
9 से ज़्यादा SIM लीं तो फोटो से पकड़े जाएंगे, सरकार सख्त
साइबर अपराधों और फर्जी सिम के जाल पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। 23 अगस्त से 9 से अधिक एक्टिव सिम रखने वाले यूज़र्स की फोटो डिजिटल-इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। नियम तोड़ने वालों को नया नंबर नहीं मिलेगा।
खबर का निचोड़
साइबर अपराधों और फर्जी सिम के जाल पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। 23 अगस्त से 9 से अधिक एक्टिव सिम रखने वाले यूज़र्स की फोटो डिजिटल-इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। नियम तोड़ने वालों को नया नंबर नहीं मिलेगा।
9 से ज़्यादा SIM लीं तो फोटो से पकड़े जाएंगे, सरकार सख्त
देश में फर्जी सिम कार्ड के जरिए हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने नया पैंतरा आजमाया है। अब 9 से अधिक एक्टिव सिम कार्ड रखने वाले ग्राहकों की पहचान चेहरे से की जाएगी। सरकार 23 अगस्त से ऐसे सभी उपभोक्ताओं की तस्वीरें अपने डिजिटल-इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए सीधे टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा करेगी।
नियमों के मुताबिक, एक सामान्य नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल सिम कार्ड ही चालू रख सकता है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के राज्यों के लिए यह सीमा केवल 6 सिम कार्ड तय की गई है। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा को पार कर चुका है, तो देश की कोई भी टेलीकॉम कंपनी उसे नया कनेक्शन जारी नहीं करेगी।
डिजिटल-इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से होगी सीधी निगरानी
सरकार द्वारा तैयार किया गया यह डिजिटल प्लेटफॉर्म फर्जीवाड़े पर तुरंत प्रहार करेगा। जब भी कोई ग्राहक नया सिम कार्ड लेने पहुंचेगा, कंपनियां इस केंद्रीय डेटाबेस से उसकी फोटो का मिलान करेंगी। अगर उस व्यक्ति के नाम पर पहले से ही 9 या उससे अधिक नंबर एक्टिव पाए जाते हैं, तो नया कनेक्शन देने की प्रक्रिया को सिस्टम वहीं रोक देगा। इससे पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेज या दूसरों के नाम पर सिम खरीदने वाले गिरोहों पर सीधी नकेल कसेगी।
साइबर अपराधियों और फर्जी सिम नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
अक्सर देखने में आया है कि साइबर ठग एक ही नाम और फोटो का इस्तेमाल करके दर्जनों फर्जी सिम उठा लेते हैं और फिर लोगों को चपत लगाकर वे नंबर बंद कर देते हैं। केंद्रीय स्तर पर फोटो ट्रैकिंग शुरू होने से ऐसे फर्जी सिम सिंडिकेट पूरी तरह बेनकाब हो जाएंगे। टेलीकॉम कंपनियों के पास अब ऐसे ग्राहकों को दूसरा सिम बेचने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
यह कदम सीधे तौर पर देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने की दिशा में उठाया गया है। दूरसंचार विभाग का स्पष्ट संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने वालों और टेलीकॉम नेटवर्क का गलत फायदा उठाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

इंस्टामार्ट के रेड बुल में निकला कॉकरोच, भड़कीं श्वेता तिवारी
मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी को स्विगी इंस्टामार्ट से रेड बुल ऑर्डर करना भारी पड़ गया। कैन के साथ एक जिंदा कॉकरोच घर पहुंचते ही वह बिफर पड़ीं। उन्होंने सोफे पर रेंगते कॉकरोच का वीडियो साझा कर महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे से खाद्य सुरक्षा पर कड़े कदम उठाने की मांग की है।
खबर का निचोड़
मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी को स्विगी इंस्टामार्ट से रेड बुल ऑर्डर करना भारी पड़ गया। कैन के साथ एक जिंदा कॉकरोच घर पहुंचते ही वह बिफर पड़ीं। उन्होंने सोफे पर रेंगते कॉकरोच का वीडियो साझा कर महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे से खाद्य सुरक्षा पर कड़े कदम उठाने की मांग की है।
इंस्टामार्ट का ऑर्डर और सोफे पर रेंगता कॉकरोच
टीवी और ओटीटी जगत की जानी-मानी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने त्वरित डिलीवरी सेवा स्विगी इंस्टामार्ट की लापरवाही को उजागर किया है। श्वेता ने इंस्टामार्ट से एनर्जी ड्रिंक 'रेड बुल' का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी पैकेट के साथ एक अवांछित मेहमान भी उनके घर पहुंच गया। पैकेट खोलते ही कैन के साथ एक कॉकरोच बाहर निकला और सीधा उनके सोफे पर रेंगने लगा। इस घटना से हैरान श्वेता ने तुरंत अपने स्मार्टफोन से इसका वीडियो बना लिया।
इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ वीडियो
श्वेता तिवारी ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर शेयर किया। वीडियो में साफ तौर पर एक कॉकरोच उनके सोफे पर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। त्वरित डिलीवरी की आड़ में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ देखकर श्वेता बेहद नाराज नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सीधे इस बात पर आपत्ति जताई कि क्विक-कॉमर्स कंपनियां पैकेजिंग और हाइजीन का बिल्कुल ध्यान नहीं रख रही हैं।
एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे को पुकारा
सिर्फ शिकायत करने के बजाय श्वेता ने इस मुद्दे को सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाने का फैसला किया। उन्होंने महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग करते हुए तीखे अंदाज में पूछा, "आप कहां हैं? कृपया इस ओर ध्यान दीजिए।" श्वेता का यह सवाल सीधे तौर पर ऑनलाइन किराना डिलीवरी करने वाले प्लेटफॉर्म्स की कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़ा करता है।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
क्विक कॉमर्स ऐप्स इन दिनों कुछ ही मिनटों में सामान डिलीवर करने का दावा करते हैं, लेकिन इस होड़ में सामान के रखरखाव और वेयरहाउस की स्वच्छता पर सवाल उठने लगे हैं। श्वेता तिवारी द्वारा उजागर किए गए इस वाकये के बाद सोशल मीडिया पर उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य मानकों को लेकर बहस तेज हो गई है। लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर कड़े हाइजीन ऑडिट लागू किए जाएं ताकि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ न हो।

सेंसेक्स 600 अंक उचला, निवेशकों ने एक ही दिन में कमाए ₹1.4 लाख करोड़
शेयर बाज़ार में लगातार जारी गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए गुरुवार को तूफानी तेज़ी दर्ज की गई। सेंसेक्स 628 अंकों की छलांग के साथ 77,537 और निफ्टी 153 अंक चढ़कर 24,231 के स्तर पर बंद हुआ। इस शानदार बढ़त से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1.4 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
खबर का निचोड़
शेयर बाज़ार में लगातार जारी गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए गुरुवार को तूफानी तेज़ी दर्ज की गई। सेंसेक्स 628 अंकों की छलांग के साथ 77,537 और निफ्टी 153 अंक चढ़कर 24,231 के स्तर पर बंद हुआ। इस शानदार बढ़त से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹1.4 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
बाज़ार में रौनक, लाल निशान से हरे निशान में वापसी
दलाली स्ट्रीट पर पिछले कुछ सत्रों से बना निराशा का माहौल गुरुवार को पूरी तरह बदल गया। लगातार बिकवाली झेल रहे भारतीय शेयर बाज़ार में एक बार फिर से चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही निवेशकों ने आक्रामक रुख अपनाया, जिससे घरेलू बाज़ार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में लौट आए। दिन का कारोबार खत्म होने तक बाज़ार बढ़त को बरकरार रखने में पूरी तरह कामयाब रहा।
आंकड़ों में दिखी बढ़त, बीएसई की बल्ले-बल्ले
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 628 अंकों की दमदार बढ़त के साथ 77,537 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 153 अंकों का उछाल दर्ज करते हुए 24,231 के मजबूत स्तर पर मजबूती से टिका। बीएसई पर कुल 4,549 शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिनमें से 2,448 शेयर तेज़ी के साथ बंद हुए। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि बाज़ार का दायरा काफी व्यापक और सकारात्मक रहा।
निवेशकों की झोली में आए ₹1.4 लाख करोड़
बाज़ार की इस शानदार वापसी से सबसे बड़ा फायदा खुद निवेशकों को मिला है। पिछले कुछ दिनों की गिरावट से सहमे निवेशकों को इस तेज़ी से बड़ा सहारा मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर नए स्तर पर पहुंचा, जिससे निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन के भीतर लगभग ₹1.4 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के बड़े शेयरों में हुई खरीदारी ने इस तेज़ी को मुख्य रूप से रफ्तार दी।
क्या रहा तेज़ी का मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार और निचले स्तरों पर मिले मजबूत वैल्यूएशन के कारण बाज़ार में यह रिकवरी देखने को मिली है। संस्थागत निवेशकों ने निचले स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शेयरों में जमकर खरीदारी की। घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों और लगातार जारी कॉर्पोरेट गतिविधियों ने भी बाज़ार के सेंटिमेंट को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे बिकवाली का दबाव खत्म हुआ और खरीदारी का दौर शुरू हुआ।

शेयर बाजार में चंद सेकंड का खेल, SEBI का बड़ा एक्शन
सेंसेक्स के क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन में महज़ कुछ सेकंड की हेराफेरी करके ₹3.68 करोड़ का अवैध मुनाफा कमाने वालों पर SEBI ने शिकंजा कसा है। मार्केट रेगुलेटर ने कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट और मानसी शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकिंग को प्रतिभूति बाज़ार से प्रतिबंधित करते हुए उनकी अवैध कमाई ज़ब्त करने का कड़ा आदेश दिया है।
खबर का निचोड़
सेंसेक्स के क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन में महज़ कुछ सेकंड की हेराफेरी करके ₹3.68 करोड़ का अवैध मुनाफा कमाने वालों पर SEBI ने शिकंजा कसा है। मार्केट रेगुलेटर ने कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट और मानसी शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकिंग को प्रतिभूति बाज़ार से प्रतिबंधित करते हुए उनकी अवैध कमाई ज़ब्त करने का कड़ा आदेश दिया है।
कुछ सेकंड की हेराफेरी और करोड़ों का खेल
शेयर बाजार में पलक झपकते ही करोड़ों के दांव लग जाते हैं, लेकिन जब यह दांव ईमानदारी के बजाय चालाकी से खेले जाएं, तो नियामक संस्थाओं की नजर से बचना मुमकिन नहीं होता। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने बाजार में हेराफेरी करने वाले दो बड़े संस्थानों पर कड़ा प्रहार किया है। सेबी ने क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान सेंसेक्स के शेयरों में हेरफेर करने के मामले में कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और मानसी शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है।
SEBI का चाबुक और ₹3.68 करोड़ की ज़ब्ती
सेबी की जांच में सामने आया कि इन दोनों कंपनियों ने बाजार के अंतिम पलों का फायदा उठाकर कुछ ही सेकंड के भीतर कीमतों को अपने हिसाब से प्रभावित किया। इस चालाकी के जरिए उन्होंने लगभग ₹3.68 करोड़ का अनुचित लाभ कमाया। सेबी ने इस पूरी राशि को ज़ब्त करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। इसके साथ ही, दोनों संस्थाओं को सिक्योरिटीज मार्केट में व्यापार करने से तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। जब तक यह जांच पूरी नहीं होती, ये कंपनियां किसी भी तरह के शेयर सौदों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।
क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन में ऐसे हुई चोरी
बाजार में ट्रेडिंग सेशन खत्म होने से ठीक पहले क्लोज़िंग ऑक्शन सेशन का समय होता है, जहां शेयरों की अंतिम बंद कीमत (Closing Price) तय होती है। आरोपी कंपनियों ने इसी संवेदनशील समय का फायदा उठाया। वे बहुत ही कम समय के भीतर बड़े वॉल्यूम के ऑर्डर प्लेस और कैंसिल करके बाजार के रुख को गलत दिशा में मोड़ने में कामयाब रहीं। इस कृत्रिम उतार-चढ़ाव से आम निवेशकों को नुकसान पहुंचा और इन कंपनियों ने झटके में करोड़ों की कमाई कर ली। सेबी का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां शेयर बाजार की पारदर्शिता और निवेशकों के विश्वास को सीधे तौर पर चोट पहुंचाती हैं।
निवेशकों के भरोसे की सुरक्षा पर जोर
सेबी की यह त्वरित कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि बाजार में तकनीकी खामियों या समय का गलत फायदा उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रेगुलेटर लगातार अपने सर्विलांस सिस्टम को अत्याधुनिक बना रहा है ताकि सूक्ष्म स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को भी तुरंत पकड़ा जा सके। कॉप्थॉल मॉरीशस और मानसी शेयर पर लगा यह प्रतिबंध बाजार के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। सेबी के इस कदम से आम निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है कि उनके हितों की रक्षा के लिए नियामक संस्था पूरी तरह सतर्क है।

चोरी पकड़ी गई तो ले ली जान: नलगोंडा में प्रिंसिपल की हत्या
तेलंगाना के नलगोंडा में 10वीं के दो छात्रों ने प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की 27 बार चाकू घोंपकर हत्या कर दी। चोरी पकड़े जाने के बदले में रची गई इस साजिश का पर्दाफाश 'बाबू' शब्द, खून सने नोटों और पुलिस की सतर्कता से हुआ। आरोपी नाबालिगों को जुवेनाइल होम भेज दिया गया है।
खबर का निचोड़
तेलंगाना के नलगोंडा में 10वीं के दो छात्रों ने प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की 27 बार चाकू घोंपकर हत्या कर दी। चोरी पकड़े जाने के बदले में रची गई इस साजिश का पर्दाफाश 'बाबू' शब्द, खून सने नोटों और पुलिस की सतर्कता से हुआ। आरोपी नाबालिगों को जुवेनाइल होम भेज दिया गया है।
नलगोंडा में सनसनीखेज वारदात
तेलंगाना के नलगोंडा जिले में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक घटना सामने आई है। एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की उन्हीं के स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के दो छात्रों ने बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों नाबालिगों ने प्रिंसिपल पर चाकू से एक के बाद एक 27 बार वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैला दी है।
चोरी के खुलासे का बदला
मामले की जांच में सामने आया कि इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह महज एक शिकायत और चोरी का खुलासा था। कुछ समय पहले प्रिंसिपल रूपा रेड्डी ने इन दोनों छात्रों को चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद उन्होंने छात्रों के परिजनों को स्कूल बुलाकर उनकी इस हरकत की जानकारी दी थी। घर पर हुई डांट और स्कूल में हुई बेइज्जती से तिलमिलाए छात्रों ने प्रिंसिपल से बदला लेने की साजिश रच डाली।
'बाबू' शब्द ने खोला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की, तो शुरुआत में कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग रहा था। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को एक डायरी और कुछ कागजात मिले, जिनमें दर्ज 'बाबू' शब्द ने पूरे केस का रुख मोड़ दिया। यह शब्द एक मृतक के करीबी या जानने वाले की ओर इशारा कर रहा था। इसके साथ ही जब पुलिस ने चोरी गए पैसों और खून सने नोटों का सुराग जुटाया, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। शक के आधार पर जब दोनों नाबालिग छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सबूत मिटाने की नाकाम कोशिश
पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने शातिराना अंदाज में सबूत मिटाने की कोशिश की थी। उन्होंने अपने खून से सने कपड़ों को छिपाने के लिए पास के एक नाले में फेंक दिया था ताकि किसी को उन पर शक न हो। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और वैज्ञानिक जांच के आगे उनकी यह चालाकी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। पुलिस ने नाले से खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है।
जुवेनाइल होम भेजे गए आरोपी
प्रिंसिपल की हत्या की इस साजिश में शामिल दोनों आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों छात्रों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की कार्रवाई की जा रही है। एक मामूली रंजिश में गुरु की हत्या कर देने की इस घटना ने समाज और शिक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
Delight News
निष्पक्ष पत्रकारिता, सटीक विश्लेषण
Delight News परिवार से जुड़ें
ताजा खबरों के सबसे तेज नोटिफिकेशन और शानदार यूज़र इंटरफेस के साथ देश-दुनिया के लाइव अपडेट्स सीधे अपने mobile पर पाने के लिए हमारा Delight News Android App डाउनलोड करें।
📥 Download Android App