
10 हजार युवाओं को नौकरी देंगे प्रशांत किशोर, मांगा सीवी
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पहचान के जरिए देश भर में कम से कम 10,000 युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलवाने का वादा किया है। इसके लिए उन्होंने इच्छुक युवाओं से अपने कार्यालय में सीवी जमा करने को कहा है।
खबर का निचोड़
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पहचान के जरिए देश भर में कम से कम 10,000 युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलवाने का वादा किया है। इसके लिए उन्होंने इच्छुक युवाओं से अपने कार्यालय में सीवी जमा करने को कहा है।
प्रशांत किशोर का बड़ा दांव
बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के जरिए नई दिशा तय कर रहे बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बांकीपुर में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्य में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों में 10,000 युवाओं को रोजगार दिलाने का संकल्प लिया है।
सरकारी नहीं, निजी क्षेत्र में मिलेंगे मौके
अपने भाषण के दौरान प्रशांत किशोर ने युवाओं के सामने पूरी स्थिति साफ रखी। उन्होंने कहा कि यह नौकरियां सरकारी तंत्र के माध्यम से नहीं मिलेंगी, इसलिए किसी भी युवा को किसी गलतफहमी में रहने की जरूरत नहीं है। वह अपनी साख, व्यक्तिगत पहचान और व्यावसायिक नेटवर्क का इस्तेमाल करके निजी क्षेत्र में युवाओं को अवसर दिलवाएंगे। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो युवा कॉर्पोरेट और प्राइवेट सेक्टर में भी अपना बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
कार्यालय में सीवी जमा करने की अपील
इस पूरी योजना को त्वरित रूप से लागू करने के लिए प्रशांत किशोर ने युवाओं से सीधी अपील की है। उन्होंने कहा कि जो भी युवा नौकरी पाने के इच्छुक हैं, वे बिना किसी देरी के अपना अपडेटेड सीवी और बायोडाटा उनके स्थानीय कार्यालय में जमा करवाएं। प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर किया जाएगा, ताकि उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार सही जगह पर भेजा जा सके।
10 हजार परिवारों की आर्थिक मजबूती का लक्ष्य
प्रशांत किशोर के इस कदम का मुख्य उद्देश्य केवल युवाओं को काम दिलाना भर नहीं है, बल्कि कम से कम 10,000 परिवारों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है। उनका मानना है कि जब घर के एक बच्चे को सम्मानजनक रोजगार मिलता है, तो पूरा परिवार गरीबी और आर्थिक तंगी से बाहर निकल आता है। बांकीपुर समेत पूरे क्षेत्र के युवाओं के बीच इस घोषणा को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है और कार्यालय में बायोडाटा जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

लोहगढ़ हत्या कांड: आरोपी सिया गोयल के परिवार की दुकान सील
तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए ने लोहगढ़ किला हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिवार की दुकान को सील कर दिया है। बिना वैध लाइसेंस, मिलावट के संदेह और नियमों के उल्लंघन के चलते की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ₹8.14 लाख मूल्य का खाद्य सामान जब्त किया है।
तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए ने लोहगढ़ किला हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिवार की दुकान को सील कर दिया है। बिना वैध लाइसेंस, मिलावट के संदेह और नियमों के उल्लंघन के चलते की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ₹8.14 लाख मूल्य का खाद्य सामान जब्त किया है।
एफडीए का बड़ा एक्शन
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अपना रुख सख्त कर लिया है। लोहगढ़ किला हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिवार द्वारा संचालित खाद्य दुकान पर एफडीए की टीम ने अचानक छापेमारी की। वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंडे की देखरेख में हुई इस कार्रवाई ने शहर के व्यावसायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जांच के दौरान दुकान में सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने बिना देर किए दुकान को सील करने का फैसला लिया।
बिना लाइसेंस और मिलावट का खेल
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि यह व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। इसके अलावा दुकान में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्रबल आशंका जताई गई है। ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ और मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी।
लाखों का सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान एफडीए की टीम ने दुकान के गोदाम और बिक्री काउंटर से भारी मात्रा में खाद्य सामग्री अपने कब्जे में ली। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 4,172 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामान जब्त किया गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹8.14 लाख बताई जा रही है। जब्त किए गए सभी सामान के सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए गए हैं ताकि मिलावट के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके।
कड़े कानूनी शिकंजे की तैयारी
तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में हुई इस त्वरित कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि गैर-कानूनी गतिविधियों और खाद्य मानकों के उल्लंघन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीलिंग की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग अब दुकान मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी केस दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना है।

छात्रों पर लाठीचार्ज: अमित शाह देंगे जवाब, रिजिजू की विपक्ष को शर्त
संसद के मॉनसून सत्र में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर हंगामा जारी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि गृहमंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने विपक्ष के सामने शर्त रखी है कि चर्चा के दौरान उन्हें गृहमंत्री को शांतिपूर्वक सुनना होगा।
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संसद के मॉनसून सत्र में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर हंगामा जारी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि गृहमंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने विपक्ष के सामने शर्त रखी है कि चर्चा के दौरान उन्हें गृहमंत्री को शांतिपूर्वक सुनना होगा।
छात्र प्रदर्शन पर गरमाई राजनीति
देश भर में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। संसद का मॉनसून सत्र इस विषय को लेकर लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। विपक्षी दल सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं और गृहमंत्री अमित शाह से इस पूरी घटना पर सीधे जवाब की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग पूरी तरह से असंवैधानिक और बर्बर है।
किरेन रिजिजू का संसद में बड़ा बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि गृहमंत्री अमित शाह इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रहे हैं। रिजिजू के अनुसार, गृहमंत्री सदन में उपस्थित होकर विपक्ष के हर सवाल का सिलसिलेवार जवाब देने के लिए तैयार हैं। सरकार का रुख साफ है कि वह इस मुद्दे पर किसी भी तरह की बहस से भाग नहीं रही है और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सदन के सामने रखना चाहती है।
विपक्ष के सामने रखी गई मुख्य शर्त
गृहमंत्री के जवाब देने की सहमति के साथ ही रिजिजू ने विपक्ष के समक्ष एक अहम शर्त भी रख दी है। उन्होंने कहा कि चर्चा तभी सार्थक हो सकती है जब विपक्षी सांसद नारेबाजी और हंगामा छोड़कर गृहमंत्री के भाषण को ध्यान से सुनें। अक्सर देखा गया है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब के दौरान सदन में भारी हंगामा होता है, जिससे मुख्य बातें दब जाती हैं। सरकार चाहती है कि इस बार जवाब के दौरान सदन की गरिमा बनी रहे।
मॉनसून सत्र में गतिरोध की स्थिति
मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर स्थगन प्रस्ताव ला रहा है और वेल में जाकर नारेबाजी कर रहा है। रिजिजू की इस शर्त के बाद अब गेंद विपक्ष के पाले में है। देखने वाली बात यह होगी कि क्या विपक्षी दल इस शर्त को स्वीकार कर सदन को चलने देते हैं या फिर संसद में हंगामा इसी तरह जारी रहता है। छात्रों से जुड़े इस मुद्दे पर अब पूरे देश की नजरें संसद की कार्यवाही पर टिकी हैं।

शाह के बयान पर घिरे राहुल गांधी, धर्मेंद्र प्रधान बोले- आदतन झूठे हैं नेता प्रतिपक्ष
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान देने पर सहमति के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के राजनीति करते हैं और वे आदतन झूठ बोलने वाले नेता हैं।
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान देने पर सहमति के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के राजनीति करते हैं और वे आदतन झूठ बोलने वाले नेता हैं।
राहुल गांधी पर धर्मेंद्र प्रधान का जोरदार हमला
संसद के भीतर जारी गहमागहमी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बयान देने की सहमति जताए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कार्यशैली और उनकी नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास न तो कोई ठोस तथ्य हैं और न ही वे देश के सामने सच आने देना चाहते हैं।
'संसद आने और जवाब सुनने से भागते हैं नेता प्रतिपक्ष'
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका जवाबदेही तय करने की होती है, लेकिन राहुल गांधी इससे लगातार बचते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार किसी मुद्दे पर तथ्य पेश करने के लिए तैयार होती है, राहुल गांधी और उनकी पार्टी संसद से दूरी बना लेती है। प्रधान के अनुसार, राहुल गांधी केवल हंगामा खड़ा करना चाहते हैं, उनका उद्देश्य किसी विषय की गहराई तक जाना या उस पर रचनात्मक बहस करना बिल्कुल नहीं है।
तथ्यों से दूरी और आदतन बयानबाजी का आरोप
भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि राहुल गांधी आदतन झूठे बयान देने के शिकार हो चुके हैं। वे बिना किसी आधिकारिक प्रमाण के देश के सामने दावे करते हैं और जब गृह मंत्री खुद संसद में उनका जवाब देने के लिए तैयार होते हैं, तो वे चर्चा से भाग खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है और यह स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष के पास रचनात्मक सुझावों का पूरी तरह से अभाव है।
संसद में शाह के बयान से क्यों बढ़ी सरगर्मी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संसद में खुद स्थिति स्पष्ट करने और आधिकारिक बयान देने पर सहमति जताने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया है। सरकार का तर्क है कि वह हर सवाल का नियमनुसार जवाब देने को तत्पर है, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए बिना तथ्यों के अनर्गल आरोप लगा रहा है।

संसद में प्रियंका और भाजपा सांसद की तीखी झड़प
संसद भवन परिसर में एनडीए के 'पार्लियामेंट मार्च' के दौरान भाजपा सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच तीखी बहस हो गई। मुकेश दलाल द्वारा झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर उठाए गए सवाल का प्रियंका गांधी ने करारा जवाब देते हुए कहा कि राहुल पहले ही पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं।
संक्षिप्त सार (Summary):
संसद भवन परिसर में एनडीए के 'पार्लियामेंट मार्च' के दौरान भाजपा सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच तीखी बहस हो गई। मुकेश दलाल द्वारा झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर उठाए गए सवाल का प्रियंका गांधी ने करारा जवाब देते हुए कहा कि राहुल पहले ही पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं।
संसद में फिर गरमाया माहौल
संसद परिसर का तापमान मंगलवार को उस वक्त अचानक बढ़ गया, जब एनडीए और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए। संसद में जारी गतिरोध के खिलाफ एनडीए सांसदों ने एकजुट होकर 'पार्लियामेंट मार्च' निकाला था। मार्च के दौरान राजनीतिक बयानबाजी चरम पर थी, लेकिन माहौल तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया जब भाजपा सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच सीधी बहस छिड़ गई।
झारखंड विवाद पर तीखा वार-पलटवार
बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की नीयत से झारखंड में छात्रों पर हुई हालिया पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी की नीतियों और इस मामले पर उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े कर दिए। मुकेश दलाल ने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी युवाओं और न्याय की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज हो रहा है और इस पर शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व मौन साधे बैठा है।
प्रियंका गांधी का करारा जवाब
मुकेश दलाल के आरोपों का प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेहद आक्रामक और त्वरित अंदाज में जवाब दिया। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे से पीछे नहीं हटी है और न ही राहुल गांधी शांत हैं। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी पहले ही झारखंड के प्रभावित बच्चों और छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं और उनकी समस्याओं को गहराई से सुन चुके हैं। प्रियंका के इस त्वरित और तीखे जवाब के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई, जिससे वहां मौजूद अन्य सांसदों और मीडिया का ध्यान तुरंत इस घटनाक्रम की ओर खिंच गया।
राजनीतिक गतिरोध की नई पटकथा
संसद में जारी यह नया विवाद सिर्फ दो नेताओं के बीच की जुबानी जंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र और विपक्ष के बीच गहराते राजनीतिक टकराव को भी दर्शाता है। एनडीए जहां विपक्ष पर संसद न चलने देने का आरोप लगाते हुए आक्रामक है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार की नीतियों और राज्य स्तर के मुद्दों को उठाकर पलटवार करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह राजनीतिक घमासान और अधिक तीव्र रूप ले सकता है।
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