट में दबदबा रहा है। अब वैश्विक स्तर पर कदम रखकर कंपनी पश्चिमी टेक कंपनियों का एकाधिकार खत्म करना चाहती है। इंटरनेशनल मार्केट में बिलीबिली की यह आक्रामक रणनीति आने वाले समय में यूट्यूब और अन्य वीडियो प्लेटफॉर्म्स के बीच एक नया और दिलचस्प मुकाबला देखने को मजबूर करेगी।

Delight News

निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण

Delight News एक प्रमुख डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और जनता तक बिल्कुल सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय हिंदी खबरें पहुंचाना है। हम बिना किसी पक्षपात के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राजनीति, खेल, शिक्षा, सरकारी नौकरी और करंट अफेयर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी ताजा खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचाते हैं।
📬 हमसे संपर्क करें
delightnews.in@gmail.com Official YouTube Channel Official Instagram Profile

📍 अपनी लोकेशन Set करें



Privacy Policy & Terms

Delight News परिवार से जुड़ें

📱 और भी बेहतर अनुभव के लिए!

ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।

📥 Download Android App